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सागर स्मार्ट सिटी के वर्किंग वुमन हॉस्टल का संचालन एक सप्ताह में प्रारम्भ करवायें : कलेक्टर प्रतिभा पाल ▪️कलेक्टर ने इनक्यूबेशन सेंटर और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

सागर स्मार्ट सिटी के वर्किंग वुमन हॉस्टल का संचालन एक सप्ताह में प्रारम्भ करवायें : कलेक्टर प्रतिभा पाल

▪️कलेक्टर ने इनक्यूबेशन सेंटर और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 01 जुलाई 2026
सागर: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम  अमन मिश्रा,  भरत राजपूत सहित अन्य अधिकारीयों के साथ सागर स्मार्ट सिटी के इनक्यूबेशन सेंटर भवन और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण किया। उन्होंने ओल्ड आरटीओ परिसर में बने इनक्यूबेशन सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर और थर्डफ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों हेतु विशाल हॉल सहित फस्ट व सेकण्ड फ्लोर पर स्थापित इनक्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण कर अधिकारीयों को जल्द से जल्द इसका संचालन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा की सागर शहर में नवउद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर उद्यमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा ओल्ड आरटीओ परिसर में इनक्यूबेशन सेंटर भवन का निर्माण कर इनक्यूबेशन सेंटर संचालित किया जा रहा था विगत दिनों में किन्ही कारणों से संचालन बंद कर दिया गया था, इस इनक्यूबेशन सेंटर को पुनः संचालित करने हेतु रुपरेखा तैयार करें और शीघ्रातिशीघ्र इसका संचालन प्रारम्भ करायें। इस भवन में कमर्शियल गतिविधियों हेतु हेतु उपलब्ध स्थल का भी उचित उपयोग सुनिश्चित कराने का प्रयत्न करें।

उन्होंने कहा की बिजनेस के बदलते दौर में इसके तरीके भी स्मार्ट हो गए हैं, लेकिन सागर जैसे शहरों में ज्यादातर नए उद्यमी और स्टार्टअप टेक्नोलॉजी की सही और सटीक जानकारी के अभाव में अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ावा नहीं दे पाते। उनकी इस समस्या को दूर करने में सागर स्मार्ट सिटी का यह इन्कयूबेशन सेंटर महत्वपूर्ण होगा। इसके प्रारम्भ होने से सागर और आसपास के युवाउद्यमी और स्टार्टअप प्रारम्भ करने की चाह रखने वाले लोग एक्सपर्ट मेंटर आदि से अपने बिजनेस को तकनीकी रूप से बढ़ाने के गुर सीख सकेंगे और सागर उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से विकसित होगा।

 टेक्नोलॉजी वर्तमान वैश्विक परिवेश में भारत को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है ऐसे में सागर के स्थानीय युवाउद्यमी और स्टार्टअप बिजनेस सागर में नये नये बिजनेस आइडियाज के साथ बिजनेस स्थापित कर करने में सक्षम बनेंगे और हमारा सागर भी उद्यमिता और व्यापार की दृस्टि से आत्मनिर्भर सागर बनने की ओर आगे बढ़ेगा। आज टेक्नोलॉजी का युग है आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस जैसी तकनिकी से विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं ऐसे में सागर में युवा उद्यमियों के लिए इस तरह की सुविधा उनके स्टार्टअप की वेबसाइट और एप बनाने, डाटा कलेक्शन के तरीके, सोशल मीडिया का सहारा लेकर मार्केटिंग, ऑनलाइन डिजाइनिंग टूल, होस्टिंग साॅल्यूशन्स, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, ऑउटलुक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्मार्ट सिटी द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए बनाये गए अत्याधुनिक छात्रावास वर्किंग वुमन हॉस्टल की सुविधा का भी जायजा लिया और एक सप्ताह में इस हॉस्टल का संचालन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की शहर के शासकीय व अशासकीय कार्यालयों में बड़ी संख्या में सिंगल कामकाजी महिलायें कार्यरत हैं इस अत्याधुनिक, सर्व सुविधा युक्त छात्रावास का उन्हें लाभ मिले वे आराम से सुरक्षित वातावरण में यहां न्यूनतम किराया राशि देकर रह सकें इस प्रकार का प्रबंध करें।उन्होंने कहा की कामकाजी महिलाओं के बजट के अनुसार इसका किराया व अन्य चार्जेस निर्धारित करें। कामकाजी महिलाएं अपने बजट के अनुसार रहने के लिए रूम पसंद कर सकें एवं यहां कम कीमत पर भोजन, नाश्ता, चाय उपलब्ध हो।
 
उन्होंने कहा की कामकाजी महिलाओं/स्कूल कॉलेज की लड़कियों को ठहरने की व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये शहर में सर्वसुविधा युक्त कामकाजी महिला छात्रावास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) है यहां सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराएं। ओल्ड आरटीओ परिसर में बने अनुपयोगी और खंडहरनुमा स्ट्रक्चर भवनों को तत्काल जमीदोज करें और सम्पूर्ण परिसर को साफ स्वच्छ सुंदर व सुरक्षित बनाएं। लाइटिंग व सीसीटीवी सर्विलांस व्यवस्था को सुचारु बनाएं। पोलिस गस्त को बढ़ाएं ताकि इस परिसर में बने कामकाजी महिला छात्रावास में रहने आने वाली महिलाओं/स्कूल कॉलेज की लड़कियों को सब ओर से सुरक्षित व अनुकूल वातावरण का अनुभव हो। उन्होंने वर्किंग वुमन हॉस्टल में महिलाओं के लिए बने व्यवस्थित व सुरक्षित पार्किंग एवं वॉकिंग ट्रेक आदि सहित किचिन, डायनिंग हॉल, डेकेयररूम आदि का निरीक्षण किया। हॉस्टल में कुल 42 महिलाओं हेतु सिंगल बेडरूम, डबल शेयरिंग बेडरूम, ट्रिपल शेयरिंग बेडरूम सुविधा सहित बने किचिन व डाइनिंग हॉल,  गार्ड रूम, टॉयलेट फेसिलिटी, शॉप, बच्चों के लिए बनाए गए डे-केयर रूम आदि सहित यहां की विभिन्न सुविधाओं से सिंगल कामकाजी महिलाओं को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षित इस छात्रावास में सुरक्षागार्ड हेतु भी प्रावधान किया गया है जिससे यहां रहने वाली कामकाजी महिलाएं सुरक्षित आवास का लाभ ले सकें।

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सागर व मकरोनिया में पानी सप्लाई को लेकर बड़ा फैसलाः टाटा कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का हुआ निर्णय : अब खुद व्यवस्था संभालेंगे स्थानीय निकाय

सागर व मकरोनिया में पानी सप्लाई को लेकर बड़ा फैसलाः टाटा कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का हुआ निर्णय : अब खुद व्यवस्था संभालेंगे स्थानीय निकाय


तीनबत्ती न्यूज:01जुलाई, 2026

सागर
सागर और मकरोनिया में पिछले लंबे समय से चली आ रही लचर पेयजल व्यवस्था और नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जनता के हित को सर्वाेपरि रखते हुए प्रोजेक्ट-6बी सागर मकरोनिया जलप्रदाय उन्नयन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का अनुबंध समाप्त (टर्मिनेट) करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर ने मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी  को नियमानुसार विधिवत नोटिस जारी कर आगामी सख्त कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं।

अब खुद संभालेंगे व्यवस्था
टाटा कंपनी की विदाई के बाद अब सागर नगर निगम और मकरोनिया नगर पालिका अपने-अपने क्षेत्रों में आत्मनिर्भर रहकर पूरी प्लानिंग के साथ पानी की सप्लाई की व्यवस्था खुद संभालेंगे। बैठक में महापौर संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, मकरोनिया नगर परिषद अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री सहित एमपीयूडीसी और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (यूएडी) के प्रमुख अभियंता को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की वित्तीय सहायता से संचालित इस जलप्रदाय योजना के संचालन एवं संधारण में कंपनी द्वारा लगातार गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

 महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने कहा कि अनुबंध में 24×7 जलप्रदाय की शर्त होने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी शहर में केवल एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है, जिससे नागरिकों में असंतोष है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। इसके साथ ही जलकर देयकों के वितरण एवं उपभोक्ताओं के डेटा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड ई-नगर पालिका पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका। इसके कारण जलकर की भी बड़ी वसूली लंबित है।प्रशासनिक समीक्षा में कंपनी के तकनीकी और वित्तीय स्तर पर भी कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार ने बताया कि पाइपलाइन संधारण का कार्य समय पर नहीं होने से नगर निगम को अपने संसाधनों से मरम्मत कार्य कराना पड़ रहा है, और प्रस्तावित पाइपलाइन विस्तार पूर्ण नहीं होने से निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि पाइपलाइन एवं उपभोक्ता कनेक्शन कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण भविष्य में गंभीर लीकेज और दूषित जलापूर्ति का संकट खड़ा हो सकता है। यह बात भी सामने आई कि टाटा प्रोजेक्ट्स ने नगर निगम की अनुमति के बिना संचालन संबंधी कार्य अन्य एजेंसी श्ब्लू वेंचरश् को सौंप दिए, जिससे जलप्रदाय व्यवस्था और पटरी से उतर गई। हाल ही में कंपनी द्वारा वाल्वमैनों का भुगतान न किए जाने के कारण पूरे शहर की जलापूर्ति बाधित रही थी। 

नगर निगम कम  खर्चे में करता था काम

वित्तीय विसंगतियों पर बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि टाटा प्रोजेक्ट्स ने महज डेढ़ वर्ष के कार्य के लिए 12 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग की है, जबकि नगर निगम स्वयं यह कार्य प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की लागत में संचालित करता रहा है, जिससे कंपनी की भुगतान मांग पर भी बड़े प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
मामले को पूरी तरह सुलझाने और जनता को राहत देने के लिए प्रशासन ने अब अंतिम कार्ययोजना तैयार कर ली है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निगम परिषद द्वारा एक माह के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए जाने के बावजूद कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते अब टर्मिनेशन का कड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई कानूनी अड़चन न आए, इसके लिए बैठक में निकाय और कंपनी के बकाया पेमेंट को भी नियमानुसार अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि एक सप्ताह के भीतर पानी सप्लाई से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह स्ट्रीमलाइन (व्यवस्थित) कर लिया जाए, जिससे जनता को सुचारू रूप से पानी मिल सके।
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सीएम डॉ मोहन यादव खेत में उतरे-बोया धान : किसानों से किया संवाद ▪️सिवनी में धान महोत्सव, कोदो कुटकी बोनस वितरण समारोह का आयोजन ▪️349.33 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण, 144.8 करोड़ के कामों का भूमि-पूजन

सीएम डॉ मोहन यादव खेत में उतरे-बोया धान : किसानों से किया संवाद

▪️सिवनी में धान महोत्सव, कोदो कुटकी बोनस वितरण समारोह का आयोजन

▪️349.33  करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण, 144.8 करोड़ के कामों का भूमि-पूजन



तीनबत्ती न्यूज:01 जुलाई,

2026



सिवनी। 'खेत में उतरे, धान बोया, हाथ में लेकर खाना खाया और किसानों से आत्मीय संवाद किया,' मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी जिले में अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने जनता को एक बार फिर बताया कि वे भी आम इंसान ही हैं। वे लगातार जनकल्याण का सोचते हैं। उनकी सादगी किसानों और आम लोगों को भा गई। लोग उनसे बातचीत करके उत्साहित नजर आए। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन ने  1 जुलाई को सिवनी के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने सिवनी में धान महोत्सव में शिरकत की, कोदो कुटकी बोनस का वितरण किया और विकास कार्यों की सौगात दी। सीएम डॉ. यादव ने सिवनी में 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.8 करोड़ के भूमि-पूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन और कन्या पूजन किया। इसके अलावा सीएम यादव ने बालाघाट से सिवनी फोर लेन सड़क निर्माण, सिवनी के चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।



मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिला है। मां लक्षमी की कृपा से रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए मान से कोदो कुटकी बोनस के रूप में 282.99 करोड़ राशि दी गई है। राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू हुआ है। इसके साथ ही आज मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की है। 


गरीबों का ध्यान रख रही राज्य सरकार


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने गरीब-जरूरतमंदों को कभी संबल योजना का नाम नहीं दिया। संबल योजना में सरकार दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और अपंगता आने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है। श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक के फ्री इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य सरकार हर वर्गों के गरीब, वंचित और आखिरी पंक्ति में बैठे लोगों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को आवास देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज सिवनी जिले के समग्र विकास के लिए 349.33  करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 144.8 करोड़ के 43 कार्यों के भूमि-पूजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। 




किसानों को कई योजनाओं का लाभ दे रही सरकार*


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 3941 किसानों को 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के लिए 1000 रुपए मान से 2 हजार 83 लाख रुपए बोनस राशि दी गई है। राज्य में कोटो कुटकी के ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए भी काम जारी हैं। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगनी अरहर को जीआई टैग मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में अन्नदाता को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के माध्यम से लाभ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धान की फसल के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के अंतर का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है।

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बेतवा नदी पुनरुद्धार परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने हेतु प्रशिक्षण : जैव विविधता एवं नेचर बेस्ड सॉल्यूशन पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

बेतवा नदी पुनरुद्धार परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने हेतु प्रशिक्षण : जैव विविधता एवं नेचर बेस्ड सॉल्यूशन पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन


तीनबत्ती न्यूज: 01जुलाई, 2026

भोपाल: नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के पुनरुद्धार से संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण तथा नेचर बेस्ड सॉल्यूशन  विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत पहले दिन के सत्रों के पुनरावलोकन से हुई। इसके उपरांत "शोधित जल एवं स्लज का पुनः उपयोग एवं  विषय पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के श्री ज्योति प्रसाद ने व्याख्यान देते हुए उपचारित जल एवं स्लज के प्रभावी उपयोग, संसाधनों के संरक्षण तथा सतत शहरी मलजल प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।



जैव विविधता विषयक तकनीकी सत्र में आईआईटी इंदौर के प्रो. मनीष कुमार गोयल ने संरक्षण, पुनर्जीवन एवं विकेन्द्रीकृत नियोजन के लिए नवाचार आधारित उपकरणों की जानकारी दी। इसके बाद डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के वरिष्ठ निदेशक श्री सुरेश बाबू ने पौधारोपण के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन पर अपने विचार साझा किए। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. फैयाज ए. खुदसर ने फ्लडप्लेन पुनर्स्थापन के एकीकृत दृष्टिकोण पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में इसकी उपयोगिता बताई।

दोपहर बाद आयोजित नेचर बेस्ड सॉल्यूशन (एनबीएस) विषयक तकनीकी सत्र में बीबीएयू, लखनऊ के प्रो. वेंकटेश दत्ता ने एनबीएस के माध्यम से छोटी नदियों के पुनर्जीवन की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। इसके बाद वेटलैंड इंटरनेशनल के डॉ. असगर नवाब ने आर्द्रभूमि (वेटलैंड) पुनर्स्थापन एवं पारिस्थितिक संरक्षण पर जानकारी दी। द नेचर कंजरवेंसी के डॉ. सुदीप्तो चटर्जी ने नेचर बेस्ड सॉल्यूशन के माध्यम से नदी पुनर्जीवन पहल के विभिन्न सफल उदाहरणों को साझा किया।

दिन के अंतिम तकनीकी सत्र में एबीएस, महाराष्ट्र की सुश्री स्वाति राजेश धोतकर ने जलकुंभी के उपयोग एवं प्रबंधन पर व्याख्यान देते हुए इसके वैज्ञानिक प्रबंधन तथा उपयोग आधारित संभावनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए वैलिडेटरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दिनभर के तकनीकी विषयों की समीक्षा एवं चर्चा की गई। कार्यशाला का समन्वय  प्रोग्राम मैनेजर नमामि नर्मदा  डॉक्टर सीताराम टैगोर ने किया.

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि बेतवा नदी के पुनरुद्धार की प्रभावी डीपीआर तैयार करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन तथा नेचर बेस्ड सॉल्यूशन का समावेश अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण से समृद्ध करते हुए नदी पुनर्जीवन की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया।


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40 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मनोज श्रीवास्तव सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई

40 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मनोज श्रीवास्तव सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई


तीनबत्ती न्यूज: 01 जुलाई, 2026

सागर। संदीपनि विद्यालय महारानी लक्ष्मीबाई क्रमांक-1 के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मनोज श्रीवास्तव लगभग 40 वर्षों की गौरवपूर्ण एवं समर्पित शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके योगदान को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।

कॉमर्स विषय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. श्रीवास्तव शिक्षा के साथ-साथ साहित्य, संस्कृति और लेखन के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने उत्कृष्ट विद्यालय सागर एवं संदीपनि विद्यालय महारानी लक्ष्मीबाई क्रमांक-1 में लंबे समय तक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की। शिक्षा, साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

डॉ. मनोज श्रीवास्तव शिक्षा विभाग की विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। वे आकाशवाणी के उद्घोषक भी रहे हैं और सागर शहर के अनेक शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का सफल मंच संचालन कर चुके हैं।

विदाई समारोह में विद्यालय के प्राचार्य विनय दुबे ने कहा कि डॉ. मनोज श्रीवास्तव जैसे समर्पित शिक्षकों का विद्यालय की प्रगति में अमूल्य योगदान रहा है। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और कार्यशैली से सभी को निरंतर प्रेरणा मिलती रही है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

उपप्राचार्य डॉ. वंदना खरे ने कॉमर्स विषय के अध्यापन से जुड़े प्रेरक संस्मरण साझा करते हुए उनके शैक्षणिक योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक बृजेश जैन ने किया।

समारोह में विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. दिनेश साहू, श्री अमर सिंह ठाकुर तथा विद्यालय से अन्यत्र स्थानांतरित हुए शिक्षकों का भी सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।


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3 साल से फरार ₹3,000 का इनामी आरोपी दमन-दीव से गिरफ्तार: पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला और खुदकुशी के लिए उकसाने का था आरोप

3 साल से फरार ₹3,000 का इनामी आरोपी दमन-दीव से गिरफ्तार: पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला और खुदकुशी के लिए उकसाने का था आरोप


तीनबत्ती न्यूज :01 जुलाई, 2026

सागर : सागर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या के प्रयास और पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर मामलों में पिछले 3 वर्षों से फरार चल रहे ₹3,000 के इनामी आरोपी नारायण उर्फ बब्लू को राहतगढ़ पुलिस ने केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया के निर्देशन और एस.डी.ओ.पी. राहतगढ़ योगेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में की गई।

क्या है पूरा मामला?

​गिरफ्तार आरोपी नारायण उर्फ बब्लू (पिता स्वर्गीय कुंदन कुर्मी), निवासी ग्राम गिरवर (थाना सानौधा, जिला सागर) के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में गंभीर मामले दर्ज थे:

  • थाना सानौधा (अपराध क्र. 370/2023): आरोपी के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज था। उसने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था।
  • थाना राहतगढ़ (अपराध क्र. 791/2023): आरोपी द्वारा लगातार किए जा रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत मामला दर्ज किया था।

लोकेशन बदल-बदलकर पुलिस को दे रहा था छलावा

​वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे पुलिस के लिए उसे पकड़ना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। राहतगढ़ पुलिस लगातार तकनीकी (साइबर) और जमीनी स्तर पर उसकी तलाश में जुटी थी।

​हाल ही में वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को आरोपी की सटीक लोकेशन दमन-दीव में मिली। सूचना मिलते ही राहतगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत दमन-दीव के लिए रवाना हुई और योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

​इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी राहतगढ़ श्री मुकेश सिंह, चौकी प्रभारी सिहोरा उप निरीक्षक अभिषेक पटैल, प्रधान आरक्षक रणवीर , आरक्षक दिलीप गुर्जर एवं आरक्षक चन्द्रशेखर यादव (क्र.1736) की सराहनीय भूमिका रही।

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गुड़ा फाटक आरओबी निर्माण की प्रगति देखने पहुंची सांसद- कलेक्टर : पीडब्लूडी और रेलवे को दिए गति बढ़ाने के निर्देश

गुड़ा फाटक आरओबी निर्माण की प्रगति देखने पहुंची सांसद- कलेक्टर : पीडब्लूडी और रेलवे को दिए गति बढ़ाने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 30 जून,2026

सागर :  गुड़ा फाटक रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए आज  सांसद श्रीमती लता वानखेड़े एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रशासनिक अमले के साथ निर्माण स्थल का दौरा कर जमीनी प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित ब्रिज, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



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निरीक्षण के दौरान यह रेखांकित किया गया कि गुड़ा फाटक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण मकरोनिया और आस-पास के क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पूर्ण होने से: क्षेत्रवासियों को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति मिलेगी। मकरोनिया की नेशनल हाईवे-44 से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी। आपातकालीन सेवाओं और भारी वाहनों के आवागमन में समय की बचत होगी।


सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर शहर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ी कड़ी है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर तकनीकी अड़चनों का समय पर निराकरण करें, ताकि आम जनता को इस ओवरब्रिज की सुविधा जल्द से जल्द मिल सके।

उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और कार्य की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने को कहा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और यातायात को सुचारू रखने के लिए समुचित डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए।




प्रोजेक्ट के एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) के निर्माण में आ रही भू-अर्जन संबंधी तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम श्री अमन मिश्रा को निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत 'धारा 19' की वैधानिक कार्रवाई को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक क्लीयरेंस मिल सके।

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Sagar Crime: जुआ फड़ चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार : स्वास्थ्य केंद्र का वार्ड बॉय निकला आरोपी : पत्नी गांव की सरपंच

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तीनबत्ती न्यूज: 30 जून,2026

सागर। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरखी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध जुआ संचालन के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल, सागर भेज दिया गया।

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पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 की रात आगरा रोड स्थित गौशाला के पीछे थाना सुरखी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित जुआ पर विशेष टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान कई जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जुआ संचालन का मुख्य आरोपी अंकुष उर्फ प्रताप सिंह चौहान (25 वर्ष), निवासी ग्राम बरकोटी, थाना गौरझामर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।

लगातार तलाश और मुखबिर की सूचना के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ग्राम बरकोटी में स्वास्थ्य केंद्र पर वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत है, जबकि उसकी पत्नी ग्राम पंचायत बरकोटी कला की निर्वाचित सरपंच हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई उसकी कथित आपराधिक गतिविधियों के आधार पर की गई है।

सराहनीय भूमिका:

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सत्यव्रत धाकड़, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह धुर्वे, आरक्षक विकास एवं आरक्षक कामता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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