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अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश

अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर :शासकीय सांदीपनि महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक–1, सागर में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक आदित्य कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण सागर संभाग के संयुक्त संचालक (एस.पी. सिंह बिसेन) द्वारा 17 अगस्त 2026 को इस संबंध में औपचारिक निलंबन आदेश जारी किया गया।

बिना अनुमति वीडियो बनाना और अमर्यादित आचरण

प्राप्त आदेश के अनुसार, शिक्षक आदित्य कुमार पांडे पर आरोप है कि वे अध्यापन के दौरान छात्राओं का वीडियो बनाकर बिना अनुमति के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट करते थे। इसके अतिरिक्त, प्राचार्य के साथ पारिवारिक विवाद के चलते स्कूल परिसर में आए दिन अनुशासनहीनता और विवाद की स्थिति निर्मित करते थे। छात्राओं, अभिभावकों तथा साथी शिक्षकों ने भी उनके खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।



समीक्षा बैठक में की अमर्यादित बयानबाजी

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की टीम (सहायक संचालक रंजन शर्मा के नेतृत्व में) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षक देरी से पहुंचे। सामाजिक विज्ञान का परीक्षा परिणाम कम आने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। जांच में उनके ऊपर लगे सभी आरोप सही पाए गए।

छेड़छाड़ और BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज

शिक्षक पर गोपालगंज थाना (सागर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75, 15(1)(i), 296(A) के तहत छेड़छाड़ का मामला दर्ज (FIR क्रमांक-266, दिनांक 10-06-2026) किया गया है। 20 जुलाई 2026 को माननीय JMFC न्यायालय सागर में इसका चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

निलंबन अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय 'कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सागर जिला-सागर' नियत किया गया है।  नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026

सागर । कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों से आत्मीयता से बातचीत की और बच्चों से पहाड़ा सुना।

बच्चों ने बेझिझक होकर कलेक्टर के सामने पहाड़ा सुनाया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उनका उत्साहवर्धन किया और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, वे नियमित रूप से स्कूल आते हैं या नहीं और विद्यालय में मिलने वाला भोजन ठीक से करते हैं या नहीं। बच्चों से हुई इस आत्मीय बातचीत से विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

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MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं परीक्षा की समय-सारणी जारी, 17 फरवरी से परीक्षाएं

MP Board Exam Time Table 2027: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की समय-सारणी जारी


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं की आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी है। जारी कार्यक्रम के अनुसार दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं नियमित एवं स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए होंगी।


कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से शुरू होकर 19 मार्च 2027 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से प्रारंभ होकर 18 मार्च 2027 को समाप्त होंगी।

कक्षा 12वीं का परीक्षा कार्यक्रम

12वीं की पहली परीक्षा 17 फरवरी को बायोटेक्नोलॉजी, गायन वादन तथा तबला पखावज विषयों की होगी। इसके बाद 18 फरवरी को उर्दू एवं मराठी, 20 फरवरी को संस्कृत, 22 फरवरी को NSQF के समस्त विषय, शारीरिक शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी।

23 फरवरी को हिंदी, 24 फरवरी को ड्राइंग एंड डिजाइनिंग, 25 फरवरी को मनोविज्ञान और 26 फरवरी को अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 1 मार्च को इनफॉर्मेटिक प्रैक्टिसेस तथा 3 मार्च को समाज शास्त्र की परीक्षा निर्धारित है।

4 मार्च को भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, एनिमल हस्बैंड्री मिल्क ट्रेड, विज्ञान के तत्व तथा भारतीय कला का इतिहास विषयों की परीक्षा होगी। 8 मार्च को बायोलॉजी और 11 मार्च को राजनीति शास्त्र की परीक्षा होगी।

13 मार्च को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन सहित विभिन्न विषयों की परीक्षा होगी। 16 मार्च को गणित, 17 मार्च को कृषि, होम साइंस एवं एकाउंटेंसी तथा 19 मार्च को भूगोल, क्रॉप प्रोडक्शन, स्टिल लाइफ एंड डिजाइन एवं शरीर रचना क्रिया-विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषयों की परीक्षा होगी।



कक्षा 10वीं का परीक्षा कार्यक्रम


कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। पहले दिन मराठी, गुजराती, पंजाबी और सिंधी की परीक्षा होगी। इसी दिन मूक-बधिर तथा दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, गायन वादन, तबला पखावज एवं कंप्यूटर विषयों की विशेष परीक्षा भी निर्धारित है।

25 फरवरी को NSQF के समस्त विषय एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी। 27 फरवरी को उर्दू, 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित (स्टैंडर्ड/बेसिक), 9 मार्च को अंग्रेजी और 12 मार्च को संस्कृत की परीक्षा होगी।

इसके बाद 15 मार्च को विज्ञान तथा 18 मार्च को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

परीक्षा का समय और महत्वपूर्ण निर्देश

मंडल द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा प्रारंभ होने से निर्धारित समय पूर्व पहुंचना होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र और मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी अवश्य जांच लें।

MP Board Exam Time Table 2027 की पूरी जानकारी ऊपर जारी आधिकारिक समय-सारणी में देखी जा सकती है।

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अनुशासनहीनता के आरोप में प्राचार्य निलंबित : छात्राओं ने की थी शिकायत: प्राचार्य करते थे बालिका टायलेट का उपयोग : सागर कमिश्नर अनिल सुचारी ने की कार्रवाई

छतरपुर : ईशानगर स्कूल के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति निलंबित, अनुशासनहीनता के आरोपों पर संभागायुक्त ने की कार्रवाई


तीनबत्ती न्यूज : 09 अगस्त 2026

सागर । सागर संभागायुक्त  अनिल सुचारी ने छतरपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को अनुशासनहीनता के आरोपों पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छतरपुर कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद की गई। स्कूल की छात्राओं और कर्मचारियों ने प्राचार्य की शिकायत की थी।

प्राचार्य श्री प्रजापति के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की जांच जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर द्वारा गठित जांच समिति से कराई गई थी। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, सागर संभाग के 15 जुलाई 2026 को छतरपुर प्रवास के दौरान भी प्राचार्य के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी।

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वीडियो देखने क्लिक करे

सागर में ट्रेन आने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक, QRF जवानों ने धक्का लगाकर टाला बड़ा हादसा

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जांच में सामने आए गंभीर आरोप

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालय में पुरुष टॉयलेट उपलब्ध होने के बावजूद प्राचार्य द्वारा बालिका टॉयलेट का उपयोग किया जाना पाया गया। इसके अलावा संस्था में पदस्थ महिला कर्मचारियों को परेशान करने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोपों से जुड़े तथ्य भी जांच में सामने आए।

जांच में अन्य कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, कर्मचारियों का अकारण वेतन रोकने तथा शासकीय योजनाओं की मुखालफत करने संबंधी तथ्य भी पाए गए।

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प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए प्राचार्य

छतरपुर कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के अवलोकन के बाद संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने श्री बसंत लाल प्रजापति को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया। उनके कृत्यों को पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का द्योतक माना गया।

संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

मामले में संभागायुक्त ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर, जिला छतरपुर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि के दौरान श्री प्रजापति का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला छतरपुर निर्धारित किया गया है।

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मुरैना में 65 हजार वेतन वाले हेडमास्टर ने 4500 में रखी प्राइवेट शिक्षिका, DEO निरीक्षण में खुलासा : नोटिस जारी

मुरैना: किराए का टीचर : 65 हजार वेतन पाने वाले हेडमास्टर ने 4500 में रखी प्राइवेट टीचर, DEO के औचक निरीक्षण में खुलासा


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त, 2026

मुरैना। मध्य प्रदेश सागर : मध्यप्रदेश में  सरकारी शिक्षा व्यवस्था भाड़े पर है। ताजा मामला मुरैना जिले से सामने आया है। मुरैना जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। शनिवार, 8 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया ने कैलारस विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं।

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सागर में भी थे किराए के शिक्षक पढ़ने क्लिक करे

सागर में स्कूल में किराए पर पढ़ाई कराने वाले शिक्षको और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर एक्शन ▪️डीईओ ,डीपीसी, बीईओ, संकुल प्राचार्य को कारण बताओं नोटिस ▪️तीन जन शिक्षक , पांच शिक्षक निलंबित ▪️अपने स्थान पर अन्य किराए के शिक्षक को नियुक्त करने का मामला

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SAGAR: सरकारी स्कूलों में भाड़े के शिक्षक रखने वाले पांच शिक्षक सेवा से बर्खास्त : कलेक्टर ने की कार्यवाही

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SAGAR : भाड़े पर शिक्षक मामले में एक बीआरसी और दो विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कमिश्नर सागर ने किया सस्पेंड ▪️तीन जन शिक्षक और पांच शिक्षक पहले हो चुके है सस्पेंड

हाजिरी लगाकर गायब होते थे हेडमास्टर

निरीक्षण के दौरान स्कूल के हेडमास्टर अमर लाल रावत गैरहाजिर मिले। जांच में सामने आया कि हेडमास्टर साहब स्कूल में केवल अपनी हाजिरी (अटेंडेंस) लगाने आते थे और उसके बाद वहां से चले जाते थे।


(डीईओ के साथ प्राईवेट शिक्षक)

4,500 रुपये में किराए पर रखी थी प्राइवेट शिक्षिका

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार हेडमास्टर को बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रतिमाह 65 हजार रुपये का वेतन मिलता है। हालांकि, उन्होंने खुद पढ़ाने के बजाय बच्चों को पढ़ाने के लिए एक निजी महिला शिक्षिका को रखा हुआ था, जिसे वे अपने पास से महज 4,500 रुपये महीना देते थे।

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स्कूल पर नहीं लगा था साइन बोर्ड

निरीक्षण में DEO को स्कूल भवन पर कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा मिला। स्थिति यह थी कि बाहर से देखकर यह पहचान पाना भी मुश्किल था कि उस भवन में कोई शासकीय प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है।

DEO ने बनाया वीडियो, कारण बताओ नोटिस जारी

जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने मौके की स्थिति का खुद वीडियो बनाया और मामले को गंभीरता से लेते हुए हेडमास्टर अमर लाल रावत को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है।

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एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, विश्वविद्यालय ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्यवाही



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोपों से घिरे बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्री भागवत (Shree Bhagwat) को विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. भगवान वर्तमान में स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन के पद पर कार्यरत थे।

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विश्वविद्यालय द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, डॉ. भागवत की प्रारंभिक नियुक्ति 16 अप्रैल 2005 को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पद पर लेक्चरर के रूप में हुई थी। उनके द्वारा प्रस्तुत एससी प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी।

कमेटी ने बताई ये प्रारंभिक बातें

विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया है कि 30 जुलाई 2026 को गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 5 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। कमेटी के रिकॉर्ड परीक्षण में प्रथम दृष्टया पाया गया कि—

  • डॉ. भागवत की नियुक्ति अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर हुई थी।
  • रिकॉर्ड में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध स्थायी एससी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिला।
  • उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र का संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारी के रिकॉर्ड से सत्यापन नहीं हो सका।
  • संबंधित प्राधिकारियों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया डॉ. भागवत के उत्तर प्रदेश की बिंद समुदाय, जिसे वहां अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में बताया गया है, से संबंधित होने की बात सामने आई।
  • कमेटी ने प्रथम दृष्टया माना कि एससी आरक्षण के आधार पर नियुक्ति अमान्य अथवा गलत जाति दावे पर प्राप्त किए जाने की आशंका है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की थी। साथ ही, यदि सक्षम प्राधिकारी यह संतुष्ट होता है कि नियुक्ति गलत जाति दावे के आधार पर प्राप्त की गई थी तो अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिपोर्ट पर विचार करने के बाद आरोपों को गंभीर और कर्मचारी की एससी आरक्षित पद पर नियुक्ति की पात्रता से जुड़ा हुआ माना। आदेश में यह भी कहा गया कि डॉ. भगवान के डीन पद पर बने रहने से अनुशासनात्मक जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

जांच पूरी होने तक निलंबन

विश्वविद्यालय ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत डॉ. श्री भागवत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर रहेगा और वे सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते मिलेंगे। साथ ही, बिना पूर्व अनुमति विश्वविद्यालय के किसी कार्यालय या प्रशासनिक अनुभाग में प्रवेश पर भी रोक रहेगी, सिवाय अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में आवश्यकता होने पर।

अंतिम निर्णय अनुशासनात्मक जांच के बाद

विश्वविद्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक (prima facie) निष्कर्षों के आधार पर की गई है। मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) द्वारा लिया जाएगा।

प्रो. भागवत का पक्ष:

​इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए डॉ. भागवत ने कहा, "मैं लगातार विवि में हो रही गड़बड़ियों और गलतियों के खिलाफ बोलता रहा हूँ। इसीलिए बदले की भावना के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस द्वेषपूर्ण कार्रवाई में केवल 8 दिनों के भीतर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मेरा पक्ष तक नहीं सुना गया।"


अन्य नियुक्तियों की शिकायतों पर उठते सवाल

​इस निलंबन के बाद विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आमतौर पर महीनों और सालों तक फाइलों को दबाकर रखने वाला प्रशासन इस मामले में मात्र 8 दिनों के भीतर जांच से लेकर निलंबन तक की प्रक्रिया पूरी करने में 'एक्सप्रेस रफ्तार' से चला।



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सागर संभाग के स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, 17 सितंबर को मनाया जाएगा जनजागृति संकल्प दिवस • वैचारिक स्वच्छता अभियान को मिली सफलता

वैचारिक स्वच्छता अभियान की सफलता:: सागर संभाग के सभी स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, प्रतिदिन दिलाई जाएगी गाली न देने की शपथ

• 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस', संयुक्त शिक्षा संचालक ने जारी किए आदेश


डॉ. वंदना गुप्ता – वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं 'नो एब्यूज' अभियान की प्रेरक



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। वर्ष 2018 से डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा संचालित 'वैचारिक स्वच्छता अभियान' को बड़ी प्रशासनिक मान्यता मिली है।समाज से "माँ-बहन-बेटी की गालियों" जैसी अमर्यादित एवं महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को समाप्त कर सम्मानजनक एवं संस्कारित संवाद की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 'नो एब्यूज' (No Abuse) जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में प्रचलित माँ, बहन और बेटी से संबंधित अपमानजनक गालियों के प्रयोग को रोकना तथा सम्मानजनक एवं संस्कारित भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

यह रहा आदेश

सागर संभाग के स्कूलों में 'नो एब्यूज' अभियान के लिए संयुक्त शिक्षा संचालक का आदेश

जारी आदेश के अनुसार संभाग के सभी विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर "No Abuse" अथवा "माँ, बहन, बेटी की गालियाँ बंद हों" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे कि वे जीवन में कभी भी माँ, बहन और बेटी से संबंधित गालियों का प्रयोग नहीं करेंगे।

17 सितंबर को होगा विशेष आयोजन

आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को "नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों में भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण एवं अन्य जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की पहल

आदेश में कहा गया है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय है। इससे न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है।

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सभी अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

संयुक्त शिक्षा संचालक द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि सागर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षा केंद्रों, संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों तथा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

डॉ. वंदना गुप्ता ने जताया आभार

वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे जनजागरण, सामाजिक सहयोग और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और संस्कारित सामाजिक वातावरण के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में इस अभियान को पूरे प्रदेश और देश में विस्तार देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु

  • सागर संभाग के सभी विद्यालयों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान।
  • स्कूलों में "No Abuse" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे गाली न देने का संकल्प।
  • हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस'।
  • भाषण, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित।
  • अभियान को वैचारिक स्वच्छता और नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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BTIRT Sagar Entrepreneurship Workshop: एमएसएमई विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए स्टार्टअप और उद्यमिता के गुर

बीटीआईआरटी सागर में उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, स्टार्टअप और इनोवेशन की दी जानकारी



तीनबत्ती न्यूज: 18 जुलाई, 2026

सागर। सागर संभाग के नैक मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT), सागर के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, भोपाल के सहयोग से उद्यमिता विकास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला "वर्कशॉप ऑन एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट" का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें स्टार्टअप, व्यवसाय स्थापना, वित्तीय सहायता, नवाचार और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संस्थान के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले एवं डॉ. जयंत दुबे ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का परिचय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी ने दिया।

कार्यशाला में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, भोपाल से आए वरिष्ठ इंजीनियर देवेंद्र कुमार परोहा तथा इंजीनियर (ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट) देवेंद्र कुमार सहगल ने विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास, स्टार्टअप की चुनौतियां, व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय सहयोग, इनोवेशन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया।



कार्यक्रम बीटीआईआरटी के सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें सभी संकायों के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले ने अतिथि विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा विद्यार्थियों से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बीटी समूह ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन श्री संतोष कुमार जैन 'खंडी', सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार जैन, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह एवं समूह सलाहकार डॉ. सुबोध कुमार जैन ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।


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छतरपुर: फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर प्राथमिक शिक्षक की नौकरी निरस्त, मेडिकल बोर्ड में केवल 23% दिव्यांगता

छतरपुर: फर्जी दिव्यांगता का मामला, जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक की सेवा की निरस्त


तीनबत्ती न्यूज: 05 जुलाई, 2026

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ दिव्यांग आरक्षण के तहत नियुक्त एक प्राथमिक शिक्षक की सेवा को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई शिक्षक की दिव्यांगता प्रतिशत मानक से काफी कम पाए जाने के बाद की गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​डीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दमोह जिले की बटियागढ़ तहसील के ग्राम लुकायन (पोस्ट बकायन) निवासी सुरेंद्र पटेल (पिता श्री ऋषि कुमार पटेल, रोल नंबर 22769673) की नियुक्ति 30 मार्च 2023 को शासकीय केंद्रीय प्राथमिक शाला, बक्सवाहा में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुई थी। सुरेंद्र पटेल को यह नियुक्ति दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत श्रवण बाधित (HH - Hearing Handicapped) कोटे से मिली थी।

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​जांच में खुली पोल: केवल 23% पाई गई दिव्यांगता

​नियुक्ति आदेश के प्रावधानों के तहत जब संबंधित शिक्षक का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया गया, तो मामला संदिग्ध पाया गया। जिला मेडिकल बोर्ड, छतरपुर द्वारा मामला संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर को रेफर किया गया था।

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​संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर द्वारा 18 जून 2026 को प्रस्तुत की गई प्रमाणीकरण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि सुरेंद्र पटेल की श्रवण बाधित दिव्यांगता केवल 23 प्रतिशत ही है। इसके साथ ही मेडिकल बोर्ड ने उन्हें शासकीय सेवा के लिए 'अनफिट' प्रतिवेदित किया।

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नियम क्या कहता है?

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के नियमों और शासकीय प्रावधानों के अनुसार, दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी में कम से कम 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता होना अनिवार्य है। सुरेंद्र पटेल की दिव्यांगता निर्धारित न्यूनतम सीमा से 17% कम पाई गई।


​सुनवाई में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब

​मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा अभ्यर्थी सुरेंद्र पटेल को 29 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने (सुनवाई का) अवसर दिया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिक्षक अपनी दिव्यांगता के संबंध में कोई ठोस या संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर सके।

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​तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त

​शिक्षक द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक न होने और दिव्यांग श्रेणी में पात्रता की शर्तों को पूरा न करने के कारण, जिला शिक्षा अधिकारी (और डिप्टी कलेक्टर) कौशल सिंह ने आदेश जारी कर सुरेंद्र पटेल की प्राथमिक शिक्षक पद पर की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।

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MP News: स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश

MP School Education: 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश : मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दी बधाई


तीनबत्ती न्यूज: 04 जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने 3 और 4 जुलाई को आदेश जारी करते हुए विभिन्न विषयों एवं खेल, गायन-वादन तथा नृत्य के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की है। दो साल बाद शिक्षकों को नियुक्ति आदेश मिल रहे है। 

विभाग के अनुसार 4,067 माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनमें हिन्दी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल तथा गायन-वादन विषय शामिल हैं। वहीं 950 प्राथमिक शिक्षकों को खेल, नृत्य एवं गायन-वादन के पदों पर नियुक्ति दी गई है।

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नव-नियुक्त शिक्षक अपने ज्ञान, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली से प्रदेश के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और समाज के भविष्य को दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।


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BTIRT सागर के विद्यार्थियों का भोपाल IT कंपनी और सांची का शैक्षणिक भ्रमण

BTIRT सागर के विद्यार्थियों ने भोपाल की आईटी कंपनी और सांची का किया शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण

46 छात्रों ने आईटी इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली समझी, सांची स्तूप में जाना भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्व


तीनबत्ती न्यूज | 04 जुलाई 2026

सागर। संभाग के प्रतिष्ठित एवं NAAC मान्यता प्राप्त बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (BTIRT), सागर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण (Educational & Industrial Visit) का सफल आयोजन किया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भोपाल स्थित Soluzione IT Software Company तथा विश्व धरोहर सांची स्तूप (Sanchi Stupa) का भ्रमण कर तकनीकी और ऐतिहासिक दोनों प्रकार का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

इस औद्योगिक भ्रमण में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (AI-ML) तथा साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security) शाखाओं के कुल 46 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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आईटी इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को करीब से समझा

भोपाल स्थित Soluzione IT Software Company में आयोजित इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान कंपनी की डायरेक्टर डॉ. मोनिका विश्वकर्मा एवं एचआर मिस रियांका विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को आईटी उद्योग की कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल (Software Development Life Cycle-SDLC), कॉर्पोरेट संस्कृति और वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं से अवगत कराया।



उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ Communication Skills, Innovation, Teamwork तथा Continuous Learning के महत्व को समझाते हुए बेहतर करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया।

कंपनी के विशेषज्ञों ने आधुनिक Software Development, Web Development, Mobile Application Development, Project Execution एवं नवीनतम तकनीकों (Latest Technologies) की व्यावहारिक जानकारी भी साझा की, जिससे विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यशैली को समझने का अवसर मिला।



सांची स्तूप में जाना भारतीय संस्कृति और इतिहास

औद्योगिक भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का भ्रमण किया। यहां उन्होंने भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत, प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया।

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इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण का सफल संचालन  शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. पूनम भारतीय एवं  आकाश वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं छात्र समन्वयक साक्षी जैन एवं आंचल सोलंकी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संस्थान प्रबंधन ने दी शुभकामनाएं

संस्थान के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुसकेले ने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हैं और उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को उद्योगों से निरंतर जुड़कर नई तकनीकों को सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

संस्था के सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समय-समय पर ऐसे शैक्षणिक एवं औद्योगिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

संस्था के चेयरमैन संतोष जैन 'घड़ी' ने विद्यार्थियों एवं विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों को रोजगार और उत्कृष्ट करियर के लिए बेहतर रूप से तैयार करता है। उन्होंने भविष्य में भी उद्योग-अकादमिक (Industry-Academia) सहयोग को बढ़ावा देने वाले ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।

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