करवा चौथ पर कब होगा चंद्रदर्शन? विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया मध्यप्रदेश में चंद्रोदय का समय
• सिंगरौली में रात 8:01 बजे सबसे पहले उदित होगा चंद्रमा, आलीराजपुर में 8:41 बजे के आसपास होंगे दर्शन; भोपाल में रात 8:26 बजे से चंद्रोदय
तीनबत्ती न्यूज: 28 अक्टूबर, 2026
करवा चौथ का पर्व 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत के समापन के लिए चंद्रदर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। ऐसे में महिलाओं को चांद निकलने के समय का बेसब्री से इंतजार रहता है।
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राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने खगोलीय गणना के आधार पर मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चंद्रोदय का संभावित समय बताया है। उनके अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में चंद्रमा के उदित होने के समय में अंतर रहेगा।
मध्यप्रदेश में कहां कितने बजे होगा चंद्रोदय?
सारिका घारू के अनुसार, मध्यप्रदेश की पूर्वी सीमा पर स्थित सिंगरौली में चंद्रमा रात करीब 8:01 बजे उदित होना शुरू होगा। वहीं, पश्चिमी छोर पर स्थित आलीराजपुर में चंद्रोदय रात करीब 8:41 बजे होगा। राजधानी भोपाल में चंद्रमा के उदित होने का समय रात 8:26 बजे बताया गया है।
चंद्रोदय और आंखों से चांद दिखने में क्यों होता है अंतर?
सारिका घारू ने बताया कि खगोलीय गणना में चंद्रोदय का समय उस क्षण को दर्शाता है, जब चंद्रमा क्षितिज पर दिखाई देना शुरू करता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसी समय चांद हर स्थान से स्पष्ट नजर आने लगेगा।
चंद्रमा को पूरी तरह क्षितिज से ऊपर आने में लगभग तीन मिनट लग सकते हैं। इसके अलावा, यदि चंद्रदर्शन के स्थान के सामने ऊंची इमारतें, पेड़ या अन्य बाधाएं हों अथवा आसमान में बादल छाए हों, तो चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट या उससे अधिक की देरी भी हो सकती है।
हर शहर में अलग क्यों होता है चंद्रोदय का समय?
पृथ्वी गोलाकार है और अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इसी कारण अलग-अलग भौगोलिक स्थानों पर चंद्रमा के उदय होने का समय अलग होता है। सामान्यतः पूर्वी क्षेत्रों में चंद्रोदय पश्चिमी क्षेत्रों की तुलना में पहले होता है।
सारिका घारू ने बताया कि इंटरनेट या पंचांग पर प्रकाशित चंद्रोदय का समय संबंधित स्थान के लिए होता है। इसलिए अपने शहर और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चंद्रदर्शन का समय समझना जरूरी है।
करवा चौथ पर कब खोलें व्रत?
महिलाएं चंद्रोदय के बाद अपने स्थानीय रीति-रिवाजों और पूजा-विधि के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। ध्यान रखें कि चंद्रोदय का समय और वास्तविक चंद्रदर्शन का समय अलग हो सकता है। इसलिए पूजा की तैयारी करते समय अपने शहर के समय के साथ आसमान की स्थिति और सामने की बाधाओं का भी ध्यान रखें।
सारिका घारू की सलाह है कि चंद्रदर्शन के लिए निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले ही पूजा की थाली तैयार रखें, ताकि चांद दिखाई देते ही पूजा-अर्चना की जा सके।






