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सागर में गुरुपूजन महोत्सव की तैयारियां तेज: 23 जुलाई को संत राजेंद्रदास देवाचार्य का भव्य स्वागत, शहरभर में सजेंगे मंगल द्वार

सागर में गुरुपूजन महोत्सव की तैयारियां तेज, 23 जुलाई को संत राजेंद्रदास देवाचार्य का होगा भव्य स्वागत


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। गुरु भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के महापर्व गुरुपूजन महोत्सव को लेकर सागर में तैयारियां तेज हो गई हैं। मलूकपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में संतों के स्वागत की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं, जबकि शिष्य मंडल पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।

गुरुपूजन महोत्सव का आयोजन 23 जुलाई को प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक तिली रोड स्थित होटल रॉयल पैलेस, किला कोठी में किया जाएगा। आयोजन के दौरान दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारा भी शुरू होगा।

यह आयोजन अजब श्री सेवा समिति, अजब धाम एवं मलूक पीठ परिवार, जिला दमोह एवं सागर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन समिति प्रमुख प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में गुरु पूजन, आध्यात्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन तथा गुरु दीक्षा जैसे विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस अवसर पर संत राजेंद्रदास देवाचार्य एवं महंत श्री राम अनुग्रह दास (छोटे सरकार) सहित अनेक संतों का गुरु परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया जाएगा।

सानोंधा से निकलेगा स्वागत कारवां

आयोजकों के अनुसार संत श्री का स्वागत ग्राम सानोंधा से प्रारंभ होगा। वहां से स्वागत यात्रा बहेरिया, मकरोनिया, सिविल लाइन, तहसीली सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई आयोजन स्थल पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा, आरती और जयघोष के साथ संतों का अभिनंदन करेंगे। हरिनाम संकीर्तन और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।

शहरभर में सजेंगे मंगल द्वार

गुरुपूजन महोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों पर आकर्षक मंगल द्वार, स्वागत बैनर, धार्मिक ध्वज और पुष्प सज्जा की जाएगी। आयोजन स्थल को भी भव्य एवं आध्यात्मिक स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य वातावरण का अनुभव हो सके।

गुरु सेवा में जुटे श्रद्धालु

गुरु सेवा को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इसी भावना के साथ शिष्य मंडल स्वागत, भंडारा, जल सेवा और अन्य व्यवस्थाओं में पूरे समर्पण के साथ जुटा हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवा कार्यों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

इच्छुक श्रद्धालुओं को मिलेगी गुरु दीक्षा

आयोजन समिति प्रमुख प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि गुरु महाराज की आज्ञा के अनुसार इच्छुक श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा प्रदान की जाएगी। सनातन परंपरा में गुरु दीक्षा को आत्मिक जागरण और साधना के मार्ग का प्रथम चरण माना जाता है। इसके माध्यम से साधक को आध्यात्मिक जीवन की दिशा तथा गुरु कृपा का संरक्षण प्राप्त होता है।

-  डेस्क तीनबत्ती न्यूज

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