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BTIRT Sagar Entrepreneurship Workshop: एमएसएमई विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए स्टार्टअप और उद्यमिता के गुर

बीटीआईआरटी सागर में उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, स्टार्टअप और इनोवेशन की दी जानकारी



तीनबत्ती न्यूज: 18 जुलाई, 2026

सागर। सागर संभाग के नैक मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT), सागर के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, भोपाल के सहयोग से उद्यमिता विकास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला "वर्कशॉप ऑन एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट" का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें स्टार्टअप, व्यवसाय स्थापना, वित्तीय सहायता, नवाचार और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संस्थान के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले एवं डॉ. जयंत दुबे ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का परिचय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी ने दिया।

कार्यशाला में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, भोपाल से आए वरिष्ठ इंजीनियर देवेंद्र कुमार परोहा तथा इंजीनियर (ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट) देवेंद्र कुमार सहगल ने विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास, स्टार्टअप की चुनौतियां, व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय सहयोग, इनोवेशन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया।



कार्यक्रम बीटीआईआरटी के सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें सभी संकायों के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले ने अतिथि विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा विद्यार्थियों से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बीटी समूह ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन श्री संतोष कुमार जैन 'खंडी', सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार जैन, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह एवं समूह सलाहकार डॉ. सुबोध कुमार जैन ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।


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छतरपुर: फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर प्राथमिक शिक्षक की नौकरी निरस्त, मेडिकल बोर्ड में केवल 23% दिव्यांगता

छतरपुर: फर्जी दिव्यांगता का मामला, जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक की सेवा की निरस्त


तीनबत्ती न्यूज: 05 जुलाई, 2026

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ दिव्यांग आरक्षण के तहत नियुक्त एक प्राथमिक शिक्षक की सेवा को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई शिक्षक की दिव्यांगता प्रतिशत मानक से काफी कम पाए जाने के बाद की गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​डीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दमोह जिले की बटियागढ़ तहसील के ग्राम लुकायन (पोस्ट बकायन) निवासी सुरेंद्र पटेल (पिता श्री ऋषि कुमार पटेल, रोल नंबर 22769673) की नियुक्ति 30 मार्च 2023 को शासकीय केंद्रीय प्राथमिक शाला, बक्सवाहा में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुई थी। सुरेंद्र पटेल को यह नियुक्ति दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत श्रवण बाधित (HH - Hearing Handicapped) कोटे से मिली थी।

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​जांच में खुली पोल: केवल 23% पाई गई दिव्यांगता

​नियुक्ति आदेश के प्रावधानों के तहत जब संबंधित शिक्षक का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया गया, तो मामला संदिग्ध पाया गया। जिला मेडिकल बोर्ड, छतरपुर द्वारा मामला संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर को रेफर किया गया था।

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​संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर द्वारा 18 जून 2026 को प्रस्तुत की गई प्रमाणीकरण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि सुरेंद्र पटेल की श्रवण बाधित दिव्यांगता केवल 23 प्रतिशत ही है। इसके साथ ही मेडिकल बोर्ड ने उन्हें शासकीय सेवा के लिए 'अनफिट' प्रतिवेदित किया।

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नियम क्या कहता है?

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के नियमों और शासकीय प्रावधानों के अनुसार, दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी में कम से कम 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता होना अनिवार्य है। सुरेंद्र पटेल की दिव्यांगता निर्धारित न्यूनतम सीमा से 17% कम पाई गई।


​सुनवाई में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब

​मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा अभ्यर्थी सुरेंद्र पटेल को 29 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने (सुनवाई का) अवसर दिया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिक्षक अपनी दिव्यांगता के संबंध में कोई ठोस या संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर सके।

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​तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त

​शिक्षक द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक न होने और दिव्यांग श्रेणी में पात्रता की शर्तों को पूरा न करने के कारण, जिला शिक्षा अधिकारी (और डिप्टी कलेक्टर) कौशल सिंह ने आदेश जारी कर सुरेंद्र पटेल की प्राथमिक शिक्षक पद पर की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।

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MP News: स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश

MP School Education: 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश : मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दी बधाई


तीनबत्ती न्यूज: 04 जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने 3 और 4 जुलाई को आदेश जारी करते हुए विभिन्न विषयों एवं खेल, गायन-वादन तथा नृत्य के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की है। दो साल बाद शिक्षकों को नियुक्ति आदेश मिल रहे है। 

विभाग के अनुसार 4,067 माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनमें हिन्दी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल तथा गायन-वादन विषय शामिल हैं। वहीं 950 प्राथमिक शिक्षकों को खेल, नृत्य एवं गायन-वादन के पदों पर नियुक्ति दी गई है।

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नव-नियुक्त शिक्षक अपने ज्ञान, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली से प्रदेश के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और समाज के भविष्य को दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।


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BTIRT सागर के विद्यार्थियों का भोपाल IT कंपनी और सांची का शैक्षणिक भ्रमण

BTIRT सागर के विद्यार्थियों ने भोपाल की आईटी कंपनी और सांची का किया शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण

46 छात्रों ने आईटी इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली समझी, सांची स्तूप में जाना भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्व


तीनबत्ती न्यूज | 04 जुलाई 2026

सागर। संभाग के प्रतिष्ठित एवं NAAC मान्यता प्राप्त बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT), सागर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण (Educational & Industrial Visit) का सफल आयोजन किया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भोपाल स्थित Soluzione IT Software Company तथा विश्व धरोहर सांची स्तूप (Sanchi Stupa) का भ्रमण कर तकनीकी और ऐतिहासिक दोनों प्रकार का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

इस औद्योगिक भ्रमण में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (AI-ML) तथा साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security) शाखाओं के कुल 46 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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आईटी इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को करीब से समझा

भोपाल स्थित Soluzione IT Software Company में आयोजित इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान कंपनी की डायरेक्टर डॉ. मोनिका विश्वकर्मा एवं एचआर मिस रियांका विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को आईटी उद्योग की कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल (Software Development Life Cycle-SDLC), कॉर्पोरेट संस्कृति और वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं से अवगत कराया।



उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ Communication Skills, Innovation, Teamwork तथा Continuous Learning के महत्व को समझाते हुए बेहतर करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया।

कंपनी के विशेषज्ञों ने आधुनिक Software Development, Web Development, Mobile Application Development, Project Execution एवं नवीनतम तकनीकों (Latest Technologies) की व्यावहारिक जानकारी भी साझा की, जिससे विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यशैली को समझने का अवसर मिला।



सांची स्तूप में जाना भारतीय संस्कृति और इतिहास

औद्योगिक भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का भ्रमण किया। यहां उन्होंने भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत, प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया।

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इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण का सफल संचालन  शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. पूनम भारतीय एवं  आकाश वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं छात्र समन्वयक साक्षी जैन एवं आंचल सोलंकी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संस्थान प्रबंधन ने दी शुभकामनाएं

संस्थान के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले ने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हैं और उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को उद्योगों से निरंतर जुड़कर नई तकनीकों को सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

संस्था के सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समय-समय पर ऐसे शैक्षणिक एवं औद्योगिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

संस्था के चेयरमैन संतोष जैन 'घड़ी' ने विद्यार्थियों एवं विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों को रोजगार और उत्कृष्ट करियर के लिए बेहतर रूप से तैयार करता है। उन्होंने भविष्य में भी उद्योग-अकादमिक (Industry-Academia) सहयोग को बढ़ावा देने वाले ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।

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