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सागर जिला अस्पताल के SNCU ने रचा जीवन का चमत्कार, 915 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन

सागर जिला अस्पताल के SNCU ने रचा जीवन का चमत्कार, 915 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई 2026

सागर: । मध्यप्रदेश शासन की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम सागर जिला चिकित्सालय में देखने को मिला। जिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी, विशेषज्ञ उपचार एवं समर्पित देखभाल से महज 915 ग्राम वजन वाले गंभीर नवजात को नया जीवन मिला। स्वस्थ होने के बाद नवजात को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।



जानकारी के अनुसार, रहली विकासखंड के ग्राम पीराहार निवासी लीला बाई आदिवासी ने 1 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे शिशु को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी। उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और हृदय गति भी सामान्य से कम थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए नवजात को तत्काल जिला चिकित्सालय के SNCU में भर्ती किया गया।

तत्काल उपचार से बची जान

SNCU प्रभारी डॉ. सौरभ जोशी ने बिना समय गंवाए बैग एंड मास्क वेंटिलेशन देकर शिशु की जान बचाई। इसके बाद नवजात को सी-पैप (CPAP) मशीन के माध्यम से श्वसन सहायता प्रदान की गई। भर्ती के समय बच्चे का वजन मात्र 915 ग्राम था, जो सामान्य नवजात की तुलना में काफी कम था।



20 दिन तक ट्यूब फीडिंग, कंगारू मदर केयर से मिला लाभ

चिकित्सकीय टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं दीं। उपचार के दौरान खून की कमी होने पर नवजात को रक्त भी चढ़ाया गया। लगभग 20 दिनों तक ट्यूब फीडिंग के माध्यम से पोषण दिया गया, जिसके बाद कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना शुरू किया गया।

साथ ही कंगारू मदर केयर (KMC) के जरिए मां और शिशु के बीच त्वचा से त्वचा का संपर्क कराया गया, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।

915 ग्राम से बढ़कर 1.415 किलोग्राम हुआ वजन

चिकित्सकों ने शिशु के वजन, श्वसन, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी की। उपचार के सकारात्मक परिणामस्वरूप 15 जुलाई 2026 तक नवजात का वजन बढ़कर 1.415 किलोग्राम हो गया। सभी आवश्यक जांचें सामान्य आने के बाद चिकित्सकों ने शिशु को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया।

नवजात के माता-पिता ने सफल उपचार के लिए डॉ. सौरभ जोशी, चिकित्सकीय टीम और पूरे नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया।


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