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जापानी इन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) के टीके लगेंगे बच्चो को▪️सागर में अभी तक मिले 6 बच्चे दिमागी बुखार के▪️सागर,भोपाल,इंदौर और होशंगाबाद जे ई टीकाकरण के लिए चिन्हित

जापानी इन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) के टीके लगेंगे बच्चो को
▪️सागर में अभी तक मिले 6 बच्चे दिमागी बुखार के
▪️सागर,भोपाल,इंदौर और होशंगाबाद जे ई टीकाकरण के लिए चिन्हित

तीनबत्ती न्यूज :  26 फरवरी 2024
सागर :
   जापानी इन्सेफलाइटिस (Japanese encephalitis ) (दिमागी बुखार) से बचाने बच्चो का टीकाकरण होगा। इसके आइए 27 फरवरी से अभियान शुरू होगा। एक साल से लेकर 15 साल के बच्चे का टीकाकरण होगा। मध्यप्रदेश के सागर,भोपाल,इंदौर और होशंगाबाद जे ई टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है। 


सागर में दिमागी बुखार के अभी तक 6 बच्चे मिले

जिला टीकाकरण अधिकारी सागर डॉ.एम. एल.जैन ने  जापानी इन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) के संबंध में मीडिया को बताया कि मध्य प्रदेश में 04 जिले इन्दौर, होशंगाबाद, भोपाल, सागर को जे.ई टीकाकरण हेतु चिन्हित किया है। विगत 6 वर्षो में सागर जिले में 06 बच्चे दिमागी बुखार से पीडित मिले थे।  अधिकाशतः एक वर्ष से 15 वर्ष की आयुवर्ग के बच्चों में जापानी ईसेंफंलाइटिस की बीमारी होनी की संभावना सबसे अधिक होने कारण शासन के निर्देशानुसार सागर जिले में जापानी ईसेंफंलाइटिस टीकाकरण  27 फरवरी 2024 से प्रारंभ किया जा रहा है ।

मच्छर से होती है बीमारी

उन्होंने बताया कि जापानी इन्सेफलाइटिस मच्छर जनित वायरस के कारण होने वाली बीमारी है। यह मूख्यतः क्यूलेक्स मच्छर (Culex tritaeniorhynchus) 
के काटने से फैलती है। संक्रमण से सिरदर्द या मेनिनजाइटिस (ब्रेन टिशू की सूजन) जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं । अन्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, गले में अकड़न, कपकपी, उल्टी और संक्रमण हैं । जे.ई पीड़ित व्यक्ति को झटके आते हैं बीमारी बढ़ने पर लकवे/कोमा में जाने की संभावना बढ़ जाती हे। पीड़ित बच्चों की दिमागी स्थिति असामान्य रहती हैं। गंभीर मामलों में या अनुपचारित छोड़ दिए जाने पर  जापानी इन्सेफेलाइटिस नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर मृत्यु का कारण बन सकता है।


आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में लगेंगे टीके

उल्लेखनीय है कि आगनंबाड़ी केन्द्रों में 1 से 6 साल के बच्चों का एवं शासकीय/प्राईवेट स्कूलों में 6 से 15 साल के बच्चों को जापानी इन्सेफलाइटिस का निःशुल्क टीका लगाया जायेगा।
इस अवसर पर डॉ.एम.एल.जैन ने खा कि पत्रकार बन्धुओं के सहयोग से आमजन तक जापानी इन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) होने के कारण, लक्षण, बचाव की जानकारी पहुंच सकेगी एवं जन-समुदाय तक टीकाकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हो सकेगा।




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SAGAR : एलिवेटेड कॉरिडोर से एक युवती ने लगाई छलांग: लोगो ने बचाया

SAGAR : एलिवेटेड कॉरिडोर  से एक युवती ने लगाई छलांग: लोगो ने बचाया

तीनबत्ती न्यूज : 26 फरवरी,2024
सागर :  सागर शहर के बस स्टैंड के पास बने एलिवेटेड कॉरिडोर से सोमवार की सुबह युवती ने छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही युवती को कूदते देखा तो अफरा-तफरी मच गई। लोग दौड़े और युवती को बचाने की मशक्कत शुरू की। कुछ लोग पानी में उतरे और युवती को सुरक्षित बाहर ले आए। पानी और जलकुंभी पर गिरने से घटना में युवती को चोट नहीं आई है।


पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की
घटना देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही गोपालगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। युवती के परिवार वालों को सूचना दी गई। परिवार वाले मौके पर पहुंचे। वे युवती को साथ लेकर घर के लिए रवाना हो गए। युवती पंतनगर क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है।एलिवेटेड कॉरिडोर से कूदने का कारण अज्ञात है। पुलिस ने मामला जांच में लिया है। 
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बता दें कि पिछले दो माह में एलिवेटेड कॉरिडोर से छलांग लगाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक युवक ने एलिवेटेड कॉरिडोर से छलांग लगाई थी। उसकी मौत हो गई थी।

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आचार्य श्री को साक्षात भगवान के रुप में देखा : मंत्री गोविंद राजपूत▪️आचार्य श्री विद्यासागर जी महराज को सामूहिक विनयांजलि

आचार्य श्री को साक्षात भगवान के रुप में देखा : मंत्री गोविंद राजपूत
▪️आचार्य श्री विद्यासागर जी महराज को सामूहिक विनयांजलि

तीनबत्ती न्यूज : 25 फरवरी,2024
सागर  :आप सोचते हैं गुरुदेव की याद में सब कर लेंगे तो यह संभव नहीं है द्रव्य में गुरु चाहिए, क्षेत्र में गुरु चाहिए, काल में गुरु चाहिए और भाव में भी गुरु चाहिए साता का उदय बना रहे गुरु के बिना यह संभव नहीं है आचार्य श्री विद्यासागर महाराज कहते थे सत्य शब्दों से नहीं चरित्र में दिखाई देना चाहिए यह बात मुनि श्री विनम्र सागर महाराज ने उनकी समाधि के उपरांत सामूहिक विनयांजलि सभा के अवसर पर भाग्योदय तीर्थ में कहीं।
विनयांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री आगम सागर महाराज ने कहा जो कुछ करते है वह सब गुरुदेव ज्ञान सागर महाराज करते हैं लेकिन 2009 में आचार्य श्री ने कहा कि इस बार भाग्योदय में डॉक्टर और वकीलों को जोड़ना है पंचकल्याणक के बाद मैंने कहा गुरुदेव एमआरआई मशीन और सीटी स्कैन मशीन आ गई यह सब आपकी कृपा से हुआ है तो गुरुदेव ने कहा मैं कुछ नहीं करता जो कुछ करते हैं वह आचार्य ज्ञान सागर जी करते हैं वे करते स्वयं थे लेकिन श्रेय कभी खुद नहीं लेते थे।आर्यिका गुरुमति माताजी और  आर्यिका दृढ़मति माताजी ने आचार्य श्री  के संस्मरण बताए।

आचार्य श्री को भारत रत्न मिलना चाहिए: गोविंद राजपूत

 गोविंद सिंह राजपूत ने भाग्योदय तीर्थ में आयोजित विनयांजलि सभा में कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की समाधि के उपरांत भारत रत्न मिलना चाहिए हालांकि उन्होंने कहा यह बात मैं नहीं हजारों लाखों करोड़ों लोग चाहते हैं। गुरुदेव के साथ कई बार मुझे विहार करने का अवसर प्राप्त हुआ है गुरुदेव की सोच दुर्लभ थी उन्होंने जीव मात्र की रक्षा के लिए हमेशा कार्य किया है एक बार विहार के दौरान रात्रि विश्राम जिस परिसर में होना था वहां पर बहुत मच्छर थे तो हम लोगों ने सोचा की आचार्य श्री कैसे रहेंगे लेकिन थोड़ी बात देर बाद वहां पहुंच कर देखा तो वहां पर ऐसा कुछ नहीं था आचार्य श्री के जन्म दिवस पर शरद पूर्णिमा पर मध्य प्रदेश शासन को अवकाश घोषित हो इसकी चर्चा में मुख्यमंत्री से करूंगा। 

पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा के आचार्य श्री को सतायु होना था रहली पटनागंज में कुंडलपुर से जब गुरुदेव आए थे उस समय स्वास्थ्य 8 दिन में ठीक हो गया था लेकिन बहुत दुर्बल हो गए थे आचार्य श्री ने उनसे कहा था कि आपके माता-पिता ने आपका नाम गोपाल रखा है तो गाय की सेवा करो जिससे आपका नाम चरितार्थ हो जाएगा गुरुदेव ने जो आदेश दिया उसका पालन किया और गढ़ाकोटा में 14 एकड़ जगह उन्होंने गौशाला के लिए दी ।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा डोंगरगढ़ में आचार्य श्री के दर्शन किए थे और गुरुदेव ने जीव दया पर बात की थी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा गुरुदेव के चरणों में आते थे और जैसे ही उन्हें गुरुदेव की समाधि का पता चला था दिल्ली में भाजपा के अधिवेशन में मोदी जी ने भरे मंच से भावांजलि दी थी गुरुदेव ने हमेशा विश्व कल्याण की बात की है भारत के कल्याण की बात की है कभी अन्य कोई मांग नहीं की है उनके लिए भारत रत्न छोटा होगा ।विश्व का नोबेल पुरस्कार का नमन कान हो इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।
जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया ने कहा संत सभी के थे आज भी विश्वास नहीं है कि गुरुदेव चले गए उनका बताया हुआ मार्ग हमेशा हम सबको प्रेरणा देता रहेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र समरसता प्रमुख सुनील देव ने कहा आचार्य श्री बिरले थे उन्होंने शिक्षा के प्रति, जीवन के प्रति, प्राणियों की सेवा के लिए जो प्रकल्प तैयार किए हैं वे हमेशा चलते रहेंगे उनके पास बैठकर अनुभूति होती थी। संघ के  डॉ जी एस चौबे ने कहा आचार्य श्री चलते-फिरते तीर्थ थे हमारे भगवान थे सब कुछ त्याग उन्होंने सब को जगा दिया।
 ये रहे मोजूद
कार्यक्रम को पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, योगाचार्य विष्णु आर्य, जेठा भाई पटेल, एस एस सूरी, राजेंद्र दुबे, वीरेंद्र मालथौन, पप्पू तिवारी, सफीक खान, फादर पाल, अनिल जैन नैनधरा, अशोक बालाजी,, जस्सी सरदार ,आशीष दिवेदी,आदि ने संबोधित किया और अपनी विनयांजलि दी। जिला पंचायत के अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, सागर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, सुधीर यादव, कमलेश साहू गढ़ाकोटा, प्रतिभा चौबे, चेतराम अहिरवार पार्षद शैलेश जैन,  मिश्रा, सुशील पांडे, धरणेरद्र जैन संदीप श्रीवास्तव के अलावा एकता समिति दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अर्हम, जैनम के सभी सदस्य उपस्थित थे ।
कार्यक्रम की शुरुआत अहिंसा जैन के मंगलाचरण से हुई भाग्योदय ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने दीप प्रज्जलन किया ।निर्माण समिति के सभी सदस्यों महेश बिलहरा, देवेंद्र जैना आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का संचालन मुकेश जैन ढाना और सुरेंद्र जैन ने किया।




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भारत को विश्व गुरु बनाने में स्वदेशी वस्तुओं की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका रहेगी : राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी

भारत को विश्व गुरु बनाने में स्वदेशी वस्तुओं की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका रहेगी : राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी

तीनबत्ती न्यूज :25 फरवरी,2024

सागर। रविवार को स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन, स्वदेशी जागरण मंच के तत्वाधान में आयोजित आठ दिवसीय स्वदेशी मेला का शुभारंभ राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक शैलेंद्र जैन, मेला संयोजक  कपिल मलैया, मेला संरक्षक भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केशरवानी, मेला सहसंयोजक रिशांक तिवारी एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।

स्वदेशी मेला की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन कर की गई। इसके पश्चात मेला प्रांगण में संतवाणी पं. बृजेश मिश्रा दिल्ली द्वारा भजन प्रस्तुति दी गई इसके साथ ही देश विदेश में प्रख्यात बाबा सत्यनारायण मौर्य एवं अन्य प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत एवं एक शाम देश के नाम जैसे गानों पर अपनी प्रस्तुति दी। राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने में स्वदेशी वस्तुओं की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फ़ॉर लोकल मिशन को चलाकर देश को एक नई दिशा प्रदान की है। उनकी इस मुहिम से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और अधिक से अधिक इसका उपयोग करने में इन मेलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी क्योंकि कहीं ना कहीं एक स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं की जानकारी मिल जाने से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वह इनका उपयोग भी कर सकेंगे जिससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि स्वदेशी उद्योग आत्मनिर्भरता की नींव हैं। सरकार  नए और उन्नत उद्योगों और तकनीक की स्थापना कर रही है। सरकार के साथ-साथ भारत जैसे प्रगतिशील देश के लोगों का भी कर्तव्य है कि वे भारत में बनी वस्तुएं खरीद कर देश की उन्नति और आत्मनिर्भरता में अपना योगदान दें। कपिल मलैया ने बताया कि हमारे आठ दिवसीय स्वदेशी मेला का आयोजन हो चुका है जिसमें प्रतिदिन अनेकों कार्यक्रम किए जाएंगे। मेले में ज्वेलरी, कपड़े, घरेलू सामग्री के स्टॉल मुख्य आकर्षण के केंद्र होंगे। मेला संरक्षक शैलेश केशरवानी ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं के जो उत्पाद हम खरीदते हैं उसका बड़ा हिस्सा राष्ट्र निर्माण में लगता है। इससे देश को मजबूती मिलती है।  सहसंयोजक रिशांक तिवारी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करता है तो वह देश के विकास में योगदान देता है। किसी भी वस्तु की बिक्री बढ़ाने के लिए उसका प्रचार-प्रसार किया जाता है। स्वदेशी वस्तुओं की तरफ अभी लोगों का कम आकर्षण है । 

इस अवसर पर डॉ. गौरीशंकर चौबे विभाग संघ चालक, विनोद नेमा सह प्रांत कार्यवाह महाकौशल प्रांत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ,  राजकुमारी शुक्ला प्रांत महिला प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच, प्रो. विकास सिंह प्रांत सह संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, आलोक सिंह चौहान प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, केशव जी दुबेलिया मध्यक्षेत्र संगठक स्वदेशी जागरण मंच, मध्यक्षेत्र समन्वयक स्वावलंबी भारत अभियान, प्रो. राघवेन्द्र प्रताप सिंह चंदेल अखिल भारतीय सह विचार प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच, जितेन्द्र शुक्ला अखिल भारतीय सह समन्वयक स्वावलंबी भारत अभियान, सुधीर दातें मध्यक्षेत्र संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, साकेत राठौर अखिल भारतीय सह मेला प्रमुख, सुनील देव क्षेत्र समरसता प्रमुख, धर्मेन्द्र गुप्ता जिला समन्वयक स्वावलबी भारत अभियान, भूपेन्द्र नायक प्रदेश मंत्री सहकार भारती, दीपक तिवारी विभाग संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, रज्जन अग्रवाल, मयंक तिवारी, प्रतिभा चौबे, विनय मलैया, अखिलेश समैया, सुनील सागर, सौरभ संधेलिया, सिद्धार्थ शुक्ला, सुष्मिता ठाकुर, विवेक सिंघई, नरेन्द्र साहू, अंजली दुबे, नितिन सोनी, कैलाश तिवारी, नितिन पटैरिया, रविंद्र ठाकुर, नवीन सोनी आदि उपस्थित थे। संचालन आदेश जैन ने किया।


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युवाओं ने सागर लाखा बंजारा झील के किनारों की सफाई की

युवाओं ने सागर लाखा बंजारा झील के किनारों की सफाई की

तीनबत्ती न्यूज : 25 फरवरी,224
सागर। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना अनुसार देश को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान के तहत रविवार को अमृत परियोजना "स्वच्छ जल, स्वच्छ मन" के अंतर्गत निरंकारी मिशन के वालंटियर्स ने अपने साथियों के साथ चैतन्य हॉस्पिटल के सामने संजय ड्राइव पर लाखा बंजारा झील के किनारे सफाई की। जिसमें सागर नगर निगम एवं सफाई मित्रों का सहयोग रहा। 

इस अवसर पर सागर को स्वच्छ बनाने का प्रण लिए फिल्म अभिनेता और समाजसेवी  रिशांक तिवारी ने अपनी टीम के साथ झील से जल कुंभी निकाल झील को साफ किया, इसके साथ ही झील के आसपास किनारे पर पड़ी प्लास्टिक्स की बॉटल, कचरा सहित गंदगी को भी साफ किया। इस दौरान श्री रिशांक तिवारी जी ने बताया कि यह कदम लोगों को जल के प्रति जागरूक करने के साथ भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और स्वच्छता इस जीवन का आधार है, यदि जल साफ और स्वच्छ रहेगा तो हमारा तन-मन दोनों स्वस्थ व स्वच्छ रहेंगे।




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तानाशाही समाप्ति और लोकतंत्र को बचाने न्याय यात्रा का समर्थन करे : सुरेन्द्र चौबे▪️सेवादल के झंडावंदन कार्यक्रम

तानाशाही समाप्ति और लोकतंत्र को बचाने न्याय यात्रा का समर्थन करे :  सुरेन्द्र चौबे
▪️सेवादल के झंडावंदन कार्यक्रम


तीनबत्ती न्यूज : 25 फरवरी,2024
सागर
: हर माह के अंतिम रविवार को शहर कांग्रेस परिवार शहर के अलग-अलग स्थानों पर ध्वजवंदन कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है,इसी श्रृंखला में फरवरी माह के इस अंतिम रविवार को सेवादल ने संत रविदास जी मंदिर,काकागंज वार्ड में ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित किया,ध्वजारोहण प्रदेश महासचिव एवं भोपाल के सहप्रभारी सुरेंद्र चौबे के कर कमलों से संपन्न हुआ‌। कार्यक्रम का आरंभ संत रविदास और आचार्य श्री विद्यासागर जी की पूजा अर्चना पश्चात् प्रारंभ हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौबे ने कहा कि 2 मार्च को मध्य प्रदेश की सीमा में राहुल गांधी जी की न्याय यात्रा प्रवेश कर रही है,जिसमें हम सब को सत्ताधारियों की तानाशाही समाप्ति के लिये और लोकतंत्र बचाने के लिये बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा,नहीं तो देश में चंडीगढ़ मेयर चुनाव जैसा होगा।

 सुरेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा में आचार्य श्री विद्यासागर जी के अहिंसा और त्याग और संत रविदास जी के विचारों का समावेश है।
कार्यक्रम का आयोजन शहर सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे ने और संचालन द्वारका चौधरी ने किया।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीण सेवादल अध्यक्ष महेश जाटव के पिताजी स्व.तुलसी राम जाटव(पूर्व पार्षद) ओर सेवादल की महिला कार्यकर्ता स्व.फूलाबाई के निधन पर मौन रखकर श्रृद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में युवक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल चौबे,यंग ब्रिगेड अध्यक्ष,सागर साहू, ओमकार साहू,हरिश्चंद्र सोनवार,रजिया खान,चमन अंसारी,नितिन पचौरी,कल्लू पटेल,आनंद हेला,अनिल चौधरी, भैयालाल अहिरवार, अंकुर यादव,सुरेश विश्वकर्मा,लल्ला यादव,परख शुक्ला, यश, शिव गोतम,प्रभात भंडारी,मुन्ना महाराज,मुकेश,राहुल रजक, पुष्पा रैकवार,मीरा अहिरवार,गीता अहिरवार, रीला अहिरवार,गेंदा अहिरवार,शांति अहिरवार,लक्ष्मी अहिरवार,ओरमा अहिरवार,गुलाब रानी,रानी अहिरवार, हनी अहिरवार,प्रवेश रानी, खुश्बू, ऊषा,निशा,राधिका,आरती,अनुष्का अहिरवार,राधा,लक्ष्मी आदि बड़ी संख्या में सेवादल परिवार जन उपस्थित रहे।




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राहुल गांधी की न्याय यात्रा में गुना पहुंचेंगे सागर के कार्यकर्ता : अमित राम जी दुबे

राहुल गांधी की न्याय यात्रा में गुना पहुंचेंगे सागर के कार्यकर्ता : अमित राम जी दुबे

तीनबत्ती न्यूज : 25 फरवरी,2024
सागर : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 2 मार्च को धौलपुर होते हुए मप्र के मुरैना में प्रवेश करेगी। सागर के लोग न्याय यात्रा में शामिल होने 4 मार्च को गुना पहुंचेंगे। न्याय यात्रा के शिवपुरी के प्रभारी पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमित राम जी दुबे को बनाया है। उन्होंने न्याय यात्रा के सिलसिले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से चर्चा की और निर्देश प्राप्त किए ।
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 कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमित रामजी दुबे ने बताया कि बुंदेलखंड से बड़ी तादाद में कांग्रेसी न्याय यात्रा में शामिल होंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को सामने रखकर देश की जनता भाजपा से इस लोकसभा चुनाव में हिसाब बराबर करेगी। युवाओं को पहले रोजगार चाहिए। केंद्र सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों का सहारा ले रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के साथ प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे।


उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी की न्याय यात्रा से कांग्रेसियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सरकारें तमाम हथकंडे अपना लें, लेकिन कांग्रेस की विचारधारा से नहीं लड़ सकतीं। 4 मार्च को गुना में न्याय यात्रा में पूरे बुंदेलखंड से कार्यकर्ता बड़ी तादाद में शामिल होने जा रहे हैं। इस संबंध में पीसीसी से निर्देश जारी हो चुके हैं। निर्देशों के परिपालन में जिला कांग्रेस जल्द ही बैठक बुलाकर तैयारी पर चर्चा करेगी।




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पूजा के बाद क्यों जरूरी है आरती ?आरती क्यों और कैसे की जाती है? जानिए नियम और इससे होने वाले फायदे

पूजा के बाद क्यों जरूरी है आरती ?
आरती क्यों और कैसे की जाती है? जानिए नियम और इससे होने वाले फायदे

तीनबत्ती न्यूज : 25 फरवरी,2024
PUJA VIDHI 

आरती को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। किसी भी पूजा का समापन हमेशा आरती से करने का मतलब यही है कि अब पूजन समाप्त हो गया है और हम भगवान से कुशलता की कामना करने वाले हैं। आरती करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी होती है।
हिन्दू धर्म मे पूजा उपरांत आरती करने का विशेष महत्त्व है इसके बिना कोई भी पूजा पूर्ण नही मानी जाती मान्यता के अनुसार जो त्रुटि पूजन में रह जाती है वह आरती में पूरी हो जाती है।
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स्कन्द पुराण में कहा गया है :-

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं यत् कृतं पूजनं हरे:।
सर्वं सम्पूर्णतामेति कृते निराजने शिवे।।

अर्थात – पूजन मंत्रहीन तथा क्रियाहीन होने पर भी नीराजन (आरती) कर लेने से उसमे सारी पूर्णता आ जाती है।

आरती करने का ही नहीं, देखने का भी बड़ा पूण्य फल प्राप्त होता है। हरि भक्ति विलास में एक श्लोक है-

नीराजनं च यः पश्येद् देवदेवस्य चक्रिण:।
सप्तजन्मनि विप्र: स्यादन्ते च परमं पदम।।
अर्थात – जो भी देवदेव चक्रधारी श्रीविष्णु भगवान की आरती देखता है, वह सातों जन्म में ब्राह्मण होकर अंत में परम् पद को प्राप्त होता है।

श्री विष्णु धर्मोत्तर में कहा गया है :-

धूपं चरात्रिकं पश्येत काराभ्यां च प्रवन्देत।
कुलकोटीं समुद्धृत्य याति विष्णो: परं पदम्।।

अर्थात – जो धुप और आरती को देखता है और दोनों हाथों से आरती लेता है, वह करोड़ पीढ़ियों का उद्धार करता है और भगवान विष्णु के परम पद को प्राप्त होता है।

आरती में पहले मूल मंत्र (जिस देवता का, जिस मंत्र से पूजन किया गया हो, उस मंत्र) के द्वारा तीन बार पुष्पांजलि देनी चाहिये और ढोल, नगाड़े, शख्ङ, घड़ियाल आदि महावाद्यो के  तथा जय-जयकार के शब्दों के साथ शुभ पात्र में घृत से या कर्पूर से विषम संख्या में अनेक बत्तियाँ जलाकर आरती करनी चाहिए।

ततश्च मुलमन्त्रेण दत्त्वा पुष्पाञ्जलित्रयम्।
महानिराजनं कुर्यान्महावाद्यजयस्वनैः।।

प्रज्वलेत् तदर्थं च कर्पूरेण घृतेन वा।
आरार्तिकं शुभे पात्रे विषमानेकवर्दिकम्।।

अर्थात – साधारणतः पाँच बत्तियों से आरती की जाती है, इसे ‘पञ्चप्रदीप’ भी कहते है। एक, सात या उससे भी अधिक बत्तियों से आरती की जाती है। कर्पूर से भी आरती होती है।

पद्मपुराण में कहा है :-

कुङ्कुमागुरुकर्पुरघृतचंदननिर्मिता:।
वर्तिका: सप्त वा पञ्च कृत्वा वा दीपवर्तिकाम्।।
कुर्यात् सप्तप्रदीपेन शङ्खघण्टादिवाद्यकै:।

अर्थात – कुङ्कुम, अगर, कर्पूर, घृत और चंदन की पाँच या सात बत्तियां बनाकर शङ्ख, घण्टा आदि बाजे बजाते हुवे आरती करनी चाहिए।


आरती के पाँच अंग होते है :-

पञ्च नीराजनं कुर्यात प्रथमं दीपमालया।
द्वितीयं सोदकाब्जेन तृतीयं धौतवाससा।।

चूताश्वत्थादिपत्रैश्च चतुर्थं परिकीर्तितम्।
पञ्चमं प्रणिपातेन साष्टाङ्गेन यथाविधि।।

अर्थात – प्रथम दीपमाला के द्वारा, दूसरे जलयुक्त शङ्ख से, तीसरे धुले हुए वस्त्र से, आम व् पीपल अदि के पत्तों से और पाँचवे साष्टांग दण्डवत से आरती करें।

आदौ चतुः पादतले च विष्णो द्वौं नाभिदेशे मुखबिम्ब एकम्।
सर्वेषु चाङ्गेषु च सप्तवारा नारात्रिकं भक्तजनस्तु कुर्यात्।।

अर्थात – आरती उतारते समय सर्वप्रथम भगवान की प्रतिमा के चरणों में उसे चार बार घुमाए, दो बार नाभिदेश में, एक बार मुखमण्डल पर और सात बार समस्त अंङ्गो पर घुमाए।

▪️ आरती दीपक से क्यों

रुई के साथ घी की बाती जलाई जाती है। घी समृद्धि प्रदाता है। घी रुखापन दूर कर स्निग्धता प्रदान करता है। भगवान को अर्पित किए गए घी के दीपक का मतलब है कि जितनी स्निग्धता इस घी में है। उतनी ही स्निग्धता से हमारे जीवन के सभी अच्छे कार्य बनते चले जाएं। कभी किसी प्रकार की रुकावटों का सामना न करना पड़े।

▪️आरती में शंख ध्वनि और घंटा ध्वनि क्यों

आरती में बजने वाले शंख और घंटी के स्वर के साथ,जिस किसी देवता को ध्यान करके गायन किया जाता है। उससे मन एक जगह केन्द्रित होता है,जिससे मन में चल रहे विचारों की उथल-पुथल कम होती जाती है। शरीर का रोम-रोम पुलकित हो उठता है,जिससे शरीर और ऊर्जावान बनता है।
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▪️आरती कर्पूर से क्यों

कर्पूर की महक तेजी से वायुमंडल में फैलती है। ब्रह्मांड में मौजूद सकारात्मक शक्तियों(दैवीय शक्तियां)को यह आकर्षित करती है। आरती वह माध्यम है जिसके द्वारा देवीय शक्ति को पूजन स्थल तक पहुंचने का मार्ग मिल जाता है।

▪️ आरती करते हुए भक्त के मन में ऐसी भावना होनी चाहिए कि मानो व ह पंच-प्राणों (पूरे मन के साथ) की सहायता से ईश्वर की आरती उतार रहा हो। घी की ज्योति को आत्मा की ज्योति का प्रतीक मानना चाहिए। यदि भक्त अंतर्मन से ईश्वर को पुकारते हैं तो यह पंचारती कहलाती है।

▪️ आरती दिन में एक से पांच बार की जा सकती है। घरों में आरती दो बार की जाती है। प्रातःकालीन आरती और संध्याकालीन आरती।

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▪️ दीपभक्ति विज्ञान के अनुसार आरती से पहले भगवान को नमस्कार करते हुए तीन बार फूल अर्पित करना चाहिए।

▪️ उसके बाद एक दीपक में शुद्ध घी लेकर उसमें विषम संख्या में यानी कि 3, 5 या 7 बत्तियां जलाकर आरती करनी चाहिए। सामान्य तौर पर पांच बत्तियों से आरती की जाती है,जिसे पंच प्रदीप भी कहते हैं। इसके बाद कर्पूर से आरती की जाती है। कर्पूर का धुंआ वायुमंडल में जाकर मिलता है। यहां धुआं हमारे पूजन कार्य को ब्रंह्माडकीय शक्ति तक पहुंचाने का कार्य करता है।

▪️ किसी विशेष पूजन में आरती पांच चीजों से की जा सकती है। पहली धूप से, दूसरी दीप से, तीसरी धुले हुए वस्त्र से, कर्पूर से,पांचवी जल से।

आरती करने की विधि :-

▪️ भगवान के सामने आरती इस प्रकार से घुमाते हुए करना चाहिए कि ऊँ जैसी आकृति बने।

▪️ अलग-अलग देवी-देवताओं के सामने दीपक को घुमाने की संख्या भी अलग है, जो इस प्रकार है।

▪️भगवान शिव के सामने तीन या पांच बार घुमाएं। भगवान गणेश के सामने चार बार घुमाएं। भगवान विष्णु के सामने बारह बार घुमाएं। भगवान रूद्र के सामने चौदह बार घुमाएं।भगवान सूर्य के सामने सात बार घुमाएं। भगवती दुर्गा जी के सामने नौ बार घुमाएं।

▪️अन्य देवताओं के सामने सात बार घुमाएं।

यदि दीपक को घुमाने की विधि को लेकर कोई उलझन हो रही हो तो आगे दी गई विधि से किसी भी देवी या देवता की आरती की जा सकती है।

▪️ आरती अपनी बांई ओर से शुरू करके दाईं ओर ले जाना चाहिए। इस क्रम को सात बार किया जाना चाहिए। सबसे पहले भगवान की मूर्ति के चरणों में चार बार, नाभि देश में दो बार और मुखमंडल में एक बार घुमाना चाहिए। इसके बाद देवमूर्ति के सामने आरती को गोलाकार सात बार घुमाना चाहिए।

▪️ पद्म पुराण में आरती के लिए कहा गया है कि कुंकुम, अगर, कपूर, घी और चन्दन की सात या पांच बत्तियां बनाकर अथवा रुई और घी की बत्तियां बनाकर शंख, घंटा आदि बजाते हुए आरती करनी चाहिए।

▪️. भगवान की आरती हो जाने के बाद थाल के चारों ओर जल घुमाया जाना चाहिए, जिससे आरती शांत की जाती है।

▪️. भगवान की आरती सम्पन्न हो जाने के बाद भक्तों को आरती दी जाती है। आरती अपने दाईं ओर से दी जानी चाहिए।

आरती लेने की विधि 

सभी भक्त आरती लेते हैं। आरती लेते समय भक्त अपने दोनों हाथों को नीचे को उलटा कर जोड़ते हैं। आरती पर से घुमा कर अपने माथे पर लगाते हैं। जिसके पीछे मान्यता है कि ईश्वरीय शक्ति उस ज्योत में समाई रहती हैं। जिस शक्ति का भाग भक्त माथे पर लेते हैं। एक और मान्यता के अनुसार इससे ईश्वर की नजर उतारी जाती है। जिसका असली कारण भगवान के प्रति अपने प्रेम व भक्ति को जताना होता है।

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