लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत नहीं करने पर 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति
तीनबत्ती न्यूज 17 अगस्त 2026
सागर । मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का निराकरण नहीं करने पर सागर जिले के 7 पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति अधिरोपित की गई है। द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 7(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में ही दिए थे। इसके बावजूद कुछ प्रकरणों के निराकरण में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
जारी आदेश के अनुसार जिन प्रकरणों में देरी हुई, उनमें विवाह पंजीयन, जन्म का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र तथा मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदन शामिल हैं। इन प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित समय-सीमा से 3 से 11 दिवस तक का विलंब पाया गया।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
- सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़ के सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर ₹2,750।
- तेड़ूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव रतन सिंह पटेल पर ₹750।
- पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव महेन्द्र सिंह पर ₹500।
- गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर ₹2,000।
- रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव दीपक खटीक पर ₹5,000।
- घाना, जनपद पंचायत केसली के सचिव उमाशंकर दुबे पर ₹2,500।
- तुलसीपार, जनपद पंचायत केसली के सचिव निरंजन खरे पर ₹1,750।
इस प्रकार कुल 15,250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।
प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान नहीं करने पर संबंधित पदाभिहित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति अधिरोपित की जाती है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को शास्ति की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराकर उसकी प्रति तीन दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।






