Editor: Vinod Arya | 94244 37885

मध्यप्रदेश में बसों के पहिये थमेंगे 07 अगस्त की रात से: मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्रदेशभर के बस मालिकों की सागर बैठक में फैसला

मध्यप्रदेश में बसों के पहिये थमेंगे 07 अगस्त की रात से: मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्रदेशभर के बस मालिकों की सागर बैठक में फैसला


तीनबत्ती न्यूज: 26 जुलाई, 2026

सागर :मध्य प्रदेश में बस यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेशभर में 07 अगस्त की रात से बसों के पहिये पूरी तरह थम जाएंगे। अपनी विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का बड़ा फैसला लिया है। यह अहम निर्णय सागर में आयोजित प्रदेशभर के बस मालिकों और पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए बस आपरेटर्स ने एक जुटता के नारे के साथ मुद्दों पर हाथ उठाकर सहमति जताई।

यह भी पढ़ें: साप्ताहिक राशिफल 27 जुलाई–2 अगस्त 2026: जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल, शुभ दिन और उपाय • पंडित अनिल पाण्डेय

किन प्रमुख मांगों को लेकर हो रही हड़ताल?

एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन द्वारा जारी एजेंडे के अनुसार बस ऑपरेटरों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

 •डीजल के बढ़े दाम और किराया वृद्धि: वर्ष 2021 में डीजल ₹69.00 प्रति लीटर था, जो अब ₹100 पार कर चुका है। बैठकें होने के बाद भी सरकार किराया बढ़ाने पर निर्णय नहीं ले रही है, जबकि पड़ोसी राज्यों में किराया बढ़ाया जा चुका है।

• राष्ट्रीयकरण (राजपत्र 07/07/2026) रद्द हो: 07 जुलाई 2026 के राजपत्र को वापस लेने की मांग की गई है, जिससे बस ऑपरेटरों और नई पीढ़ी का रोजगार प्रभावित हो रहा है।

यह भी पढ़ें: सागर में प्रशासनिक फेरबदल: कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बदले एसडीएम, रोहित वर्मा बने एसडीएम सागर

 • टेंडर व रॉयल्टी व्यवस्था निरस्त हो: टेंडर के जरिए रॉयल्टी वसूलने की योजना का कड़ा विरोध करते हुए 06/07/2026 के टेंडर को निरस्त करने की मांग की गई है।

 • नई व पुरानी बसों का पंजीयन: पूर्व में पंजीकृत वाहनों को वैध माना जाए और तैयार खड़ी लगभग 1200 नई बसों का तुरंत पंजीयन किया जाए।

 •15 साल की आयु सीमा का बंधन हटे: बसों के संचालन से 15 वर्ष की समय सीमा समाप्त कर केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के अनुसार फिटनेस वैधता तक परमिट दिए जाने की मांग रखी गई है।

 •  अधिकारियों की लापरवाही पर रोक: आरटीओ कार्यालयों में अधिकारियों के समय पर न आने और बस मालिकों का उत्पीड़न रोकने की बात कही गई है।

• स्थाई अंतर्राज्यीय परमिट: अंतर्राज्यीय परमिट प्रक्रिया की बाधाओं को दूर कर उन्हें नियमित और स्थाई रूप से जारी किया जाए।

यह भी पढ़ेंसागर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ₹7 हजार रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई रंगे हाथ गिरफ्तार

बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों से आए बस संचालकों एवं पदाधिकारियों ने सरकार के समक्ष लंबित मांगों पर चर्चा की। एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में बस संचालन पूरी तरह प्रभावित होगा, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ेंसीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य

ये रहे शामिल

बैठक में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों व संभागों से आए प्रमुख बस ऑपरेटर और पदाधिकारी शामिल हुए । इनमेंश्री राकेश फौजदार , प्रदेश उपाध्यक्ष , नरेंद्र सिंह बुंदेला  प्रदेश उपाध्यक्ष , जयकुमार जैन  महामंत्री, अतुल दुबे  कोषाध्यक्ष  वीरेंद्र साहू  प्रदेश उपाध्यक्ष, गोविंद बाहेती  उज्जैन संभाग अध्यक्ष, रवि शुक्ला - उज्जैन , राजा साहब  छतरपुर, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर - रतलाम,श्रीमती रजनी शर्मा - अध्यक्ष, रायसेन, मनीष जैन  सनावद शंकर दयाल शर्मा - वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबलपुर, तेज बाली - सिवनी, राजू मिगलानी, छिंदवाड़ा, बन्नू भैया ,विदिशा, प्रदीप जैन झाबुआ, पप्पू पहलवान , इंदौर दिलीप, समीम कुरेशी ,दमोह शामिल हुए। 

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

www.Teenbattinews.com

Archive