सोमवार, 23 नवंबर 2020

पिछले 3 साल में सागर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुुधरा ,प्रदूषण नियंत्रित करने की दिशा में कार्यवाही करें : कमिश्नर


पिछले 3 साल में सागर का एयर क्वालिटी इंडेक्स  सुुधरा ,प्रदूषण नियंत्रित करने की दिशा में कार्यवाही करें : कमिश्नर

सागर । सागर संभाग के कमिष्नर श्री मुकेष शुक्ला ने अधिकारियों को सागर शहर में होने वाले वायु प्रदूषण करने की दिषा में निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार ठोस कार्यवाही करने के निर्देष दिए है। श्री मुकेष शुक्ला आज सागर शहरी क्षेत्र में पर्यावरण की स्थिति में सुधार लाने के लिए गठित समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्य के रूप में, जिला प्रषासन, नगर निगम, स्मार्ट सिटी, यातायात पुलिस, लोक निर्माण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, परिवहन, जिला व्यापार उद्योग केन्द्र के अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त श्री शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2014-15 में सागर शहर में वायु प्रदूषण का स्तर मानक से अधिक था, जो वर्तमान में घटकर संतोषजनक हो चुका है। इसे आगे भी निरंतर बनाए रखने की जरूरत है। श्री शुक्ला ने बताया कि विगत पिछले तीन साल में सागर शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में निरंतर सुधार हुआ है। परिणाम स्वरूप शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स संतोषजनक है। उन्होंने शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर पीयूसी (पॉल्युषन अण्डर कंट्रोल) मषीन की उपलब्धता सुनिष्चित करने के निर्देष भी दिए। वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण में परिवहन, खाद्य, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग एवं यातायात पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन विभागों को जनहित से जुडे़ इस विषय पर ध्यान देकर सक्रियता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने शहर में ई-रिक्षा की सुविधा में वृद्धि के प्रयास करने को भी कहा।


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संभागायुक्त श्री शुक्ला ने कहा कि परिवहन विभाग को वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को प्रभावी तरीके से रोकना चाहिए। नगर निगम शहर के उचित स्थानों का चयन वृक्षारोपण के लिए करें। ऐसे स्थान चयनित न किए जाए, जहां से भविष्य में वृक्षों को हटाना न पडे़। शहर में धूल और धुआं न उड़े तथा कचरा एकत्रित न होने पाए इस ओर भी ध्यान देने की आवष्यकता है। पुराने ऐसे वाहनों की जांच कर जुर्माना वसूला जाए जिनसे वायु प्रदूषण होता है। इसी दिषा में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार उद्योगों की भी जांच की जाए। संभागायुक्त ने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे भवन निर्माण होने के बाद व्यर्थ सामग्री को खुले में न छोड़ें। श्री शुक्ला ने नगर निगम को वृक्षारोपण के अलावा मार्ग के दोनों ओर पेबल ब्लॉक लगाने, कचरा आदि न जलाने, खुदाई होने के बाद उसे भरने के संबंध में भी निर्देष दिए।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा बताया गया कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वर्ष 2014-15 में मध्यप्रदेष के 6 शहरों में प्रदूषण मानक स्तर से अधिक पाये जाने पर नॉन अटेनमेंट सिटी के रूप में चिन्हित किए गए थे। इनमें सागर शहर भी शामिल था। सागर शहरी क्षेत्र में पर्यावरण की स्थिति में सुधार के लिए संभागायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति में नगर निगम, स्मार्ट सिटी, यातायात पुलिस, लोक निर्माण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, परिवहन, जिला व्यापार उद्योग केन्द्र को शामिल किया गया है। इन विभागों के सहयोग से एक कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री आरपी अहिरवार, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि डा. आरके जैन सहित लोक निर्माण, स्मार्ट सिटी आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।   


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