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सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन पर औचक निरीक्षण, 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची

सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सेंट्रलाइज किचन का किया औचक निरीक्षण, 6,540 विद्यार्थियों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी

सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल सेंट्रलाइज किचन का निरीक्षण करते हुए, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचती हुईं।


तीनबत्ती न्यूज : 6 अगस्त 2026

सागर। जिले के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार सुबह नगर निगम क्षेत्र स्थित सेंट्रलाइज किचन (केंद्रीकृत किचन) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

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तिलकगंज आकांक्षा समग्र विकास समिति द्वारा संचालित इस आधुनिक सेंट्रलाइज किचन से शहर के 83 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 6,540 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाता है। यहां सुबह 5 बजे से भोजन बनना शुरू होता है और लगभग 10:30 बजे तक सभी विद्यालयों के लिए गर्म एवं ताजा भोजन भेज दिया जाता है।

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भोजन का सैंपल सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन परिसर, भोजन पकाने की व्यवस्था, बर्तनों की साफ-सफाई तथा उपयोग में लाई जा रही खाद्य सामग्री का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में भोजन निर्माण में प्रयुक्त तेल एवं मसाले एगमार्क गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन का एक नमूना (सैंपल) अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।



सुभाष नगर स्कूल पहुंचकर देखी भोजन व्यवस्था

सेंट्रलाइज किचन के निरीक्षण के बाद कलेक्टर एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला, सुभाष नगर पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उपस्थिति के अनुसार भोजन की उपलब्धता का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरित होता पाया गया। व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विवेक के.वी. भी मौजूद रहे।



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सागर संभाग के स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, 17 सितंबर को मनाया जाएगा जनजागृति संकल्प दिवस • वैचारिक स्वच्छता अभियान को मिली सफलता

वैचारिक स्वच्छता अभियान की सफलता:: सागर संभाग के सभी स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, प्रतिदिन दिलाई जाएगी गाली न देने की शपथ

• 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस', संयुक्त शिक्षा संचालक ने जारी किए आदेश


डॉ. वंदना गुप्ता – वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं 'नो एब्यूज' अभियान की प्रेरक



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। वर्ष 2018 से डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा संचालित 'वैचारिक स्वच्छता अभियान' को बड़ी प्रशासनिक मान्यता मिली है।समाज से "माँ-बहन-बेटी की गालियों" जैसी अमर्यादित एवं महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को समाप्त कर सम्मानजनक एवं संस्कारित संवाद की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 'नो एब्यूज' (No Abuse) जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में प्रचलित माँ, बहन और बेटी से संबंधित अपमानजनक गालियों के प्रयोग को रोकना तथा सम्मानजनक एवं संस्कारित भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

यह रहा आदेश

सागर संभाग के स्कूलों में 'नो एब्यूज' अभियान के लिए संयुक्त शिक्षा संचालक का आदेश

जारी आदेश के अनुसार संभाग के सभी विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर "No Abuse" अथवा "माँ, बहन, बेटी की गालियाँ बंद हों" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे कि वे जीवन में कभी भी माँ, बहन और बेटी से संबंधित गालियों का प्रयोग नहीं करेंगे।

17 सितंबर को होगा विशेष आयोजन

आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को "नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों में भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण एवं अन्य जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की पहल

आदेश में कहा गया है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय है। इससे न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है।

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सभी अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

संयुक्त शिक्षा संचालक द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि सागर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षा केंद्रों, संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों तथा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

डॉ. वंदना गुप्ता ने जताया आभार

वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे जनजागरण, सामाजिक सहयोग और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और संस्कारित सामाजिक वातावरण के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में इस अभियान को पूरे प्रदेश और देश में विस्तार देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु

  • सागर संभाग के सभी विद्यालयों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान।
  • स्कूलों में "No Abuse" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे गाली न देने का संकल्प।
  • हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस'।
  • भाषण, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित।
  • अभियान को वैचारिक स्वच्छता और नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल का डीईओ कार्यालय पर औचक निरीक्षण, तीन अधिकारियों पर नोटिस के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल का जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर औचक निरीक्षण, तीन अधिकारियों पर नोटिस के निर्देश





तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई , 2026

सागर। जिले में शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन सामग्री के वितरण में गंभीर लापरवाही, विभागीय कार्यों में शिथिलता तथा लंबे समय से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।



इनको मिले नोटिस

कलेक्टर ने नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी सागर तथा पाठ्यपुस्तक वितरण प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्य सामग्री पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

विभागीय जांच प्रकरणों पर भी सख्ती

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया। विभागीय जांच से जुड़े मामलों के लंबे समय से लंबित रहने और जिम्मेदारियों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर सतर्कता शाखा (विभागीय जांच) प्रभारी के विरुद्ध भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।



शिक्षकों के लंबित स्वत्वों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति, जीपीएफ/डीपीएफ आहरण, एरियर, अन्य स्वत्वों के भुगतान तथा कर्मचारियों की पदोन्नति, क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



लैपटॉप और स्कूटी वितरण का होगा भौतिक सत्यापन

कलेक्टर ने विभाग के माध्यम से स्वीकृत लैपटॉप और स्कूटी वितरण की समीक्षा करते हुए पूर्व में किए गए वितरण और शेष स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी रिकॉर्ड को शासकीय पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट रखने के लिए स्थापना शाखा और आईटी सेल को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, आरटीआई आवेदनों तथा लेखा परीक्षा संबंधी आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र हित और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कर्तव्य विमुखता अक्षम्य है। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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MP News: स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश

MP School Education: 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश : मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दी बधाई


तीनबत्ती न्यूज: 04 जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने 3 और 4 जुलाई को आदेश जारी करते हुए विभिन्न विषयों एवं खेल, गायन-वादन तथा नृत्य के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की है। दो साल बाद शिक्षकों को नियुक्ति आदेश मिल रहे है। 

विभाग के अनुसार 4,067 माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनमें हिन्दी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल तथा गायन-वादन विषय शामिल हैं। वहीं 950 प्राथमिक शिक्षकों को खेल, नृत्य एवं गायन-वादन के पदों पर नियुक्ति दी गई है।

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नव-नियुक्त शिक्षक अपने ज्ञान, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली से प्रदेश के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और समाज के भविष्य को दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।


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