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सागर: दुष्कर्म और अश्लील फोटो से ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को 10 साल की सजा

दुकान पर आने-जाने के दौरान महिला से दुष्कर्म और अश्लील फोटो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को 10 साल की सजा


तीनबत्ती न्यूज:23 अगस्त 2026

सागर। जिला न्यायालय सागर के सप्तम अपर जिला न्यायाधीश श्री उत्तम कुमार डार्वी की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी अनिल रजक को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

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अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक  दीपक पौराणिक ने बताया कि राहतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भानगढ़ निवासी पीड़िता वर्तमान में अपने पति और बच्चों के साथ भोपाल में रहती है। गांव में पीड़िता की किराने की दुकान थी, जहां आरोपी अनिल रजक राजश्री गुटखा सहित अन्य सामान खरीदने के बहाने आता था।


अभियोजन के अनुसार आरोपी ने किसी माध्यम से पीड़िता का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उसे फोन करना शुरू किया। पीड़िता द्वारा बात करने से मना करने के बावजूद आरोपी लगातार फोन करता रहा। बाद में दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोपी पीड़िता से मिलने का दबाव बनाता था।

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पीड़िता के अनुसार एक दिन आरोपी राजश्री लेने के बहाने दुकान के अंदर आया और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। इसके बाद वह उसे घर के पीछे कमरे में ले गया, जहां कथित तौर पर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। अभियोजन ने बताया कि बाद में आरोपी पीड़िता से बिना कपड़ों के फोटो मांगने लगा और उसके द्वारा भेजे गए फोटो का इस्तेमाल कर उसे धमकाने और ब्लैकमेल करने लगा।


पीड़िता के पति को मामले की जानकारी होने के बाद उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी। इसके बाद भी आरोपी कथित रूप से पीड़िता पर दबाव बनाता रहा और उसकी तस्वीरें वायरल कर बदनाम करने की धमकी देता रहा। पति के साथ पीड़िता 13 जनवरी 2023 को भोपाल चली गई, जिसके बाद उसने अयोध्यानगर थाना भोपाल में शिकायत दर्ज कराई।

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सागर में बड़ा हादसा टला: आपचंद गुफा के पास नदी में फंसे 9 युवक-युवतियों का SDRF ने किया रेस्क्यू

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मामले में अयोध्यानगर थाना पुलिस ने प्रारंभिक रूप से धारा 376, 376(2)(n), 509 और 506 भारतीय दंड संहिता के तहत जीरो पर प्रकरण दर्ज किया। बाद में मामला राहतगढ़ थाना पुलिस को भेजा गया, जहां विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की गई।

अदालत में अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट एवं चिकित्सक के बयान, पीड़िता और उसके परिजनों सहित पुलिस अधिकारियों के बयान प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से 19 दस्तावेज प्रदर्शित कराए गए।

न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी अनिल रजक को दोषी ठहराते हुए धारा 376 एवं 376(2)(n) भारतीय दंड संहिता के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री दीपक पौराणिक ने की।

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कटनी जमीन घोटाला: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP नेहा पच्चीसिया निलंबित, कार्यालय सील • 80 लाख की जमीन 18 लाख में ट्रांसफर कराने का आरोप : सीएसपी सहित तीन पर FIR

कटनी जमीन घोटाला: सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, CSP नेहा पच्चीसिया तत्काल निलंबित, दफ्तर सील

• 80 लाख की जमीन 18 लाख में ट्रांसफर कराने का आरोप : सीएसपी सहित तीन पर FIR 


तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त , 2026

भोपाल/कटनी: कटनी जिले में सामने आए चर्चित जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सीएम के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदेश पर नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को भी सील कर दिया गया है।

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कार्यालय सील, केस डायरी व डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित

 एफआईआर (FIR क्र. 0738/2026) दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर कटनी सीएसपी दफ्तर को सील करने की कार्रवाई की गई। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंहवारा जमीन सौदे से जुड़ी केस डायरी, सीएसपी दफ्तर के रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों को पूरी तरह सुरक्षित रखना है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो सके। निलंबन आदेश के साथ ही गृह विभाग ने विभागीय और एसआईटी (SIT) जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।

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82.86 लाख की जमीन मात्र 18.20 लाख में कराई ट्रांसफर

यह पूरी कार्रवाई हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर उसकी कंहवारा स्थित जमीन को कौड़ियों के दाम में हस्तांतरित कराने के आरोपों के तहत की गई है।

जमीन का गाइडलाइन मूल्य: ₹82.86 लाख

बेची गई कीमत: मात्र ₹18.20 लाख (मारूफ अहमद हनफी 'फ्रंटमैन' के नाम पर)

फंडिंग: जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस जमीन सौदे में सीएसपी के करीबी क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से फंडिंग की गई थी।

इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज 

कुठला थाने में आरोपी सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर दी चेतावनी 

मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।



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सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद

सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद: ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग का खुलासा

• 30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा, कई फर्जी कंपनियो के एटीएम, पासबुक, चेकबुक, मोबाईल एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद



तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

सागर। सायबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सागर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों और म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी फरार बताए गए हैं।

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग का नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर सागर लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी अनुराग सुजानिया ने आज मीडिया के सामने पूरा खुलासा किया।पुलिस ने इनसेनोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।




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बेरोजगार लोगों के दस्तावेज लेकर खुलवाते थे फर्जी खाते

सागर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य लोगों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार की जाती थीं और निजी बैंकों में उनके नाम से करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे।बाद में इन बैंक खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था।

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शिकायत से खुला करोड़ों के नेटवर्क का राज

13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाने में रोहित पिता रूपराज पटेल ने शिकायत की थी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई और फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट खुलवाया गया।

पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि रोहित के नाम से 'ग्लैमर इंटरप्राइजेस' नामक फर्म बनाई गई थी। फरवरी 2026 से करीब छह महीने के दौरान इस खाते में लगभग 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था।

     (नोट गिनने कि जब्त मशीन)

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के पर्यवेक्षण में मकरोनिया थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों, फर्मों, लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया।

भोपाल और मुंबई से जुड़े तार

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी धर्मेंद्र नाहर ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़ा काम अमित विश्वकर्मा से सीखा था। इसके बाद धर्मेंद्र ने सागर के स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी और स्वर्णेंद्र पांडे के साथ मिलकर फर्जी फर्में तैयार कर बैंक खाते खुलवाने का काम शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन बेटिंग का संचालन रिषभ पटेल द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने रिषभ पटेल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2,69,42,700 रुपये नकद और करीब 30 लाख रुपये का सोना बरामद हुआ।



टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रिषभ पटेल ने बताया कि वह ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खिलाता था। फर्जी फर्मों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर उसे नकद निकाला जाता था।

आरोपी ने कथित तौर पर टेलीग्राम के माध्यम से ग्राहकों का ग्रुप बना रखा था। इस नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल की लिंक और क्रेडिट कॉइन उपलब्ध कराए जाते थे।

पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल को न्यायालय से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उनसे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है।


30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस के तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण में अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता चला है। इनमें से जांच में सामने आई प्रमुख फर्में हैं—

1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस

2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस

3. सूर्या इंटरप्राइजेस

4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स

5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर

6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स

7. स्टार इंटरप्राइजेस

8. राजपूत इंटरप्राइजेस

9. अनुभव ट्रेडर्स

10. सागर ट्रेडर्स

11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस

12. सौरभ इंटरप्राइजेस

13. माखन इंटरप्राइजेस

14. अंकेश इंटरप्राइजेस

15. तनविक इंटरप्राइजेस

16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स

17. महाकाल ट्रेडर्स

18. मैक्स ट्रेडर्स

19. बालाजी ट्रेडर्स

20. जय महाकाल टूर एंड ट्रेवल्स

पुलिस के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में इन फर्मों से संबंधित बैंक खातों में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन पाया गया है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

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फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

सागर पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और बैंक खातों को खुलवाने की प्रक्रिया में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीयन या बैंक खाते खोलने में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



ये आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों की गिरफ्तारी की है—

- धर्मेंद्र पिता हरिदास नाहर, निवासी खजुराहो, छतरपुर, हाल शिवनगर, थाना बहेरिया, सागर।

- सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, सागर।

- अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी इंदौर, हाल रोहित नगर, भोपाल।

- विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी नीरजा नगर, जेके रोड, भोपाल।

- स्वर्णेंद्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी पीताम्बरा होम्स, खजूरी कला, भोपाल।

- रिषभ पटेल पिता स्वर्गीय रवि पटेल, निवासी मंडला, वर्तमान पता भोपाल।

दो आरोपी फरार

पुलिस के अनुसार सरमन उर्फ शुभम रैकवार निवासी खजुराहो, छतरपुर, वर्तमान पता भोपाल तथा ऋषि केशव सिंह निवासी सीधी, वर्तमान पता भोपाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने यह भी चेताया है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। यदि ऐसे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की रकम के लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना मकरोनिया प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी बहेरिया उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, बिलहेरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रामअवतार धाकड़, सउनि काशीराम ठाकुर, साइबर सेल सागर के प्रआर सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र ठाकुर सहित थाना मकरोनिया, साइबर सेल और थाना शाहपुरा की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का घोटाला, 5 पर केस; 3 गिरफ्तार

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला, पांच पर केस; तीन आरोपी गिरफ्तार




तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

गढ़ा सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी सहित विभिन्न मदों से नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित की थी।

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मनी रसीद और बैंक जमा राशि में मिला बड़ा अंतर

आंतरिक कमेटी ने 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि में कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की। जांच के दौरान मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा कराई गई राशि में बड़ा अंतर पाया गया।

जांच के अनुसार, इस अवधि में करीब ₹1,63,78,000 की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक षड्यंत्र के तहत राशि के गबन से जुड़ा मामला माना।

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कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी

मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी के अनुसार संबंधित अवधि में कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ रहे थे।

कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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पांच आरोपियों पर मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार

गढ़ा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अब वित्तीय अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, मनी रसीद बुक और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शासकीय राशि किस तरह बैंक खातों में जमा होने से रोकी गई।


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सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कटनी में ₹2.10 लाख की साइबर ठगी

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप का कॉल सेंटर पकड़ा, कटनी में चोरी के मोबाइल से ₹2.10 लाख की साइबर ठगी


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर और कटनी में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीहोर में पुलिस ने ‘FX Trade’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। वहीं कटनी में चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये निकालने वाले झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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सीहोर में छह महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सीहोर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में पिछले करीब छह महीने से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

कॉल सेंटर में छह कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर ‘FX Trade’ ऐप के माध्यम से निवेश करवाते थे। जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश की जानकारी सामने आई है।

ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों द्वारा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक और लिंक सिम हासिल कर उनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद ATM से रकम निकाल ली जाती थी।

NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिससे नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।


पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, FX Trade आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।


कटनी में चोरी के मोबाइल से बैंक खातों पर निशाना

दूसरी कार्रवाई कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक फरियादी का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद उसके बचत खाते और KCC खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में UPI PIN सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी के अलावा जबलपुर, सिहोरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

साथ ही WhatsApp या Telegram से मिले अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज करें।


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सागर कैंट पुलिस ने 20 किलो 356 ग्राम गांजा पकड़ा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सागर कैंट पुलिस ने 20 किलो 356 ग्राम गांजा पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार


तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त, 2026

सागर। थाना कैंट पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 किलो 356 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2.80 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा गांजा परिवहन में प्रयुक्त करीब 80 हजार रुपये कीमत की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई में कुल करीब 3.60 लाख रुपये का मशरूका जब्त हुआ है।

यह भी पढ़ेंसागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

पुलिस को 16 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति रेलवे स्टेशन रोड से फोरलेन होते हुए भैंसा बायपास की ओर अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर कैंट पुलिस टीम ने  बंगला, कैंट के पास घेराबंदी की और संदिग्धों को रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 20 किलो 356 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे के परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल क्रमांक MP 15 ZH 2945 भी जब्त की।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में सौरभ पिता अमरसिंह अहिरवार (21), निवासी ग्राम तालचिरी, थाना गोपालगंज, जिला सागर तथा प्रिंस पिता राजू अहिरवार (19), निवासी बिल्थरे मोहल्ला, गौरझामर, जिला सागर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कैंट रोहित डोंगरे, उपनिरीक्षक अशोक तिवारी, उपनिरीक्षक संजय बामनिया , आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र सिंह (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक नीरज बांगर, प्रदीप शर्मा, आरक्षक आशीष यादव, आरक्षक भानुप्रताप चौधरी, आरक्षक देवेन्द्र रावत एवं आरक्षक नरेश की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। 

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सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़



तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026

सागर। संभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़  दो लाख 14 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी।


पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 

रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा

पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी।

हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी।

राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे

मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।



एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार अहिरवार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में ईलाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी : लेकिन  दो साल me बदला रहनसहन

बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां रचना बाई के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी । स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ के पिता के निधन के बाद उसका परिवार बेहद गरीबी में जिंदगी बिता रहा था। सौरभ ऑटो चलाता था और उसकी मां घरों में काम करती थीं। लेकिन डेढ़-दो साल पहले काम बंद करने के बाद परिवार का रहन-सहन अचानक बदल गया और हाल ही में 40 लाख का एक प्लॉट भी खरीदा गया था।
अब इन भाइयों के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।



एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई

एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क, 5.50 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा

सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क, 5.50 करोड़ से अधिक के लेन-देन का खुलासा


तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त ,2026

सागर। सायबर अपराध और सायबर ठगी के खिलाफ सागर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी फर्म बनाकर साईबर फ्रॉड और ऑनलाइन बेटिंग के मामलों का खुलासा किया है। इसमें 16 फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आई है।मकरोनिया थाना पुलिस ने बेरोजगार और सामान्य लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में बनाकर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में 16 से अधिक फर्जी फर्मों और 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजेक्शन का पता चला है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।इस पूरे मामले का खुलासा सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने पत्रकार वार्ता में किया।

बेरोजगारों को कमीशन का लालच देकर खुलवाते थे खाते

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके आधार सहित अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। बाद में इन खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर सायबर ठगी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाना क्षेत्र के रोहित पिता रूपराज पटेल ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई है और फेडरल बैंक, मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट खोला गया है। पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि रोहित के नाम से ‘ग्लैमर इंटरप्राइजेस’ नामक फर्म बनाई गई थी। इस खाते में फरवरी 2026 से करीब छह माह की अवधि में लगभग 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था। इसके बाद पुलिस ने बैंक खातों, फर्मों और तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया।

पूछताछ में सामने आया नेटवर्क

विवेचना के दौरान पुलिस ने धर्मेन्द्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में धर्मेन्द्र नाहर ने बताया कि उसने यह काम भोपाल निवासी अमित विश्वकर्मा से मुंबई में सीखा था। अमित ने उसे बताया था कि ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की आवश्यकता होती है।

इसके बाद धर्मेन्द्र नाहर ने सोनू दांगी तथा भोपाल निवासी सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी और स्वर्णेन्द्र पांडे के साथ मिलकर लोगों के नाम से फर्जी फर्में बनाकर बैंक खाते खुलवाना शुरू किया।

16 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस के अनुसार अब तक जांच में निम्न फर्मों के नाम सामने आए है : 1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस

2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस

3. सूर्या इंटरप्राइजेस

4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स

5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर

6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स

7. स्टार इंटरप्राइजेस

8. राजपूत इंटरप्राइजेस

9. अनुभव ट्रेडर्स

10. सागर ट्रेडर्स

11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस

12. सौरभ इंटरप्राइजेस

13. माखन इंटरप्राइजेस

14. अंकेश इंटरप्राइजेस

15. तनविक इंटरप्राइजेस

16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स

इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण जारी है।

फर्म और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और संबंधित बैंक खातों को खुलवाने की प्रक्रिया में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीयन या बैंक खाते खोलने में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दो आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश

गिरफ्तार आरोपी में धर्मेन्द्र पिता हरिदास नाहर, उम्र 38 वर्ष, निवासी सिविल लाइन के पीछे, खजुराहो, छतरपुर; हाल निवासी शिवनगर, थाना बहेरिया, सागर और  सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, सागर। है 

अन्य आरोपियो में अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी भोपाल, विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी भोपाल और  स्वर्णेन्द्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी भोपाल है।  पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

एसपी ने नागरिकों से की अपील

एसपी अनुराग सुजानिया ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे खातों का इस्तेमाल सायबर ठगी की रकम के लेन-देन में होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी मकरोनिया, उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, थाना प्रभारी बहेरिया, उपनिरीक्षक रामअवतार धाकड़, उपनिरीक्षक राकेश राजपूत, उपनिरीक्षक मनीषा तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक आशीष गौतम, प्रदीप शर्मा, मनीष तिवारी, आशीष यादव, भानूप्रताप, सृजन तिवारी, देवेन्द्र रावत, नरेंद्र रावत, शुभम, अरविंद एवं अजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सागर पुलिस ने 112 गुम मोबाइल किए रिकवर, ₹16.50 लाख के फोन लौटाए असली मालिकों को

सागर पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 112 गुम मोबाइल रिकवर: ₹16.50 लाख के फोन वास्तविक मालिकों को लौटाए


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

सागर। सागर पुलिस ने साइबर तकनीक और लगातार किए गए तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के जरिए गुम हुए 112 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹16 लाख 50 हजार है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन और मार्गदर्शन में साइबर टीम द्वारा की गई।


सागर के साथ अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंची साइबर टीम


सागर पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों तथा प्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी, IMEI नंबर और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर लगातार ट्रेसिंग की गई। संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन बरामद किए गए।

साइबर टीम की अहम भूमिका

मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों से समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया।

₹16.50 लाख कीमत के मोबाइल बरामद

सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब ₹16,50,000 है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के अलावा महंगे iPhone भी शामिल हैं।

बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता और साइबर टीम की लगातार मेहनत को दर्शाती है।



मोबाइल वापस मिलने पर खिले लोगों के चेहरे

गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने सागर पुलिस और पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन में केवल आर्थिक मूल्य ही नहीं होता, बल्कि उसमें लोगों के व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।


सागर पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी, बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।


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सागर में शेयर मार्केट-गोल्ड निवेश के नाम पर 1.27 करोड़ की ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार; 20 लाख बरामद

Sagar Crime: शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश के नाम पर 1.27 करोड़ की ठगी, आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार; 20 लाख रुपए बरामद


तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर : शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 1.27 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को मोतीनगर थाना पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मोहाली (पंजाब) निवासी हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर सागर ले आई है, जहां पूछताछ के दौरान उसके कब्जे से 20 लाख रुपए नगद बरामद किए गए हैं। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

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2023 में होटल में हुई थी मुलाकात

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सागर के अहमद नगर वार्ड निवासी 27 वर्षीय ऋद्धार्थ सिंह की वर्ष 2023 में एक होटल में आरोपी हरविंदर सिंह से मुलाकात हुई थी। आरोपी ने ऋद्धार्थ को शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों में आकर ऋद्धार्थ ने शुरुआत में 6 लाख रुपए निवेश किए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग खातों और माध्यमों से करीब 52 किस्तों (ट्रांजेक्शन) में कुल 1 करोड़ 27 लाख 44 हजार 420 रुपए हड़प लिए।

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90 लाख का लिया था लोन

पीड़ित फरियादी के मुताबिक, आरोपी के झांसे में आकर अधिक रकम निवेश करने के चक्कर में उसने बैंकों से करीब 90 लाख रुपए का लोन लिया था। इसके अलावा कुछ रकम अपने रिश्तेदारों से भी उधार मांगी थी। शुरुआत में आरोपी फरियादी को लगातार निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का झूठा भरोसा देता रहा।

जब पैसे मांगे तो टालमटोल करने लगा

कुछ समय बीत जाने के बाद जब फरियादी ने अपनी मूल रकम और मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। काफी समय तक पैसे वापस न मिलने पर ऋद्धार्थ को ठगी का संदेह हुआ, जिसके बाद उसने मोतीनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

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बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन से पकड़ाया

शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल नंबर के तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन हरियाणा में मिलने पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी हरविंदर सिंह को धर दबोचा और सागर ले आई।

अन्य थानों में भी शिकायतें दर्ज

मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह के अनुसार, आरोपी के कब्जे से 20 लाख रुपए की नकदी जब्त की गई है। आरोपी के खिलाफ अन्य थानों में भी ठगी के शिकायती आवेदन दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है, तथा पुलिस ठगी की बाकी रकम की बरामदगी और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।

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सागर सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, 2 महिलाओं की मौत, 2 गंभीर घायल

सागर में भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार बोलेरो, 2 महिलाओं की मौत, 2 गंभीर घायल


तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा गढ़पहरा रोड स्थित भैंसा नाका के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कृषि उपज मंडी की ओर से आ रही बोलेरो (एमपी 15 सीए 1093) तेज गति में थी। अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक (एमपी 15 एचए 1077) में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।

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दो महिलाओं की मौके पर मौत

हादसे के समय बोलेरो में कुल चार लोग सवार थे। दुर्घटना में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों में से एक महिला की पहचान नेहा बसंत निवासी शिवनगर के रूप में हुई है। पुलिस अन्य मृतक की पहचान और परिजनों की जानकारी जुटाने में लगी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।


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Sagar Crime : शादी का झांसा देकर डेढ़ लाख की ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, पुलिस ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

जैसीनगर पुलिस की कार्रवाई, नकदी, चांदी की पायल और वारदात में प्रयुक्त कार जब्त, दो आरोपी फरार



तीनबत्ती न्यूज: 01अगस्त, 2026

सागर। शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ सागर जिले की  जैसीनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, चांदी की पायल और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी राहतगढ़ योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना जैसीनगर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

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शादी के बाद जेवर और नकदी लेकर फरार हुई दुल्हन

जानकारी के अनुसार ग्राम महुआखेड़ा पैगवार निवासी नोनीराम पटेल ने थाना जैसीनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने शादी कराने का झांसा देकर उसकी शादी रुकमणी चतुर्वेदी से कराई थी। विवाह के बाद रुकमणी चतुर्वेदी शादी में मिले सोने-चांदी के जेवरात और ₹30 हजार नकद सहित करीब ₹1.50 लाख की संपत्ति लेकर फरार हो गई।

फरियादी की शिकायत पर थाना जैसीनगर में अपराध क्रमांक 197/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पूछताछ में हुआ गिरोह का खुलासा

पुलिस जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर की सूचना पर आरोपी अरविंद विभार पिता जगतसिंह विभार निवासी जकराना, थाना बहरोड़, जिला अलवर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों रुकमणी चतुर्वेदी, ममता चतुर्वेदी, जीन्स नूर उर्फ सगीता और वाहन चालक सोनू अहिरवार के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।

जांच में रुकमणी चतुर्वेदी और वाहन चालक सोनू अहिरवार की संलिप्तता पाए जाने पर दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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आरोपियों से यह सामग्री बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से—

  • ₹20 हजार नगद
  • चांदी की पायल (कीमत करीब ₹20,700)
  • घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक MP-34-CA-0304 (कीमत करीब ₹1.50 लाख)

जब्त की है।

मामले में ममता चतुर्वेदी एवं जीन्स नूर उर्फ सगीता निवासी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

न्यायालय ने भेजा जेल

गिरफ्तार आरोपी अरविंद विभार, रुकमणी चतुर्वेदी और सोनू अहिरवार को 1 अगस्त 2026 को न्यायालय सागर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जे.पी. ठाकुर सहित प्रधान आरक्षक विकास सिंह ठाकुर, जयसिंह कुर्मी, हुकुम धुर्वे, आरक्षक जितेंद्र रजक, गौरव कोरी, रामप्रकाश स्थापक, महिला आरक्षक अनीता लोधी एवं महिला आरक्षक तपस्या रजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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सागर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मकान से ₹4.04 लाख की अवैध शराब जब्त: 564.780 बल्क लीटर शराब के साथ आरोपी पर केस • कहां से आई शराब इसकी जांच में जुटी पुलिस

सागर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मकान से ₹4.04 लाख की अवैध शराब जब्त:  564.780 बल्क लीटर शराब के साथ आरोपी पर केस

• कहां से आई शराब इसकी जांच में जुटी पुलिस


तीनबत्ती न्यूज: 30 जुलाई, 2026

सागर। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गढ़ाकोटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने विभिन्न ब्रांडों की देशी एवं विदेशी शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 बताई गई है। मामले में आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिलेभर में जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में थाना गढ़ाकोटा पुलिस ने यह कार्रवाई की।

मकान में मिला अवैध शराब का भंडार

पुलिस के अनुसार 29 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गढ़ाकोटा के बजरंग वार्ड स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस ने अब्दुल गनी पिता शुभराती खान निवासी बजरंग वार्ड के मकान पर दबिश दी और नियमानुसार तलाशी ली।

तलाशी के दौरान मकान के एक बंद कमरे से विभिन्न ब्रांडों की शराब बरामद हुई। जब्त शराब में सागर गोल्ड व्हिस्की, मैक डबल नं. 1, बॉम्बे व्हिस्की, आईबी व्हिस्की, मेजिक मोमेंट्स, रॉयल स्टैग व्हिस्की तथा लीमाउंट स्ट्रॉन्ग बीयर शामिल हैं। कुल 564.780 बल्क लीटर शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 है।

पुलिस ने पूरी शराब जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई थी और इसके सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गढ़ाकोटा निरीक्षक गौरव सिंह तिवारी, उपनिरीक्षक प्रेमनारायण शुक्ला, प्रधान आरक्षक डाल सिंह, राजेश पाण्डेय, विमलेश भटेले, बसंत मिश्रा तथा आरक्षक रवि पटैल, राहुल राय, थिरवम, प्रवीण, राजदीप तिवारी एवं कौस्तुभ मणि पाठक की सराहनीय भूमिका रही।


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सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर



तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

सागर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की अध्यक्षता में जिले की व्यापक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

एसपी अनुराग सुजानिया ने सभी थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण, गंभीर मामलों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध विवेचना, फरार एवं इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की प्रभावी तामील तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संगठित एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी पर भी विशेष जोर दिया।



बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रात्रि गश्त, कॉम्बिंग गश्त और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

एसपी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत और अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा व विश्वास का वातावरण मजबूत करना सागर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया।

फोकस में रहे प्रमुख निर्देश

  • लंबित अपराधों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण।
  • फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी।
  • महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई।
  • साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष फोकस।
  • अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा के खिलाफ सतत अभियान।
  • रात्रि गश्त और कॉम्बिंग गश्त को और प्रभावी बनाना।
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
  • पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील एवं पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करना।


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जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 19 हजार की रिश्वत लेते ग्राम रोजगार सहायक दिलीप साहू रंगेहाथ गिरफ्तार

जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 19 हजार रुपये की रिश्वत लेते ग्राम रोजगार सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार



तीनबत्ती न्यूज: 27 जुलाई, 2026

जबलपुर: भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने बरगी क्षेत्र के ग्राम तिनसी में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक दिलीप कुमार साहू को 19 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी जमीन के पट्टे के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था।

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क्या है पूरा मामला?

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तिनसी की रहने वाली 36 वर्षीया राजकुमारी परस्ते ने मकान निर्माण के उद्देश्य से पंचायत में जमीन का पट्टा दिए जाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नियमानुसार आवेदन पर कार्रवाई करने के बजाय रोजगार सहायक दिलीप साहू ने आवेदक से कहा कि पहले NOC बनेगी और इसके लिए ₹20,000 देने होंगे।

पट्टा प्राप्त करने के लिए मांगी जा रही इस अवैध राशि से परेशान होकर पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर से कर दी।

सत्यापन के बाद बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा इसका सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसमें आरोपी पहले मांगी गई ₹20,000 की राशि को घटाकर ₹19,000 लेने पर सहमत हो गया।

सत्यापन के आधार पर लोकायुक्त टीम ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही ग्राम पंचायत भवन तिनसी में आरोपी दिलीप साहू ने शिकायतकर्ता से ₹19,000 की रिश्वत ली, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त पुलिस ने उसे मौके पर ही रंगेहाथों दबोच लिया।

कानूनी कार्रवाई व टीम

रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई का कुशल नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति ने किया। ट्रैप टीम में निरीक्षक राहुल गजभिये समेत लोकायुक्त संगठन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

लोकायुक्त की अपील

लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत लोकायुक्त कार्यालय या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं, ताकि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके।

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सागर बस स्टैंड के पास युवती का हंगामा: धारदार हथियार लेकर सड़क पर किया उत्पात, आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज

सागर बस स्टैंड के पास युवती का हंगामा: हाथ में धारदार हथियार लेकर सड़क पर मचाया उत्पात, पुलिस ने दर्ज किया मामला



तीनबत्ती न्यूज: 27 जुलाई, 2026

सागर। जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास रविवार देर रात एक युवती द्वारा सरेराह हंगामा करने का मामला सामने आया है। युवती हाथ में धारदार हथियार लेकर सड़क पर उतर आई और सरेआम गाली-गलौज करते हुए किसी को जान से मारने की धमकियां देने लगी। इस दौरान उसके साथ दो युवक और एक अन्य युवती भी मौजूद थे।

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घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने युवती के इस हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि युवती हाथ में हथियार लहराते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही है। वायरल वीडियो पुलिस तक पहुँचते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।

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पुलिस की कार्रवाई, हथियार व स्कूटी जब्त 

मामले की जानकारी देते हुए गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने युवती के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार और स्कूटी जब्त कर ली है। आरोपी युवती के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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सागर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ₹7 हजार रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई रंगे हाथ गिरफ्तार

सागर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ₹7 हजार की रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई रंगे हाथ गिरफ्तार

• जमीन सीमांकन के नाम पर किसान से मांगी थी रिश्वत, छह महीने से लगा रहा था तहसील के चक्कर



तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय परिसर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (आरआई) अविनाश सिंघई को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी परसोरिया हल्का में पदस्थ था और एक किसान की जमीन का सीमांकन कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

छह महीने से परेशान था किसान

फरियादी किसान लखन सिंह ने बताया कि वह अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए पिछले छह महीनों से तहसील और आरआई कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहा था। इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई काम को टालता रहा और सीमांकन करने के बदले रिश्वत की मांग करता रहा।

शुरुआत में आरोपी ने ₹8,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद यह राशि ₹7,000 तय हुई। लगातार परेशान होने पर किसान ने पहले सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं होने पर उसने लोकायुक्त पुलिस सागर से संपर्क कर पूरी घटना की लिखित शिकायत दी।



शिकायत की पुष्टि के बाद रचा गया ट्रैप

लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।

गुरुवार को आरोपी राजस्व निरीक्षक ने फरियादी लखन सिंह को पुराने तहसील कार्यालय परिसर स्थित आर.ई. कार्यालय में रिश्वत की राशि लेकर बुलाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को ₹7,000 दिए और उसने रकम अपनी जेब में रखी, पहले से मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

केमिकल टेस्ट में हुई रिश्वत लेने की पुष्टि

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने आरोपी के हाथों का केमिकल परीक्षण कराया। हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी/लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक  रंजीत सिंह, आदेश तिवारी, आरक्षक गोल्डी आदि स्टाफ शामिल रहा।

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