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कलेक्टर प्रतिभा पाल का बड़ा एक्शन: लापरवाही पर पेनल्टी : तहसीलदार, टीबी अधिकारी सहित कई अफसरों का वेतन रोकने के निर्देश •JSY योजना में लापरवाही: एकाउंट मैनेजर की सेवा समाप्ति के निर्देश

समय सीमा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त : लापरवाही पर वेतन रोकने और पेनल्टी के निर्देश

• जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी पर एकाउंट मैनेजर की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज:05 अक्टूबर, 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सोमवार को समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों, स्वास्थ्य सेवाओं, भू-अर्जन एवं राजस्व मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। कार्य में लापरवाही और अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित रखने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने कहा कि जन विश्वास अभियान शुरू होने से पहले सभी लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित कर उन्हें बंद कराया जाए। बिना उचित कारण शिकायतें लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए। एमपीईबी, सामाजिक न्याय विभाग तथा योजना एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

100 दिन से लंबित भू-अर्जन प्रकरणों पर सख्ती

बैठक में बंडा, खुरई, बीना सहित अन्य क्षेत्रों में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित भू-अर्जन एवं पट्टे से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

बिना उचित कारण भू-अर्जन प्रकरण लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एडीएम को इन मामलों की समीक्षा करने को कहा गया। बंडा तहसीलदार द्वारा भू-अर्जन प्रकरणों में समय पर कार्रवाई नहीं करने पर आगामी आदेश तक वेतन रोकने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

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बंडा नगरीय निकाय के कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

बंडा नगरीय निकाय में हुए निर्माण कार्यों, नगरीय प्रशासन विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन तथा हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिला टीबी अधिकारी डॉ. कुरैशी का आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार संबंधित मामलों में खुरई और बीना बीएमओ का वेतन भी होल्ड रखने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।

जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी पर होगी कार्रवाई

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना (JSY) के भुगतान की समीक्षा में हितग्राहियों को राशि समय पर नहीं मिलने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने भुगतान में देरी और लापरवाही पर संबंधित एकाउंट मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जननी सुरक्षा योजना की राशि समय पर हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचाना संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी की सीधी जिम्मेदारी है। भुगतान में अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी

बैठक में 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

राजस्व एवं भू-अर्जन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए शिविर आयोजित कर नामांतरण, बंटवारा और खाता सुधार के कार्य पूर्ण कराने को कहा गया। सागर शहर के वेस्टर्न बायपास के लिए आवश्यक भूमि का कब्जा शीघ्र दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित एसडीएम को दिए गए।

भूमि आवंटन और स्वामित्व योजना के कार्य समय पर करने के निर्देश

कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के प्रकरण बिना वजह लंबित नहीं रखे जाएं। स्वामित्व योजना से संबंधित सभी कार्य एमपी ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया।


नामांतरण, कब्जा और बेदखली से संबंधित प्रकरणों में भी बिना विलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कब्जे से जुड़े मामलों में एसडीएम को स्वयं फील्ड पर जाकर राजस्व अमले से सत्यापन कराने को कहा गया।


कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर पंचनामा तैयार करें तथा प्रभावित अथवा संबंधित पक्ष की उपस्थिति में ही सीमांकन की कार्रवाई पूरी की जाए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ  जगदीश गोमे, नगर निगम आयुक्त  राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी सहित जिले के सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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सागर में अवैध शराब भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, दो बार के लाइसेंस निरस्त

अवैध मदिरा भंडारण पर बड़ी कार्रवाई: सागर के दो रेस्तरां बार के लाइसेंस निरस्त


तीनबत्ती न्यूज: 03 अक्टूबर 2026

सागर। जिले में अवैध मदिरा के भंडारण और आबकारी नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर भगवानगंज क्षेत्र स्थित दो रेस्तरां बार की वर्ष 2026-27 की एफएल-2 रेस्तरां बार अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं।

मुस्कान बार में 119.65 बल्क लीटर अवैध मदिरा मिली

भगवानगंज स्थित मुस्कान बार एंड रेस्टोरेंट, जिसके लाइसेंसी श्री भगत सिंह राजपूत हैं, के एफएल-2 रेस्तरां बार लाइसेंस को निरस्त किया गया है।

14 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी श्री रोहित वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप और सहायक आयुक्त आबकारी श्रीमती वंदना पांडेय के नेतृत्व में टीम ने बार का औचक निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान बार में बिना वैध परमिट के 43 बोतल स्प्रिट मदिरा, 96 बोतल बीयर और 50 कैन बीयर, कुल 119.65 बल्क लीटर मदिरा, विक्रय के लिए संग्रहित पाई गई। मौके पर मदिरा से संबंधित वैध दस्तावेज या परमिट प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

आबकारी विभाग ने मदिरा जब्त कर प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद जारी कारण बताओ सूचना पत्र का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 31(1)(ख) के तहत अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

जी.के. होटल्स का एफएल-2 लाइसेंस भी निरस्त

इसी कार्रवाई के तहत भगवानगंज स्थित जी.के. होटल्स, जिसके लाइसेंसी श्री सुरेन्द्र कुमार अहिरवार हैं, का वर्ष 2026-27 का एफएल-2 रेस्तरां बार लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।

14 सितंबर को किए गए निरीक्षण में यहां बिना परमिट के 18 बोतल मदिरा और 16 कैन बीयर, कुल 28.2 बल्क लीटर मदिरा, अवैध रूप से संग्रहित पाई गई थी।

आबकारी नियमों एवं लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के मामले में प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के प्रावधानों के तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

अवैध मदिरा के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी

कलेक्टर कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिले में आबकारी नियमों के उल्लंघन, अवैध मदिरा के भंडारण और बिना वैध अनुमति मदिरा रखने के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने लाइसेंसधारियों को आबकारी नियमों और लाइसेंस की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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बंडा कांड के बाद सागर में तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल की सख्त कार्रवाई

बंडा कांड के बाद सख्त कार्रवाई: सागर में तीन शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त


तीनबत्ती न्यूज : 12 सितंबर 2026

सागर। बंडा क्षेत्र में हुई गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन ने अपराध और संभावित शस्त्र दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतिभा पाल ने आयुध अधिनियम, 1959 के तहत बंडा और बहेरिया थाना क्षेत्रों से जुड़े तीन शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।

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यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर के प्रतिवेदन, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों तथा लोक शांति एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। प्रशासन ने शस्त्रों के संभावित दुरुपयोग की आशंका को भी कार्रवाई का आधार बनाया है।

तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त

सोहन राजपूत: ग्राम ततरवारा, थाना बंडा निवासी सोहन राजपूत के शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 11/2004 को निरस्त किया गया है। लाइसेंस के तहत 12 बोर शस्त्र दर्ज था। शस्त्र को तत्काल थाना बंडा में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने के कारण उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की गई।

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हेमलता राजपूत: ग्राम ततरवारा, थाना बंडा निवासी हेमलता राजपूत का शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 112/2020 निरस्त किया गया है। इस लाइसेंस के तहत एन.पी. बोर रायफल दर्ज थी। संबंधित शस्त्र को थाना बंडा में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सिद्धार्थ कुशवाहा: ग्राम रूसल्ला, थाना बहेरिया निवासी सिद्धार्थ कुशवाहा का शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 03/2016 निरस्त किया गया है। लाइसेंस में एक 12 बोर दो नाल शस्त्र और एक .315 बोर रायफल दर्ज थी। कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने और उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई की गई। दोनों शस्त्रों को तत्काल थाना बहेरिया में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में शस्त्रों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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सागर नौराज पंचायत में ₹7.49 लाख का गबन, सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज; बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू

कलेक्टर का कड़ा रुख:  नौराज पंचायत में 7.49 लाख के गबन पर सख्त कार्रवाई: सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज, अंतिम नोटिस जारी



तीनबत्ती न्यूज 12 सितंबर 2026

सागर:  बंडा शराब कांड का प्रभावित क्षेत्र  में शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के मामलों पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शाहगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत नौराज में विकास कार्यों के नाम पर 7 लाख 49 हजार 79 रुपए के वित्तीय गबन का मामला सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे ने सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  

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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा सभी अधिकारियों को सरकारी निधि के पारदर्शी उपयोग और अनियमितता बरतने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसी तारतम्य में जनपद पंचायत शाहगढ़ की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि 15वें वित्त आयोग और मनरेगा मद के तहत स्वीकृत तीन बड़े निर्माण कार्यों में बिना कोई काम कराए ही राशि आहरित कर ली गई।

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सागर में पाथवे रेस्टोरेंट और सत्यम होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

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जांच में उजागर हुईं तीन प्रमुख अनियमिताएं

सामुदायिक स्वच्छता परिसर: ग्राम ततरवारा में प्राथमिक शाला के समीप 3 लाख 81 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत सामुदायिक स्वच्छता परिसर के मद से 1 लाख 91 हजार 67 रुपए का आहरण बिना मूल्यांकन के कर लिया गया, जबकि मौके पर कोई निर्माण नहीं पाया गया।

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सी.सी. रोड निर्माण: नौराज में कौशल्या के घर से केवलारी परिवार के घर तक स्वीकृत 5 लाख 87 हज़ार की सी.सी. रोड के लिए 2 लाख 78 हजार 167 रुपए बिना कार्य और बिना मूल्यांकन के निकाल लिए गए।


स्टॉपडेम निर्माण: 7 लाख की लागत से स्वीकृत स्टॉपडेम के नाम पर 2 लाख 79 हजार 845 रुपए की राशि आहरित कर ली गई, जबकि स्थल पर स्टॉपडेम का कोई वजूद ही नहीं मिला।

ग्राम पंचायत सचिव डालसिंह लोधी के बयानों और दस्तावेजों की पड़ताल से फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार अंतिम अवसर देते हुए 21 सितंबर 2026 तक साक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत उपस्थिति का नोटिस थमाया गया है। म.प्र. पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तय समय में जवाब न मिलने पर एकपक्षीय बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।


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राशन माफियाओं पर सागर कलेक्टर का बड़ा शिकंजा : लाखों के खाद्यान्न का मिला गबन : 5 उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं पर FIR

राशन माफियाओं पर सागर कलेक्टर का बड़ा शिकंजा : लाखों के खाद्यान्न का मिला गबन : 5 उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं पर FIR

• लाखों रुपये के खाद्यान्न गबन का खुलासा, पांच राशन दुकानें निलंबित कर नजदीकी संस्थाओं से की गईं अटैच


तीनबत्ती न्यूज:  2 सितंबर 2026।

सागर: गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के हक के राशन में गड़बड़ी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सागर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच में शहर की पांच शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं और बड़ी मात्रा में खाद्यान्न के अपयोजन का मामला सामने आया है। जांच के बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पांचों उचित मूल्य दुकानों को निलंबित कर दिया है। वहीं हितग्राहियों को राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए इन दुकानों को नजदीकी संस्थाओं से अस्थायी रूप से संबद्ध कर दिया गया है।


जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर हुई जांच


शहर की शासकीय उचित मूल्य दुकानों से हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिलने, वितरण में अनियमितता और राशन की कालाबाजारी से संबंधित शिकायतें लगातार जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रशासन के सामने आ रही थीं।


शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीमती चारू जैन एवं प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री अभिषेक मोर के नेतृत्व में गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड और शिवाजीनगर क्षेत्र की राशन दुकानों की जांच की गई।


जांच के दौरान दुकानों में स्टॉक का सही संधारण नहीं किया जाना, निर्धारित समय पर दुकान नहीं खोलना, रिकॉर्ड के अनुसार उठाए गए खाद्यान्न और हितग्राहियों को वितरित खाद्यान्न में भारी अंतर तथा दुकानों पर खाद्यान्न का भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं होना जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।


लाखों रुपये के खाद्यान्न के अपयोजन का खुलासा


जांच में अलग-अलग राशन दुकानों में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न के अपयोजन का मामला सामने आया। विभाग द्वारा दर्ज विवरण के अनुसार—


सुबेदार-01 उचित मूल्य दुकान, कोड 1001046


वर्तमान विक्रेता ध्रुव रजक के स्तर पर 2,236 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन, जिसकी कीमत ₹1,45,680 बताई गई है।


पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 5,60,012 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन, जिसकी कीमत ₹15,67,329 बताई गई है।



शास्त्री वार्ड, कोड 1001020

विक्रेता श्रीमती रमा पति अतुल तिवारी एवं सहायक विक्रेता अनुरोध पिता अतुल तिवारी के स्तर पर 47,291 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन पाया गया, जिसका मूल्य ₹14,55,230 है।


गांधीचौक वार्ड, कोड 1001039


वर्तमान विक्रेता अनुराग पिता स्व. मदनलाल सोनी के स्तर पर 3,293 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन, मूल्य ₹1,04,664.50।


पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी पिता स्व. चंद्रबिहारी तिवारी के स्तर पर 24,054 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन, मूल्य ₹7,49,500।



रामपुरा वार्ड, कोड 1001057

विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 15,544 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन पाया गया, जिसकी कीमत ₹4,75,260 है।


शिवाजीनगर वार्ड, कोड 1001007

विक्रेता दीपक पिता सीताराम श्रीवास्तव के स्तर पर 20,362 किलोग्राम खाद्यान्न का अपयोजन सामने आया, जिसकी कीमत ₹6,47,610 बताई गई है।


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BNS और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR

जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं नियंत्रण आदेश की धाराओं के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5) और 318(4) के तहत पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।प्रशासन द्वारा अपयोजित खाद्यान्न की राशि की वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


राशन वितरण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश


जिला प्रशासन ने पांचों उचित मूल्य दुकानों को निलंबित करने के साथ ही उन्हें नजदीकी संस्थाओं से संबद्ध कर दिया है, ताकि संबंधित क्षेत्र के हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से राशन वितरण में अनियमितता करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि गरीबों के हक के खाद्यान्न में गड़बड़ी या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026

सागर । कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों से आत्मीयता से बातचीत की और बच्चों से पहाड़ा सुना।

बच्चों ने बेझिझक होकर कलेक्टर के सामने पहाड़ा सुनाया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उनका उत्साहवर्धन किया और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, वे नियमित रूप से स्कूल आते हैं या नहीं और विद्यालय में मिलने वाला भोजन ठीक से करते हैं या नहीं। बच्चों से हुई इस आत्मीय बातचीत से विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

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लोक सेवा गारंटी में देरी पर सागर के 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति, ₹15,250 जुर्माना

लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत नहीं करने पर 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति 


तीनबत्ती न्यूज 17 अगस्त 2026

सागर । मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का निराकरण नहीं करने पर सागर जिले के 7 पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति अधिरोपित की गई है। द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 7(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में ही दिए थे। इसके बावजूद कुछ प्रकरणों के निराकरण में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जिन प्रकरणों में देरी हुई, उनमें विवाह पंजीयन, जन्म का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र तथा मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदन शामिल हैं। इन प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित समय-सीमा से 3 से 11 दिवस तक का विलंब पाया गया।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

- सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़ के सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर ₹2,750।

- तेड़ूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव रतन सिंह पटेल पर ₹750।

- पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव महेन्द्र सिंह पर ₹500।

- गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर ₹2,000।

- रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव दीपक खटीक पर ₹5,000।

- घाना, जनपद पंचायत केसली के सचिव उमाशंकर दुबे पर ₹2,500।

- तुलसीपार, जनपद पंचायत केसली के सचिव निरंजन खरे पर ₹1,750।

इस प्रकार कुल 15,250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।


प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति


लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान नहीं करने पर संबंधित पदाभिहित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति अधिरोपित की जाती है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को शास्ति की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराकर उसकी प्रति तीन दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



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सागर में लंबित शिकायतों पर कलेक्टर का सख्त रुख, गुरुवार तक निराकरण के निर्देश

शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों को मिलेंगे नोटिस

कलेक्टर ने ली टीएल बैठक: लंबित शिकायतों को गुरुवार तक शत-प्रतिशत निराकृत करने के दिए निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त 2026

सागर
: कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सीएम जन विश्वास अभियान के तहत लंबित सीएम हेल्पलाईन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी गुरुवार तक सभी लंबित शिकायतों का आवेदकों की संतुष्टि के साथ शत-प्रतिशत निराकरण करना सुनिश्चित करें। बैठक में विगत जन विश्वास कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और ऐसी शिकायतें जो बिना किसी उचित कारण के अभी भी लंबित हैं, ऐसे संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि अगला जन विश्वास शिविर शुक्रवार को जैसीनगर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर स्थलों के अलावा सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण और समीक्षा बैठकें कर शिकायतों का निराकरण करें। अधिकारियों को कार-पूलिंग अपनाने और विशेष शिकायतों वाले गांवों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने संबंधित संस्थानों और कार्यालयों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए।  उन्होंने विभिन्न आयोगों, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने रिट याचिकाओं में समय पर जवाब पेश करने के लिए सभी संपर्क अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिले में खाद की उपलब्धता व रैक लगने की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को खाद के सुचारू वितरण की व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए।

100 दिवस से अधिक लंबित मामलों में पेनल्टी: कलेक्टर श्रीमती पाल ने पीएम श्रमयोगी मानधन योजना तथा संबल योजना में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सीईओ तथा सीएमओ पर एक हज़ार रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में कृषक कल्याण से संबंधित स्वरोजगार  परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच, वाटरशेड और  एनआरएलएम के माध्यम से क्रेडिट लिंकेज बढ़ाने पर बल दिया गया।
राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने भूमि सर्वेक्षण प्रकरणों की शीघ्र रिपोर्ट भेजने, भू-अर्जन समीक्षा, तथा नामांतरण, सीमांकन व बंटवारा के मामलों का समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। सभी जनपद सीईओ को समग्र ई-केवायसी का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा गया।

परख ऐप: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जन विश्वास और विभागीय निरीक्षण विवरण को 'परख ऐप' पर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत,  सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेश द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन, सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


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राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर कलेक्टर सख्त, 30 दिन में निपटाने के निर्देश • तहसीलदार बांदरी और मालथौन को नोटिस

राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर कलेक्टर सख्त, 30 दिन में लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश

• तहसीलदार बांदरी और मालथौन को नोटिस के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज, 14 अगस्त 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बांदरी में खंडस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों, कार्यालयीन अनुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने नामांतरण, फौती, सीमांकन, बंटवारा सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, खुरई एसडीएम श्री सतीश वर्मा सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

तहसीलदार बांदरी और मालथौन को नोटिस के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फौती सहित अन्य राजस्व प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर तहसीलदार बांदरी एवं मालथौन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण सीधे तौर पर जनहित से जुड़ा है, इसलिए प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।

उन्होंने खुरई एसडीएम श्री सतीश वर्मा को तहसील न्यायालय का निरीक्षण करने और लंबित फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। अनुभाग के सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का आगामी 30 दिनों में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को भी शीघ्र शून्य करने के निर्देश दिए।

कार्यालयों में समय पर उपस्थिति अनिवार्य

कलेक्टर ने कार्यालयीन अनुशासन को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुभाग के सभी शासकीय कार्यालय निर्धारित समय के अनुसार संचालित हों और कार्यालय प्रारंभ होने से लेकर समाप्ति तक स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

जिन कार्यालयों और विभागों में सार्थक अथवा अन्य उपस्थिति ऐप लागू हैं, वहां सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपस्थिति ही वेतन का आधार होगी।

किसानों को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इच्छुक किसानों का चिन्हांकन कर एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए। इन आवेदनों को 31 अगस्त तक संबंधित बैंकों में जमा कराने को कहा गया, ताकि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

जननी सुरक्षा और आयुष्मान कार्ड पर जोर

कलेक्टर ने जननी सुरक्षा योजना के हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल एवं पुस्तकों के वितरण तथा नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने खाद्य शाखा का किया औचक निरीक्षण, लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश

कलेक्टर ने खाद्य शाखा का किया औचक निरीक्षण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज, 13 अगस्त 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित जिला आपूर्ति एवं खाद्य नियंत्रक शाखा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शाखा में जांच प्रकरणों, उनकी प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने लंबित प्रकरणों को स्वयं देखा और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी मामलों का शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच प्रकरणों में पेंडेंसी पाए जाने पर उन्होंने कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दायरा पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने पंजी में दर्ज आवेदनों को निकलवाकर उनकी वर्तमान स्थिति और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली। इसके साथ ही खाद्य शाखा द्वारा की गई कार्रवाई के अंतर्गत दर्ज एफआईआर प्रकरणों का भी अवलोकन कर संबंधित मामलों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य एवं आपूर्ति से संबंधित प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी प्रकरणों का नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए।


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सागर कलेक्ट्रेट में बिना हेलमेट एंट्री बंद, ₹6,200 का चालान वसूला

सागर कलेक्ट्रेट में बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों की एंट्री बंद, अब तक ₹6,200 का चालान


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर कलेक्ट्रेट परिसर सहित संभागीय और जिला स्तरीय कार्यालयों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है।

1 अगस्त 2026 से कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान बिना हेलमेट पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को रोका जा रहा है और नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में ₹6,200 का शमन शुल्क वसूल किया जा चुका है। यह कार्रवाई मोटरयान अधिनियम की धारा 128, 138(1), 138(3) एवं 129 के तहत की जा रही है।



अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक नियम लागू

कलेक्ट्रेट एवं अन्य संभागीय तथा जिला स्तरीय कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और आवश्यकतानुसार चालानी कार्रवाई भी की जा रही है।

जीवन सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूरी

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और यातायात नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।



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कलेक्टर प्रतिभा पाल का कार्यालयों का औचक निरीक्षण: लापरवाही पर कर्मचारी निलंबित, रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एसओपी लागू

कलेक्टर ने किया कार्यालयों का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सहायक ग्रेड-3 निलंबित

▪️नकल शाखा, अभिलेखागार और जिला पंचायत कार्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा, रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एसओपी और रोस्टर लागू करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज, 09 जुलाई 2026

सागर:  जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को नकल शाखा, अभिलेखागार एवं जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही और भारी पेंडेंसी पाए जाने पर उन्होंने सहायक ग्रेड-3 सुधीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन स्तरों पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए बनेगी एसओपी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी प्रकार के रिकॉर्ड के रख-रखाव, प्राप्ति और निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रोस्टर और कार्य-प्रणाली निर्धारित करने पर जोर दिया, ताकि प्रत्येक कार्य तय समय-सीमा में पूरा हो सके।

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दैनिक मॉनिटरिंग और उपस्थिति अनिवार्य

नकल शाखा और लोक सेवा केंद्र के बेहतर समन्वय के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि लोकसेवा ऑपरेटर अथवा रनर प्रतिदिन शाखा में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज करेगा और लंबित प्रकरणों का विवरण भी रजिस्टर में अंकित करेगा।

जिला पंचायत कार्यालय में  व्यवस्थाओं की समीक्षा

इसके बाद कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिला पंचायत कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्थापना, विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर वहां संचालित कार्यों की समीक्षा की।


उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी हितग्राही या विभागीय कार्य की फाइल अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।



रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय अभिलेख और रिकॉर्ड सुव्यवस्थित एवं अद्यतन होने चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत ग्रामीण विकास की धुरी है और यहां आने वाले प्रत्येक हितग्राही की समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान एडीएम श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन, एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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सागर: कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य पूरा नहीं करने पर सख्ती, शून्य प्रदर्शन पर निलंबन के निर्देश

सागर: कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य पूरा नहीं करने पर सख्ती, शून्य प्रदर्शन पर निलंबन और वेतन रोकने के निर्देश

▪️कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश, पशुपालकों से जीवंत संपर्क और वैक्सीनेशन अभियान तेज करने पर जोर

तीनबत्ती न्यूज:  08 जुलाई 2026।

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, वैक्सीनेशन और शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पशुधन की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में कृत्रिम गर्भाधान सबसे महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य में कमजोर प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने शून्य प्रदर्शन करने वाले विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं 30 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले पशु चिकित्सा अधिकारियों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों का आगामी वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने 10 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों तथा एक अंकीय प्रदर्शन करने वाले विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी अधिकारियों को दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे पशुपालकों से संपर्क बनाए रखने और पिछले तीन महीनों के लंबित लक्ष्यों के साथ आगामी तिमाही के लक्ष्यों को भी समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा

कलेक्टर ने पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा करते हुए बैंकों से समन्वय स्थापित कर सभी लंबित प्रकरणों और स्वीकृत कार्यों को एक माह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से निरस्त मामलों को पुनः प्रक्रिया में लाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाया जाए।

गौशालाओं में चारा प्रबंधन और टीकाकरण पर जोर

कलेक्टर ने जिले की गौशालाओं में चारे-भूसे के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यकता अनुसार स्ट्रॉ रीपर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं को संक्रामक एवं घातक बीमारियों से बचाने के लिए जिलेभर में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, उप संचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढार, डॉ. जगदीश बाविसटाले सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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सागर में 155 डेयरी संचालकों पर कार्रवाई, आवंटन निरस्त और राशि राजसात होगी

सागर: 155 डेयरी संचालकों का आवंटन निरस्त होगा, जमा राशि होगी राजसात; कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज : 07 जुलाई 2026

Dairy Relocation Sagar

सागर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और यातायात बाधाओं से मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे डेयरी विस्थापन अभियान में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर नगर निगम अब उन 155 डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जिन्होंने भूखंड आवंटन और नोटिस मिलने के बावजूद न तो हफसीली विस्थापन स्थल पर शेड बनाए और न ही अपनी डेयरियों को वहां स्थानांतरित किया।

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मंगलवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल ने हफसीली डेयरी विस्थापन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को बिजली, पेयजल, ड्रेनेज, सफाई तथा चिकित्सा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

नगर निगम की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सूचीबद्ध डेयरी संचालकों में से केवल 4 संचालकों ने ही मौके पर शेड का निर्माण कराया है, जबकि 155 संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए अब भी शहर में अवैध रूप से डेयरियां संचालित कर रहे हैं।


कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर निगम ऐसे सभी डिफॉल्टर डेयरी संचालकों का भूखंड आवंटन निरस्त करेगा और उनके द्वारा जमा की गई राशि को राजसात किया जाएगा। जिन संचालकों के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए जिला रजिस्ट्रार को पत्र भेजा जाएगा।

वहीं, डेयरी विस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे 54 नए आवेदकों को भूखंड आवंटित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है, ताकि इच्छुक डेयरी संचालकों को शीघ्र स्थान उपलब्ध कराया जा सके।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि शहर की स्वच्छता और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए डेयरियों का विस्थापन जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को रोजाना प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।


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