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मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक, स्टॉक मिलान पूरा होने तक नहीं बिकेगी अनुदानित खाद

मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक, स्टॉक मिलान पूरा होने तक नहीं बिकेगी अनुदानित खाद



तीनबत्ती न्यूज : 15 अगस्त 2026

सागर। खरीफ सीजन के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने 14 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रदेश में 14 अगस्त की शाम 7 बजे से आगामी आदेश तक अनुदानित उर्वरक की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं।

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विभाग के अनुसार यह निर्णय भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का Reconciliation (मिलान) करने के लिए लिया गया है। स्टॉक मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खाद की बिक्री दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।



सभी खाद बिक्री केंद्रों पर लागू रहेगा आदेश

विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोक की अवधि में विपणन संघ के बिक्री केंद्र, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों से किसी भी प्रकार की अनुदानित खाद की बिक्री नहीं की जाएगी। सभी संबंधित संस्थाओं और बिक्री केंद्रों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टरों और अधिकारियों को दी जिम्मेदारी

खाद के स्टॉक का मिलान कराने और आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टरों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि iFMS पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक और विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान कराया जाए।स्टॉक मिलान पूरा होने के बाद खाद की बिक्री को लेकर सरकार अगला निर्णय लेगी। फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिलान की प्रक्रिया कितने समय में पूरी होगी और खाद की बिक्री दोबारा किस तारीख से शुरू होगी।


किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ सीजन में खाद की मांग के बीच बिक्री पर रोक लगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर धान सहित खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को खाद की आवश्यकता बनी हुई है। किसानों को अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार है।

सरकार का कहना है कि स्टॉक का वास्तविक मिलान होने के बाद ही खाद वितरण व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अनुदानित उर्वरक की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

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खुरई में कृषि महाविद्यालय भवन के लिए 15 करोड़ जारी, नए आईटीआई और खाद उपलब्धता का मुद्दा भी विधानसभा में उठा

खुरई में कृषि महाविद्यालय भवन के लिए 15 करोड़ जारी, नए आईटीआई और खाद उपलब्धता का मुद्दा भी विधानसभा में उठा



तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश विधानसभा में खुरई विधानसभा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों को लेकर सरकार ने अहम जानकारी दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने बताया कि पंडित अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय, खुरई के नवीन भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए शासन द्वारा प्रथम किश्त के रूप में 15 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

मंत्री ने विधानसभा में दिए लिखित उत्तर में बताया कि महाविद्यालय भवन के प्रथम चरण और छात्रावास निर्माण के लिए वर्तमान में निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है। निविदा स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा तथा कार्य पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक एवं छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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यह प्रश्न खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में उठाया था। उन्होंने महाविद्यालय भवन, छात्रावास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की प्रगति और समय-सीमा की जानकारी मांगी थी। सरकार के जवाब से स्पष्ट हुआ कि परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

खुरई नए शासकीय आईटीआई की प्राथमिकता सूची में शामिल

कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा में बताया कि विभाग की नीति के अनुसार प्रत्येक विकासखंड में एक शासकीय आईटीआई स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है और खुरई विकासखंड भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल है।

विधायक भूपेन्द्र सिंह ने खुरई में नए शासकीय आईटीआई की स्वीकृति तथा मालथौन आईटीआई भवन के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था।

मंत्री ने बताया कि मालथौन आईटीआई भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाना है। फिलहाल परियोजना निविदा स्तर पर है। निविदा स्वीकृत होने, कार्यादेश जारी होने और अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन विकासखंडों में अभी तक शासकीय आईटीआई नहीं हैं, वहां चरणबद्ध तरीके से संस्थान स्थापित किए जाएंगे।


खाद उपलब्धता को लेकर भी विधानसभा में उठा सवाल

खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में किसानों को डीएपी, यूरिया एवं सुपर फॉस्फेट की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने सरकार से पूछा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में इन उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता क्या है, मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, कितने किसानों को टोकन जारी किए गए हैं और कितनी मात्रा में खाद वितरित की गई है।

विधायक ने कहा कि खेती के मौसम में किसानों को समय पर खाद मिलना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने सरकार का ध्यान क्षेत्र के किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की मांग की।


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