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कनेरादेव जलाशय के रिसाव रोकने 55.81 लाख की विशेष मरम्मत को मिली मंजूरी

कनेरादेव जलाशय के रिसाव रोकने 55.81 लाख की विशेष मरम्मत को मिली मंजूरी





तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में उठाए गए कनेरादेव सिंचाई परियोजना के जलाशय में रिसाव के मुद्दे पर सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि जलाशय के रिसाव को रोकने के लिए 55.81 लाख रुपये की विशेष मरम्मत कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और वर्तमान में निविदा प्रक्रिया जारी है।

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विधानसभा में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि कनेरादेव जलाशय में रिसाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भारत सरकार के भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) से भू-तकनीकी जांच कराई जा रही है। विभाग के सुझावों के आधार पर वर्ष 2023 में 1.95 लाख रुपये तथा 2025 में 1.33 लाख रुपये अनुसंधान कार्यों पर व्यय किए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि 12 जून 2026 को जलाशय के रिसाव को रोकने एवं सुधार कार्यों के लिए 55.81 लाख रुपये की विशेष मरम्मत की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई। फिलहाल कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है और इसके पूर्ण होने के बाद ही स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि कनेरादेव जलाशय क्षेत्र के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है। जलाशय में लंबे समय से हो रहे रिसाव के कारण किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही थी। विधानसभा में यह विषय उठाने का उद्देश्य सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना था।

प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब मरम्मत कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इससे जलाशय का रिसाव रुकने के साथ क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का बेहतर लाभ मिलेगा और परियोजना की उपयोगिता भी बढ़ेगी।


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स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

कटनी की स्लीमनाबाद टनल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया। 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई, विंध्य-महाकौशल को मिलेगा बड़ा लाभ।

•सीएम डॉ. मोहन यादव ने देखा इंजीनियरिंग का चमत्कार, स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

भोपाल/कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले में देश की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह टनल नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाएगी। इसके शुरू होने से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश का "इंजीनियरिंग मार्वल" बताते हुए कहा कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की खेती, पेयजल और आर्थिक विकास की दिशा बदल देगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों ने इस असंभव माने जाने वाले कार्य को संभव बनाया।



उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में परियोजना कई कठिनाइयों से घिर गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पूरा करने का संकल्प नहीं छोड़ा। अब यह परियोजना अंतिम चरण में है और जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।

हर मिनट 25 हजार लीटर पानी बना सबसे बड़ी चुनौती

टनल निर्माण के दौरान इंजीनियरों को बेहद कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मार्बल, लाइमस्टोन और डोलोमाइट की कठोर चट्टानों के बीच खुदाई के दौरान प्रति मिनट लगभग 25 हजार लीटर पानी का रिसाव हो रहा था। कई स्थानों पर जमीन धंसने की स्थिति भी बनी।

निर्माण में लगी अमेरिकी मशीन क्षतिग्रस्त होने के बाद जर्मनी से अत्याधुनिक हेरेनकनेक्ट मशीन मंगाई गई। विशेष ग्राउटिंग तकनीक के जरिए जल रिसाव को नियंत्रित कर निर्माण कार्य पूरा किया गया।

100 साल तक सुरक्षित रहेगी टनल

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली यह टनल इतनी मजबूत बनाई गई है कि भीषण भूकंप का भी इस पर असर नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इसका डिजाइन कम से कम 100 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा।



बिना बिजली के पहुंचेगा नर्मदा का पानी

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर्मदा का पानी बिना किसी पंप और बिजली के केवल गुरुत्वाकर्षण के सहारे सोन नदी बेसिन तक पहुंचेगा। इससे सिंचाई की लागत भी कम होगी।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसी पहचान बना सकता है।

1610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत

वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपये थी, लेकिन कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग के कारण लागत बढ़कर 1610.47 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में परियोजना का 96.66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

किन जिलों को मिलेगा लाभ

परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांव लाभान्वित होंगे। कुल 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

— डेस्क ,तीनबत्ती न्यूज

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जेरा बांध से बदलेगी सुरखी की तस्वीर, 15 हजार एकड़ भूमि होगी सिंचित: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

जेरा बांध से बदलेगी सुरखी की तस्वीर, 15 हजार एकड़ भूमि होगी सिंचित: गोविंद सिंह राजपूत


तीनबत्ती न्यूज:11 जुलाई, 2026

सागर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंगारमुंडी, मनेशिया, ढकरई, मूड़री, सेवन और करहद में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिंचाई क्रांति से सुरखी के किसानों की तकदीर बदल रही है और क्षेत्र विकास के मामले में प्रदेश की अग्रणी विधानसभा बन चुका है।

मंत्री राजपूत ने बताया कि 171 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जेरा सिंचाई परियोजना से 23 गांवों की करीब 15 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिससे लगभग 10 हजार किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद सुरखी के किसान भी पंजाब की तरह साल में तीन फसलें लेने में सक्षम होंगे।

उन्होंने बताया कि मसुरहाई, बांसाखाहर, देवलचैरी, ढकरई, मूड़री, करहद, महुआखेड़ाकला, सेमराकला, सेमराघोना, सेमराघाट, सेवन, सिंगारचैरी, सिंगारमुंडी, ताजपुर, मिडवासा, तोड़ातरफदार और रीछई सहित कई गांवों को वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।

मंत्री राजपूत ने कहा कि टेहरा बांध और मिडवासा बांध परियोजनाओं से भी हजारों एकड़ भूमि सिंचित होगी। सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि यंत्रीकरण, उन्नत बीज और सिंचाई परियोजनाओं ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। 650 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जैसीनगर पहुंच मार्ग से हजारों लोगों को आवागमन का लाभ मिलेगा। साथ ही सीसी रोड, पुल-पुलियों और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रामबाबू सिंह, सुखदेव मिश्रा, लोकमन लोधी, एडवोकेट अर्जुन पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।


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