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सागर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया : केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजे में मांगी रिश्वत

सागर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया : केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजे में मांगी रिश्वत


तीनबत्ती न्यूज: 10 सितम्बर, 2026
पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापन और मुआवजा प्रकरण में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। लोकायुक्त सागर की टीम ने पन्ना में पटवारी संतोष चिकवा को 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी पर आदिवासी किसान से बढ़ी हुई मुआवजा राशि दिलाने और जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के एवज में कुल 80 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
बढ़े हुए मुआवजे के लिए मांगी 80 हजार की रिश्वत
जानकारी के मुताबिक केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों को पहले 1 लाख 35 हजार रुपये मुआवजा मिला था। फरियादी दयाराम आदिवासी ने बढ़ी हुई 63 हजार रुपये की मुआवजा राशि दिलाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि पटवारी संतोष चिकवा ने मुआवजा राशि मंजूर कराने और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
फरियादी के अनुसार वह पहले ही 30 हजार रुपये पटवारी को दे चुका था। इसके बाद बाकी रकम की मांग की गई। परेशान होकर किसान ने लोकायुक्त सागर में शिकायत कर दी।

हॉस्पिटल चौक पर लोकायुक्त का ट्रैप
शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त सागर की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। पन्ना के हॉस्पिटल चौक पर जैसे ही पटवारी संतोष चिकवा ने 47 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम आरोपी की बाइक की डिग्गी से बरामद की गई। मामले में लोकायुक्त टीम द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
राहुल गांधी तक भी पहुंच चुका है विस्थापन का मुद्दा

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के मुआवजे और विस्थापन से जुड़ी शिकायतों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी मामला उठाया जा रहा है। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है और गड़बड़ियों की शिकायतें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंचने का दावा किया गया है।
लोकायुक्त की ताजा कार्रवाई के बाद परियोजना के मुआवजा वितरण और प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह न के अनुसार आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में Dsp कमल उइके ,निरीक्षक रंजीत सिंह ,प्रधान आरक्षक शफीक खान,आरक्षक
अरविंद, निलेश, गोल्डी , प्रदीप शामिल रहे।
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जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 19 हजार की रिश्वत लेते ग्राम रोजगार सहायक दिलीप साहू रंगेहाथ गिरफ्तार

जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 19 हजार रुपये की रिश्वत लेते ग्राम रोजगार सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार



तीनबत्ती न्यूज: 27 जुलाई, 2026

जबलपुर: भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने बरगी क्षेत्र के ग्राम तिनसी में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक दिलीप कुमार साहू को 19 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी जमीन के पट्टे के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था।

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क्या है पूरा मामला?

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तिनसी की रहने वाली 36 वर्षीया राजकुमारी परस्ते ने मकान निर्माण के उद्देश्य से पंचायत में जमीन का पट्टा दिए जाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नियमानुसार आवेदन पर कार्रवाई करने के बजाय रोजगार सहायक दिलीप साहू ने आवेदक से कहा कि पहले NOC बनेगी और इसके लिए ₹20,000 देने होंगे।

पट्टा प्राप्त करने के लिए मांगी जा रही इस अवैध राशि से परेशान होकर पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर से कर दी।

सत्यापन के बाद बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा इसका सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसमें आरोपी पहले मांगी गई ₹20,000 की राशि को घटाकर ₹19,000 लेने पर सहमत हो गया।

सत्यापन के आधार पर लोकायुक्त टीम ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही ग्राम पंचायत भवन तिनसी में आरोपी दिलीप साहू ने शिकायतकर्ता से ₹19,000 की रिश्वत ली, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त पुलिस ने उसे मौके पर ही रंगेहाथों दबोच लिया।

कानूनी कार्रवाई व टीम

रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई का कुशल नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति ने किया। ट्रैप टीम में निरीक्षक राहुल गजभिये समेत लोकायुक्त संगठन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

लोकायुक्त की अपील

लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत लोकायुक्त कार्यालय या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं, ताकि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके।

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सागर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ₹7 हजार रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई रंगे हाथ गिरफ्तार

सागर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ₹7 हजार की रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई रंगे हाथ गिरफ्तार

• जमीन सीमांकन के नाम पर किसान से मांगी थी रिश्वत, छह महीने से लगा रहा था तहसील के चक्कर



तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय परिसर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (आरआई) अविनाश सिंघई को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी परसोरिया हल्का में पदस्थ था और एक किसान की जमीन का सीमांकन कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

छह महीने से परेशान था किसान

फरियादी किसान लखन सिंह ने बताया कि वह अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए पिछले छह महीनों से तहसील और आरआई कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहा था। इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई काम को टालता रहा और सीमांकन करने के बदले रिश्वत की मांग करता रहा।

शुरुआत में आरोपी ने ₹8,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद यह राशि ₹7,000 तय हुई। लगातार परेशान होने पर किसान ने पहले सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं होने पर उसने लोकायुक्त पुलिस सागर से संपर्क कर पूरी घटना की लिखित शिकायत दी।



शिकायत की पुष्टि के बाद रचा गया ट्रैप

लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।

गुरुवार को आरोपी राजस्व निरीक्षक ने फरियादी लखन सिंह को पुराने तहसील कार्यालय परिसर स्थित आर.ई. कार्यालय में रिश्वत की राशि लेकर बुलाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को ₹7,000 दिए और उसने रकम अपनी जेब में रखी, पहले से मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

केमिकल टेस्ट में हुई रिश्वत लेने की पुष्टि

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने आरोपी के हाथों का केमिकल परीक्षण कराया। हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी/लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक  रंजीत सिंह, आदेश तिवारी, आरक्षक गोल्डी आदि स्टाफ शामिल रहा।

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