कलेक्टर ने अस्पताल,मंडी व आगनबाड़ी का किया निरीक्षण: अस्पताल में जांच बाहर भेजने पर नाराजगी,BMO को नोटिस
• आंगनबाड़ी में बच्चों की कम उपस्थिति पर जताई चिंता
• मंडी में किसानों को पारदर्शी बोली और उचित सुविधाएं देने के निर्देश
तीनबत्ती न्यूज: 23 अक्टूबर 2026
सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को बीना क्षेत्र का दौरा कर आंगनबाड़ी केंद्र, सिविल अस्पताल, कृषि उपज मंडी और प्रस्तावित अस्पताल स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। सिविल अस्पताल में सेंट्रल लैब में जांच नहीं होने और मरीजों को बाहर जांच कराने भेजने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की कम उपस्थिति पर कार्यकर्ता को शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिविल अस्पताल में जांच बाहर कराने पर कड़ी नाराजगी, बीएमओ को नोटिस के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सिविल अस्पताल बीना के निरीक्षण के दौरान सेंट्रल लैब में जांच नहीं होने और मरीजों को बाहर जांच कराने के लिए भेजे जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को विभिन्न जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल में जांच नहीं होना गंभीर लापरवाही है। कलेक्टर ने इस मामले में बीएमओ एवं संबंधित स्त्री रोग विशेषज्ञ को नोटिस जारी करने और आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक जांच सिविल अस्पताल एवं सेंट्रल लैब में ही सुनिश्चित कराई जाएं तथा किसी भी मरीज को जांच के लिए बाहर नहीं भेजा जाए। उन्होंने साइंस हाउस के पिछले तीन महीने के भुगतान बिलों की रिपोर्ट भी तलब की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डॉक्टरों के ड्यूटी कक्ष का जायजा लिया और डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्टाफ को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने एएनसी पंजीयन कक्ष में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की जानकारी ली। गर्भवती महिलाओं से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य, जांच और शासन से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी पूछा। कलेक्टर ने स्त्री रोग विभाग और वात्सल्य प्रसूति गृह का निरीक्षण कर भर्ती महिलाओं से दवाओं, भोजन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने की सलाह भी दी।
आंगनबाड़ी केंद्र हिरनछिपा में बच्चों की कम उपस्थिति पर नाराजगी
कलेक्टर ने परियोजना बीना के आंगनबाड़ी केंद्र हिरनछिपा का औचक निरीक्षण किया। केंद्र में बच्चों की कम उपस्थिति मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पंजीकृत बच्चों की संख्या, उपस्थिति रजिस्टर और पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज जानकारी की जांच की। कलेक्टर ने अपने सामने ही बच्चों का वजन और लंबाई मापने की प्रक्रिया कराई तथा टेक होम राशन (टीएचआर) के स्टॉक और वृद्धि निगरानी रजिस्टर का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने केंद्र में मौजूद बच्चों एवं महिलाओं से संवाद कर गर्म पका भोजन, टेक होम राशन, टीकाकरण और प्री-स्कूल शिक्षा जैसी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने वितरित किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी जांची और निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र को निर्धारित समय पर खोलने और बंद करने, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और बिजली की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के लिए नियमित गतिविधियां, खेल और पोषण वाटिका संचालित करने को कहा। कलेक्टर ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजें।
मंडी में व्यापारियों की मनमानी नहीं चलेगी, किसानों को मिलेगी पारदर्शी बोली की सुविधा
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कृषि उपज मंडी बीना का निरीक्षण कर मंडी सचिव से अनाज की आवक, बिक्री और मंडी प्रांगण के क्षेत्रफल की जानकारी ली। उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों से चर्चा कर उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उड़द और सोयाबीन के भाव भी जाने।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मंडी में व्यापारियों की मनमानी नहीं चले और सभी कृषि उपज की नियमित एवं पारदर्शी बोली लगाई जाए। किसानों को उचित तौल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मंडी परिसर में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, छाया, शौचालय और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने किसानों से डीएपी के स्थान पर वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एनपीके और टीएसपी के उपयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि खाद का वितरण टोकन के माध्यम से सुचारू रूप से किया जा रहा है। शीघ्र ही डीएपी की रैक आने के बाद किसानों को आवश्यकतानुसार खाद उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रस्तावित अस्पताल की जमीन का हकत्याग और पहुंच मार्ग जल्द होगा क्लियर
कलेक्टर ने बीना में प्रस्तावित अस्पताल स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम बीना श्री आशीष कुमार ने प्रस्तावित अस्पताल की भूमि, क्षेत्रफल और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित अस्पताल की जमीन का हकत्याग शीघ्र पूर्ण कराया जाए और पहुंच मार्ग को क्लियर किया जाए। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के बाद अस्पताल का ले-आउट पूर्ण किया जाए। उन्होंने सीएमएचओ को अस्पताल निर्माण से संबंधित तकनीकी आवश्यकताओं का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के इस दौरे में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, कृषि उपज के व्यापार और प्रस्तावित अस्पताल निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन, मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसानों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर और बेहतर तरीके से मिले।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बीना श्री आशीष कुमार, सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री भरत सिंह राजपूत, तहसीलदार, मंडी सचिव तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












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