बुधवार, 13 अप्रैल 2022

Hanuman Jayanti 2022 : श्री हनुमान प्रकटोसव : 16 अप्रेल 22 को बन रहे हैं विशेष योग

Hanuman Jayanti 2022 :  श्री हनुमान प्रकटोसव : 16 अप्रेल 22  को बन रहे हैं विशेष योग 

Hanuman Jayanti 2022: .
संकटमोचन हनुमान जी का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मंगलवार के दिन हुआ था. इनके प्रभु श्रीराम के जन्म चैत्र नवमी के ठीक 6 दिन बाद रुद्रावतार पवनपुत्र का जन्म हुआ. अपने प्रभु श्रीराम को संकटों से बचाने के लिए केसरीनंदन माता अंजना के गर्भ से जन्मे और अपने जीवन के परम उद्देश्य को भी सार्थक किया. बजरंगबली ने तो अपनी भक्ति से सिद्ध कर दिया कि भगवान राम से बड़ा तो उनके प्रभु का नाम है, उनकी भक्ति है. इस बार हनुमान जयंती पर विशेष योग बन रहे हैं।

हनुमान जयंती पर विशेष योग

ये जयंती हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2022 Date) इस साल 16 अप्रैल, शनिवार को मनाई जाएगी. खास बात यह है कि इस दिन शनिवार पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि मंगलवार और शनिवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है.

इस साल हनुमान जयंती 16 अप्रैल दिन शनिवार को है. इस दिन रवि योग बन रहा है, जो सभी प्रकार के दोषों को दूर करने वाला और कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला है. रवि योग सुबह से ही बन रहा है. यह प्रात: 05 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ होकर सुबह 08 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा करना आपके लिए कल्याणकारी होगा.
हनुमान जयंती के दिन हस्त नक्षत्र सुबह 08 बजकर 40 मिनट तक है, उसके बाद से चित्रा नक्षत्र शुरु हो जाएगा. ये दोनों ही नक्षत्र मांगलिक एवं शुभ कार्यों के लिए अच्छे हैं. 16 अप्रैल को अभिजित मुहूर्त दिन में 11 बजकर 55 मिनट से शुरु होकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यह इस दिन का शुभ समय है. इसमें कोई कार्य शुरु करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं.



हनुमान जयंती की पूजा विधि (Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi)- व्रत से पहले एक रात को जमीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें. अगले दिन प्रात: जल्दी उठकर दोबारा राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें. हनुमान जयंती प्रात: स्नान ध्यान करने के बाद हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें. इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें. विनम्र भाव से बजरंगबली की प्रार्थना करें. इसके बाद षोडशोपाचार की विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें.


हनुमान जयंती का महत्व (Hanuman Jayanti 2022 Significance)- हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर जाकर हनुमान जी का दर्शन करना चाहिए और उनके सामने घी या तेल का दीपक जलाना चाहिए. इसके बाद 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिलती है. इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है।

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बेसन के लड्डू का भोग 
हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करके बेसन के लड्डू का भोग जरूर लगाएं। कहा जाता है कि हनुमान जी को बेसन के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। ऐसे में अपना मनपसंद भोग पाकर हनुमान जी जीवन के समस्त सुख प्रदान करते हैं।

लाल झंडा 
हनुमान जयंती के दिन किसी हनुमान मंदिर के शिखर पर तिकोना लाल झंडा लगाएं। कहा जाता है कि इससे सर्वत्र विजय हासिल होती है। जीवन की समस्त परेशानियों का हल निकलता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। 
मीठा पान 
महाबली हनुमान को मीठा पान अत्यंत प्रिय है। ऐसे में हनुमान जयंती के दिन अंजनी पुत्र हनुमान जी को मीठा पान जरूर भेंट करें। पान में पांच प्रकार की वस्तुएं होना चाहिए। कत्था, गुलकंद, खोपरा, सौंफ और गुलाबकतरी। एक बात का ध्यान रखें कि इसमें चूना, सुपारी जैसी चीजें बिल्कुल भी नहीं हो। इस पान से हनुमानजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। 



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आंकड़े के पत्तों की माला 
हनुमान जयंती के दिन सफेद आंकड़े के 21 पत्तों पर केसर और चंदन से श्री राम लिखकर उनकी माला बनाकर हनुमानजी को पहनाएं। इस प्रयोग से भाग्य के रास्ते में आ रही समस्त बाधाएं समाप्त होती हैं और व्यक्ति के जीवन में सफलता के द्वार खुलते चले जाते हैं।

सिंदूर का चोला 
धन संबंधी समस्याएं दूर करने के लिए हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को सिंदूर का चोला चढ़ाएं। उन्हें चमेली के पुष्पों की माला पहनाएं और लाल लंगोट बांधे। हनुमान जयंती से प्रारंभ करके अगली 11 पूर्णिमा तक ये प्रयोग करें।


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