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बुधवार, 27 अक्तूबर 2021

आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली ,कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन ,7 सूत्रीय मांगों को लेकर

आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली ,कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन ,7 सूत्रीय मांगों को लेकर

सागर । आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने शासकीय वेतन भोगी घोषित करने सहित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नाम संबोधन ज्ञापन नगर दण्डाधिकारी श्री सी.एल. वर्मा को सौपा। प्रदेश के सभी जिलों में म.प्र. बुलंद आबाज नारी शक्ति आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका संघ के तत्वाधान में सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौपे गए। म्युनिस्पल स्कूल के ग्राम से रैली प्रारंभ होकर परकोटा, बस स्टैण्ड, नगर निगम, पीली कोटी होते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन में परिवर्तित हुई रैली में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने शासन वायदा निभाओं के नारे गर्म जोशी से लगाए। संघ की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती लीला शर्मा के नेतृत्व मंे आयोजित रैली प्रदर्शन में शासकीय वेतन भोगी घोषित करने, शासकीय कर्मचारियों की भाति वेतनमान दिए जाने, रिटायरमेंट होने पर कार्यकर्ता सहायिका को पेंशनभोगी घोषित करने एवं अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने, रिटायरमेंट की आयु सीमा का बंधन समाप्त कर आयु सीमा 65 वर्ष किए जाने, मिनि आंगनबाडी कार्यकर्ता को आंगनबाडी कार्यकर्ता की बराबरी का दर्जा देकर उन्हें सहायिका उपलब्ध कराने, वर्ष 2018 से रूका हुआ अभी तक का 1500 रूपये का एरियर्स का भुगतान किए जाने। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा की गई घोषणा कि आंगनबाडी कार्यकर्ता को 1 लाख एवं सहायिका को 75 हजार रूपये दिए जाने की घोषणा पर अमल करने आदि मांग का ज्ञापन सौपा गया ।
 संघ अध्यक्ष श्रीमति लीला शर्मा ने कहा कि यदि इस मांग पत्र पर प्रदेश और भारत सरकार सजग नहीं हुई तो प्रदेश की लाखों आंगनबाडी कार्यकर्ता अनिश्चित कालीन हडताल के लिए बाध्य होगी। आंदोलन का समर्थन करने आए विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे ने आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार जब इनसे सरकारी काम लेती है तो सरकारी घोषित करने में पक्षपात क्यों। शिवसेना उपराज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि कोरोना काल में आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा की गई सेवाओं पर सरकार ने पक्षपात करते हुए इन्हें कोरोना योद्धा घोषित नहीं किया और न ही कोरोना में मृत आंगनबाडी कार्यकर्ता को राहत राशि दी। सरकार को कोरोना में मृत आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका को 50 लाख रूपये दिए जाने चाहिए। आंदोलन में शिवसेना जिला संगठन प्रमुख हेमराज आलू, जिला प्रमुख दीपक ठाकुर, अमन ठाकुर, राजश्री दुबे, लक्ष्मी चौरसिया, नीलमणि बिल्थरे, दुर्गा लोधी, बबीता खटीक, अनीता दुबे, अभिलाषा श्रीवास्तव, अर्चना सिरोठिया, रेखा बुधोलिया, रंजना सिसोदिया, चन्द्रवंती लोधी, ममता द्विवेदी, मंजू जैन, सुषमा, किरण, कमला, नीलम, प्रतिमा, रेखा, रानी, संध्या, माया, निशा, मंजू, अनीता, रंजना, चंदा, शहनाज, गीता, मरियम, राजकुमारी, महरूम, विमला, श्रीमती जीराबाई, बैजयन्ती, कृष्णा, प्रभा, नजमा, सहित सैकडों की तादाद में आंगनबाडी कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

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