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डॉ गौर विवि - आईजीआरएमएस भोपाल के बीच एमओयू : शोध और विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर

डॉ गौर विवि - आईजीआरएमएस भोपाल के बीच एमओयू :  शोध और विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर


तीनबत्ती न्यूज: 24 अगस्त, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आईजीआरएमएस), भोपाल के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह एमओयू अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल द्वारा आयोजित “समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए केंद्र पोषित संस्थानों का योगदान – एक संस्थान, एक वादा” कॉन्क्लेव के दौरान हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया गया।

एमओयू का आदान-प्रदान

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर एवं प्रो. अजीत जायसवाल, निदेशक (संकाय कार्य) एवं अध्यक्ष, मानव विज्ञान विभाग तथा आईजीआरएमएस की ओर से निदेशक प्रो. अमिताभ पांडेय ने किया।

इस समझौते के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, मानव विज्ञान और संस्कृति के विभिन्न आयामों पर संयुक्त शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। दोनों संस्थान ज्ञान और संसाधनों के आदान-प्रदान के साथ शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेंगे।

एमओयू के तहत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, फील्डवर्क और प्रशिक्षण के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे विद्यार्थियों को संग्रहालय, मानव विज्ञान, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्य में सहयोग

इस साझेदारी का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास में केंद्र पोषित संस्थानों की भूमिका को मजबूत करना और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान मिलकर “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देंगे।

कॉन्क्लेव में प्रदेश के विकास में केंद्र पोषित संस्थानों की भूमिका, नवाचार, शोध और संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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