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विद्युत मंडल पेंशनर्स का सम्मान समारोह: विधायक शैलेंद्र जैन ने पार्क निर्माण हेतु 10 लाख रुपए व भवन निर्माण की घोषणा

विद्युत मंडल पेंशनर्स का सम्मान समारोह:  विधायक शैलेंद्र जैन ने पार्क निर्माण हेतु 10 लाख रुपए व भवन निर्माण की घोषणा


तीनबत्ती न्यूज: 28 मार्च ,2026

सागर। श्री देव पहलवान बब्बा मंदिर प्रांगण में मध्य प्रदेश विद्युत मंडल सागर वृत्त की अल्प बचत सहकारी समिति के सदस्यों एवं मंडल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन उपस्थित रहे। जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय समरसता प्रमुख सुनील जी देव ने की। स्वागत भाषण कार्यक्रम संयोजक रम्मू तिवारी द्वारा दिया गया।

विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि पहलवान बब्बा प्रांगण सभी की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। इसके निर्माण में रम्मू तिवारी के नेतृत्व में समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई का अंश इस मंदिर के निर्माण में लगाया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन की दूसरी पारी को व्यक्ति अपने अनुसार जी सकता है, जबकि पहली पारी में शासकीय सेवा के दौरान अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होता है।

पार्क और भवन निर्माण की घोषणा

विधायक जैन ने मंदिर परिसर में स्थित पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि समिति के योगदान के सामने बहुत छोटी है। साथ ही उन्होंने पेंशनर्स के लिए एक सामुदायिक हॉल निर्माण कराने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यक पूरी राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि भूमि उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर से भी आग्रह किया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुनील जी देव ने कहा कि वे स्वयं भी समिति के सक्रिय सदस्य रहे हैं और रम्मू तिवारी ने इस परिसर के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विधायक जैन को क्षेत्र का सक्रिय जनप्रतिनिधि बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन आनंद गुप्ता ने किया।

ये रहे मौजूद

 इस अवसर पर डॉ. सुखदेव प्रसाद तिवारी, टीकाराम त्रिपाठी, पंकज श्रीवास्तव, गणेश पाठक, कुंजन सिंह ठाकुर, श्रीमती चमेली जैन, श्रीमती हरीबाई विश्वकर्मा, पवन रावत, आर.के. नामदेव, सत्यनारायण पटेल, अशोक नहरिया, सुरेश मिश्रा, आर.एस. ठाकुर, आर.के. रावत, आर.एन. शर्मा, उमेश ठाकुर, सुरेंद्र तोमर, के.सी. जैन, ईश्वर चंद्र साहू, महाराज सिंह राजपूत, आर.आर. पाराशर, विनोद तिवारी, श्रीमती पी.एस. श्रीवास्तव, श्रीमती के.एल. तिवारी, श्रीमती शंकरलाल आठिया, श्रीमती ममता तिवारी, श्रीमती ऋचा तिवारी, डॉ. मिर्जा बेग सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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सागर में प्रशासन ने LPG/Auto LPG स्टेशन गो गैस पंप को कराया बंद : तय कीमत से 15 रुपए ज्यादा लेकर बेच रहा था LPG गैस

सागर में प्रशासन ने LPG /Auto LPG स्टेशन गो गैस पंप को कराया बंद : तय कीमत से 15 रुपए ज्यादा लेकर बेच रहा था LPG गैस



तीनबत्ती न्यूज : 28 मार्च, 2026

सागर: सागर पेटोल. डीजल, घरेलू सिलेंडर को लेकर असामान्य हालात के बीच ऑटो एलपीजी सीएनजी गैस की कमी की स्थिति भी बताई जाने लगी। ईरान आर इजरायल युद्ध का हवाला दत हुए आपदा में एलपीजी की किल्लत बताईं गई।फिर राहतगढ़ बस स्टंड क गंगस फिलिंग स्टेशन संचालक ने दाम में भी रोज की बेतहाशा बढ़ोतरां करना शुूरू कर दिया। इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंची। ऑटो गैस रिक्शा चालकों का कहना है कि बीते सप्ताह तक शहर में ऑटो गैस 44 से 50 रुपए प्रति लीटर में बिकने लगी थी, लेकिन अब हर दिन कोमत में इजाफा हाता जा रहा है।  रुपए प्रति लीटर थे। गुरुवार को 85 रु0 और शुक्रवार को 99 रुपए लीटर तक बेची जाने लगी। इसको लेकर कलेक्टर  संदीप जी आर के द्वारा ग्राहकों को अधिक कीमत पर गैस बेचे जाने पर एक LPG गैस पंप पर कार्रवाई की गई। जिसमें LPG/Auto LPG स्टेशन  गो गैस पंप को अस्थाई रूप से बंद करने की कार्रवाई की गई एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए । इस पंप पर ग्राहकों को तय कीमतों से 15 रुपए महंगी गेस बेची जा रही थी। एसडीएम अमन मिश्रा ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री निशांत पांडे के साथ कार्रवाई की गई। इस पंप के संचालक अनंत जैन सेठ का लड़का विपिन जैन है।


दोपहर में बढ़ा दिए 15 रुपए

एसडीएम अमन मिश्रा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर तहसीलदार सागर और खाद्य विभाग द्वारा राहतगढ़ बस स्टैंड के पास गो गैस के एलपीजी पंप की जांच की गई । जिसमें पाया गया कि पंप संचालक द्वारा दोपहर 1:00 एलपीजी के मूल्य में लगभग ₹15 की वृद्धि कर दी गई । इस संबंध में जब संचालक से आदेश एवं अन्य दस्तावेज मांगे गए तो वह उपलब्ध न कर सके और कंपनी द्वारा प्रदान करने पर उपलब्ध कराने को कहा गया।  इस पर से जांच दल द्वारा मौका पंचनामा बनाकर तत्काल अधिक मूल्य पर वितरण रोका गया एवं पंप से अस्थाई रूप से वितरण को रोका गया साथ ही शीघ्र दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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डॉ गौर विवि के योग विभाग विद्यार्थियों का धरना पांचवें दिन भी जारी : सांसद ने उच्च स्तर पर मांग पर कार्यवाही का दिया आश्वासन

डॉ गौर विवि के योग विभाग विद्यार्थियों का धरना पांचवें दिन भी जारी : सांसद ने उच्च स्तर पर मांग पर कार्यवाही का दिया आश्वासन 


तीनबत्ती न्यूज: 27 मार्च, 2026

सागर : डॉ हरिसिंह गौर विवि सागर के स्वर्ण जयंती सभागार के सामने योग शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों की क्रमिक भूख हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। उल्लेखनीय है कि योग विभाग को एक जर्जर भवन में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शन आंदोलन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन का असंवेदनशील रवैया विद्यार्थियों में असंतोष फैला रहा है। सब्र और संयम बनाए रखने हेतु विद्यार्थियों द्वारा लगातार आध्यात्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए सद्बुद्धि यज्ञ के पश्चात श्री हनुमान चालीसा पाठ लगातार करके अपनी मनोबल और स्वस्थ रक्षण हेतु प्रार्थना करते हुए विभाग की अस्मिता बचाए रखने का प्रयत्न किया जा रहा है। 


विद्यार्थियों ने सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉक्टर लता वानखेड़े से मुलाकात कर पूर्व में दिए ज्ञापन का स्मरण करते हुए आंदोलन की रूपरेखा एवं चरणबद्ध प्रक्रिया से अवगत कराया। सांसद डॉक्टर लता वानखेड़े ने जायज मांग विभाग को स्थानांतरित करने के संदर्भ में कुलपति से चर्चा कर योग विभाग के हित में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था । लेकिन उसे पर ध्यान न देकर विभाग खाली करने के आदेश निकालने और विद्यार्थियों द्वारा भूख हड़ताल की जानकारी लगने पर संसद ने खेद जताते हुए कहा कि अब इस संदर्भ में उच्च अधिकारी एवं मंत्रालय स्तर पर चर्चा करने का आश्वसन दिया। 

प्राक्टोरियल बोर्ड ने की चर्चा

प्रदर्शन स्थल पर आज प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने आकर समस्याओं पर विद्यार्थियों से चर्चा करी तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य व हाल चाल को  जाना इस संदर्भ में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की टीचर्स यूनियन से भी सहयोग मांगते हुए ज्ञापन सौंपा है। आज भूख हड़ताल पर बैठने वालों में पुरातन छात्रों ने भी समर्थन किया।इस भूख हड़ताल में मित्रा, अंजली, अर्पिता, अंजली, देवेश, गोलू , रामावतार, प्रिंस, पूर्णिमा, अनु, नैंसी, योगिता, सृष्टि, बादल, आराधना, गौरव, अनिकेत, सृजल, संगीता, गोविंद गुरु शामिल रहे।

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मोगा नाला की क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का विधायक शैलेंद्र जैन ने किया निरीक्षण: 50 मीटर निर्माण के दिए तत्काल निर्देश

मोगा नाला की क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का विधायक शैलेंद्र जैन ने किया निरीक्षण: 50 मीटर निर्माण के दिए तत्काल निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 27 मार्च, 2026

सागर। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन एवं नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने सूबेदार वार्ड वर्धमान कॉलोनी स्थित मोगा नाला की क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि कॉलोनी के निवासियों ने विधायक जैन के निवास पर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि नाले की सफाई के दौरान जेसीबी मशीन उतारते समय रिटेनिंग वॉल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक जैन नगर निगम के अधिकारियों एवं इंजीनियरों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लगभग 50 मीटर लंबाई में रिटेनिंग वॉल का पुनर्निर्माण किया जाना आवश्यक है।

विधायक जैन ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देशित करते हुए रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

इस अवसर पर नितिन सोनी, प्रासुख जैन, अंशुल हर्षे, अशोक जैन, पवन जैन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड : सीएम डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सॉफ्ट रिलीज बोमा का किया भूमिपूजन ▪️बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए

चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड : सीएम डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सॉफ्ट रिलीज बोमा का किया भूमिपूजन

▪️बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए


तीनबत्ती न्यूज:  25 मार्च 2026

सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों और बुंदेलखंड वासियों को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। मुख्यमंत्री ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सॉफ्ट रिलीज बोमा का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के घर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सॉफ्ट रिलीज बोमा तकनीक के तहत चीतों को नए परिवेश में ढालने के लिए एक बड़े क्षेत्र में विशेष बाड़े (बोमा) तैयार किए जाते हैं, जहाँ उन्हें शुरुआती निगरानी में रखा जाता है।




मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का घनत्व और यहाँ के घास के मैदान चीतों के लिए बेहद अनुकूल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों की अठखेलियों का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार केवल थलचर ही नहीं, बल्कि नभचर और जलचर जीवों के संरक्षण की दिशा में भी मिशन मोड पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, कि जंगल की असली खूबसूरती वहाँ के जानवरों से ही होती है। यह कदम न केवल बुंदेलखंड के प्राकृतिक संतुलन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि यहां रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।




बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अपने 61वें जन्मदिवस के अवसर पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में कुल 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त (रिलीज) किया। इस दौरान उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया।

वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिन 14 कछुओं को नदी में छोड़ा गया, वे दो विशिष्ट प्रजातियों के हैं, पहली टेरा प्रिंस प्रजाति के 06 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 08 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा, प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्य प्रदेश को वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।

बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का विस्तार 2,339 वर्ग किमी में है। यह एमपी का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला है। इसे लैंड ऑफ वुल्व्स (भेड़ियों की धरती) भी कहा जाता है और वर्तमान में यहाँ करीब 32 बाघ निवास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियों की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ आदि शामिल हैं। इसके विकास के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।


मुख्यमंत्री ने जंगल सफारी का लिया आनंद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में करीब 10 किलोमीटर लंबी सफारी का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने बामनेर नदी में कछुओं को प्राकृतिक आवास में मुक्त किया और वन्य जीव संरक्षण तथा जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. यादव ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व जल्द ही चीतों का तीसरा घर बनेगा। यहाँ का भू-दृश्य दक्षिण अफ्रीका के घास के मैदानों के समान है, जो चीतों के लिए अनुकूल है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कृषक श्री हरदास के खेत पर खाट पर बैठकर  किया भोजन


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कृषक हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचे। जहां कृषक परिवार ने कलश रखकर, चंदन रोरी का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्रामीण परिवेश में आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन ग्रहण किया। भोजन के पूर्व उन्होंने गौ माता को चारा भी खिलाया। साथ में यूवी मंत्री गोपाल भार्गव ने खाना खाया।

मुख्यमंत्री ने बुन्देली भोजन की तारीफ की और कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़ आदि व्यंजनों का स्वाद चखा। इस अवसर पर उन्होंने किसान से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली।किसान श्री हरदास ने बताया कि परिवार में उनकी माता, पत्नी अनीता रैकवार, चार बच्चे हैं, जिनमें दो-दो जुड़वा बच्चे शामिल हैं। परिवार के पास लगभग 1.5 एकड़ कृषि भूमि है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, बीपीएल कार्ड, आयुष्मान कार्ड, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। साथ ही उनकी माता श्रीमती शीलरानी को विधवा पेंशन प्राप्त हो रही है।

बच्चियों को काजू कतली खिलाकर मनाया जन्मदिन, प्रदान किए ड्राइविंग लायसेंस


मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के जन्मदिवस के अवसर पर रहली में उनका अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने इस मौके को और भी खास बनाते हुए सभी बच्चियों को अपने हाथों से काजू कतली खिलाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने वहां मौजूद आठ बच्चियों को ड्राइविंग लाइसेंस सर्टिफिकेट भी प्रदान किये। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और प्रदेश का नाम रोशन करें।





ये रहे मौजूद

भूमिपूजन के अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, देवरी विधायक  बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  देवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग, मध्यप्रदेश संदीप यादव, वन बल प्रमुख शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, पुलिस उपमहानिरीक्षक सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक  दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ  रजनीश सिंह एवं  वरुण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी मौजूद रहे।



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शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण हेतु ज्योतिरादित्य सिंधिया को विधायक शैलेंद्र जैन व सांसद डॉ लता वानखेड़े ने दिया आमंत्रण

शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण हेतु ज्योतिरादित्य सिंधिया को विधायक शैलेंद्र जैन व सांसद डॉ लता वानखेड़े ने दिया आमंत्रण


तीनबत्ती न्यूज: 25मार्च,2026

सागर।विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने दिल्ली प्रवास के दौरान सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े के साथ केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक जैन एवं सांसद डॉ लता वानखेड़े ने मंत्री श्री सिंधिया को सागर आगमन के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि सागर में हिन्दू हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो चुकी है। 

यह भी पढ़ेंकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले विधायक शैलेंद्र जैन विकास कार्यों हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की मांग

विधायक जैन ने  प्रतिमा के अनावरण हेतु मंत्री श्री सिंधिया से आग्रह किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही सागर आकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें सागर के विकास एवं सांस्कृतिक विरासत को और सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।

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सागर में निगमायुक्त के प्रयासों से बकायादारों को बड़ी राहत : 31 मार्च तक संपत्तिकर व जलकर की बकाया राशि का भुगतान करने पर अधिभार में मिलेगी लोक अदालत जैसी छूट

Sagar : निगमायुक्त के प्रयासों से बकायादारों को बड़ी राहत : 31 मार्च तक संपत्तिकर व जलकर की बकाया राशि का भुगतान करने पर अधिभार में मिलेगी लोक अदालत जैसी छूट


तीनबत्ती न्यूज:25 मार्च। 2026
सागर :  नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप नगर निगम सागर के साथ ही पूरे प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को संपत्तिकर एवं जलकर के बकायादारों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। शासन द्वारा 31 मार्च तक बकाया करों पर अधिभार में लोक अदालत की तर्ज पर छूट देने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
निगमायुक्त ने  बताया कि नगर निगम क्षेत्र के करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से शासन स्तर पर अधिभार में छूट प्रदान करने के लिए पहल की गई थी। इस संबंध में की गई चर्चा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और शासन से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। अब नगर निगम क्षेत्र के नागरिक 31 मार्च तक अपने बकाया संपत्तिकर एवं जलकर की राशि जमा कर अधिभार में विशेष छूट का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यह छूट लोक अदालत की तरह प्रदान की जा रही है, जिससे नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक भार से राहत मिलेगी और वे सरलता से अपने लंबित करों का भुगतान कर सकेंगे। यह निर्णय न केवल नागरिकों के हित में है, बल्कि नगर निगम की राजस्व वसूली को भी गति प्रदान करेगा, जिससे शहर के विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च के बाद इस प्रकार की कोई छूट लागू नहीं रहेगी। निर्धारित तिथि तक बकाया संपत्तिकर जमा न करने की स्थिति में शासन के नियमों के अनुसार कर राशि दोगुनी हो सकती है, साथ ही अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसलिए सभी बकायादारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे समय रहते अपने बकाया करों का भुगतान कर लें।
उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने संपत्तिकर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क, दुकानों के किराए सहित अन्य सभी करों की बकाया राशि 31 मार्च से पूर्व अनिवार्य रूप से जमा करें। इससे वे अधिभार में छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की  कार्रवाई से बच सकेंगे। नागरिकगण अपने बकायाकर की राशि नगर निगम कार्यालय,पं मोतीलाल नेहरू स्कूल कटरा बाजार में काउंटर पर तथा आनलाइन पोर्टल एवं एम पी ई नगर पालिका एप पर कर सकते हैं।
 निगमायुक्त ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि समय पर करों का भुगतान शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही सागर शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को सागर के वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण में आगमन ▪️ रिजर्व में रिलीज करेंगे कछुए ▪️ कमिश्नर एवं आईजी ने कलेक्टर, एसपी के साथ किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण

सीएम डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को सागर के वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण में आगमन

▪️ रिजर्व में रिलीज करेंगे कछुए

▪️ कमिश्नर एवं आईजी ने कलेक्टर, एसपी के साथ किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण



तीनबत्ती न्यूज 24 मार्च 2026
सागर 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार 25 मार्च को बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 25 मार्च 2026 को प्रस्तावित सागर जिले के रहली विकासखंड अंतर्गत वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम को लेकर संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी एवं पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल तथा मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हेलीपैड, भूमि पूजन स्थल तथा बामनेर नदी तट सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया।


संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि हेलीपैड स्थल सहित अन्य कार्यक्रम स्थलों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा आगंतुकों के लिए समुचित आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पेयजल, विद्युत एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।

पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए। इसके अलावा, उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल की तैनाती के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक श्री दीपू दमन सिंह भदोरिया, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल, डीएफओ श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी., अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं। 

टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।
ऐसा है टाइगर रिजर्व: 
1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बना, 2300 स्क्वायर किलोमीटर में फैला टाइगर रिजर्व, एक टाइगर से शुरू हुआ अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद 

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतो के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि पूजन बुधवार को करेंगे साथ में बामनेर नदी में एक दर्जन कछुआ को भी छोड़ेंगे।सॉफ्ट रिलीज बोमा के तहत एक बड़ा बेड़ा बनाया जाता है जिसमें शिफ्ट होने वाली चीजों को छोड़ा जाता है इससे शिफ्टिंग सही तरीके से हो जाती है।
वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 1974 का अभ्यारण आज मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनकर तैयार है यह तीन जिलों के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर में टाइगर रिजर्व आकर लिए हुए है। यह टाइगर रिजर्व में सबसे पहले एक टाइगर से शुरू हुआ जो अब ढाई दर्जन से अधिक टाइगर मौजूद है। 


यह टाइगर रिजर्व भेडियो की भूमि मुख्य रूप से माना जाने वाला वीरागाना दुर्गावती टाइगर रिजर्व है। तीन जिलों सागर, दमोह, नरसिंहपुर के 72 ग्रामों से टाइगर रिजर्व बना है। इसमें सैकड़ो प्रजाति के पशु पक्षी वाला पहला मध्य प्रदेश का टाइगर रिजर् है।
जानकारी के अनुसार वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का पूर्व में नाम 1974 की अनुसार नौरादेही अभ्यारण था जिसको 10 वर्ष के पश्चात 1984 में वन्य प्राणी वन मंडल का नाम दिया गया इसी के साथ 2018 में इस वन्य प्रणाली वन मंडल नवरात्रि अभ्यारण में 2018 के अप्रैल माह में मादा टाइगर को छोड़ा गया जिसका नाम राधा एन वन दिया गया इसको बढ़ाते हुए 2018 के मई माह में एक नर टाइगर जिसका नाम किशन एन टू रखा गया उसको छोड़ा गया।


2019_ 2020 में राधा किशन टाइगर ने तीन शावकों को जन्म दिया जिनका नाम इन वन,एन टू,एन थ्री रखा गया। 2021 में एक नया अभ्यारण में टाइगर देखा जिसका नाम N3 रखा गया। सन 2022-23 में n2 किशन एवं n3 टाइगर की फाइट हुई जिसमें n3 टाइगर ने n2 किशन टाइगर को मार डाला। इसी प्रकार 2024 में अभ्यारण की डोंगरगांव रेंज में एक नर एवं एक मादा टाइगर को छोड़ा गया इस प्रकार वर्तमान में वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में लगभग 32 टाइगर मौजूद है। इस अभ्यारण को मुख्य रूप से भेड़िया की भूमि माना जाता था जहां सर्वाधिक भेड़िया उपलब्ध हैं। 

वर्ष 2023 में नौरादेही अभ्यारण सागर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण को मिलाकर वीरागना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया जिसमें नौरादेही अभ्यारण की 1197 स्क्वायर किलोमीटर एवं रानी दुर्गावती अभ्यारण की 27 स्क्वायर किलोमीटर एवं अन्य बफर एरिया मिलाकर कुल 2300 स्क्वायर किलोमीटर का नया वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बनाया गया यह टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सर्वप्रथम संपन्न एवं सभी प्रकार के पशु पक्षी इस अभ्यारण में मौजूद है। 

तीन जिलों से बना रिजर्व

इस टाइगर रिजर्व में तीन जिले सागर दमोह नरसिंहपुर की 72 ग्रामों को जोड़ा गया है जिसमें 36 ग्रामों के व्यक्तियों का विस्थापन किया जा चुका है और विस्थापन की राशि उनको प्राप्त की जाकर उनको विस्थापित किया गया है शेष 36 ग्राम का विस्थापन प्रक्रिया में है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर्यटन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं जिसमें बुंदेलखंड मध्य प्रदेश एवं पूरे भारत देश से पर्यटक इस टाइगर रिजर्व में आएंगे। इस टाइगर रिजर्व में शीघ्र ही चीतो भी आएगे जिसके लिए सॉफ्ट बोम्मा रिलीज तैयार किया जा रहा है जिसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के द्वारा किया जा रहा है। 

यह अभ्यारण मिनी सवाना के समान है जिसमें चीतो की अनुकूल यह भूमि उपलब्ध होगी। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है। 
इस टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति की पशु पक्षी पाए जाते हैं जिसमें टाइगर, पैंथर ,भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, नीलगाय ,जंगली सूअर ,चोसिंगा, काला हिरण ,चिंकारा ,कछुआ, मगरमच्छ, सहित अन्य और भी पशु पक्षी मौजूद हैं इसी प्रकार इस अभ्यारण में चार प्रकार की गिद्ध भी पाए जाते हैं जिसमें तीन प्रजाति की गिद्ध बाहर से आते हैं। इसी प्रकार इस अभ्यारण में 240 प्रजाति की चिड़िया भी मौजूद हैं जो की आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वीराना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाओं के साथ रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।

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