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शुक्रवार, 29 अक्तूबर 2021

दलित से विवाह करने पर युवती के नर्मदा में बाल कटवाकर कराया शुद्धिकरण ★ युवती ने पुलिस अधीक्षक से की परिजनों की शिकायत और जताया जान को खतरा

दलित से विवाह करने पर युवती के नर्मदा में बाल कटवाकर कराया शुद्धिकरण

★ युवती ने पुलिस अधीक्षक से की परिजनों की शिकायत और जताया जान को खतरा

★ पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने युवक-युवती को दिया कार्यवाही का आश्वासन

@मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल। एक पिछड़ा वर्ग की युवती का दलित युवक से प्रेम विवाह करना युवती के परिजनों को इतना अधिक नागंवार गुजरा कि युवती के परिजनों ने पहले पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और उसके बाद युवती के मिलने पर उसे होशंगाबाद में नर्मदा नदी पर ले जाकर उसके बाल कटवाकर उसका शुद्धिकरण करा डाला। इस कृत्य से नाराज युवती अपने पति के साथ एसपी के पास पहुंची और पूरी व्यथा बताई साथ ही परिजनों से उसे जान का खतरा होने का भी हवाला दिया। इस मामले में एसपी ने दोनों युवक-युवती को कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
बोली एसपी दी जाएगी सुरक्षा
पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को दोनों युवक-युवती मुझसे मिलने के लिए दफ्तर में आए थे। मैंने इस मामले को महिला सेल प्रभारी डीएसपी पल्लवी गौर को देखने के लिए कहा है। इधर युवती ने बताया कि उन्हें एसपी ने आश्वासन दिया है कि आप सुरक्षित रूप से घर जाएं इस मामले में पिता सहित परिजनों को बुलाकर समझाईश दी जाएगी और नहीं माने तो कार्यवाही भी की जाएगी।
एक नजर में पूरा घटनाक्रम
इस मामले में युवती ने आगे बताया कि उसने अनुसूचित जाति के युवक अमित अहिरवार निवासी टिकारी से 11 मार्च 2020 को आर्य समाज में प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद मेरे परिजनों ने मेरी गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 जनवरी 2021 को चोपना थाने में दर्ज करा दी थी। इसके बाद पुलिस ने मेरी मर्जी के बिना कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर मुझे परिजनों को सौंप दिया। युवती ने बताया कि वह 12 फरवरी 2021 को नर्सिंग की ट्रेनिंग के लिए राजगढ़ गई थी। रक्षाबंधन पर मेरे पिता मुझे लेने के लिए राजगढ़ 18 अगस्त 2021 को आए और जबरदस्ती मुझे इंदौर ले गए और वहां से 19 अगस्त को होशंगाबाद में सेठानी घाट पर मुझे स्नान कराकर मेरे बाल कटवा दिए और मुझे जूठी पुड़ी खिलाकर शुद्धिकरण भी करवा दिया।
 घाट पर फिंकवा दिए पहने गए कपड़े
युवती ने बताया कि वहां पर मेरे पिताजी एवं अन्य तीन लोगों ने मुझे नर्मदा नदी के सेठानी घाट पर कहा कि इसने दलित समाज के युवक से शादी की है। इसलिए इसकी पूजा पाठ कर शुद्धिकरण कराना पड़ेगा। उन्होंने मुझे मेरी इच्छा के विरुद्ध आधे वस्त्रों में नहलाया फिर जूठी पूड़ी खिलवाई तथा मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरी चोटी के बाल काटे। जो कपड़े मैंने पहने थे, उन्हें वहीं पर सेठानी घाट पर फिंकवाए। उक्त घटना का विरोध करने पर मारपीट भी की।
खुशी से जीवन बिताना चाहते दोनों
मैंने समाज की रुढ़ीवादी, जातिवादी मानसिकता से ऊपर उठकर अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अमित अहिरवार से शादी की है। मैं उक्त विवाह से खुश हूं तथा हम दोनों खुशी से अपने जीवन का निर्वहन करने के लिए तैयार हैं परंतु मेरे परिवार के सदस्य निरंतर मुझे तथा अमित के परिवार को डरा धमका रहे हैं।
एसपी ने दिया कार्यवाही का आश्वासन
साक्षी ने पुलिस अधीक्षक से पिता सहित परिवार के सदस्यों की नामजद शिकायत करते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उसे और पति तथा पति के परिवार को सुरक्षा देने की मांग भी की है। आवेदिका का यह भी कहना है कि विवाह के पश्चात से वह परिवार के सदस्यों के कारण मानसिक रूप से परेशान हो गई है तथा इसी तरह की स्थिति रही तो आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगी। हालांकि एसपी सिमाला प्रसाद ने इस मामले में कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।

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