सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य
तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026
जबलपुर/भोपाल, 25 जुलाई 2026। सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), अनुचित साधनों के प्रयोग और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में चार विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय नामित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल किए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल निर्णय लेते हुए चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णयों को लागू करने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है।
हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट के लिए किया नामित
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की पहल पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों को विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय के रूप में नामित किया गया है।
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा : MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे....
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इन शहरों में होंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट
- भोपाल: श्री प्रवीण पटेल (18वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
- इंदौर: डॉ. (श्रीमती) शुभ्रा सिंह (26वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
- ग्वालियर: श्री विशाल अखण्ड (8वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
- जबलपुर: श्री आनंद कुमार सेहलाम (27वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
ये न्यायालय लोक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत दर्ज मामलों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों से जुड़े अपराधों की भी सुनवाई करेंगे। इनका क्षेत्राधिकार संबंधित संभागों और निर्धारित जिलों तक रहेगा।
तीन महीने में फैसला सुनाने का प्रयास
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन माह के भीतर मामलों का विचारण पूरा कर निर्णय सुनाने का हरसंभव प्रयास किया जाए, ताकि परीक्षा संबंधी अपराधों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
सीएम बोले- युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की तुलना में प्रदेश में अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
नई व्यवस्था से प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा होने की उम्मीद है। इससे भर्ती परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।






