SAGAR : अपहरण एवं दुष्कृत्य के आरोपी को मदद करने वाली महिला को दस -दस साल की सजा

SAGAR : अपहरण एवं दुष्कृत्य के आरोपी को मदद करने वाली महिला को दस -दस साल की सजा

सागर। न्यायालय- श्रीमती नीतूकांता वर्मा विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) सागर के न्यायालय ने आरोपिया श्रीमती बिट्टी जाट पत्नि राजू उम्र 34 साल निवासी ग्राम सोठिया, थाना जैसीनगर जिला सागर को धारा 368 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड एवं धारा 376(2)/109 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया। प्रकरण में राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ सहा. जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन एवं ए.डी.पी.ओ. श्रीमती प्रियंका जैन द्वारा पैरवी की गई।

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प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादी ने दिनांक 26.09.2015 को पुलिस थाना जैसीनगर में रिपोर्ट लेख कराई एवं बताया कि दिनांक 25.09.2015 को फरियादी और उसकी पत्नि खेत पर गये थे एवं उसकी नाबालिग बेटी घर पर थी, जब शांम को फरियादी व उसकी पत्नि घर पर आये तो उसकी बेटी (अभियोक्त्री) घर पर नही थी आसपास एवं रिस्तेदारी में पता किया लेकिन कही भी पता नही चला। उक्त घटना की रिपोर्ट थाना जैसीनगर में दर्ज की गयी एवं प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियोक्त्री को दस्तयाव किया गया एवं अभियोक्त्री का चिकित्सीय परीक्षण कराया एवं कथन लेखबद्ध किये गये। विवेचना में आयी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्ता बिट्टी जाट पर धारा 368, 376/109 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। दिनांक 25.09.2015 को आरोपिया ने अभियोक्त्री को व्यपहरित करने एवं अभियोक्त्री के साथ दुष्कृत्य करने में अन्य आरोपीगण का सहयोग करने का दुष्प्रेरण किया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने माननीय न्यायालय के समक्ष महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किये एवं  विचारण में अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया। प्रकरण की गंभीरता और अभियोजन के तर्को से सहमत होकर विद्वान न्यायाधीश के न्यायालय ने आरोपिया श्रीमती बिट्टी जाट पत्नि राजू उम्र 34 साल निवासी ग्राम सोठिया, थाना जैसीनगर जिला सागर को धारा 368 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड एवं धारा 376(2)/109 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया।


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