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टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित • जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

• जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 21 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचकर जिला विकास समिति की बैठक में जिले के विकास और शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इसकी समुचित योजना तैयार कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ के पारंपरिक पीतल शिल्प और कारीगरों की कला को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि स्थानीय हुनर को नई पहचान मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

उद्योग और रोजगार पर फोकस

डॉ. यादव ने कहा कि जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच करीब 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे। सरकार किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दी जा रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में प्रभावी निराकरण किया जाए। नल-जल योजना, राशन वितरण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति देखने और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए।


सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सुनीं, जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

जन-विश्वास अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी सुना। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा दयाराम लोधी की मां स्व. रानीबाई की मृत्यु के बाद नॉमिनी के खाते में राशि अंतरित नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले में कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को सम्मानित किया जाएगा।

उचित मूल्य दुकानों की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम डॉ. यादव ने ली जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक : अधिकारियों को दिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश

- गौशालाओं को डीबीटी से भेजी 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने  मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत टीकमगढ़ में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में स्थानीय संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिले के पारंपरिक कौशल एवं स्थानीय उत्पादों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल, नवाचारों और जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों के सुझावों को विकास की कार्य योजना में शामिल करते हुए स्थानीय संभावनाओं को रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसरों में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन उद्योग नीतियों एवं ऋण आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सफल प्रयासों और नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिल सके। पीतल की मूर्तियों सहित स्थानीय कला एवं हुनर को प्रोत्साहित करने, उनके विक्रय के लिये बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

पशुपालन होगा आय का बेहतर साधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सहकारी क्षेत्र से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं गोपालकों को जोड़ने तथा गौशालाओं में अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी नस्ल की बछियों की उपलब्धता बढ़ने से गोपालकों को लाभ मिलेगा और कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकेगा। टीकमगढ़़ जिले में धार्मिक एवं पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कुंडेश्वर धाम के विकास एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया गया। टीकमगढ़ जिला विकास सलाहकार समिति द्वारा उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, खनिज, पर्यावरण, रोजगार एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले की दीर्घकालीन विकास कार्य योजना को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। समिति स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

जनता ने दिए अहम सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास केवल वृहद कार्यों तक सीमित नहीं है। जनभागीदारी, सामुदायिक भावना और स्थानीय ज्ञान एवं अनुभव के प्रभावी उपयोग से भी विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने, सामुदायिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी सौहार्दृ के साथ मनाने का आह्वान किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा समिति के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों में शामिल करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित समिति की बैठक जिले के विकास को स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं, संसाधनों और नवाचारों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


सरकार का फोकस गौशालाओं पर भी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण-पोषण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रतिदिन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए 620.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौशालाओं के बेहतर संचालन और गौवंश के समुचित संरक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता एवं सुशासन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन से अब तक प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, जिनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है।


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सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित • सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी

सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

• सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी




तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त, 2026

बड़वानी/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत बड़वानी में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में आमजन की शिकायतें सुनीं। प्रकरणों के निराकरण में लंबे समय तक लापरवाही और देरी सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तत्कालीन तहसीलदार, दो पटवारी, दो सीएमओ, एक सहायक यंत्री और एक तत्कालीन सीईओ समेत सात अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिलना चाहिए। शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी होगी।



छह साल तक लंबित रहा नामांतरण, तहसीलदार और दो पटवारी निलंबित

राजपुर तहसील के शिकायतकर्ता अजय-लाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं भुगतान से संबंधित शिकायत के साथ अपने पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण में हुई देरी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई।


नामांतरण में करीब छह वर्ष की देरी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार, वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार, तथा मामले में दोषी पाए गए पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।


पीएम आवास की किश्त में देरी पर दो सीएमओ और सहायक यंत्री पर कार्रवाई


प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के मामले में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में आवेदन किया था। वर्ष 2022 में जियो टैगिंग और वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण समय पर राशि नहीं मिल सकी। मकान बनने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई।


मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राही को समय पर आवास निर्माण की राशि नहीं मिलने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी, जगदीश धाकड़ और सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।



संबल योजना की सहायता में देरी पर तत्कालीन सीईओ निलंबित


पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर ने संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि में देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ।


जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले कुछ हितग्राहियों को पहले लाभ मिला। इस तरह के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री ने मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।


बाल आशीर्वाद योजना में देरी की जांच के निर्देश


सेंधवा विकासखंड से संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी और लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से चर्चा की। बताया गया कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई। बजट मिलने के बाद नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया।


मुख्यमंत्री ने भुगतान में देरी के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।


पशु बीमा राशि में दो साल की देरी पर भी जांच


पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु बीमा प्रकरण में शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य और लाभार्थी हरी जगन मेहता से भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। बताया गया कि पशु की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम और आवेदन की प्रक्रिया दो दिन के भीतर पूरी कर दी गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान में देरी हुई।


लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान किया गया। संपूर्ण प्रक्रिया में दो वर्ष से अधिक समय लगने पर मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी की उदासीनता तथा भोपाल स्तर पर संभावित त्रुटि की जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।


हर शिकायत का समय-सीमा में हो समाधान


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका समय-सीमा में निराकरण किया जाए।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड जल्द होगा गठित

सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, जल्द गठित होगा पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड


तीनबत्ती न्यूज| 13 अगस्त 2026

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

कार्यक्रम का आयोजन लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।



लोकमाता के सुशासन को किया याद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा की ऐसी महान शासिका थीं, जिनके योगदान से मध्यप्रदेश और देश गौरवान्वित होता है। उन्होंने अपने शासनकाल में सुशासन, न्याय, सेवा और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित किए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आयोजित कर लोकमाता को स्मरण किया जाना भी इसी भावना का प्रतीक है।

पाल-गड़रिया समाज के लिए बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पाल-गड़रिया समाज गोपाल कृष्ण के वंशज हैं और समाज के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन करेगी, जिससे समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। सरकार समाज के सुख-दुख और कल्याण के लिए सदैव तत्पर है।

दूध उत्पादन और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय बढ़े और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।



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एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव का फैसला

एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव ने दिए खाद्य सुरक्षा के सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में बैन किया एनालॉग पनीर

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे। 

बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।सरकार के अनुसार बाजार में दूध से बने पारंपरिक पनीर के स्थान पर सस्ते एनालॉग पनीर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

होटल, मिठाई दुकानों और डेयरी में होगी जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, मिठाई की दुकानों, डेयरी, रेस्टोरेंट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में जांच अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान एनालॉग पनीर पाए जाने पर नमूने लिए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को आम तौर पर असली पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक तरीके से केवल दूध को फाड़कर तैयार किए गए पनीर से अलग होता है।

इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में वनस्पति या पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन, केसिन, स्टार्च, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। खाद्य उद्योग में इसका इस्तेमाल कुछ फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर

असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, वसा और कैल्शियम प्रमुख पोषक तत्व होते हैं।

एनालॉग पनीर: दूध के अलावा अन्य वसा और खाद्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसकी पोषण संरचना इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करती है।

उपभोक्ताओं को पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी उत्पाद पर “Paneer Analogue”, “Imitation Paneer” या इसी तरह की जानकारी लिखी हो तो उसे पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग समझना चाहिए।


उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?


पनीर खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद की सामग्री, लेबल और निर्माता की जानकारी जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।



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सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू

सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू



तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 11 अगस्त को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचकर राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना।

सिचुएशन रूम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक मदद पहुंचाई जा रही है।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली।

527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्तमान में बारिश का समय है। इस बार प्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई है, वहां आम नागरिकों को राहत पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि राहत एवं बचाव दल ने अभी तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बनी स्थिति में 7 कांवड़ियों का भी रेस्क्यू किया गया।

नदी-नालों के किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान अचानक नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन की सलाह का पालन करें। आवश्यकता होने पर पड़ोसी जिलों से भी राहत एवं बचाव के लिए मदद ली जा रही है।

दिन-रात राहत और बचाव में जुटी टीमें

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहत एवं बचाव दल दिन-रात लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की मॉनिटरिंग की और रेस्क्यू किए गए लोगों से भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्तर पर आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए काम कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर प्रदेश स्तर से निगरानी रखी जा रही है।

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मध्यप्रदेश पुलिस में 27,534 पदोन्नति, CM मोहन यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

पुलिस की पदोन्नति पर जवानों ने जताया सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार, मुख्यमंत्री बोले- सरकार आपके परिवार के लिए सबकुछ करेगी


तीनबत्ती न्यूज:10 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से लंबित पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आभार प्रदर्शन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बैज लगाए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, सरकार उनके परिवार के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल अंचल से दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

पुलिस के 58 संवर्गों में 27,534 को पदोन्नति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया लागू होने में समय लगने के कारण करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त भी हो गए।उन्होंने बताया कि 30 रक्षित निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नति मिली है।

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खंडवा में बनेगी नई पुलिस बटालियन


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। इनमें अति पिछड़े वर्गों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग की कंपनियां शामिल होंगी।



दो साल में पूरी होगी लंबित पुलिस भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एएसएल की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार का प्रयास है कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।

नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की अहम भूमिका

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नई नियुक्तियां हुई हैं।

डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। नई भर्ती के बाद प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस बल सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेगा।

पदोन्नति से बढ़ा पुलिसकर्मियों का मनोबल

कार्यक्रम में पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि कई पुलिसकर्मी दो दशक से सेवा दे रहे हैं और उनकी पदोन्नति उनके परिवार के सपनों से भी जुड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय को पुलिसकर्मियों के लिए सम्मान बताया।

निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से उनके परिवार के तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने भी पुलिस सेवा के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया।नवीन भर्ती में चयनित आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से खाकी वर्दी पहनना उनका सपना था और शादी तथा बच्चों के बाद पुलिस विभाग में चयन होना उनके लिए गौरव की बात है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध • इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध

• इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और CJI जस्टिस सूर्यकांत


तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न्यायपालिका की भावना के अनुरूप अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ प्रत्येक नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व लोकतंत्र के आधार हैं। मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे मामलों का समाधान कर केस पेंडेंसी जैसी गंभीर समस्या को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' विषय पर आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

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कार्यक्रम में 'Ensuring Access Protecting Rights Building Futures' पुस्तक, निवारक एवं रणनीतिक विधिक सेवा योजनाएं, 'न्याय सबके लिए', ब्रेल लिपि में मार्गदर्शिका और 'न्याय के स्वर' का विमोचन किया गया। नालसा का थीम सॉन्ग भी प्रस्तुत किया गया। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने नालसा शिक्षा स्कीम तथा थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लॉन्च किया।

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


अंग्रेजों के बनाए कई कानून खत्म किए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव का स्वर्णिम समय चल रहा है। अंग्रेजों के दौर के अनेक गैर-जरूरी कानूनों को समाप्त कर न्याय व्यवस्था को अधिक सरल और सुलभ बनाया गया है। ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, डिजिटल डेटा संग्रह और आधुनिक न्याय प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं न्याय प्रक्रिया को आधुनिक बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की दिशा में भी काम हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं से जुड़े पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए गए हैं।

'न्याय में देरी भी अन्याय'

डॉ. यादव ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। मध्यप्रदेश में साइबर सुरक्षा, राष्ट्रीय स्वचालित प्रणाली और ई-जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पुलिस प्रणाली को वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने मालवा की न्याय परंपरा का उल्लेख करते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पहले सुशासन और न्याय की उत्कृष्ट परंपरा स्थापित की। उनके शासन में न्याय करते समय पुत्र और प्रजा में भेदभाव नहीं किया जाता था।



CJI जस्टिस सूर्यकांत बोले- संवाद से ही संभव है समाधान

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सशक्त भविष्य, गरिमा और समावेशन केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि विधिक सहायता की वास्तविक परिभाषा हैं। न्याय की पहुंच केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं हो सकती, इसके लिए संवाद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित को न्याय मिलने से पहले यह विश्वास होना जरूरी है कि उसकी समस्या को कोई सुन रहा है। मध्यस्थता की प्रक्रिया भी सामने वाले को सुनने से शुरू होती है। न्यायपालिका, विधिक सेवा संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर न्याय की पहुंच को आसान बनाना होगा।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अलग-अलग समुदायों की समस्याएं अलग होती हैं, इसलिए उनके समाधान भी उनकी परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार होने चाहिए। गरीब, आर्थिक रूप से पिछड़े और महिलाओं की सहायता करना चैरिटी नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है।

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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे न्याय

उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में ही समानता का वास्तविक भाव छिपा है। पैरा लीगल वॉलेंटियर्स समाज और विधिक व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इसकी पहुंच होना जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 39A के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने की भावना व्यक्त की गई है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्याय प्रक्रिया को बहुभाषीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को देखते हुए यहां न्याय की पहुंच को और व्यापक बनाना जरूरी है।

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मध्यस्थता से विवादों का समाधान

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने मध्यस्थता को विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया। सम्मेलन में 'विवाद से सहमति' मध्यस्थता सर्टिफिकेट कोर्स और जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया।

ब्रेल लिपि में विधिक मार्गदर्शिका के विमोचन को दृष्टिबाधित लोगों के लिए न्याय की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इंडियन साइन लैंग्वेज में नालसा थीम सॉन्ग के शुभारंभ से दिव्यांगजनों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने की पहल को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस विजय बिश्नोई, जस्टिस आलोक आराधे, जस्टिस शील नागु, जस्टिस संजीव सचदेवा, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल, न्यायाधीश आनंद पाठक सहित विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारी एवं इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंद पाठक ने आभार व्यक्त किया।


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बलराम कृषि महोत्सव: सीएम मोहन यादव ने 82.70 लाख किसानों को दिए ₹3,300 करोड़, खंडवा में पुलिस बटालियन की घोषणा

बलराम कृषि महोत्सव: सीएम डॉ. मोहन यादव ने 82.70 लाख किसानों के खातों में ट्रांसफर किए ₹3,300 करोड़, खंडवा में पुलिस बटालियन की घोषणा


तीनबत्ती न्यूज: 27 जुलाई, 2026

खंडवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत उन्होंने 82.70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से ₹3,300 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। किसानों को वर्ष 2025-26 की तीसरी और वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में ₹4,000-₹4,000 की सहायता राशि प्राप्त हुई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जैविक खेती, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, मेधावी विद्यार्थियों तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री का हल भेंट कर स्वागत किया।


खंडवा में पुलिस बटालियन की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा में पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि खंडवा-बूंदी मार्ग के लिए 15 सितंबर से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले महीने से प्रदेश में सरकारी रोडवेज बस सेवा की शुरुआत होगी, जिससे आम नागरिकों और किसानों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसान हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से देश का अन्न भंडार भरता है और सरकार उनके सम्मान व समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्ष 2026 'कृषक कल्याण वर्ष'

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत पूरे प्रदेश में बलराम महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने भगवान बलराम को कृषि का प्रथम देवता बताते हुए आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।



सिंचाई क्षमता और आधुनिक खेती पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सिंचाई क्षमता लगातार बढ़ी है। वर्ष 2002-03 से पहले जहां सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आया है। उन्होंने कहा कि किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है तथा ड्रोन तकनीक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

रोडवेज, एयर एंबुलेंस और धार्मिक विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने सहायता राशि दी जा रही है। अगले महीने से सरकारी रोडवेज बस सेवा शुरू होगी। साथ ही जरूरतमंदों के लिए एयर एंबुलेंस सुविधा और ओंकारेश्वर सहित भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।

यूसीसी पर भी रखी बात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इसे विधानसभा से पारित कराया है। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी को लेकर हुए सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन दिया, जिसमें मुस्लिम महिलाओं का भी उल्लेखनीय समर्थन शामिल रहा।


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मध्य प्रदेश UCC 2026: कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता को दी मंजूरी, लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, जानें नए नियम

मध्य प्रदेश में UCC को कैबिनेट की मंजूरी: लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, तीन तलाक-हलाला पर सख्ती, जानें 7 बड़े बदलाव



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में जगदीशपुर में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। प्रस्तावित संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।

कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कदम संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित समान नागरिक संहिता के उद्देश्य, समानता, न्याय, लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, समान अधिकार और पुराने भेदभाव को समाप्त करना इस संहिता का प्रमुख उद्देश्य है।

UCC की 7 प्रमुख बातें

1. अनुसूचित जनजातियों को छूट

संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत सूचीबद्ध अनुसूचित जनजातियों जैसे भील, गोंड, बैगा, कोरकू, सहरिया और भारिया सहित अन्य संरक्षित समुदायों पर यह संहिता लागू नहीं होगी।

2. विवाह और तलाक में बड़े बदलाव

  • एक समय में केवल एक विवाह की अनुमति।
  • तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं पर सख्ती।
  • विवाह का पंजीयन अनिवार्य।
  • पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष।
  • मौखिक तलाक और अनौपचारिक पंचायत के फैसलों को मान्यता नहीं।

3. बच्चों को समान अधिकार

विवाहित, अविवाहित, गोद लिए गए, सरोगेसी या ART से जन्मे सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा मिलेगा। कस्टडी के मामलों में बच्चे का सर्वोत्तम हित सर्वोपरि माना जाएगा।

4. उत्तराधिकार में समान अधिकार

बेटा-बेटी, विधवा-विधुर तथा माता-पिता को समान अधिकार दिए गए हैं। उत्तराधिकार का ढांचा जेंडर-न्यूट्रल बनाया गया है।

5. वसीयत की पूरी स्वतंत्रता

कोई भी वयस्क अपनी स्वयं अर्जित और पैतृक संपत्ति की 100 प्रतिशत वसीयत अपनी इच्छा से कर सकेगा।

6. लिव-इन रिलेशनशिप के लिए नए नियम

  • साथ रहने के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य।
  • दोनों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष।
  • पहले से विवाहित व्यक्ति लिव-इन में नहीं रह सकेगा।
  • 21 वर्ष से कम उम्र होने पर माता-पिता को सूचना दी जाएगी।
  • रजिस्ट्रार स्थानीय पुलिस को भी जानकारी भेजेगा।

7. महिला और बच्चों को कानूनी सुरक्षा

लिव-इन से जन्मे बच्चों को वैध माना जाएगा। महिला पार्टनर को कानूनी पत्नी की तरह भरण-पोषण का अधिकार मिलेगा। बिना रजिस्ट्रेशन रहने या गलत जानकारी देने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता महिलाओं को समान अधिकार देने, सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों में मौजूद असमानताओं को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का सम्मान भी इस संहिता में किया गया है, बशर्ते वे सार्वजनिक नीति और नैतिकता के अनुरूप हों।


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स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

कटनी की स्लीमनाबाद टनल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया। 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई, विंध्य-महाकौशल को मिलेगा बड़ा लाभ।

•सीएम डॉ. मोहन यादव ने देखा इंजीनियरिंग का चमत्कार, स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

भोपाल/कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले में देश की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह टनल नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाएगी। इसके शुरू होने से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश का "इंजीनियरिंग मार्वल" बताते हुए कहा कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की खेती, पेयजल और आर्थिक विकास की दिशा बदल देगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों ने इस असंभव माने जाने वाले कार्य को संभव बनाया।



उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में परियोजना कई कठिनाइयों से घिर गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पूरा करने का संकल्प नहीं छोड़ा। अब यह परियोजना अंतिम चरण में है और जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।

हर मिनट 25 हजार लीटर पानी बना सबसे बड़ी चुनौती

टनल निर्माण के दौरान इंजीनियरों को बेहद कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मार्बल, लाइमस्टोन और डोलोमाइट की कठोर चट्टानों के बीच खुदाई के दौरान प्रति मिनट लगभग 25 हजार लीटर पानी का रिसाव हो रहा था। कई स्थानों पर जमीन धंसने की स्थिति भी बनी।

निर्माण में लगी अमेरिकी मशीन क्षतिग्रस्त होने के बाद जर्मनी से अत्याधुनिक हेरेनकनेक्ट मशीन मंगाई गई। विशेष ग्राउटिंग तकनीक के जरिए जल रिसाव को नियंत्रित कर निर्माण कार्य पूरा किया गया।

100 साल तक सुरक्षित रहेगी टनल

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली यह टनल इतनी मजबूत बनाई गई है कि भीषण भूकंप का भी इस पर असर नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इसका डिजाइन कम से कम 100 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा।



बिना बिजली के पहुंचेगा नर्मदा का पानी

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर्मदा का पानी बिना किसी पंप और बिजली के केवल गुरुत्वाकर्षण के सहारे सोन नदी बेसिन तक पहुंचेगा। इससे सिंचाई की लागत भी कम होगी।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसी पहचान बना सकता है।

1610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत

वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपये थी, लेकिन कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग के कारण लागत बढ़कर 1610.47 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में परियोजना का 96.66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

किन जिलों को मिलेगा लाभ

परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांव लाभान्वित होंगे। कुल 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

— डेस्क ,तीनबत्ती न्यूज

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भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- यहां सबकुछ उपलब्ध

भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई, 2026

भोपाल/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में शामिल है तथा यहां उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध हैं।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक और वन-टू-वन मीटिंग कर राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की नई बयार बह रही है। उन्होंने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कुंभ के दौरान एक विशेष वातावरण बनता है, उसी तरह भारत टेक्स-2026 में वस्त्र उद्योग का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आयोजन और अधिक प्रभावशाली एवं व्यापक हुआ है।

पीएम मित्र पार्क से मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी जा चुकी है। इस परियोजना से लगभग तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे खेत से लेकर फैक्ट्री और वैश्विक बाजार तक वस्त्र उद्योग की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।

मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों के लिए सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। राज्य में जल विद्युत, सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के कारण ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे उद्योगों के संचालन की लागत कम होती है और निवेशकों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है।



महेश्वरी और चंदेरी साड़ी हमारी पहचान

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वस्त्र उद्योग ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है। राजा विक्रमादित्य के समय से लेकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर तक वस्त्र परंपरा को बढ़ावा मिला। महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां आज देश-दुनिया में मध्यप्रदेश की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वस्त्र संस्कृति देश की आर्थिक मजबूती का आधार है।

डेढ़ साल में 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। मई 2026 तक की सभी लंबित सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से उद्योगों को हस्तांतरित कर दी गई है। पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी उद्योगों को प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के लिए भरोसेमंद साझेदार है और निवेशकों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आग्रह करते हुए कहा कि "एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।"


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