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सागर के आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेगा NO ABUSE बोर्ड, 17 सितंबर को नो एब्यूज डे

सागर के आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेगा “NO ABUSE” बोर्ड :  17 सितंबर को मनाया जाएगा “नो एब्यूज डे”



तीनबत्ती न्यूज: 20 अगस्त, 2026

सागर। महिलाओं के सम्मान, संस्कारित भाषा और स्वस्थ सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित “वैचारिक स्वच्छता अभियान” को सागर जिले में संस्थागत समर्थन मिला है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में “NO ABUSE” बोर्ड लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।

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जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सागर द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश क्रमांक म.बा.वि./आईसीडीएस/2026-27/3780 के माध्यम से जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार “NO ABUSE” बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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डॉ. वंदना गुप्ता के पत्र के बाद जारी हुआ आदेश

विभाग का यह आदेश समाजसेविका एवं समाज सुधारक डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा 6 अगस्त 2026 को कलेक्टर, जिला सागर को भेजे गए पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि मां, बहन और बेटी के नाम पर अपमानजनक गालियों का प्रयोग समाज में असम्मानजनक भाषा, सामाजिक संवेदनशीलता में कमी और नैतिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में सम्मानजनक भाषा और संस्कारित संवाद को बढ़ावा देना जरूरी है।

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सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में लगाए जाएंगे बोर्ड

महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित परियोजना अधिकारियों को अपने कार्यालयों के साथ-साथ परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार “NO ABUSE” बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाना सुनिश्चित करने को कहा गया है।


बच्चों के संस्कार निर्माण की शुरुआत घर और आंगनवाड़ी से


वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “बच्चों के संस्कार निर्माण की शुरुआत घर और आंगनवाड़ी से होती है। यदि बचपन से ही बच्चों को सम्मानजनक भाषा और मां, बहन एवं बेटी के सम्मान का संस्कार दिया जाए, तो आने वाली पीढ़ी अधिक संवेदनशील और सभ्य समाज का निर्माण करेगी।”

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डॉ. गुप्ता ने कहा कि “NO ABUSE” केवल एक बोर्ड नहीं, बल्कि भाषा और विचारों की स्वच्छता का सामाजिक संदेश है। 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाने का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प दिलाना है कि वह मां, बहन और बेटी से जुड़ी अपमानजनक गालियों का प्रयोग नहीं करेगा और दूसरों को भी ऐसी भाषा के प्रयोग से रोकेगा।

उन्होंने कहा कि सागर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल वैचारिक स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और सभी परियोजना अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि इस अभियान को जिले के अन्य शासकीय एवं सामाजिक संस्थानों में भी आगे बढ़ाया जाएगा।

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सागर संभाग के स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, 17 सितंबर को मनाया जाएगा जनजागृति संकल्प दिवस • वैचारिक स्वच्छता अभियान को मिली सफलता

वैचारिक स्वच्छता अभियान की सफलता:: सागर संभाग के सभी स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, प्रतिदिन दिलाई जाएगी गाली न देने की शपथ

• 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस', संयुक्त शिक्षा संचालक ने जारी किए आदेश


डॉ. वंदना गुप्ता – वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं 'नो एब्यूज' अभियान की प्रेरक



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। वर्ष 2018 से डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा संचालित 'वैचारिक स्वच्छता अभियान' को बड़ी प्रशासनिक मान्यता मिली है।समाज से "माँ-बहन-बेटी की गालियों" जैसी अमर्यादित एवं महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को समाप्त कर सम्मानजनक एवं संस्कारित संवाद की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 'नो एब्यूज' (No Abuse) जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में प्रचलित माँ, बहन और बेटी से संबंधित अपमानजनक गालियों के प्रयोग को रोकना तथा सम्मानजनक एवं संस्कारित भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

यह रहा आदेश

सागर संभाग के स्कूलों में 'नो एब्यूज' अभियान के लिए संयुक्त शिक्षा संचालक का आदेश

जारी आदेश के अनुसार संभाग के सभी विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर "No Abuse" अथवा "माँ, बहन, बेटी की गालियाँ बंद हों" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे कि वे जीवन में कभी भी माँ, बहन और बेटी से संबंधित गालियों का प्रयोग नहीं करेंगे।

17 सितंबर को होगा विशेष आयोजन

आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को "नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों में भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण एवं अन्य जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की पहल

आदेश में कहा गया है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय है। इससे न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है।

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सभी अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

संयुक्त शिक्षा संचालक द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि सागर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षा केंद्रों, संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों तथा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

डॉ. वंदना गुप्ता ने जताया आभार

वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे जनजागरण, सामाजिक सहयोग और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और संस्कारित सामाजिक वातावरण के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में इस अभियान को पूरे प्रदेश और देश में विस्तार देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु

  • सागर संभाग के सभी विद्यालयों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान।
  • स्कूलों में "No Abuse" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे गाली न देने का संकल्प।
  • हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस'।
  • भाषण, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित।
  • अभियान को वैचारिक स्वच्छता और नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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