MP : पत्‍नी के हत्‍यारे पुलिसकर्मी पति को आजीवन कारावास

MP : पत्‍नी के हत्‍यारे  पुलिसकर्मी पति को आजीवन कारावास


जतारा/टीकमगढ़। उत्तरप्रदेश के एक पुलिसकर्मी को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में एमपी के टीकमगढ जिले की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 

मीडिया सेल प्रभारी ने बताया कि दिनांक 21.09.2020 को आरोपी जोकि उत्‍तरप्रदेश पुलिस में पदस्‍थ होकर पुलिस लाईन बांदा में तत्‍कालीन समय में पदस्‍थ था ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 20.09.2020 को वह ग्राम छिपरी थाना लिधौरा में पूजापाठ करने के लिए अपनी पत्‍नी रजनी के साथ फोर-व्‍हीलर ह्यूंडई से आया था। लौटते समय रात करीब 02:00 बजे मोहारा शमसान घाट के पास आम रोड पर सामने से एक पिकप ने फोर-व्‍हीलर को कट मार दिया जिससे उसकी गाड़ी असंतुलित होकर रोड के किनारे गिर गई और पत्‍नी रजनी को सिर में चोट आने से वह खत्‍म हो गई। उक्‍त सूचना पर मर्ग क्रमांक 48/2020 कामय किया जाकर प्रकरण विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा शव का पीएम कराकर स्‍थल से आवश्‍यक वैज्ञानिक साक्ष्‍य एकत्रित की गई व तीन साक्षियों के जांच-कथन भी लिये गये। जतारा पुलिस द्वारा एक्‍सीडेंट की घटना संदेहास्‍पद प्रतीत होने से आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 360/2020 अंतर्गत धारा 302, 201 भादवि दर्ज किया जाकर विवेचना के दौरान आरोपी पर एक अन्‍य 302 का अपराध थाना महरौनी में दर्ज होना पाया गया। विवेचना के दौरान ही आरोपी से सख्‍ती से पूछताछ करने पर खुलाशा हुआ कि जिस डामर लगे पत्‍थर से उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या की। वह घटनास्‍थल पर ही झाडियों में पड़ा हुआ है। पुलिस द्वारा उक्‍त पत्‍थर की तलाश की गई व घटनास्‍थल से आवश्‍यक वैज्ञानिक साक्ष्‍य एकत्रित की गई। संपूर्ण विवेचना पश्‍चात् पुलिस द्वारा जतारा न्‍यायालय के समक्ष चालानी कार्यवाही की गई। आज संपूर्ण विचारण पश्‍चात् माननीय अपर सत्र न्‍यायाधीश जतारा, श्री एम.डी. रजक द्वारा पारित निर्णयानुसार आरोपी कैलाश गौ‍तम को दोषसिद्ध पाते हुए धारा 302 भादवि हत्‍या करने के अपराध में आजीवन कारावास व 10000/-(दस हजार रूपये) के अर्थदण्‍ड एवं धारा 201 भादवि साक्ष्‍य छुपाने के अपराध में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000/-(दो हजार रूपये) के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रकरण शासन की जघन्‍य एवं सनसनीखेज श्रेणी का होकर चिन्‍हित था जिसमें शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक/अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुमार नामदेव द्वारा की गई।
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