Editor: Vinod Arya | 94244 37885
MP News लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
MP News लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों •दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति •बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी •अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों 

•दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति

•बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी

•अतिथि शिक्षकों को मानदेय  के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

तीनबत्ती न्यूज:29 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए करीब 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, ग्रामीण विकास और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण

मंत्रि-परिषद ने अग्निवीरों को प्रदेश की विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह आरक्षण पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर लागू होगा।निर्णय के अनुसार गृह विभाग के आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) पदों पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। विशेष सशस्त्र बल में भी यही व्यवस्था रहेगी।

जेल प्रहरी के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वन रक्षक के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, जबकि आबकारी आरक्षक के पद पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

अतिथि शिक्षकों के लिए 5,329 करोड़ रुपये

मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कराया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।


कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि

सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गणवेश के लिए राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों और पालकों के खातों में उपलब्ध कराने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए होगी।

सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को 1,052 करोड़

सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परियोजना का उद्देश्य बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।


दमोह-कटनी फोरलेन के लिए 4,470 करोड़

मंत्रि-परिषद ने 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित चार-लेन बनाने के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3,245 करोड़ रुपये

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तीन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए कुल 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये शामिल हैं।


सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला अस्पताल


सिंगरौली जिला चिकित्सालय को 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तरीय करने के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसमें अतिरिक्त 155 बिस्तरों के साथ आंतरिक एवं बाहरी विकास कार्य, बायोमेडिकल उपकरण और अस्पताल फर्नीचर आदि शामिल हैं।


छिन्दवाड़ा मेडिकल साइंसेज अस्पताल के लिए 953.69 करोड़


छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और अन्य भवनों के निर्माण तथा संबंधित सेवाओं और बाहरी विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

दतिया और नीमच की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

दतिया जिले की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना से करीब 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

नीमच की रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे गांधीसागर जलाशय से पानी उठाकर करीब 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।


उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना के लिए 358 करोड़

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है। इसके लिए करीब 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी नहर के माध्यम से पानी को गंभीर नदी की ओर मोड़ने की योजना है।

ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़


भूमि के अंतरण पर उपकर को ग्रामीण विकास निधि में स्थानांतरित करने की योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।

विमुक्त और घुमन्तु समुदायों के लिए एक रुपये किलो खाद्यान्न

विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों को एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

हथकरघा विभाग में 12 नए पद

मऊगंज, छिन्दवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ जिलों में नए जिला हाथकरघा कार्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन, कुल 12 नए पद सृजित किए जाएंगे। हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।

विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें उच्च न्यायालय भवन एवं आवासीय परिसर के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये सहित अधिवक्ता कल्याण, एडीआर सेंटर, लोक अदालत तथा आईटी और पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।


न्यायालयों में प्रोसेस सर्वर योजना के लिए 622 करोड़

अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायालयीन पत्रों की तामिली से जुड़े प्रोसेस सर्वर के वेतन, भत्तों और यात्रा देयकों के लिए योजना को 2026 से 2031 तक जारी रखने हेतु 622 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वनोपज और खनिज परिवहन की नई दरें

मंत्रि-परिषद ने वनोपज एवं खनिज वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क और एनओसी शुल्क की नई दरों को भी मंजूरी दी। सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे।

खनिज वनोपज की पहली श्रेणी में शामिल लाइम स्टोन, डोलोमाइट, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड सहित अन्य खनिजों के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन शुल्क होगा। दूसरी श्रेणी में फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल और मिट्टी पत्थर के लिए 52 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है।


न्यायालय भवनों के लंबित कार्यों के लिए 691 करोड़

केन्द्र प्रवर्तित योजना 'न्यायालय भवनों का निर्माण' के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार की निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की 691 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि का भुगतान राज्य योजना में उपलब्ध राशि से किए जाने की अनुमति भी मंत्रि-परिषद ने दी।


बैठक में लिए गए इन निर्णयों में युवाओं के रोजगार अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और ग्रामीण एवं न्यायिक अधोसंरचना से संबंधित योजनाओं को आगामी वर्षों में जारी रखने और विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।

Share:

सागर में निगम का अतिक्रमण अभियान: जर्जर भवन गिराया, दुकानें हटाईं

नगर निगम  सागर का अतिक्रमण के खिलाफ अभियान, जर्जर भवन गिराया, दुकानें हटाईं


तीनबत्ती न्यूज: 18 सितम्बर, 2026

सागर। नगर पालिक निगम सागर द्वारा शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। बरियाघाट वार्ड में मंदिर ट्रस्ट क्षेत्र की कब्जे वाले जर्जर भवन को सुरक्षा की दृष्टि से गिराया गया, जबकि जवाहरगंज वार्ड में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माण का कुछ हिस्सा हटाया गया। वहीं गणेश उत्सव को देखते हुए सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर लगी अंडे एवं मुर्गे की दुकानों को भी हटाने की कार्रवाई की गई।

बरियाघाट में जर्जर भवन गिराया

बरीयाघाट वार्ड स्थित भवन क्रमांक 325/263/1 लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। भवन पर कब्जे की स्थिति को देखते हुए नगर निगम द्वारा पूर्व में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित कब्जाधारियों के ताले खुलवाकर अंदर रखी सामग्री का पंचनामा तैयार किया गया था।निर्धारित कार्रवाई के तहत 18 सितंबर 2026 को राजस्व अमले एवं नगर निगम के संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से भवन को गिरा दिया गया।

कार्रवाई के दौरान सागर तहसीलदार, पटवारी, नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर, निगम इंजीनियर, प्रभारी अतिक्रमण, सहायक अतिक्रमण अधिकारी एवं अतिक्रमण प्रभारी सहित पुलिस प्रशासन और नगर निगम की अतिक्रमण टीम मौजूद रही।


जवाहरगंज में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण हटाया

जवाहरगंज वार्ड में आईडीबीआई बैंक के सामने नाली के ऊपर किए गए निर्माण के मामले में नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने कार्रवाई की। स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाए जाने पर संबंधित मकान मालिक को नोटिस जारी किया गया था।

कार्रवाई के दौरान मकान मालिक ने नगर निगम को आवेदन देकर अतिक्रमण का हिस्सा स्वयं हटाने के लिए समय देने का अनुरोध किया। निगम ने आवेदन स्वीकार करते हुए उसे दो दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी।


निगम की टीम ने मौके पर अतिक्रमण का कुछ हिस्सा हटा दिया, जबकि शेष हिस्सा मकान मालिक को निर्धारित अवधि में स्वयं हटाना होगा। तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर जुर्माने के साथ नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

गणेश उत्सव के चलते अंडे-मुर्गे की दुकानें हटाईं

गणेश उत्सव को देखते हुए नगर निगम ने शहर के सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर लगी अंडे एवं मुर्गे की दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर दुकानदारों को दुकानें हटाने के निर्देश दिए।

अंडे के दुकानदारों को दुकानों पर नेट लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दुकानें व्यवस्थित रहें और खुले में सामग्री दिखाई न दे। निगम अमले ने दुकानदारों को निर्धारित व्यवस्था का पालन करने के लिए कहा।

नगर निगम के अनुसार शहर में अतिक्रमण हटाने के साथ सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखने और त्योहारी आयोजन के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।

Share:

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया नया कार्य विभाजन, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया अधिकारियों के बीच नया कार्य विभाजन:  कई शाखाओं की बदली जिम्मेदारियां



तीनबत्ती न्यूज:  12 सितंबर 2026

सागर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रशासनिक कार्यों में सुविधा और शाखाओं के बेहतर संचालन के लिए जिले में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों के बीच नवीन कार्य विभाजन किया है। इसके तहत अधिकारियों को विभिन्न शाखाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का प्रभार सौंपा गया है।

नवीन कार्य विभाजन के अनुसार संयुक्त कलेक्टर रवीश श्रीवास्तव को विभिन्न आयोगों से प्राप्त शिकायतों, सीएम मॉनिट/सीएस मॉनिट, न्यायिक, भू-अभिलेख, राजस्व लिपिक, राजस्व आंकिक, टीएल, सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी सहित विभिन्न शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है।




संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव को वित्त एवं निर्वाचन संबंधी दायित्वों के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें शिकायत एवं सतर्कता शाखा तथा जिला शहरी विकास अभिकरण का प्रभार भी सौंपा गया है।

डिप्टी कलेक्टर शैलेष द्विवेदी को नगर दण्डाधिकारी सागर के साथ शहरी नगर निगम एवं कैंट क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला सत्कार अधिकारी, वाहन अधिग्रहण अधिकारी, नजूल अधिकारी तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 41 के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी रहेंगे। इसके अलावा रेडक्रास, भाड़ा नियंत्रण, शस्त्र लाइसेंस, नजारात और जिला आपूर्ति नियंत्रक का प्रभार भी उन्हें दिया गया है।

डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी को अल्प बचत, अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, स्टेनो-टू-कलेक्टर, रीडर-टू-कलेक्टर, आवक-जावक, मंत्री, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों के पत्र तथा जनसुनवाई शाखा सहित विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। वे पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी और कलेक्ट्रेट के लोक सूचना अधिकारी भी रहेंगे।


डिप्टी कलेक्टर सुश्री मोना दांगी को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 की अध्यक्ष, खेल एवं युवा कल्याण, समाधान ऑनलाइन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन एवं धर्मस्व, सत्यापन तथा जिला न्यायालय से संबंधित विषयों का प्रभार दिया गया है। वे समाचार पत्रों में प्रकाशित गंभीर शिकायतों एवं अनियमितताओं की जांच भी करेंगी। इसके साथ ही जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की नोडल अधिकारी एवं सचिव की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।

लिंक अधिकारियों की भी व्यवस्था

कार्य विभाजन आदेश में प्रभारी अधिकारियों की अनुपस्थिति की स्थिति में लिंक अधिकारियों की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। कलेक्टर ने शाखाओं की नस्तियों का समयबद्ध निराकरण, टेबल निरीक्षण, डाक के त्वरित निस्तारण तथा कार्यालयीन कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, कलेक्टर के अवकाश पर रहने या मुख्यालय से बाहर होने की स्थिति में जिले की कानून व्यवस्था का चालू कार्यभार अपर जिला दण्डाधिकारी संभालेंगे।

Share:

बंडा शराब कांड: आरोपियों के अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया

बंडा शराब कांड के आरोपियों पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण जमींदोज;


तीनबत्ती न्यूज10 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर दौरे के बाद बंडा जहरीली शराब मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने बंडा क्षेत्र में शराब मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।

यह भी पढ़ें: सागर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया : केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजे में मांगी रिश्वत

कार्रवाई राजस्व विभाग, पुलिस और नगर परिषद बंडा की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की। प्रशासन के अनुसार जांच और राजस्व रिकॉर्ड में आरोपियों द्वारा श्मशान और पहाड़-चट्टान मद की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि हुई थी।


मनीष उर्फ यशवंत पर कार्रवाई

वार्ड-12 बंडा निवासी मनीष उर्फ यशवंत, पिता कोमल सिंह लोधी द्वारा शासकीय श्मशान मद की भूमि पर कब्जा कर एक मंजिला पक्का निर्माण किया गया था। प्रशासन के मुताबिक इस निर्माण का उपयोग अवैध गोदाम के रूप में किया जा रहा था। इसके अलावा गैर-आवासीय भंडारण के लिए भी एक अन्य पक्का निर्माण बनाया गया था।

यह भी पढ़ें:'सागर जहरीली शराब कांड: CM मोहन यादव सख्त, दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई• मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बीएमसी के वार्डों में जाकर जाना बंडा के पीड़ितों का हाल

जांच में पहाड़-चट्टान मद की शासकीय भूमि पर भी अतिक्रमण पाया गया।

सरपंच चन्द्रभान सिंह का अवैध मकान ध्वस्त

ततरवारा, तहसील शाहगढ़ निवासी चन्द्रभान सिंह उर्फ चंदू, पिता द्वारका सिंह राजपूत द्वारा शासकीय भूमि पर बनाए गए एक मंजिला पक्के रिहायशी मकान को भी प्रशासन ने जमींदोज कर दिया।

आशीष का मकान और आंगन भी तोड़ा

वार्ड-11 बंडा निवासी आशीष, पिता रामप्रसाद साहू द्वारा किए गए अतिक्रमण में बने पक्के मकान और गेट लगे आंगन को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।


24 घंटे का नोटिस, जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित निर्माणों पर 24 घंटे का नोटिस चस्पा किया गया था। निर्धारित समय में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान बंडा एसडीएम संजय जैन, एसडीओपी रोहित लखेरा, तहसीलदार मोहित जैन सहित पुलिस, राजस्व और नगर परिषद का अमला मौजूद रहा।

प्रशासन ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के अनुसार अवैध शराब के कारोबार से जुड़े माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Share:

45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण

45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान का अनावरण

• नई पैकेजिंग में परंपरा और आधुनिकता का संगम; अप्रैल-अगस्त में दूध संग्रह 29.8% बढ़ा


तीनबत्ती न्यूज: , 9 सितंबर 2026

सागर: मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड ‘सांची’ ने अपनी 45 वर्षों की विश्वसनीय विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए बुंदेलखंड में अपनी नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन की गई पैकेजिंग का अनावरण किया। सिग्नेचर हॉल, होटल दीपाली, बुंदेलखंड में आयोजित रीब्रांडिंग समारोह में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के रीजनल हेड, वेस्ट जोन, श्री वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास, बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव तथा मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल सहित अन्य अधिकारी, वितरक एवं रिटेलर्स उपस्थित रहे।

नई ब्रांड पहचान के तहत सांची के दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग में आधुनिक रंगों, एकरूप लेआउट और आकर्षक डिजाइन को शामिल किया गया है। नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ग्रामीण विरासत से प्रेरित गोंड कला के तत्वों को भी प्रमुखता दी गई है। नई पहचान का उद्देश्य सांची की 45 वर्षों से अर्जित विश्वसनीयता को बरकरार रखते हुए इसे बदलते बाजार और आधुनिक उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप नई पहचान देना है।

सांची मजबूत पहचान

मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास, रीजनल हेड, वेस्ट जोन, NDDB ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था की मजबूत पहचान है और पिछले 45 वर्षों में इसने उपभोक्ताओं का विश्वास अर्जित किया है। नई ब्रांड पहचान इस विरासत को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई पैकेजिंग में आधुनिक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी स्थान दिया गया है। इससे सांची को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।”

यह भी पढ़ें: सागर जहरीली शराब कांड: CM मोहन यादव सख्त, दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई• मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बीएमसी के वार्डों में जाकर जाना बंडा के पीड़ितों का हाल


एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक श्री जयदेव बिस्वास ने कहा, “सांची की रीब्रांडिंग केवल पैकेजिंग और डिजाइन में बदलाव नहीं है, बल्कि यह बदलते समय के साथ आगे बढ़ने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 45 वर्षों से उपभोक्ताओं का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमारा प्रयास है कि इस भरोसे को बनाए रखते हुए सांची को आधुनिक उपभोक्ता की पसंद और बाजार की नई संभावनाओं के अनुरूप और मजबूत बनाया जाए। नई ब्रांड पहचान से सांची के उत्पादों की बाजार में दृश्यता और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।”

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव ने कहा, “बुंदेलखंड दुग्ध संघ के लिए सांची की नई ब्रांड पहचान एक महत्वपूर्ण पहल है। नई पैकेजिंग से सांची के उत्पादों को बाजार में एकरूपता और बेहतर पहचान मिलेगी। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ दुग्ध उत्पादक किसानों को भी मजबूत बाजार उपलब्ध कराया जाए। नई ब्रांडिंग से सांची के प्रति उपभोक्ताओं का जुड़ाव और मजबूत होगा तथा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

मध्यप्रदेश वित्त विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री हेमलता पटेल ने कहा, “सांची मध्यप्रदेश की सहकारी भावना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा ब्रांड है। इसकी नई पहचान परंपरा और आधुनिकता के बीच बेहतर संतुलन प्रस्तुत करती है। मुझे विश्वास है कि नया स्वरूप सांची को बदलते बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादक किसानों के बीच इसके जुड़ाव को और मजबूत करेगा।”

पांच महीनों में दूध संग्रह में करीब 30 प्रतिशत वृद्धि

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान दूध संग्रह में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 29.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान जहां इन पांच महीनों का कुल दैनिक औसत संग्रह 2,66,270 किलोग्राम रहा, वहीं अप्रैल-अगस्त 2026 में यह बढ़कर 3,45,623 किलोग्राम हो गया।

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में दूध संग्रह 56,613 किलोग्राम प्रतिदिन था, जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 77,077 किलोग्राम हो गया। इसी तरह मई में यह 43,468 किलोग्राम से बढ़कर 63,120 किलोग्राम, जून में 43,092 से बढ़कर 58,944 किलोग्राम, जुलाई में 56,322 से बढ़कर 63,751 किलोग्राम तथा अगस्त में 66,775 से बढ़कर 82,731 किलोग्राम प्रतिदिन हो गया।

दूध संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि क्षेत्र में सहकारी डेयरी व्यवस्था के विस्तार तथा दुग्ध उत्पादकों के बढ़ते जुड़ाव का संकेत है। यह वृद्धि सांची के लिए बढ़ते कच्चे माल के आधार और बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की संभावनाओं को भी दर्शाती है।

सांची की नई ब्रांड पहचान के तहत दूध की विभिन्न श्रेणियों के साथ दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा, चाय तथा अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एकरूप और आधुनिक पैकेजिंग प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य सांची के विभिन्न उत्पादों को बाजार में आसानी से पहचान योग्य बनाना तथा उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड की दृश्यता और आकर्षण को बढ़ाना है।

नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की कला और ग्रामीण जीवन से जुड़े तत्वों को शामिल किया गया है। गोंड कला से प्रेरित डिजाइन सांची की स्थानीय जड़ों को आधुनिक ब्रांडिंग के साथ जोड़ता है। इस तरह नई पहचान में परंपरा, आधुनिकता, गुणवत्ता और सहकारिता का समन्वय दिखाई देता है।

रीब्रांडिंग का उद्देश्य केवल उत्पादों का स्वरूप बदलना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ सांची के जुड़ाव को और मजबूत करना तथा आधुनिक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है। एकरूप पैकेजिंग से उपभोक्ताओं को सांची के विभिन्न उत्पादों की पहचान करने में आसानी होगी और पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो के लिए एक मजबूत एवं सुसंगत ब्रांड पहचान विकसित होगी।

सहकारी डेयरी व्यवस्था के केंद्र में दुग्ध उत्पादक किसान हैं। किसानों से दूध का संग्रह, उचित मूल्य और समय पर भुगतान, पशु चिकित्सा सुविधाएं, संतुलित पशु आहार की जानकारी तथा वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जाते हैं।

सांची के दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाते हैं। नई ब्रांड पहचान के साथ सांची अपनी 45 वर्ष पुरानी विश्वसनीयता को आधुनिक उपभोक्ता अनुभव से जोड़ते हुए नए बाजारों और नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

‘स्वाद, सेहत, सांची’ के मूल संदेश के साथ नई ब्रांड पहचान सांची की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वरूप देने और इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


Share:

Sagar Poisonous Liquor Case: जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग : • प्रभावित गांवों में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात;

सागर जहरीली शराब त्रासदी: जीतू पटवारी बोले- लोगों की हत्याएं की गईं, सरकार जिम्मेदार

• प्रभावित गांवों में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात; आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग


तीनबत्ती न्यूज:7 सितंबर 2026

सागर । सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब त्रासदी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शराब त्रासदी से प्रभावित गांवों का दौरा किया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) पहुंचकर उपचाररत लोगों और उनके परिजनों से भी मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी।

यह भी पढ़ें: Sagar Poisonous Liquor Case: जहरीली शराब मामले में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल का दौरा, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

जिला कांग्रेस कमेटी मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जीतू पटवारी भोपाल से सागर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र के छापरी, बमूरा, चौका, हिनोती, दलपतपुर, धुरमार, गूगरा, नौराज और पाटन गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जहरीली शराब त्रासदी में अपनों को खो चुके परिवारों से मुलाकात की और उनके दुख में कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।


'लोगों की हत्याएं की गई हैं'

मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोगों की हत्याएं की गई हैं और उनके अनुसार इन मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है। पटवारी ने कहा कि यदि सरकार में थोड़ी भी शर्म है तो आबकारी मंत्री का इस्तीफा दिलवाया जाना चाहिए। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

यह भी पढ़ें: सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। • सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच • शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है तथा सरकार इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती।

'किसी ने भाई तो किसी ने बेटा खोया'

जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने भी घटना को लेकर प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में किसी ने अपना भाई तो किसी ने अपना बेटा खोया है। उनके अनुसार यह सागर जिले की अब तक की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है और यह प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। मुहासा ने कहा कि शराब त्रासदी के कारण कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए।


BMC में उपचाररत मरीजों से भी मिले पटवारी

प्रभावित गांवों के दौरे के बाद जीतू पटवारी सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने जहरीली शराब के सेवन के बाद उपचार करा रहे लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों की स्थिति और परिजनों की परेशानियों की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक एवं प्रशासनिक सहायता दी जाए तथा उपचाररत मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता रहे मौजूद

जीतू पटवारी के दौरे के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें बंडा के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी, नारायण प्रजापति, जिला प्रभारी राहुल शर्मा, जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी, चंद्र भूषण सिंह गुड्डू राजा बुंदेला, पूर्व सांसद डॉ. आनंद अहिरवार, पूर्व विधायक सुनील जैन, सुरेंद्र सुहाने, नीरज शर्मा, जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रिचा सिंह, राजकुमार पचौरी, रामजी दुबे, मुकुल पुरोहित, ज्योति पटेल, भूपेंद्र सिंह सिंगदौनी, रमाकांत यादव, सतीश यादव ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राजपूत, नितिन बाजपेयी,धामोनी ब्लॉक अध्यक्ष शंकर सिंह लोधी, शाहगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष श्रीराम यादव, श्रीकांत सराफ, योगेंद्र सिंह लोधी, दीपक प्रजापति, लक्ष्मण सिंह घोघरा, नारायण खान,जितेंद्र मिश्रा छापरी, अक्षय दुबे, अमर गुप्ता, प्रभांशु करोसिया, संजय रोहिदास, आसिफ खान,अनुज रावत काटी, कृष्णा कुमार रावत, मुकेश जैन, प्रदीप सोनी, शाहिल खटीक अनिल यादव, बब्बू यादव, मनोज राय,आनंद सोलंकी अशोक कुशवाह, पप्पू सेन हेमंत लारिया, पुष्पेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह चावड़ा, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद थेसहित बड़ी संख्या में  कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।





Share:

Sagar Poisonous Liquor Case: जहरीली शराब मामले में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल का दौरा, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

सागर जहरीली शराब प्रकरण: गांव-गांव पहुंचे डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल : मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

• मृतकों और प्रभावित परिवारों से मिले उपमुख्यमंत्री, बोले- शराब माफियाओं को नहीं बख्शेंगे; 10 से अधिक आरोपी हिरासत में

तीनबत्ती न्यूज: 7 सितंबर 2026

सागर । सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध अमानक एवं अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में शासन-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों एवं बीमार लोगों के परिजनों से मुलाकात की। वहीं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। बंडा में शनिवार - रविवार को जहरीली शराब के कहर से 20 से अधिक की मौत हुई। करीब 100 पीड़ित अस्पतालों में भर्ती है। पुलिस ने 30 के खिलाफ FIR दर्ज कर 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है। आबकारी और पुलिस के 05 अफसर सस्पेंड भी हो चुके है। 

यह भी पढ़ें: सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। • सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच • शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बंडा-शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती और पापेट पहुंचकर पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

यह भी पढ़ें: बंडा-शाहगढ़ शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, एक दर्जन मौतों के बाद 3 आबकारी अधिकारी और दो पुलिस अधिकारी निलंबित; 7 शराब दुकानें सील • विधायक शैलेंद्र जैन ने किया मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित • भाजपा जिला अध्यक्ष,सांसद और विधायक पहुंचे बीएमसी • कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

शराब माफियाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद हृदय विदारक है। अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।

यह भी पढ़ें: सागर के बंडा में जहरीली शराब का कहर: मौतों का आंकड़ा 11 तक पहुंचा, दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; 6 शराब दुकानें सील •सीएम डॉ मोहन यादव ने जांच के दिए निर्देश

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।


ग्रामीणों से नशामुक्त समाज बनाने की अपील

गांवों के भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। अवैध नशे के कारोबार को रोकने के लिए शासन और प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।

कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

इधर, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।

जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसका वास्तविक कारण क्या था। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक या अवैध शराब का सेवन था अथवा कोई अन्य वजह।

शराब कहां बनी और किसने पहुंचाई, होगी जांच


मजिस्ट्रियल जांच में शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा संबंधित नियामकीय विभागों की भूमिका और उनके स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी जांच होगी।

यह भी पढ़ें: बंडा जहरीली शराब कांड: कांग्रेस ने सरकार को घेरा: उमंग सिंघार बोले- अवैध शराब के कारोबार से मौतें, प्रशासनिक लापरवाही गंभीर मामला 

जांच अधिकारी को घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी उपाय सुझाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन स्पष्ट अभिमत के साथ कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, एडिशनल एसपी जयदीप भदौरिया, बंडा एसडीएम आरती यादव, बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

Share:

सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। • सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच • शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में

सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

• सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच

• शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में



तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर। सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली/अवैध शराब के सेवन से हुई  11 मौतों के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।अभी करीब 100 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है। रविवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर पहुंचे। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) और जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार करा रहे मरीजों का हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर एवं त्वरित उपचार के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें: बंडा-शाहगढ़ शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, एक दर्जन मौतों के बाद 3 आबकारी अधिकारी और दो पुलिस अधिकारी निलंबित; 7 शराब दुकानें सील • विधायक शैलेंद्र जैन ने किया मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित • भाजपा जिला अध्यक्ष,सांसद और विधायक पहुंचे बीएमसी • कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में पहुंचे डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीएमसी के ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही मरीजों के परिजनों से भी चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार उनके साथ है।


डिप्टी सीएम ने अस्पताल प्रबंधन और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे तथा दवाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाए।

अब तक 11 लोगों की मौत

मीडिया से चर्चा करते हुए राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बीएमसी सहित अन्य अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

यह भी पढ़ें: सागर के बंडा में जहरीली शराब का कहर: मौतों का आंकड़ा 11 तक पहुंचा, दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; 6 शराब दुकानें सील •सीएम डॉ मोहन यादव ने जांच के दिए निर्देश

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की पूरी समीक्षा की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसे ध्वस्त किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

प्रशासन और पुलिस को भी दिए निर्देश

डिप्टी सीएम ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

घटना के बाद जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एयरलिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है, जबकि बीएमसी सागर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का उपचार जारी है।


ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी शशिंद्र चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, BMC के प्रभारी डीन डॉ. गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

अवैध शराब प्रकरण में उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा


बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इलाजरत मरीजों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 109 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिनमें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 12 को आईसीयू में रखा गया है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में 17 एवं बंडा सिविल हॉस्पिटल में 7 मरीज उपचाररत हैं।जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शराब का स्त्रोत जांच का विषय

बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं। इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है।

समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपना पक्ष रखते हुए विस्तृत जांच और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की।

डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।


बैठक में सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत,श्री श्याम तिवारी,  श्रीमती रानी कुशवाहा, कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री एस एस चौहान, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: बंडा जहरीली शराब कांड: कांग्रेस ने सरकार को घेरा: उमंग सिंघार बोले- अवैध शराब के कारोबार से मौतें, प्रशासनिक लापरवाही गंभीर मामला • प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी 07 सितंबर को सागर दौरे पर


सागर: संदिग्ध जहरीली-नकली शराब मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 20 आरोपी नामजद, 10 गिरफ्तार

बंडा एवं शाहगढ़ तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संदिग्ध अवैध एवं नकली शराब के सेवन से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले में पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में 20 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बंडा क्षेत्र के नौराज, गूगरा खुर्द, दलपतपुर, पाटन, चौका, छापरी एवं बमूरा भेड़ा सहित आसपास के गांवों में संदिग्ध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। प्रभावित लोगों को बंडा अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से भोपाल भेजा गया।

20 आरोपियों पर नामजद मामला

बंडा थाने में अपराध क्रमांक 0658/2026, दिनांक 06 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 3(5), 123 तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 49-ए के तहत 20 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार इन पर संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े होने के आरोप हैं।

10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

शराब कहां बनी और कहां से हुई सप्लाई, जांच जारी

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। टीमें संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध शराब कहां तैयार की गई, किन लोगों ने इसे सप्लाई किया और किन क्षेत्रों में इसकी बिक्री हुई।

घटनास्थल एवं संबंधित स्थानों से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। शराब के नमूनों को वैज्ञानिक एवं रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम एवं विसरा जांच के आधार पर मौतों के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है।


पांच अधिकारी निलंबित, एक मुख्यालय अटैच

मामले में राज्य शासन और आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी विभाग की प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी एवं उपायुक्त आबकारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय अटैच किया गया है।

वहीं सहायक आबकारी आयुक्त सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग ने भी घटना के संबंध में लापरवाही के आरोप में बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।


Share:

बंडा जहरीली शराब कांड: कांग्रेस ने सरकार को घेरा: उमंग सिंघार बोले- अवैध शराब के कारोबार से मौतें, प्रशासनिक लापरवाही गंभीर मामला • प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी 07 सितंबर को सागर दौरे पर

बंडा जहरीली शराब कांड: कांग्रेस ने सरकार को घेरा: उमंग सिंघार बोले- अवैध शराब के कारोबार से मौतें, प्रशासनिक लापरवाही गंभीर मामला

• प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी 07 सितंबर को सागर दौरे par

तीनबत्ती न्यूज : 6 सितंबर 2026

सागर। सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। रविवार को कांग्रेस नेताओं ने सागर मेडिकल कॉलेज और बंडा पहुंचकर पीड़ितों एवं मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही और कथित अवैध शराब कारोबार का परिणाम बताते हुए उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़ें: बंडा-शाहगढ़ शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, एक दर्जन मौतों के बाद 3 आबकारी अधिकारी और दो पुलिस अधिकारी निलंबित; 7 शराब दुकानें सील • विधायक शैलेंद्र जैन ने किया मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित • भाजपा जिला अध्यक्ष,सांसद और विधायक पहुंचे बीएमसी • कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जहरीली शराब के सेवन के बाद उपचार करा रहे मरीजों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वे बंडा के लिए रवाना हुए। सिंघार ने कहा कि मरीजों ने उन्हें बताया कि शराब किसी ने दुकान से, किसी ने ढाबे से तो किसी ने किराने की दुकान से खरीदी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्र में अवैध शराब का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

उन्होंने सवाल उठाया कि इस कथित शराब माफिया रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसमें सरकार से जुड़े मंत्री या विधायक भी शामिल हैं? सरकार ने अवैध शराब की बिक्री पर समय रहते रोक क्यों नहीं लगाई।नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं और इससे शासन-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई करने में विफल रही है।सिंघार ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार की मांग करते हुए कहा कि केवल कुछ लाख रुपये की सहायता से किसी परिवार की भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने मृतकों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये की सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। साथ ही आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही।

भूपेंद्र सिंह मुहासा ने मांगे एक-एक करोड़ रुपये

जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की।मुहासा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी और शैलेंद्र तोमर सहित कांग्रेस नेताओं के साथ बंडा पहुंचे। यहां उन्होंने सिविल अस्पताल में मृतकों के परिजनों और उपचाररत लोगों से मुलाकात की।

कांग्रेस नेताओं ने बरा चौराहे पर मृतक के शव के साथ न्याय की मांग को लेकर सड़क पर धरना भी दिया। इसके बाद वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। मुहासा ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाती तो इतनी बड़ी त्रासदी को टाला जा सकता था। उन्होंने घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

तरवर सिंह लोधी ने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की

पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यापारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।



शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

इधर, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने मेडिकल कॉलेज में उपचार व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि अस्पताल में मरीजों के लिए पलंग की कमी सहित अन्य अव्यवस्थाएं दिखाई दीं।

इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांसद लता वानखेड़े का रास्ता रोककर अपनी नाराजगी जताई। बाद में जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

यह भी पढ़ें: सागर के बंडा में जहरीली शराब का कहर: मौतों का आंकड़ा 11 तक पहुंचा, दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; 6 शराब दुकानें सील •सीएम डॉ मोहन यादव ने जांच के दिए निर्देश

कलेक्टर-एसपी और जिम्मेदार अमले को हटाने की मांग

महेश जाटव ने कहा कि घटना अवैध शराब कारोबार के साथ शासन-प्रशासन की कथित लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बंडा क्षेत्र में अवैध शराब को लेकर पहले भी शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

पूर्व विधायक सुनील जैन ने जिम्मेदार पुलिस और आबकारी अमले के साथ कलेक्टर एवं एसपी को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग भी रखी। कांग्रेस ने बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा सहित संबंधित क्षेत्रों की शराब दुकानों की सीलिंग और शराब के सैंपल की जांच कराने की मांग की है।


मृतकों के परिजनों को एक करोड़ और बीमारों को आर्थिक सहायता की मांग

संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने मांग की कि सभी पीड़ितों को निःशुल्क और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने के साथ बीमार लोगों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता दी जाए।

पूर्व सांसद आनंद अहिरवार ने घटना की निंदा करते हुए अवैध शराब कारोबार पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की।

प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त

बंडा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया गया।

बंडा में ये रहे शामिल 

धरना और ज्ञापन कार्यक्रम में पूर्व विधायक नारायण प्रजापति, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट भूपेंद्र राजपूत, सतीश यादव, रणवीर सिंह डिलाखेड़ी, संतोष सराफ, श्रीकांत सराफ, संदीप यादव, प्रदीप सोनी, अजीत सिंह चीलपहाड़ी, साहिल खटीक, जितेंद्र मिश्रा, सुनील जैन मगरधा, बृजेंद्र मिश्रा, शंकर सिंह लोधी, अनिल यादव, नितिन वाजपेई, प्रभांशु करोसिया, आसिफ खान, दीपक प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शहर में ये रहे शामिल

वहीं जिला शहर कांग्रेस के ज्ञापन कार्यक्रम में रामकुमार पचौरी, नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह यादव, मुकुल पुरोहित, सुरेंद्र सुहाने, डॉ. आनंद हेला, डॉ. संदीप सबलोक, रमाकांत यादव, अभिषेक गौर, नरेंद्र मिश्रा, हेमराज रजक, वीरेंद्र राजे, किरण सोनी, ताहिर खान, रोशनी वसीम खान, चमन अंसारी, सागर साहू, सिंटू कटारे, राहुल चौबे, पीयूष अवस्थी, निलेश अहिरवार, हीरालाल चौधरी, दीपक कुर्मी, जितेंद्र चौधरी, नौशाद अब्बासी, चक्रेश अहिरवार, आनंद अहिरवार, अजय लारिया, अजय राजपूत, अरविंद सिंह ठाकुर, हरिओम गौड़, विनोद रैकवार, संजय रैकवार और सुरेश रैकवार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।



अध्यक्ष जीतू पटवारी 07 सितंबर को सागर में 

बंडा ने  जहरीली शराब पीने से 11 से अधिक लोगों की मृत्यु एवं कई लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संज्ञान लिया है। म.प्र. कांग्रेस अध्यक्ष मलाल जीतू पटवारी 07 सितंबर 2026 को सागर जिले के दौरे पर रहेंगे।  वे प्रातः 8 बजे भोपाल से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे से बंडा क्षेत्र के उक्त गांवों में पहुंचकर मृतकों के परिजनों एवं बीमार लोगों से मुलाकात करेंगे। अपरान्ह 4 बजे बंडा (सिविल अस्पताल) में भी मुलाकात करेंगे।

Share:

सागर में 7 सितंबर को टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ का प्रांतीय महासम्मेलन, 13 संगठन होंगे एक मंच पर

सागर में 7 सितंबर को होगा मध्यप्रदेश टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ का प्रांतीय महासम्मेलन

• 13 संगठन, एक परिवार के संकल्प के साथ प्रदेशभर के इवेंट एवं समारोह व्यवसायी होंगे एक मंच पर

तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर। मध्यप्रदेश टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ के आह्वान पर आगामी 7 सितंबर 2026 को सागर में प्रांतीय महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से टेंट, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट, डीजे-साउंड, बैंड, फोटोग्राफी, डेकोरेशन, एलईडी, लाइटिंग, गार्डन, होटल, हलवाई सहित समारोह एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।

महासम्मेलन को लेकर सागर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन की विस्तृत रूपरेखा, उद्देश्य, व्यवस्थाओं और विभिन्न संगठनों की भूमिका की जानकारी साझा की गई।


13 संगठनों को एक छत के नीचे लाने की पहल

महासम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता सागर जिले में इवेंट एवं समारोह व्यवसाय से जुड़े 13 संगठनों की सामूहिक सहभागिता है। सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर सम्मेलन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे सभी संगठनों और व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर आपसी समन्वय और एकजुटता को मजबूत करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि "13 संगठन, एक परिवार" केवल एक नारा नहीं, बल्कि सभी संगठनों को साथ लेकर चलने की भावना है।

उन्होंने कहा कि 7 सितंबर का महासम्मेलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का कार्यक्रम न होकर प्रदेशभर के टेंट, कैटरिंग एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यापारी का साझा मंच है। सागर में आने वाले सभी अतिथियों और व्यापारियों के स्वागत एवं सम्मान में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

महासम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार

सतनाम सिंह होरा के अनुसार, 7 सितंबर के प्रांतीय महासम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले व्यापारियों एवं प्रतिनिधियों के स्वागत, पंजीयन, कार्यक्रम संचालन, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

महासम्मेलन में इवेंट एवं समारोह व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के माध्यम से व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच संवाद, आपसी सहयोग और संगठनात्मक समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

संगठन की गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

टेंट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष दिनेश दक्ष ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों को लेकर सागर के 13 संगठनों के बीच जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया है। सभी संगठन अपने-अपने दायित्वों के अनुसार तैयारियों में जुटे हैं।

उन्होंने बताया कि अतिथि स्वागत, मंच, पांडाल, भोजन, पार्किंग, साउंड, लाइटिंग, डेकोरेशन, आवास और प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी संगठनों का कंधे से कंधा मिलाकर काम करना सागर की संगठनात्मक एकता का उदाहरण है।


टेंट व्यवसाय से जुड़े विषयों पर चर्चा

अनिल जैन ने टेंट एवं उससे जुड़े व्यवसाय की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराता है। टेंट व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं, आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर संगठनात्मक स्तर पर संवाद आवश्यक है।प्रांतीय महासम्मेलन ऐसे ही विषयों पर व्यापक चर्चा और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

फोटोग्राफी एवं मीडिया कवरेज की विशेष व्यवस्था

फोटोग्राफी संगठन से जुड़े श्री प्रमोद पटेल ने बताया कि 7 सितंबर के महासम्मेलन की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजनों और गतिविधियों की व्यवस्थित फोटो-वीडियो कवरेज सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सम्मेलन की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जा सके।मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी कार्यक्रम की कवरेज को लेकर आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

13 संगठनों ने संभाली अलग-अलग जिम्मेदारियां

सम्मेलन की तैयारियों में सागर के 13 प्रमुख संगठन सक्रिय रूप से सहभागी हैं। इनमें टेंट, कैटरिंग, डीजे-साउंड, इवेंट मैनेजमेंट, बैंड यूनियन, फोटोग्राफी, एलईडी लाइट्स, फ्लावर डेकोरेशन, लाइट व्यापारी, सेटअप व्यापारी, गार्डन व्यापारी, होटल एसोसिएशन एवं हलवाई संघ शामिल हैं।

सभी संगठनों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निर्धारित कर ली हैं। कैटरिंग से लेकर मंच एवं साउंड, डेकोरेशन, पार्किंग, आवास तथा मीडिया कवरेज तक की व्यवस्थाओं को अलग-अलग टीमों द्वारा संभाला जा रहा है।

पंजीयन के साथ आकर्षक पुरस्कार ड्रॉ

सम्मेलन में सागर के आयोजन, कैटरिंग एवं ब्याह-शादी से जुड़े संबंधित संगठनों तथा सहयोगी सदस्यों के पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है। पंजीयन के बाद प्रत्येक सदस्य को एक पर्ची दी जाएगी, जिसे ड्रॉ बॉक्स में डाला जाएगा।

सम्मेलन के समापन के बाद ड्रॉ के माध्यम से तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार एलईडी टीवी, द्वितीय पुरस्कार मिक्सर ग्राइंडर तथा तृतीय पुरस्कार इंडक्शन रखा गया है।

पुरस्कार के लिए संबंधित सहयोगी सदस्य की कार्यक्रम स्थल पर उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। विजेता के समय उपस्थित नहीं होने की स्थिति में दूसरी पर्ची निकाली जाएगी।

प्रदेशभर के व्यापारियों के स्वागत के लिए सागर तैयार

आयोजकों के अनुसार, 7 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिनिधि सागर पहुंचेंगे। उनके स्वागत, भोजन, आवास, पार्किंग एवं सम्मेलन स्थल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय संगठनों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजकों ने सभी संबंधित व्यापारियों एवं संगठन के सदस्यों से सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।

"13 संगठन, एक परिवार" की भावना के साथ आयोजित यह प्रांतीय महासम्मेलन प्रदेश के टेंट, कैटरिंग एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को एक मंच पर लाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


Share:

बंडा-शाहगढ़ शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, एक दर्जन मौतों के बाद 3 आबकारी अधिकारी और दो पुलिस अधिकारी निलंबित; 7 शराब दुकानें सील • विधायक शैलेंद्र जैन ने किया मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित • भाजपा जिला अध्यक्ष,सांसद और विधायक पहुंचे बीएमसी • कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

बंडा-शाहगढ़ शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, एक दर्जन मौतों के बाद 3 आबकारी अधिकारी और दो पुलिस अधिकारी निलंबित; 7 शराब दुकानें सील

• विधायक शैलेंद्र जैन ने किया मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित

• भाजपा जिला अध्यक्ष,सांसद और विधायक पहुंचे बीएमसी

• कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026




सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली/नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


प्रशासन के अनुसार बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में शराब सेवन के बाद एक दर्जन लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कुछ लोगों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।


डिप्टी CM जगदीश देवड़ा ने ली जानकारी


उप-मुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच के साथ पीड़ितों के उपचार और राहत की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


डिप्टी सीएम ने कहा कि बंडा में जहरीली शराब से कुछ लोगों की मृत्यु हुई है और कुछ लोग उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


7 शराब दुकानें सील, सैंपलिंग के निर्देश


घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील कर दिया है। साथ ही शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।


तीन आबकारी अधिकारी निलंबित, दो पुलिस अधिकारी भी


शराब कांड को लेकर राज्य शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। 10 लोगों की मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है।


इनमें सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती शामिल हैं ।इसके अलावा उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है।

इसके अतिरिक्त गूगरा चौकी प्रभारी तथा बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित किया गया है।


मौके पर पहुंचे कमिश्नर, IG, कलेक्टर और SP


घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


प्रशासन की लोगों से अपील


प्रशासन ने शराब का सेवन करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो वह तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर जांच और उपचार कराए।प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ये रही मृतको की सूची

1. गोलू उर्फ चमन  लोधी पिता साहब सिंह उम्र 45 वर्ष  निवासी ग्राम गूगरा खुर्द (इसे कैंसर की शिकायत भी थी )

2. ⁠दिग्विजय पिता देवेंद्र लोधी उम्र 28 ग्राम नौराज 

3. ⁠करतार सिंह पिता जोधन लोधी उम्र 30 ग्राम नौराज 

4. उजयार सिंह पिता विजय सिंह लोधी उम्र 56 निवासी ग्राम गुगरा खुर्द

5. ⁠रोशन लोधी पिता जगन्नाथ उम्र 30 निवासी ग्राम पाटन थाना विनायका 

6. राजेंद्र पिता मूरत लोधी उम्र 32 ग्राम नौराज गूगरा

7. ⁠⁠हरनाम पिता घनश्याम राय उम्र 42 ग्राम चौका 

8. ⁠⁠उत्तम नत्थू नायक उम्र 42 ग्राम ग्राम दलपतपुर 

9. ⁠सुमेर सिंह दांगी पिता पूरन उम्र 47 ग्राम बमूरा 

10. ⁠राजकुमार लोधी पिता नन्नई लोधी उम्र 47 ग्राम बमूरा

11. ⁠सुरेंद्र अहिरवार पिता शुख़लाल उम्र 35 ग्राम लिधौरा (बमूरा में शराब शेवन की)


सागर बीएमसी अस्पताल रेफर:-


1. धनसिंह पिता पद्म आदिवासी उम्र 30 ग्राम हिनौता

2. ⁠मख्खन पिता अनरथ गुगरा 

3. ⁠मंगल रजक पिता अनरथ रजक उम्र 40 ग्राम गूगरा खुर्द 

4. ⁠परम आदिवासी पिता रणसिंह आदिवासी ग्राम हिनौता

5. ⁠चंद्राभान पिता भगुंत लोधी उम्र 48 ग्राम नौराज 

6. ⁠अजय पिता नत्थू लोधी उम्र 30 नौराज 

7. ⁠विनोद पिता कलू उम्र 50 गुगरा 

8. ⁠राघवेंद्र पिता किशोर लोधी उम्र 32 ग्राम नौराज


बंडा की दुखद घटना के पीड़ितों के बीच पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष, सांसद, विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष



Share:

www.Teenbattinews.com

Archive