नगर निगम सागर का 2026-27 का 1 करोड़ 60 लाख के घाटे का बजट पारित: जनहित कोई नये कर का प्रावधान नहीं
▪️30 अप्रैल तक जलकर की एक वर्ष की अग्रिम राशि जमा करने पर मिलेगी एक माह के जलकर की छूट
तीनबत्ती न्यूज: 31 मार्च ,2026
सागर : नगर निगम सागर का वित्तीय वर्ष 2026-27 का जनहित का एवं शहर विकास को समर्पित बजट महापौर श्रीमति संगीता सुशील तिवारी ने प्रस्तुत किया। जिसमें आम नागरिकों को कोई भी करारोपण न करते हुये विकास की योजनायें प्रस्तुत की जिसमें आय 6 अरब 4 करोड़ 75 हजार रुपए एवं व्यय 6 अरब 5 करोड़ 93 लाख 90 हजार रुपए,घाटा 1 करोड़ 60 लाख 15 हजार रूपये के बजट को प्रस्तुत करते हुये महापौर ने आशा व्यक्त करते हुये कहा कि घाटे की भरपाई संपत्तिकर, जलकर, दुकानों के किराये तथा व्यवसायिक काम्पलेक्स नंआदि से वसूली कर कर ली जावेगी। इसके साथ ही जनहित को दृष्टिगत रखते हुये जलकर की एक वर्ष की अग्रिम राशि अप्रैल माह में जमा करने पर एक माह के जलकर की छूट प्रदान की जायेगी। मंगलवार को बजट प्रस्तुत करने के दौरान निगमाध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार की अध्यक्षता में सभापति वित्त एवं लेखा सुश्री मेघा दुबे, निगमायुक्त राजकुमार खत्री थे। निगमाध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में किये गये प्रावधानों पर सभी पार्षदों से सुझाव लिये तथा विस्तृत चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से बजट पारित करने की स्वीकृति प्रदान की।
बजट शहर के विकास को समर्पित : महापौर
बजट प्रस्तुत करते हुये महापौर श्रीमति संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि सागर नगर के समग्र विकास, सुव्यवस्थित नगरीय प्रबंधन एवं नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026.27 का यह बजट प्रस्तुत किया जा रहा है। यह बजट शहर के सतत् विकास, स्वच्छता, हरित वातावरणए उन्नत अधोसंरचना तथा जनसहभागिता को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। नगर निगम का यह संकल्प है कि सागर को एक स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित एवं आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाए। इसके अंतर्गत सड़कों के उन्नयन, जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार, सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था तथा डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ हीए शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, हरित पट्टियों के विकासए झीलों के संरक्षण एवं पर्यटन स्थलों के उन्नयन को प्राथमिकता दी गई है। नागरिकों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नियमित सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
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बजट में शासन द्वारा संचालित एवं नगर निगम के माध्यम से क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं के द्वारा युवाओंए महिलाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए तथा रोजगारोन्मुखी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से समावेशी विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है इस हेतु विशेष प्रावधान किए गये है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम सागर का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आपके विश्वासए सहयोग एवं सहभागिता का प्रतिबिंब है। यह बजट केवल आय-व्यय का विवरण नहीं बल्कि हमारे शहर के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा है। हमारा लक्ष्य है कि सागर को स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास के क्षेत्र में अग्रणी शहर बनाया जाए। इसके लिए हमने "स्वच्छ सागर सुंदर सागर" की अवधारणा को अपनाते हुए शहर के प्रत्येक वार्ड में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया है। इस बजट में शहर की सड़कों को बेहतर बनानेए जल निकासी की समस्या का समाधान करने, पेयजल आपूर्ति को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं साथ ही शहर के उद्यानोंए ऐतिहासिक स्थलों एवं झील का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हैए डिजिटल इंडिया के अनुरूप नगर सेवाओं को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में भी और प्रभावी कार्यवाही की जा रही है जिससे नागरिकों को सुविधाजनक एवं त्वरित सेवाएँ प्राप्त हो सकें।
बजट में यह प्रावधान किये गये
नागरिकों को सुगमता से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु परकुल बांध परियोजना से पानी लाने हेतु बजट में 20 लाख रुपए, अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शेष रह गये शहर के विभिन्न स्थानों पर पाईप लाईन बिछाने के लिये रू 34 करोड़ 92लाख, एवं सीवर लाईन बिछाने हेतु रू 5 करोड़ तथा राजघाट वाटर वाॅडी रिज्यूविनेशन के लिये रू 5 करोड़, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना चतुर्थ चरण अंतर्गत शहर के विभिन्न 18 स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य हेतु रू 9 करोड़ 41 लाख, शहर की खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन हेतु मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत पार्क एवं खेल मैदान के निर्माण हेतु रू 6 करोड़ , नगर के गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवार को विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यो हेतु मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 7 मंगल भवन निर्माण के लिये रू. 9 करोड़, म.प्र.शासन की मंशा अनुरूप शहर में गीता भवन (आडीटोरियम) निर्माण कराने हेतु प्रावधान, मुख्यमंत्री मत्स्य समृध्दि योजनान्तर्गत विभिन्न 9 स्थानों पर रू 45 लाख की लागत से फिश पार्लर का निर्माण, अग्निशमन सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिये 15 वे वित्त आयोग अंतर्गत राशि से फायर स्टेशन निर्माण हेतु रू. 2 करोड़, राजघाट जलावर्धन परियोजना, नगर की स्ट्रीट लाईट व्यवस्था सहित अन्य स्थानों पर विद्युत बिल के भार को कम करने की दृष्टि से क्लीन एनर्जीध्ग्रीन एनर्जी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जाने हेतु रू 2 करोड़, नगर निगम पर भारित विद्युत बिल की राशि कम करने के लिये एनर्जी आडिट हेतु प्रावधान,झील-तालाब के उन्नयन एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु रू. 9 करोड, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से पुरूष एवं महिला सार्वजनिक शौचालयों तथा पेशाबघरों का निर्माण कराने हेतु रू. 1 करोड़ 50 लाख, जनहित को दृष्टिगत रखते हुये मार्गो पर प्रकाश व्यवस्था हेतु रू. 10 करोड़, शहर के 48 वार्डो में सुरक्षा की दृष्टि से सी.सी.टी.व्ही. केमरा सिस्टम लगाने हेतु रू. 1 करोड़, नगर निगम नवीन कार्यालय बिल्डिंग में निगम सभाकक्ष निर्माण सहित अन्य विभिन्न कार्यो हेतु रू 5 करोड़, शहर के विभिन्न चौराहों के सौन्दर्यीकरण एवं विकास कार्यो हेतु रू. 10 करोड़, पथ विक्रेताओं सहित हाथ ठेला पर व्यापार करने वाले व्यक्तियों को व्यवस्थित करने हेतु विभिन्न स्थानों पर हाकर्स जोन निर्माण कराने का प्रावधान, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम अंतर्गत सागर शहर की वायु गुणवत्ता सुधार आदि कार्य हेतु प्रावधानए शहर में विभिन्न स्थानों पर महापुरूषों की प्रतिमा स्थापना हेतु रू. 3 करोड़, शहर की स्वच्छता के लिये स्वीपिंग मशीन, नालों की सफाई हेतु छोटी एवं बड़ी जे.सी.बी.मशीन, टेक्ट्रर-ट्राली एवं अन्य आवश्यक उपकरण क्रय करने हेतु रू. 2 करोड़ 50 लाख, वार्डो के विकास, सौन्दर्यीकरण एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्यो हेतु पार्षद निधि में रु 25 लाख , नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों के हितों को दृष्टिगत रखते हुये उनके स्वत्वों का भुगतान एवं शासन द्वारा समय.समय पर देय मंहगाई भत्ता तथा मेडीकल भत्ता देने हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही व्यवसायिक नामांतरण प्रोसेस शुल्क की राशि रू. 5000/- पानी टेंकर रू’ 500/- मडपम्प राशि 2500/- निगम सीमा में एवं निगम सीमा से बाहर भेजने पर 4000/-करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
महापौर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026.27 में जनहित को दृष्टिगत रखते हुये किसी प्रकार के नये करों का प्रावधान नहीं किया गया है। बजट घाटे का अवश्य है परंतु घाटे की भरपाई व्यवसायिक काम्पलेक्स संपत्तिकर, जलकर, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्कए सीवर उपभोक्ता प्रभार शुल्क एवं अन्य करों से राजस्व बसूली में वृध्दि कर पूर्ति कर ली जावेगी।
एम.आई.सी.सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर ने बजट को शहर विकास एवं जनहितैषी बताते हुये महापौर जी को बधाई दी तथा परकोटा वार्ड में जलप्रदाय व्यवस्था के स्थायी समाधान हेतु एक नई पानी की टंकी का निर्माण कराने का वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की।
इस संबंध में एम.आई.सी.सदस्य धर्मेन्द्र खटीक, अनूप उर्मिल, सुश्री याकृति जडिया, शिवशंकर यादवए नीलोफर चमन, अशोक साहू चकिया, ताहिर मासाब, रिचासिंह, श्रीमति रूबी पटैल, अनीता रामू ठेकेदार, कंचन सोमेश जड़िया, रेखा नरेश यादव, देवेन्द्र अहिरवार सहित अन्य पार्षदों ने बजट में भाग लिया एवं सुझाव दिये।इस अवसर पर सहायक लेखाअधिकारी हर्ष केशरवानी, लेखापाल अभिषेक तिवारी, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
महापौर एवं निगमाध्यक्ष ने नवनियुक्त भाजपा पदाधिकारियों का स्वागत कर बधाई दी
निगम परिषद की बैठक के अंत में भाजपा महिला मोर्चा की नवुनियुक्त पदाधिकारियों वरिष्ठ पार्षद डाॅ.याकृति जड़िया को भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष एवं श्रीमति सविता जिनेश साहू को जिलामंत्री बनाये जाने पर पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मान किया एवं मिठाई खिलाकर बधाई दी।








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