Editor: Vinod Arya | 94244 37885
Collector Pratibha Pal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Collector Pratibha Pal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026

सागर । कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों से आत्मीयता से बातचीत की और बच्चों से पहाड़ा सुना।

बच्चों ने बेझिझक होकर कलेक्टर के सामने पहाड़ा सुनाया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उनका उत्साहवर्धन किया और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, वे नियमित रूप से स्कूल आते हैं या नहीं और विद्यालय में मिलने वाला भोजन ठीक से करते हैं या नहीं। बच्चों से हुई इस आत्मीय बातचीत से विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

Share:

लोक सेवा गारंटी में देरी पर सागर के 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति, ₹15,250 जुर्माना

लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत नहीं करने पर 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति 


तीनबत्ती न्यूज 17 अगस्त 2026

सागर । मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का निराकरण नहीं करने पर सागर जिले के 7 पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति अधिरोपित की गई है। द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 7(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में ही दिए थे। इसके बावजूद कुछ प्रकरणों के निराकरण में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जिन प्रकरणों में देरी हुई, उनमें विवाह पंजीयन, जन्म का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र तथा मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदन शामिल हैं। इन प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित समय-सीमा से 3 से 11 दिवस तक का विलंब पाया गया।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

- सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़ के सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर ₹2,750।

- तेड़ूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव रतन सिंह पटेल पर ₹750।

- पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव महेन्द्र सिंह पर ₹500।

- गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर ₹2,000।

- रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव दीपक खटीक पर ₹5,000।

- घाना, जनपद पंचायत केसली के सचिव उमाशंकर दुबे पर ₹2,500।

- तुलसीपार, जनपद पंचायत केसली के सचिव निरंजन खरे पर ₹1,750।

इस प्रकार कुल 15,250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।


प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति


लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान नहीं करने पर संबंधित पदाभिहित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति अधिरोपित की जाती है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को शास्ति की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराकर उसकी प्रति तीन दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



Share:

IMR कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की विशेष बैठक, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर सख्त निर्देश

सागर: मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी पहल, जिला अस्पताल-BMC और स्वास्थ्य अमले की संयुक्त समीक्षा

कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सागर में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। जिले में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहली बार जिला चिकित्सालय, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन वास्तविक कारणों की पहचान करना है जिनके चलते मरीज प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर जिला अस्पताल या बीएमसी पहुंचते हैं और बाद में मातृ अथवा शिशु मृत्यु के मामलों में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप (Timely Intervention) सुनिश्चित किया जाए।

गंभीर एनीमिया और हाई ब्लड प्रेशर बने प्रमुख कारण

समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मातृ मृत्यु के मामलों में गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया तथा गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (Pregnancy Induced Hypertension) की समस्या पाई गई। इसके अलावा हेपेटिक फेलियर, पोस्टपार्टम हैमरेज, एक्लेम्पसिया और प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं भी प्रमुख कारण रहीं।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित ब्लड प्रेशर (BP) और हीमोग्लोबिन (HB) जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा जोखिम वाले मामलों की लगातार निगरानी रखी जाए।

हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी बर्थ मैपिंग

बैठक में निर्णय लिया गया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की बर्थ मैपिंग की जाएगी। संभावित प्रसव तिथि से 7 से 15 दिन पहले ऐसी महिलाओं को संबंधित अस्पताल के बर्थ वेटिंग एरिया में भर्ती कराया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

इसके साथ ही आशा, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने तथा परिवार को भी निर्धारित अस्पताल की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर बोले— हाई-रिस्क मां तो बच्चा भी हाई-रिस्क

बैठक में बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि यदि मां हाई-रिस्क गर्भवती है तो उससे जन्म लेने वाला शिशु भी हाई-रिस्क श्रेणी में आता है। इसलिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से समय पूर्व प्रसव और नवजात जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

नवजात मृत्यु के कारणों की भी हुई समीक्षा

आईएमआर की समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश शिशु मृत्यु जन्म के बाद पहले 28 दिनों (नियोनेटल पीरियड) में हो रही हैं। इसके प्रमुख कारण समय से पहले जन्म (Prematurity) और जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी (Birth Asphyxia) पाए गए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांच समय पर कराई जाए, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक दवाओं का नियमित सेवन सुनिश्चित कराया जाए तथा समय से पहले प्रसव रोकने के लिए हाई-रिस्क मामलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए।

डेथ ऑडिट केवल औपचारिकता नहीं बने

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैटरनल डेथ रिव्यू (MDR) और चाइल्ड डेथ रिव्यू (CDR) पूरी गंभीरता के साथ किए जाएं। फॉर्म-1 से फॉर्म-6 तक की सभी जानकारी पारदर्शिता के साथ भरी जाए तथा बीएमसी, जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय की संयुक्त टीम नियमित ऑडिट कर कमियों को दूर करे।

बीएमओ को मैदानी अमले की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम, आशा सुपरवाइजर और सीएचओ के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, समयबद्धता और चिन्हांकन की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।

प्रसव के बाद भी होगी विशेष निगरानी

कलेक्टर ने कहा कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी गर्भावस्था के दौरान जांच। आशा और एएनएम प्रसूता के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें, आवश्यक परामर्श दें और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का रिकॉर्ड अपडेट रखें।

उन्होंने अनमोल 2.0 पोर्टल पर वास्तविक समय में डेटा अपडेट करने, असुरक्षित डिलीवरी पर नजर रखने तथा नियमित टीकाकरण अभियान को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश भी दिए।

"समन्वय से बचाई जा सकती है हर जान"

बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि यदि मैदानी स्वास्थ्य अमला और विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर काम करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे ताकि जिले में एक भी मां या नवजात की असमय मृत्यु न हो।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत सहित बीएमसी, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

Share:

सागर TL बैठक: सार्थक ऐप से बनेगा वेतन, हेलमेट अनिवार्य, मूंग भुगतान में देरी पर कलेक्टर सख्त

सागर TL बैठक: 'सार्थक ऐप' की उपस्थिति से मिलेगा वेतन, हेलमेट अनिवार्य; मूंग भुगतान में देरी पर कलेक्टर सख्त



तीनबत्ती न्यूज:  27 जुलाई 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में जनसुनवाई, जन आकांक्षा पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन और विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 'सार्थक ऐप' पर दर्ज उपस्थिति ही शासकीय कर्मचारियों के मासिक वेतन का आधार होगी। साथ ही सभी कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए।

यह भी पढ़ें: बलराम कृषि महोत्सव: सीएम मोहन यादव ने 82.70 लाख किसानों को दिए ₹3,300 करोड़, खंडवा में पुलिस बटालियन की घोषणा

मूंग भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मूंग उपार्जन के बाद किसानों को भुगतान में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शेष भुगतान तत्काल कराने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाली समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अगली समय-सीमा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। रबी उपार्जन (चना एवं मसूर) के लंबित भुगतान भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

किसानों को खाद-उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति

बैठक में किसानों की मांग के अनुरूप खाद एवं उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, फार्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी लाने तथा वीबीजी रामजी योजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।

तहसीलदार न्यायालयों का होगा निरीक्षण

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र की तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अदालतों का नियमित निरीक्षण करें तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रिकॉर्ड का शत-प्रतिशत मिलान सुनिश्चित करें। प्रतिलिपि शाखा के लंबित मामलों के निराकरण की जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपने और भू-अर्जन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। विशेष रूप से बंडा सिंचाई परियोजना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने को कहा गया।

सार्थक ऐप से ही बनेगा वेतन का आधार

कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू 'सार्थक ऐप' का सभी विभागों में कड़ाई से पालन कराया जाए। अब इसी ऐप अथवा शासन द्वारा अधिकृत अन्य उपस्थिति ऐप पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर कर्मचारियों का मासिक वेतन तैयार किया जाएगा।

हेलमेट पहनना होगा अनिवार्य

सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों में आदेश जारी करें, जिसके तहत दोपहिया वाहन से आने वाले सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन और विकास कार्यों की समीक्षा

बैठक में 50 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को शून्य करने, शिकायतों के नॉन-अटेंडेड रहने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, मानवाधिकार आयोग सहित विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का समय-सीमा में जवाब देने, पंचायत एवं सामुदायिक भवनों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने तथा हर घर नल से जल योजना के पूर्ण कार्यों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं संबल योजना की साप्ताहिक समीक्षा एसडीएम स्तर पर करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Share:

सागर में सख्ती: एक से अधिक ऑनलाइन चालान वालों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस होगा निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश

सागर: एक से अधिक ऑनलाइन चालान वाले वाहन चालकों का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस होगा निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज : 7 जुलाई 2026

सागर: सागर जिले में लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि जिन वाहन चालकों के एक से अधिक ऑनलाइन चालान हैं, उनकी सूची तैयार कर परिवहन विभाग (आरटीओ) के माध्यम से वाहन का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सागर स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से शहर में हो रही ऑनलाइन यातायात निगरानी और ई-चालान व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठा व्यक्ति दोनों हेलमेट पहनें, तीन सवारी न बैठाएं, चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा ट्रैफिक सिग्नल सहित सभी नियमों का पालन करें।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो वाहन चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर पुलिस की मदद से उनके वाहनों को जब्त कराने की कार्रवाई भी की जाए।

बैठक में स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं जैसे आईसीसीसी, आईटीएमएस, सीसीटीवी सिटी सर्विलांस सिस्टम, हाईजीनिक फूड प्लाजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सिटी स्टेडियम, इन्क्यूबेशन सेंटर, ट्रांसपोर्ट नगर और इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिटी की राजस्व आधारित परियोजनाओं से समय पर आय प्राप्त होना सुनिश्चित किया जाए। जिन परियोजनाओं में ठेकेदार एजेंसियां निर्धारित शुल्क जमा नहीं कर रही हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं होने पर संबंधित टेंडर निरस्त कर राशि की वसूली की कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को आधुनिक तकनीकों से और अधिक सक्षम बनाया जाए। शहर की समस्याओं के बेहतर विश्लेषण और त्वरित समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत विकसित परियोजनाओं का प्रभावी संचालन नागरिकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा प्रशासन की प्राथमिकता सागरवासियों को तकनीक आधारित उत्कृष्ट सेवाएं उपलब्ध कराना है।


Share:

www.Teenbattinews.com

Archive