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राहुल गांधी पर FIR के विरोध में सागर कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन के बीच धामी का पुतला दहन

राहुल गांधी पर FIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन के बीच धामी का पुतला दहन

पुलिस से झूमाझटकी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला घसीटकर जलाया, FIR वापस लेने की मांग


तीनबत्ती न्यूज: 02 सितम्बर, 2026

सागर। राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज की गई FIR के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशव्यापी आह्वान पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी सागर ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। अप्सरा टॉकीज चौराहा, भगवानगंज पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला घसीटकर दहन किया। पुतला दहन रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी भी हुई।

प्रदर्शन का नेतृत्व जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की धामी सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता पुतले को काफी दूर तक घसीटकर ले गए और इसके बाद उसका दहन किया। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को तत्काल वापस लेने की मांग की।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की धामी सरकार ने भाजपा के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण FIR दर्ज कर लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई का सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी।

संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज से घबरा गई है। राहुल गांधी लगातार दलित, पिछड़े, आदिवासी और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित उत्तराखंड में पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।

डॉ. किरण लता सोनी ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं लिए जाने तक कांग्रेस अपना आंदोलन तेज करेगी।

प्रदर्शन का संचालन शरद पुरोहित ने किया। इस दौरान प्रदीप पप्पू गुप्ता, राकेश राय, सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, सागर साहू, रमाकांत यादव, कमलेश तिवारी, हेमराज रजक, वीरेंद्र राजे, आनंद हैला, जितेंद्र रोहण, पार्षद ताहिर खान, वसीम खान, हीरालाल चौधरी, ज्योति मलैया, मुबीन खान, गोपाल प्रजापति, लीलाधर सूर्यवंशी, सुनील ठाकुर, दीपक कुर्मी, अजय सिंह राजपूत, समीर खान, देवेंद्र वाल्मीकि, वीरेंद्र महावते, नौशाद अब्बासी, आदिल राईन, बिल्ली रजक, जितेंद्र चौधरी, फिरदौस कुरैशी, अशोक नागवानी, हरिश्चंद्र सोनबर, साजिद राईन, जाहिद ठेकेदार, सुरेश पंजवानी, रशीद राईन, मयंक ठक्कर, गंगाराम अहिरवार, दीनदयाल तिवारी, गोपी यादव, रवि सोनी, विजय छत्तानी, संजय सराफ, नीलेश अहिरवार, अरविंद ठाकुर, डॉ. दिनेश पटैरिया, अलीम तज्जु भाईजान, पवन जाटव और कुंजीलाल लड़ियां सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।


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ट्रेन से गिरकर रेलवे पटरी पर घायल हुआ व्यक्ति, डायल-112 जवानों ने पहुंचाया अस्पताल

ट्रेन से गिरकर रेलवे पटरी पर घायल हुआ व्यक्ति, डायल-112 जवानों ने समय पर पहुंचाया अस्पताल



तीनबत्ती न्यूज, 02 सितंबर 2026

सागर। थाना मोतीनगर क्षेत्र में ट्रेन से गिरकर रेलवे पटरी पर घायल हुए एक व्यक्ति के लिए डायल-112 के जवान तत्काल मददगार साबित हुए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने घायल को सुरक्षित पटरी से बाहर निकाला और एफ.आर.व्ही. वाहन से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचाकर भर्ती कराया।

जानकारी के अनुसार, 02 सितंबर को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना मोतीनगर क्षेत्र के राहतगढ़ बस स्टैंड के पास रेलवे पटरी पर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफ.आर.व्ही. वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंचे आरक्षक कैलाश बागरी एवं पायलेट सलमान खान ने देखा कि एक व्यक्ति ट्रेन से गिरने के कारण रेलवे पटरी पर घायल अवस्था में पड़ा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जवानों ने बिना समय गंवाए घायल को सुरक्षित रूप से रेलवे पटरी से उठाकर सड़क तक पहुंचाया।

इसके बाद घायल व्यक्ति को डायल-112 के एफ.आर.व्ही. वाहन से तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर ले जाया गया, जहां उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

डायल-112 जवानों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।

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सोशल मीडिया पर कट्टा लहराकर फायरिंग का वीडियो डालने वाला आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर कट्टा लहराकर फायरिंग का वीडियो डालने वाला आरोपी गिरफ्तार, .315 बोर का देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद


कैंट पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से हुई आरोपी की पहचान, कजलीवन मैदान के पास घेराबंदी कर पकड़ा; आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई



तीनबत्ती न्यूज: 02 सितम्बर, 2026

सागर। सोशल मीडिया पर अवैध हथियार का प्रदर्शन कर फायरिंग करने और उसके फोटो-वीडियो प्रसारित कर आमजन में भय का माहौल बनाने वाले युवक को सागर की कैंट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .315 बोर का अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।


यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के मार्गदर्शन में की गई।


सोशल मीडिया मॉनिटरिंग में सामने आया वीडियो


कैंट थाना पुलिस को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक युवक के फोटो और वीडियो प्राप्त हुए। इनमें युवक देशी कट्टा प्रदर्शित करते हुए फायरिंग करता दिखाई दे रहा था। पुलिस के अनुसार, युवक सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री प्रसारित कर अपनी आपराधिक छवि प्रदर्शित करने और लोगों में भय उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो-वीडियो एवं अन्य सूचनाओं का सूक्ष्म परीक्षण करने के बाद युवक की पहचान शुभम पटेल पिता डालचंद्र पटेल, निवासी चंद्रशेखर वार्ड, सागर के रूप में हुई।


कजलीवन मैदान के पास घेराबंदी कर पकड़ा


आरोपी की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को कजलीवन मैदान के पास, थाना कैंट क्षेत्र से घेराबंदी कर अभिरक्षा में लिया गया।


तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .315 बोर का अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।


पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना कैंट में धारा 25(1-बी) आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब हथियार के स्रोत, सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो-वीडियो और आरोपी की अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जांच कर रही है।


एक सप्ताह में दूसरी प्रभावी कार्रवाई


कैंट थाना पुलिस द्वारा एक ही सप्ताह में अवैध हथियार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ यह दूसरी महत्वपूर्ण कार्रवाई बताई गई है। पुलिस क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है।


पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा रही है और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई की जा रही है।


हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर रहेगी नजर


सागर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन, आपत्तिजनक एवं भड़काऊ सामग्री, अपराध को बढ़ावा देने वाली पोस्ट, भय एवं दहशत फैलाने वाले वीडियो तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर भय फैलाना या आपराधिक छवि स्थापित करने का प्रयास गंभीर दंडनीय कृत्य है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस ने आमजन से की अपील

सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले अथवा किसी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि में संलिप्त व्यक्ति की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को दें।


पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने कहा कि आमजन की सतर्कता अपराध नियंत्रण और सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


इनकी रही सराहनीय भूमिका


उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी कैंट निरीक्षक रोहित डोंगरे, सहायक उप निरीक्षक माधव, प्रधान आरक्षक खूबसिंह, आरक्षक प्रदीप शर्मा, आशीष यादव, सृजन तिवारी एवं भानु सहित थाना कैंट पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

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37 वर्षों की पुलिस सेवा के बाद IG मिथिलेश कुमार शुक्ला सेवानिवृत्त, सागर पुलिस ने दी भावभीनी विदाई

37 वर्षों की पुलिस सेवा के बाद आईजी मिथिलेश कुमार शुक्ला को भावभीनी विदाई


तीनबत्ती न्यूज:  2 सितंबर 2026

सागर । सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला के सेवानिवृत्त होने पर सागर पुलिस द्वारा गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रशासन, पुलिस एवं राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सागर एवं दमोह जिले के राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री शुक्ला के लगभग 37 वर्षों के गौरवशाली एवं समर्पित पुलिस सेवाकाल को नमन करते हुए उनके कुशल नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, अनुशासनप्रियता, संवेदनशील कार्यशैली और कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं

श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला ने 1 अक्टूबर 1989 को उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद से पुलिस सेवा की शुरुआत की। अपने दीर्घ सेवाकाल में उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।


उन्होंने शिवपुरी, दंतेवाड़ा, हरदा, बड़ामलहरा, बालोद, कोरबा और सेंधवा में एसडीओपी/सीएसपी के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद टीकमगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में दायित्व संभाला।


पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने रीवा, नरसिंहपुर, सिवनी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, सतना, कटनी और होशंगाबाद सहित विभिन्न जिलों में सेवाएं दीं। इसके बाद जबलपुर, रीवा, भोपाल एवं ग्वालियर में डीआईजी/आईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर दायित्व निभाया।

राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित मिले कई सम्मान

श्री शुक्ला को उत्कृष्ट पुलिस सेवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें वर्ष 2004 में राज्यपाल पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री पुरस्कार, वर्ष 2014 में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा वर्ष 2026 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए अनुभव


विदाई समारोह में अधिकारियों ने श्री शुक्ला के साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने उनकी निर्णय लेने की क्षमता, अधीनस्थों को प्रेरित करने की शैली, कठिन परिस्थितियों में धैर्यपूर्ण नेतृत्व तथा पुलिस प्रशासन में उनके योगदान की विशेष सराहना की।


अधिकारियों ने कहा कि श्री शुक्ला का व्यक्तित्व अनुशासन, संवेदनशीलता और सौम्य व्यवहार का बेहतर समन्वय रहा है। उनकी कार्यशैली एवं अनुभव आने वाले समय में भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।


पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर दी विदाई

समारोह में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भावुक होकर श्री शुक्ला को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट किए। सभी ने उनके आगामी जीवन के लिए सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की शुभकामनाएं दीं।


इस अवसर पर सागर संभाग के कमिश्नर, सीसीएफ सागर, डीआईजी सागर, कलेक्टर सागर, पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया, पुलिस अधीक्षक दमोह, विशेष शाखा एवं लोकायुक्त के अधिकारी, 10वीं वाहिनी के अधिकारी, नगर निगम आयुक्त सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया, नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप सहित सागर एवं दमोह जिले के वरिष्ठ पुलिस, प्रशासनिक एवं राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।


सेवानिवृत्ति नई पारी का शुभारंभ

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय दायित्वों से विराम जरूर है, लेकिन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित व्यक्तित्व की सेवाभावना कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। श्री शुक्ला ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को पुलिस विभाग एवं जनसेवा के लिए समर्पित किया है।


सागर पुलिस परिवार ने श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला को उनकी गौरवशाली सेवाओं के लिए हार्दिक नमन करते हुए भावभीनी विदाई दी और उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय भावी जीवन की कामना की।

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MP Cabinet Decisions: 41 हजार करोड़ के फैसले, बीना-खिमलासा-मालथौन 4-लेन को मंजूरी : भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 41 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी, सागर संभाग को भी बड़ी सौगात


तीनबत्ती न्यूज:1 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, ग्रामीण रोजगार, सड़क, तकनीकी शिक्षा, डेयरी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने करीब 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी निर्णयों को मंजूरी दी।

बैठक में वीबी जी राम जी विकसित भारत ग्रामीण योजना के क्रियान्वयन का अनुसमर्थन करने के साथ ही तीन नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने, पश्चिम भोपाल बायपास और मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के निर्माण सहित कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।


ग्रामीण क्षेत्रों में अब 125 दिन रोजगार की गारंटी


कैबिनेट ने विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना को मध्यप्रदेश में 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील किए जाने का अनुसमर्थन किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना की अनुमानित लागत 3,183 करोड़ रुपये, जबकि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल अनुमानित लागत 26,436 करोड़ रुपये होगी।


केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात में रहेगी। राज्यांश करीब 10,574 करोड़ रुपये होगा। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिनों के श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।


प्रत्येक ग्राम पंचायत जीआईएस आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति लेयर्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी।


हर जिले में होगा लोकपाल


योजना में पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और प्रत्येक छह माह में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य किया गया है। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए हर जिले में एक लोकपाल नियुक्त किया जाएगा।


डेयरी विकास के लिए 2,973 करोड़ रुपये


दुग्ध उत्पादकों के हित में कैबिनेट ने 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी है। आगामी पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों की संख्या 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक की जाएगी।


दुग्ध संकलन क्षमता को 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन और प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। कृत्रिम गर्भाधान कवरेज भी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा।


पश्चिम भोपाल बायपास के लिए 3,225 करोड़ की स्वीकृति


कैबिनेट ने 35.61 किलोमीटर लंबे पश्चिम भोपाल बायपास को 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर बनाने के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत 3,225 करोड़ 51 लाख रुपये की पुनरीक्षित वित्तीय स्वीकृति दी।


बायपास बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे यात्रा की दूरी करीब 21 किलोमीटर कम होने की उम्मीद है।


सागर संभाग को बड़ी सौगात: बीना-खिमलासा-मालथौन 4-लेन मार्ग


कैबिनेट ने मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के 67.116 किलोमीटर हिस्से को 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर बनाने के लिए 2,776 करोड़ 83 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।


यह मार्ग बीना को मालथौन में एनएच-44 से जोड़ेगा। बीना में रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड और अन्य उद्योगों के कारण भारी यातायात को देखते हुए इस मार्ग को क्षेत्रीय और औद्योगिक परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बनने से यह क्षेत्र भविष्य में मजबूत आर्थिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सकता है।


भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय


तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए प्रदेश में तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।


भोपाल: मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय


उज्जैन: मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय


जबलपुर: महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय



वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले तकनीकी संस्थानों को संभागवार इन तीन विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार में विभाजित किया जाएगा।


महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के क्षेत्र में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के तकनीकी संस्थान शामिल होंगे। तीनों विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए अलग-अलग अधिनियम लागू किए जाएंगे।


स्वास्थ्य संस्थाओं के रखरखाव के लिए 1,404 करोड़ से अधिक


मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा संस्थानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 488 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति दी।


वहीं विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915 करोड़ 77 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। इसके तहत मॉड्यूलर किचन, मॉड्यूलर ओटी और अन्य चिकित्सा संस्थानों की अधोसंरचना के मरम्मत कार्य किए जाएंगे।


नए जिलों में सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय


मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालयों के लिए कुल 15 नियमित पद सृजित करने और प्रत्येक जिले में दो-दो चतुर्थ श्रेणी मानव संसाधन आउटसोर्स करने की मंजूरी दी गई।


चार जिलों में जिला आयुष कार्यालय


निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 20 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक कार्यालय में जिला आयुष अधिकारी सहित सहायक ग्रेड-1, लेखापाल और सहायक ग्रेड-2 के पद होंगे।


मूंग उपार्जन सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत


कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026 में मूंग और उड़द के उपार्जन के लिए मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए निर्णय का अनुसमर्थन किया। पंजीकृत किसानों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज का उपार्जन 25 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया है।


कैबिनेट के फैसलों से विकास को मिलेगी गति


कैबिनेट के इन निर्णयों में ग्रामीण रोजगार, किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हित के साथ-साथ सड़क अधोसंरचना, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और नए जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। खासतौर पर मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन 4-लेन मार्ग की मंजूरी से सागर संभाग में औद्योगिक और परिवहन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

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Sagar: राहतगढ़ ब्रिज के पास गंदगी पर निगमायुक्त की कार्रवाई, स्वच्छता पर्यवेक्षक निलंबित:• दुकानदारों से मौके पर ही उठवाया कचरा

राहतगढ़ ब्रिज के पास गंदगी पर निगमायुक्त की सख्ती, स्वच्छता पर्यवेक्षक प्रकाश ताम्रकार निलंबित

• दुकानदारों से मौके पर ही उठवाया कचरा, 500-500 रुपये का जुर्माना कर काटे चालान; डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को लेकर दिए सख्त निर्देश



तीनबत्ती न्यूज : 1 सितंबर 2026

सागर। शहर की स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही को लेकर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने मंगलवार सुबह औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी कार्रवाई की। राहतगढ़ ब्रिज के आसपास सड़क किनारे डिस्पोजल, पानी पाउच, पान और गुटखा के पाउच सहित कचरे के ढेर मिलने पर निगमायुक्त ने संबंधित स्वच्छता पर्यवेक्षक प्रकाश ताम्रकार को मौके पर ही निलंबित कर दिया।

निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने पाया कि क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के बावजूद रहवासियों और दुकान संचालकों को कचरा संग्रहण वाहन में ही कचरा डालने के लिए पर्याप्त समझाइश नहीं दी जा रही थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वच्छता कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल झाड़ू लगाना और कचरा उठाना ही नहीं है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी उनकी जिम्मेदारी है।



खुले में कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई

निगमायुक्त के निर्देश पर सड़क किनारे खुले में कचरा फेंकने वाले दुकान संचालकों से मौके पर ही कचरा उठवाकर डस्टबिन में रखवाया गया। साथ ही सभी संबंधित दुकानदारों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया और चालान काटने की कार्रवाई की गई।

निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समझाइश के बाद भी यदि कोई नागरिक खुले में कचरा फेंकता है तो उसके खिलाफ लगातार जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गलती नागरिक की हो या निगम कर्मचारी की, स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर जोर

राजकुमार खत्री ने कहा कि नगर निगम के पास अत्याधुनिक कचरा प्रोसेसिंग प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में जरूरी है कि प्रत्येक घर और दुकान का कचरा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों में ही डाला जाए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहर के तिराहे, चौराहे और सड़कें ही बाहर से आने वाले लोगों के सामने शहर की पहचान बनाती हैं। इसलिए इन स्थानों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना जरूरी है।

नागरिकों की मांग पर बदला कचरा वाहन का समय

निगमायुक्त ने राहतगढ़ ब्रिज के आसपास के वार्ड की गलियों का भी निरीक्षण किया और स्थानीय रहवासियों से स्वच्छता संवाद किया। नागरिकों ने डोर-टू-डोर कचरा वाहन के समय में बदलाव की मांग रखी।

निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि नागरिकों की सुविधा के अनुसार सुबह करीब 7 बजे कचरा संग्रहण वाहन वार्ड में पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि निगम की सेवाएं नागरिकों की सुविधा के लिए हैं, इसलिए कचरा वाहन निर्धारित समय पर लोगों के घर-दुकान तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।

स्थानीय रहवासियों ने समय में बदलाव के आश्वासन पर निगमायुक्त का आभार जताते हुए कचरा केवल कचरा संग्रहण वाहन में डालने और अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।


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Sagar Medical Stores: नशीली दवाओं और नियम उल्लंघन पर मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त

नशीली दवाओं में संलिप्तता और नियमों के उल्लंघन पर मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त


तीनबत्ती न्यूज:  31 अगस्त 2026

सागर। औषधि नियमों के उल्लंघन और नशीली दवाओं से संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। ड्रग इंस्पेक्टर सागर श्रीमती सोनम जैन ने सोमवार को शहर की विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त और निलंबित किए गए।

ऋषभ इंटरप्राइजेज का लाइसेंस निरस्त

शहर स्थित ऋषभ इंटरप्राइजेज मेडिकल के निरीक्षण में नशीली दवाओं में संलिप्तता पाए जाने पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं, आईटीआई के सामने संचालित विष्णु मेडिकल का निरीक्षण करने पर दुकान का संचालन नहीं पाया गया। इस पर उसका लाइसेंस भी निरस्त किया गया।


इसी प्रकार संवृद्धि मेडिकल का संचालन फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में पाए जाने पर उसका लाइसेंस 7 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।

13 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस पहले भी हुए थे निलंबित

औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1945 के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विगत माह सागर जिले के 13 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर्स के संचालन, दवाओं के क्रय-विक्रय और आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच की जा रही है।

Avil वायल के दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी

निरीक्षण के दौरान श्री पटेल मेडिकल, विजय टॉकीज रोड के यहां Avil वायल 10 एमएल के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई। इस पर मेडिकल संचालक को 3 दिवस के भीतर नारकोटिक्स दवाओं एवं Avil के संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग के अनुसार, संचालक द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दवाओं के नमूने जांच के लिए औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जाएंगे।

औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर्स संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवाओं के विक्रय और भंडारण में नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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सीसीटीवी से सागर पुलिस ने खोजा ऑटो में छूटा बैग, ₹5 हजार नगद और चाबियां बरामद

सीसीटीवी कंट्रोल रूम की तत्परता से ऑटो में छूटा यात्री का बैग बरामद, ₹5 हजार नगद और चाबियां सुरक्षित


तीनबत्ती न्यूज , 29 अगस्त 2026

सागर। सागर पुलिस के सीसीटीवी कंट्रोल रूम की तत्परता और तकनीकी दक्षता से ऑटो में छूटा एक यात्री का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बैग में ₹5,000 नगद, कपड़े और घर की महत्वपूर्ण चाबियां रखी हुई थीं। अपना सामान वापस मिलने पर यात्री ने सागर पुलिस का आभार जताया।

जानकारी के अनुसार सुरेश पटेल निवासी पथरिया जाट, खुरई बस से सागर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने ऑटो लेकर सिविल लाइन तक सफर किया। सिविल लाइन पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उनका बैग ऑटो में ही छूट गया है। बैग में नगदी के साथ घर की चाबियां होने के कारण वे काफी परेशान हो गए।

सुरेश पटेल सहायता के लिए थाना सिविल लाइन पहुंचे, जहां से उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम सागर भेजा गया। कंट्रोल रूम में उन्होंने प्रभारी कंट्रोल रूम आर.के.एस. चौहान को पूरी घटना की जानकारी दी और बैग तलाशने में मदद मांगी।

मामले की जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर जयवीर सिंह भदौरिया को दी गई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैग की तलाश कर उसे सुरक्षित वापस दिलाने के निर्देश प्रभारी कंट्रोल रूम को दिए।

निर्देश मिलते ही प्रभारी कंट्रोल रूम ने सीसीटीवी ऑपरेटर त्रिलोक सिंह परिहार एवं रेखा रजक को ऑटो की पहचान कर बैग तलाशने के लिए लगाया। टीम ने सागर शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया।

करीब दो घंटे की लगातार मेहनत के बाद टीम ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए संबंधित ऑटो की पहचान कर ली। हालांकि शुरुआत में ऑटो का नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद टीम ने ऑटो के पूर्व मार्ग के कैमरों की रिकॉर्डिंग को पीछे की दिशा में खंगाला और बारीकी से फुटेज का विश्लेषण किया।

लगातार प्रयास के बाद ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त कर लिया गया। नंबर के आधार पर वाहन संबंधी जानकारी जुटाकर ऑटो मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल ऑटो मालिक से संपर्क किया और उसे कंट्रोल रूम बुलाया।

ऑटो की जांच करने पर यात्री का बैग पीछे रखा हुआ सुरक्षित मिल गया। बैग में रखे ₹5,000 नगद, कपड़े और घर की चाबियां भी सुरक्षित थीं।

सामान वापस मिलने पर सुरेश पटेल ने राहत की सांस ली। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, प्रभारी कंट्रोल रूम आर.के.एस. चौहान तथा सीसीटीवी कंट्रोल रूम की पूरी टीम का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

तकनीक के जरिए नागरिकों की मदद में सागर पुलिस

सागर पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की सहायता के लिए भी तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए ऑटो की पहचान की और यात्री का महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित वापस दिलाया। यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है।

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