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सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे

सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे


तीनबत्ती न्यूज :  23 फरवरी 2026

सागर: सहायक आयुक्त आबकारी सागर ने बताया कि मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) कमांक 45 दिनांक 20.02.2026 में प्रकाशित आबकारी ठेका व्यवस्था वर्ष 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में सागर जिले की 104 कम्पोजिट मदिरा दुकानों का ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से किया जाएगा। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने हेतु आवेदक का ई-आबकारी पोर्टल पर कॉट्रेक्टर माडयूल रजिस्ट्रेशन अंतर्गत पंजीयन होना अनिवार्य है। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवेदक पेन कार्ड, जी.एस.टी. (जहाँ लागू हो), बैंक खाता, पहचान संबंधी दस्तावेज एवं शपथ पत्र ई-आबकारी पोर्टल पर अपलोड कर कॉट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन कर सकते है ।

मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसमें शराब दुकानों को 2 से 5 के छोटे समूहों में ई-टेंडर के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के लिए दुकानों की आरक्षित कीमत में 20% की बढ़ोतरी की गई है और शराब महंगी होने की संभावना है। इस वर्ष किसी नई शराब दुकान को नहीं खोला जाएगा, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर सिंडिकेट को खत्म करने पर जोर दिया गया है।

मध्यप्रदेश आबकारी विभाग ठेका 2026-27 के प्रमुख बिंदु:

ई-टेंडर/ई-ऑक्शन: शराब दुकानों का आवंटन 3,553 दुकानों के लिए पारदर्शी ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से किया जाएगा।

छोटे समूह: दुकानों को बड़े समूह की जगह 2 से 5 के छोटे समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

आरक्षित मूल्य में वृद्धि: शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में वर्तमान मूल्य से 20% तक की वृद्धि की जाएगी।

नवीनीकरण (Renewal): इस बार शराब दुकानों के नवीनीकरण की संभावना काफी कम है, और सभी को नीलामी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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नई परिवहन नीति के खिलाफ बस ऑपरेटरो का आंदोलन : 02 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

नई परिवहन नीति के खिलाफ बस ऑपरेटरो का आंदोलन : 02 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागरमध्यप्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना' लागू होने से पहले ही प्रदेश के निजी बस संचालकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।रविवार को सागर के कर्रापुर स्थित एक निजी होटल में प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें अलग-अलग जिलों के बस संचालक शामिल हुए। वर्तमान में बस ऑपरेटर्स ने निर्णय लिया है कि वे अगले एक से दो दिनों में सरकार और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखेंगे और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

400 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के सानिध्य में प्रदेश के 55 जिलों के 400 से अधिक बस ऑपरेटर्स एवं 55 जिलों के अध्यक्ष, प्राइम रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। शासन की परिवहन नीति के ख़िलाफ़ प्रदेश से आये जिला प्रमुखों ने मुखरता से अपने विचार व्यक्त किये।सभी ने प्रशासन द्वारा लाई जा रही दमनकारी नीति का विरोध किया। शासन जो प्राइवेट बस ऑपरेटरो को मोटर मालिक से किराएदार बनाने की योजना बनना कर प्रदेश में राष्ट्रीकरण करना चाहा रहा है इससे संचालित प्राइवेट बस ऑपरेटर का व्यवसाय समाप्त हो जाएगा ।इस संबंध में उपस्थित प्रदेश के सभी ऑपरेटरो ने निर्णय लिये।


ये मांगे है

▪️दिनाक 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में संशोधन का प्रारूप प्रकाशित किया गया है, उसे वापस ले कर समाप्त किया जाए ।

2. दिनाक 29/01/2026 को राजपत्र में किया गया संशोधन प्रकाशित किया गया है, उसे पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए ।

3. वर्तमान में जिस व्यवस्था के साथ प्रदेश में बस संचालन किया जा रहा है, उसे यथावत रखा जाए ।

आंदोलन होगा नीति के खिलाफ

उक्त मांगो को शीघ्र मान कर जनहित में निर्णय ले अन्यथा प्रदेश के समस्त बस ऑपरेटर अपनी यात्री बसों को खड़ी कर दिनाक 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जावेगे ।  सम्मेलन का संचालन जयकुमार जैन महामंत्री,वीरेंद्र साहू (जबलपुर) ने किया एवं अशोक श्रीवास्तव,अतुल दुबे ने आभार माना ।

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Sagar News: स्कूल रिसेप्शन पर यूनिफार्म मॉडल प्रदर्शित करें, ओपन मार्केट में कहीं से भी खरीदें किताब, यूनिफार्म ▪️फीस नहीं बढ़ाने स्कूल संचालकों की सहमति ▪️जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों की बैठक

Sagar News: स्कूल रिसेप्शन पर यूनिफार्म मॉडल प्रदर्शित करें, ओपन मार्केट में कहीं से भी खरीदें किताब, यूनिफार्म

▪️फीस नहीं बढ़ाने स्कूल संचालकों की सहमति 

▪️जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों की बैठक


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागर: जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के बीच हुए एक महत्वपूर्ण संवाद के बाद सागर जिले के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और छात्र-हितैषी बनाने हेतु कई निर्णय लिए गए।

कहीं से भी खरीदे किताबें और यूनिफॉर्म

अक्सर अभिभावकों की शिकायत रहती है कि उन्हें विशेष दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है परंतु , अब ऐसा नहीं होगा। अभिभावक अब अपनी सुविधा अनुसार बाजार की किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।



डिस्प्ले मॉडल: प्रत्येक स्कूल को अपने रिसेप्शन पर यूनिफॉर्म का एक 'सैंपल मॉडल' प्रदर्शित करना होगा, ताकि अभिभावक कपड़े की गुणवत्ता और रंग का मिलान कर बाहर से उचित दाम पर सामग्री ले सकें।

'बुक एक्सचेंज' और 'पुस्तक मेला': बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण

महंगी किताबों के बोझ को कम करने के लिए जिले के स्कूलों में 'बुक एक्सचेंज प्रोग्राम' शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्कूलों में 'पुस्तक मेलों' का आयोजन होगा, जहाँ वरिष्ठ छात्र अपनी पुरानी किताबें जूनियर छात्रों को दे सकेंगे। इससे न केवल गरीब छात्रों की मदद होगी, बल्कि कागजों की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त ऐसे विद्यार्थी जो अपनी पुस्तक किसी अन्य विद्यार्थी को भेंट या दान स्वरूप दे रहे हैं उसे विद्यालय परिवार प्रमाण पत्र या बैज आदि के माध्यम से अप्रिशिएसन लेटर  जारी कर उसका उत्साहवर्धन करें।

फीस नहीं बढ़ाने पर सहमति

बैठक में कलेक्टर  संदीप जी आर के विशेष प्रयासों और संवेदनशीलता के चलते शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों की फीस में  बढ़ोतरी नहीं करने पर  स्कूल संचालकों ने सहमति दी। बता दें कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने और स्कूल प्रबंधन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संदीप जी आर क्रमशः सभी स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ बैठक कर रहे हैं। 

'उड़ान योजना': स्कूल कैंपस में ही मिलेगी NEET और JEE की कोचिंग

कलेक्टर की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक 'उड़ान योजना' है। इसके तहत जिले के मेधावी छात्रों को स्कूलों में ही नीट (NEET) और आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में सागर का कोई भी बच्चा अपने सपनों से पीछे न रहे।

समन्वय से होगा सुधार

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य स्कूल संचालकों के साथ बातचीत कर एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण रुके। उन्होंने कहा कि शिक्षक, स्कूल संचालक और अभिभावक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब इन सभी के बीच बेहतर तालमेल होगा, तभी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। हम शिक्षा को सुलभ और  विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक माहौल  उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ये रहे मौजूद

बैठक में पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ  विवेक केवी, एसडीएम  अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, डीपीसी श्री गिरीश मिश्रा सहित समस्त निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित थे।

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Sagar News : राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन पारंपरिक लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रस्तुति

Sagar News : राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन पारंपरिक लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रस्तुति


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026
सागर
: डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में उत्तर-मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 20 फरवरी से 24 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है । 
इस पांच दिवसीय आयोजन की परिकल्पना सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा की गई है जिसे विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है ।
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नाट्य समारोह के तीसरे दिन प्रातःकालीन सत्र में बुंदेली अंचल की सांस्कृतिक पहचान ‘राई’ और ‘स्वांग’ पर विशेष संवाद एवं प्रस्तुति का आयोजन किया गया । जिसमें लोक परंपराओं की ऐतिहासिकता, सामाजिक सरोकार और समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा हुई। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय संस्थान, गोरखपुर के निदेशक नारायण पाण्डेय ने लोक कलाकार संतोष पाण्डेय को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। सागर के विख्यात राई कलाकार एवं पद्मश्री स्वर्गीय रामसहाय पाण्डेय के सुपुत्र  संतोष पाण्डेय की टीम ने लोकनृत्य ‘राई’ और लोकनाट्य ‘स्वांग’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।




कोई भी कला निम्न नहीं होती, हर कला समाज की धरोहर होती है 

कार्यक्रम के उपरांत पद्मश्री स्वर्गीय राम सहाय पांडेय के सुपुत्र संतोष पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी कला निम्न नहीं होती, हर कला समाज की धरोहर होती है। उन्होंने राई लोकनृत्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों ने हमारी संस्कृति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए हम सभी को उनका आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने संस्कृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य ‘राई’ केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सामाजिक चेतना और लोकजीवन की अभिव्यक्ति है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सदियों पुरानी है और यह ग्रामीण जीवन, उत्सवों तथा सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। 



उन्होंने बताया कि ‘स्वांग’ लोकनाट्य की एक सशक्त विधा है, जिसकी प्रस्तुति शैली संवाद, गीत और अभिनय के माध्यम से समाज को संदेश देती रही है। बदलते समय में भी इन लोक विधाओं की प्रासंगिकता बनी हुई है, आवश्यकता है कि नई पीढ़ी इन्हें समझे और संरक्षित करे। गोरखपुर से आए नाट्य कलाकारों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए लोकनृत्य और नाट्य प्रस्तुति को समृद्ध किया।



डॉ. राकेश सोनी ने राई लोकनृत्य एवं स्वांग के विषय के बारे विस्तार से बताया. डॉ. नीरज उपाध्याय ने बुन्देली लोक नाट्य और लोक नृत्य के संक्षिप्त इतिहास और उसकी समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम का संचालन और संयोजन किया. लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुति ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। यह सत्र विद्यार्थियों, कलाकारों और संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद परिसर में यह कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से आयोजित किया जा रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। 



कार्यक्रम में डॉ. शशि कुमार सिंह, अल्ताफ मुलानी, डॉ. विवेक जायसवाल, डॉ. संजय शर्मा सहित कई शिक्षकों के साथ-साथ संगीत, पत्रकारिता, रंगमंच विभाग एवं विश्वविद्यालय के कई विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे ।  कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. राकेश सोनी एवं डॉ. नीरज उपाध्याय ने किया ।
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समाज में बदलाव का सशक्त सन्देश देते हैं नाटक : रघु ठाकुर ▪️नाटक संवाद का जीवंत और प्रभावी माध्यम है : सांसद डॉ. लता वानखेड़े ▪️विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन

समाज में बदलाव का सशक्त सन्देश देते हैं नाटक : रघु ठाकुर

▪️नाटक संवाद का जीवंत और प्रभावी माध्यम है : सांसद डॉ. लता वानखेड़े

▪️विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागर,: डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में उत्तर-मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 20 फरवरी से 24 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है । इस क्रम में सायंकालीन सत्र में हैप्पी रणजीत सिंह के निर्देशन में विश्वप्रसिद्ध नाटक ‘सारे मेरे बेटे’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह प्रस्तुति नई दिल्ली की संस्था यूनिकॉर्न एक्टर्स स्टूडियो द्वारा दी गई। यह नाटक विख्यात अमेरिकी नाटककार आर्थर मिलर की कालजयी कृति ऑल माय सन्स पर आधारित है ।

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नाटक संवाद का जीवंत और प्रभावी माध्यम : सांसद


इस अवसर पर मुख्य अतिथि सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि नाटक संवाद का जीवंत और प्रभावी माध्यम है। यह हमें अभिव्यक्ति की ताकत देता है और इसमें ऐसे सन्देश निहित होते हैं जो समाज को सूचने पर मजबूर कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मुंबई जैसे शहर में कई फिल्मों की शूटिंग देखी है जिनमें कल्पनाशीलता का काफी पुट होता है। लेकिन इस तरह के नाटक से समाज का और इसमें हो रही घटनाओं का वास्तविक और मार्मिक चित्रण प्रस्तुत होता है जिसका सीधा असर समाज पर पड़ता है । उन्होंने कलाकारों को उनकी शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई दी और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस पांच दिवसीय आयोजन की सराहना की ।


समाज में बदलाव का सशक्त सन्देश देते हैं नाटक : रघु ठाकुर

प्रख्यात समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने भी इस राष्ट्रीय नाट्य समारोह को अभिनव आयोजन बताया और कहा कि कला में बहुत प्रबल संवाद निहित होता है । यह नाटक समाज में बदलाव का सन्देश देते हुए  ऐसी कहानी है जिसमें प्रेम, ममता, दायित्व, मानवता, संवेदनशीलता जैसे मूल्य अन्तर्निहित हैं. जो अंततः बताता है कि हिंसा हारेगी और मानवता और प्रेम जिन्दा रहेंगे । उन्होंने कलाकारों को नाट्य प्रस्तुति हेतु बधाई एवं शुभकामनायें दीं | 

इस अवसर पर प्रभारी कुलपति प्रो. दिवाकर शुक्ला ने सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा एवं उनकी टीम तथा विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद्  के मध्य हुए समन्वित प्रयास के लिए आभार प्रकट किया और इतने बड़े स्तर पर किये जा रहे इस आयोजन को छात्रों एवं समाज के नागरिकों के लिए महत्त्वपूर्ण बताया । उन्होंने कहा कि आज युवा डिजिटल मीडिया की तरफ आकर्षित हो रही है लेकिन जो चित्रण, जो संवेदनशीलता और जो अनुभूति नाट्य प्रस्तुतियों में देखने को मिलती है उसकी कोई तुलना नहीं की जा सकती है ।


विश्वप्रसिद्ध नाटक ‘सारे मेरे बेटे’ का प्रभावशाली मंचन

सन् 1946 में रचित यह नाटक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के अमेरिकी समाज की पृष्ठभूमि में रचा गया है, जहाँ एक साधारण-सा दिखने वाला परिवार नैतिक संकटों के भंवर में फँसा हुआ है। कथा के केंद्र में केलर परिवार है जो केलर, उनकी पत्नी केट और उनका पुत्र क्रिस। जो केलर पर आरोप है कि उन्होंने युद्ध के दौरान दोषपूर्ण सिलेंडरों की आपूर्ति की, जिसके कारण 21 सैनिकों की मृत्यु हुई। उनके व्यापारिक साझेदार स्टीव को इस अपराध के लिए कारावास की सजा हुई, किंतु स्टीव का दावा है कि यह निर्णय जो केलर के निर्देश पर लिया गया था।


नाटक की कथा तब और गहराती है जब क्रिस, जो आदर्शवाद और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है, अपने पिता के अतीत की सच्चाई को जानने के करीब पहुँचता है। दूसरी ओर, माँ केट अपने बड़े बेटे लैरी के जीवित होने की आशा से बंधी हुई है, जो युद्ध में लापता है। परिवार की सतह पर शांति और सामान्यता दिखाई देती है, किंतु भीतर अपराधबोध, झूठ और आत्मसंघर्ष की आग धधक रही होती है।

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जैसे-जैसे संवाद आगे बढ़ते हैं, सच्चाई की परतें खुलती जाती हैं और यह प्रश्न सामने आता है - क्या व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया अपराध केवल एक कानूनी दोष है, या वह समूचे समाज के प्रति नैतिक अपराध भी है? नाटक का चरम बिंदु दर्शकों को झकझोर देता है, जब यह स्पष्ट होता है कि “मेरे बेटे” केवल अपने घर के बेटे नहीं, बल्कि वे सभी सैनिक थे जो राष्ट्र के लिए बलिदान हुए। यही बोध जो केलर के अंतर्मन को तोड़ देता है और त्रासदी अपने अंतिम रूप में  दर्शकों के सामने आती है।

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ये रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रो. नवीन कानगो, प्रो. वंदना सोनी, अनीता सोनी, वीनू राणा, डॉ. राकेश सोनी, डॉ. शशि कुमार सिंह, डॉ. विवेक जायसवाल, अल्ताफ मुलानी, डॉ. नीरज उपाध्याय, राजकुमार एवं शहर के गणमान्य नागरिकों, छात्रों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

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डॉ दिनेश मिश्रा ग्लोबल समिट, बनारस में हुए सम्मानित : सागर का बढ़ाया मान

डॉ दिनेश मिश्रा ग्लोबल समिट, बनारस  में हुए सम्मानित : सागर का बढ़ाया मान



तीनबत्ती न्यूज :  22 फरवरी 2026 

सागर: वाराणसी में आयोजित Global Summit on Innovations in Reproductive Biology (GSIRB-2026) एवं 36वीं वार्षिक बैठक Indian Society for the Study of Reproduction and Fertility (ISSRF-2026) के दौरान प्रजनन जीवविज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. दिनेश कुमार मिश्रा को प्रतिष्ठित “Prof. L. S. Ramaswami Memorial Oration” सम्मान से अलंकृत किया गया। यह गौरवपूर्ण आयोजन Banaras Hindu University (BHU) में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश के अग्रणी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

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डॉ दिनेश मिश्रा ग्लोबल समित बनारसी में हुए सम्मानित सागर का बढ़ाया मान

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बिलासपुर से संबद्ध है डॉ निश्रा

डॉ. दिनेश कुमार मिश्रा, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबद्ध हैं। उन्होंने “Nano-enabled statin repurposing for targeted management of polycystic ovary syndrome (PCOS)” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। उनके शोध को विशेषज्ञों ने अत्यंत नवाचारी, समसामयिक और महिला प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव वाला बताया।


प्रतिष्ठित सम्मान नवाचारों से मिला

“Prof. L. S. Ramaswami Memorial Oration” ISSRF का एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो प्रजनन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है। डॉ. मिश्रा को यह सम्मान उनके नवाचारपूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा पीसीओएस जैसी जटिल समस्या के लक्षित उपचार की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

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यह उपलब्धि न केवल डॉ. मिश्रा की वैज्ञानिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय तथा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी गर्व का विषय है। 

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सागर से है नाता डॉ मिश्रा का

डॉ दिनेश मिश्रा सागर के पूर्व राजस्व अधिकारी  जेपी मिश्रा एवं जन भागीदारी अध्यक्ष शासकीय कन्या महाविद्यालय श्रीमती मनीषा मिश्रा के देवर एवं  विनय मिश्रा के भाई हैं। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात डॉ. मिश्रा ने इसे अपने गुरुजनों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, सतत अनुसंधान और समर्पण का परिणाम है।

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Sagar News : कांग्रेस सेवादल का मासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न

Sagar News : कांग्रेस सेवादल का मासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न


तीनबत्ती न्यूज : 22 फरवरी, 2026

सागर : फरबरी माह के इस अंतिम रविवार को कांग्रेस सेवादल का मासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम कीर्ति स्तंभ पर स्वतंत्रता सेनानी स्व.भाई अब्दुल गनी के पुत्र मुख्य अतिथि रफीक गनी के करकमलों से सम्पन्न हुआ ।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि रफीक गनी ने सेवादल की कांग्रेस में महत्ता को बताते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल की स्थापना डा. नारायण सुब्बाराव द्वारा की गई थी। पंडित जवारलाल नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक अपनी इस परंपरा को कायम रखे हुए है। देश में एकता, अखंडता को बनाए रखने में कांग्रेस सेवा दल की हमेशा प्रमुख भूमिका रही। मुख्य अतिथि ने 24 फरवरी को भोपाल में होने वाले विधानसभा घेराव में सभी कांग्रेस जनों को उपस्थित रहने की अपील की ।

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सागर: कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव: जमकर नारेबाजी, जूते, चप्पल , कुर्सियां फेंकी ▪️बीजेपी विधायक और जिलाध्यक्ष सहित कार्यकर्ता पहुंचे कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन करने

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कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश सेवादल महासचिव विजय साहू उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आयोजन शहर सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे ओर संचालन द्वारका चौधरी ने किया।

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निधन पर शोक व्यक्त किया

कार्यक्रम के अंत मे सभी सेवादल परिवार जनों ने वरिष्ठ कांग्रेसी धर्मेंद्र चौधरी,एड.शिव शंकर तिवारी और रवि सोनी के भाई के निधन पर मौन रखकर आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की ।

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ये रहे शामिल

कार्यक्रम में आशीष ज्योतिषी, हेमराज रजक,शरद पुरोहित अभिलाष चौधरी, दीनदयाल तिवारी, रिषम जैन प्रेमनारायण विश्वकर्मा,योगराज कोरी रजिया खान, नितिन पचौरी,प्रीतम यादव, कल्लू पटेल,आदिल राइन, भूरे खटीक,अरविंद ठाकुर, रवि जैन, परख शुक्ला,अंकुर यादव, प्रवीण यादव,लल्ला यादव, अमर श्रीवास्तव,पंकज सोनी, संदीप सूर्यवंशी,उमेश लोधी, संतोष रैकवार,अनीश वाल्मीकि, लाखन लोधी,राहुल खटीक आदि जन उपस्थित रहे।



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संसद में पीएम की जान को खतरा होना सरकार और भाजपा के लिए शर्मनाकः रघु ठाकुर

संसद में पीएम की जान को खतरा होना सरकार और भाजपा के लिए शर्मनाकः रघु ठाकुर



तीनबत्ती न्यूज: 22 फरवरी, 2026

सागर। संसदीय लोकतंत्र के समक्ष कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गये हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष के प्रश्नों के उत्तर देने प्रधानमंत्री लोकसभा में नहीं पहुंचे। यह गंभीर बात है। यह बात लोसपा के राष्ट्रीय संरक्षक रघु ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर कह रहे हैं कि मैंने प्रधानमंत्री को सदन में जाने से रोका। क्योंकि उनकी जान को खतरा था। भाजपा का विशाल बहुमत लाचार हो गया है। प्रधान मंत्री की सुरक्षा को यदि संसद में खतरा है तो यह भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय है। लोकसभा स्पीकर ने अक्षम्य अपराध किया है। 

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सागर: कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव: जमकर नारेबाजी, जूते, चप्पल , कुर्सियां फेंकी ▪️बीजेपी विधायक और जिलाध्यक्ष सहित कार्यकर्ता पहुंचे कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन करने

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रघु ठाकुर ने कहा कि देश में आरएसएस इस समय भाजपा के पीछे रह गई है। एक समय दोनों में समानता गठबंधन था लेकिन अब भाजपा के आगे आरएसएस ने घुटने टेक दिये हैं। इस कारण कुलपतियों की नियुक्तियों सहित कई मामले रूके पड़े हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति में आरएसएस की पंसद को महत्व नहीं मिला। 

उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को मारने की पुरानी परंपरा ही बेहतर थी। कुत्तों की नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार और घोटाले के नये अवसर तलाशें जा रहे हैं। ग्वालियर में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर जिन डॉक्टरों को पैसों को भुगतान की बात कही गई है उनकी वहां पदस्थापना ही नहीं है। तेलंगाना के लोगों ने तीन सौ आवारा कुत्तों को मार कर उन्हें जमीन में दफन कर दिया। ठाकुर ने कहा कि मप्र सरकार का बजट सत्ता शक्ति का खुला प्रदर्शन है। नगरीय प्रशासन विभाग में बजट की अधिकांश राशि मुख्यमंत्री के क्षेत्र उज्जैन को दे दी गई है। वोट खरीदी योजनाओं पर भी सरकार महरवान रही है। बजट में शिक्षा और चिकित्सा की उपेक्षा की गई है। अमेरिका के सुप्रीमकोर्ट द्वारा टैरिफ दरों को रद्द किये जाने के बाद भी भारतीय आर्थिक व्यवस्था पर अभी खतरा टला नहीं है। ठाकुर ने कहा कि सर्वदलीय मोर्चा ने बुंदेलखंड अंचल की विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली में धरना देने के बाद प्रधानमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को ज्ञापन सौंपे हैं हमें उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही इन मांगों को निराकृत करेगी। मोर्चा अंचल की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करता रहा है और करता रहेगा।

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