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सागर में CCTV से ऑटो में छूटा ₹17 हजार का पर्स बरामद, दो लड़कियों को लौटाई रकम

सागर में CCTV की निगरानी से ऑटो में छूटा ₹17 हजार से भरा पर्स बरामद, लड़कियों को लौटाई रकम

तीनबत्ती न्यूज: 21 सितम्बर, 2026

सागर। ऑटो में गलती से छूटे ₹17 हजार रुपए से भरे पर्स को सागर पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से तलाश कर बरामद कर लिया। पुलिस कंट्रोल रूम की CCTV टीम और थाना कैंट पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चियों को उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल गई।

जानकारी के अनुसार दोनों बच्चियां कबूला पुल से ऑटो में बैठकर कटरा जाने के लिए रवाना हुई थीं। पटेरिया स्वीट्स के सामने उतरते समय उन्होंने अपने बड़े पर्स से एक छोटा पर्स निकाला, जिसमें ₹17 हजार नगद रखे थे। उतरने के दौरान छोटा पर्स ऑटो में ही गिर गया और बच्चियां अपना बड़ा पर्स लेकर बाजार चली गईं।

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घर पहुंचने पर पर्स और उसमें रखी रकम नहीं मिलने पर दोनों बच्चियां परेशान हो गईं। उन्होंने कटरा ट्रैफिक थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। वहां से उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम सागर भेजा गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल शुरू हुई तलाश

मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आरकेएस चौहान ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया को घटनाक्रम से अवगत कराया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल पर्स और नगदी तलाश कर बच्चियों को वापस दिलाने के निर्देश दिए।


निर्देश मिलते ही कंट्रोल रूम की CCTV टीम को सक्रिय किया गया। CCTV टीम की कर्मचारी रेखा रजक ने अलग-अलग कैमरों के फुटेज खंगालकर बच्चियों के ऑटो की तलाश शुरू की।


CCTV से ऑटो की हुई पहचान

CCTV फुटेज की बारीकी से जांच के दौरान बच्चियों को कबूला पुल से ऑटो में बैठते और पटेरिया स्वीट्स के सामने उतरते हुए ट्रेस किया गया। फुटेज से यह भी पता चला कि उतरते समय छोटा पर्स ऑटो में ही गिर गया था।


इसके बाद CCTV के माध्यम से ऑटो की पहचान कर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर और उपलब्ध मोबाइल नंबर हासिल किया गया। जांच में मोबाइल नंबर ऑटो के वास्तविक मालिक का नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस टीम ने ऑटो से संबंधित पते को ट्रेस करते हुए आगे की कार्रवाई जारी रखी।


कैंट पुलिस के सहयोग से घर से मिला पर्स


CCTV टीम से मिली जानकारी के आधार पर थाना कैंट पुलिस स्टाफ ने ऑटो चालक के घर पहुंचकर तलाश की। वहां से बच्चियों का छोटा पर्स बरामद कर लिया गया।


पुलिस ने ₹17 हजार नगद सहित पर्स को पुलिस कंट्रोल रूम लाकर दोनों बच्चियों को सुरक्षित वापस सौंप दिया।


रकम वापस मिलने पर बच्चियों ने जताया आभार


खोई हुई रकम वापस मिलने पर दोनों बच्चियों के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने सागर पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम और CCTV टीम का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया।


पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी निगरानी, CCTV फुटेज के विश्लेषण और थाना कैंट पुलिस के समन्वय से गुम हुई रकम को सुरक्षित वापस दिलाया गया।

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सागर में IG इरशाद वली ने की अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा, खुरई थानों का किया निरीक्षण

सागर में आईजी इरशाद वली ने अपराध और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की, खुरई क्षेत्र के थानों का भी किया निरीक्षण


तीनबत्ती न्यूज:14 सितंबर, 2026

सागर। पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन इरशाद वली ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम सागर में जिले की अपराध स्थिति एवं कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने खुरई क्षेत्र का भ्रमण कर नरयावली, खुरई शहर, खुरई देहात थानों तथा एसडीओपी कार्यालय खुरई का निरीक्षण किया। इस दौरान अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण, आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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समीक्षा बैठक में डीआईजी सागर रेंज शशिंद्र चौहान, पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, एएसपी बीना जयवीर सिंह भदौरिया, एएसपी सागर नरेंद्र सोलंकी, प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु, जिले के सभी एसडीओपी, रक्षित निरीक्षक एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

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अपराध के पैटर्न और संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा

बैठक में एसपी अनुराग सुजानिया ने जिले की भौगोलिक स्थिति, थाना क्षेत्रवार कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों तथा अपराध की प्रकृति और क्षेत्रवार अपराध के पैटर्न की जानकारी दी। साथ ही अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से आईजी को अवगत कराया।

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आईजी ने थाना क्षेत्रवार अपराधों की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों एवं विवेचनाओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण, गंभीर एवं संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण, आदतन अपराधियों की निगरानी तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

त्योहारों को लेकर सतर्कता के निर्देश

गणेश उत्सव एवं आगामी त्योहारों को देखते हुए धार्मिक आयोजनों और प्रमुख गणेश पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। आयोजकों के साथ समन्वय कर भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा, सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

खुरई क्षेत्र के थानों का किया निरीक्षण

आईजी इरशाद वली ने खुरई क्षेत्र में थाना नरयावली, थाना खुरई शहर, थाना खुरई देहात एवं एसडीओपी कार्यालय खुरई का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना प्रभारियों और एसडीओपी से अपराधों, लंबित प्रकरणों, वारंटों एवं फरार आरोपियों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास करने तथा लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई पर जोर

आईजी ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से अवैध एवं जहरीली शराब के संभावित स्रोतों पर निगरानी बढ़ाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

महिला-बाल अपराध और जनसुनवाई पर विशेष ध्यान

महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध तथा कमजोर वर्ग से संबंधित शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने को कहा गया। थाना प्रभारियों को आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उनका नियमानुसार त्वरित निराकरण करने तथा पुलिस और आमजन के बीच संवाद मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

आईजी ने थाना क्षेत्रों में पैदल भ्रमण और पुलिस की प्रभावी उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध घटित होने के बाद कार्रवाई के साथ अपराध की रोकथाम के लिए सक्रिय और परिणाममुखी पुलिसिंग जरूरी है।

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पुलिस कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और कल्याण की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना परिसरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस बल को अनुशासन, बेहतर व्यवहार और पेशेवर कार्यप्रणाली के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

आईजी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ आमजन में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए क्षेत्र में निरंतर सक्रिय, प्रभावी और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए।

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सीसीटीवी से सागर पुलिस ने खोजा ऑटो में छूटा बैग, ₹5 हजार नगद और चाबियां बरामद

सीसीटीवी कंट्रोल रूम की तत्परता से ऑटो में छूटा यात्री का बैग बरामद, ₹5 हजार नगद और चाबियां सुरक्षित


तीनबत्ती न्यूज , 29 अगस्त 2026

सागर। सागर पुलिस के सीसीटीवी कंट्रोल रूम की तत्परता और तकनीकी दक्षता से ऑटो में छूटा एक यात्री का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बैग में ₹5,000 नगद, कपड़े और घर की महत्वपूर्ण चाबियां रखी हुई थीं। अपना सामान वापस मिलने पर यात्री ने सागर पुलिस का आभार जताया।

जानकारी के अनुसार सुरेश पटेल निवासी पथरिया जाट, खुरई बस से सागर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने ऑटो लेकर सिविल लाइन तक सफर किया। सिविल लाइन पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उनका बैग ऑटो में ही छूट गया है। बैग में नगदी के साथ घर की चाबियां होने के कारण वे काफी परेशान हो गए।

सुरेश पटेल सहायता के लिए थाना सिविल लाइन पहुंचे, जहां से उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम सागर भेजा गया। कंट्रोल रूम में उन्होंने प्रभारी कंट्रोल रूम आर.के.एस. चौहान को पूरी घटना की जानकारी दी और बैग तलाशने में मदद मांगी।

मामले की जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर जयवीर सिंह भदौरिया को दी गई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैग की तलाश कर उसे सुरक्षित वापस दिलाने के निर्देश प्रभारी कंट्रोल रूम को दिए।

निर्देश मिलते ही प्रभारी कंट्रोल रूम ने सीसीटीवी ऑपरेटर त्रिलोक सिंह परिहार एवं रेखा रजक को ऑटो की पहचान कर बैग तलाशने के लिए लगाया। टीम ने सागर शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया।

करीब दो घंटे की लगातार मेहनत के बाद टीम ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए संबंधित ऑटो की पहचान कर ली। हालांकि शुरुआत में ऑटो का नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद टीम ने ऑटो के पूर्व मार्ग के कैमरों की रिकॉर्डिंग को पीछे की दिशा में खंगाला और बारीकी से फुटेज का विश्लेषण किया।

लगातार प्रयास के बाद ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त कर लिया गया। नंबर के आधार पर वाहन संबंधी जानकारी जुटाकर ऑटो मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल ऑटो मालिक से संपर्क किया और उसे कंट्रोल रूम बुलाया।

ऑटो की जांच करने पर यात्री का बैग पीछे रखा हुआ सुरक्षित मिल गया। बैग में रखे ₹5,000 नगद, कपड़े और घर की चाबियां भी सुरक्षित थीं।

सामान वापस मिलने पर सुरेश पटेल ने राहत की सांस ली। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, प्रभारी कंट्रोल रूम आर.के.एस. चौहान तथा सीसीटीवी कंट्रोल रूम की पूरी टीम का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

तकनीक के जरिए नागरिकों की मदद में सागर पुलिस

सागर पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की सहायता के लिए भी तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए ऑटो की पहचान की और यात्री का महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित वापस दिलाया। यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है।

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Sagar News: 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाने का किया प्रयास, डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल

रहली में 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाने का किया प्रयास, डायल-112 जवानों ने पहुंचकर बचाई जान


तीनबत्ती न्यूज: 24 अगस्त 2026

सागर। सागर जिले के थाना रहली क्षेत्र में खुशीपुरा तिराहा के पास सोमवार दोपहर एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना मिलते ही डायल-112 एफआरव्ही के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल में दोपहर करीब 1:13 बजे युवक द्वारा फांसी लगाने के प्रयास की सूचना प्राप्त हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने रहली क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।

सूचना मिलते ही एफआरव्ही में तैनात प्रधान आरक्षक कपिल सिंह राजपूत और पायलेट रामचंद्र कुर्मी मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि युवक ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाने का प्रयास किया था। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल फंदे से नीचे उतार लिया था, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि युवक घायल हो गया था।

डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए घायल युवक को उसके परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय रहली पहुंचाया। अस्पताल में युवक का उपचार जारी है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

इस घटना में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। कंट्रोल रूम को सूचना मिलने के बाद एफआरव्ही को तत्काल डिस्पैच किया गया और जवानों ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

पुलिस की अपील: यदि किसी व्यक्ति के जीवन पर संकट हो या कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दें।

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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का घोटाला, 5 पर केस; 3 गिरफ्तार

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला, पांच पर केस; तीन आरोपी गिरफ्तार




तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

गढ़ा सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी सहित विभिन्न मदों से नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित की थी।

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मनी रसीद और बैंक जमा राशि में मिला बड़ा अंतर

आंतरिक कमेटी ने 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि में कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की। जांच के दौरान मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा कराई गई राशि में बड़ा अंतर पाया गया।

जांच के अनुसार, इस अवधि में करीब ₹1,63,78,000 की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक षड्यंत्र के तहत राशि के गबन से जुड़ा मामला माना।

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कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी

मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी के अनुसार संबंधित अवधि में कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ रहे थे।

कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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पांच आरोपियों पर मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार

गढ़ा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अब वित्तीय अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, मनी रसीद बुक और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शासकीय राशि किस तरह बैंक खातों में जमा होने से रोकी गई।


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सागर पुलिस ने 112 गुम मोबाइल किए रिकवर, ₹16.50 लाख के फोन लौटाए असली मालिकों को

सागर पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 112 गुम मोबाइल रिकवर: ₹16.50 लाख के फोन वास्तविक मालिकों को लौटाए


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

सागर। सागर पुलिस ने साइबर तकनीक और लगातार किए गए तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के जरिए गुम हुए 112 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹16 लाख 50 हजार है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन और मार्गदर्शन में साइबर टीम द्वारा की गई।


सागर के साथ अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंची साइबर टीम


सागर पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों तथा प्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी, IMEI नंबर और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर लगातार ट्रेसिंग की गई। संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन बरामद किए गए।

साइबर टीम की अहम भूमिका

मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों से समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया।

₹16.50 लाख कीमत के मोबाइल बरामद

सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब ₹16,50,000 है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के अलावा महंगे iPhone भी शामिल हैं।

बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता और साइबर टीम की लगातार मेहनत को दर्शाती है।



मोबाइल वापस मिलने पर खिले लोगों के चेहरे

गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने सागर पुलिस और पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन में केवल आर्थिक मूल्य ही नहीं होता, बल्कि उसमें लोगों के व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।


सागर पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी, बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।


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सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर पुलिस डायल 112 FRV में लाइव कैमरों से प्रधान आरक्षक की मॉनिटरिंग


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण सागर में सामने आया। थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आने के बाद डायल-112 की FRV-29 से सागर स्थित बंसल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने FRV में लगे लाइव कैमरों के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक उनकी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी हैं। घटना के समय वे पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बांदरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर लेकर रवाना हुई है।

लाइव कैमरे से रखी मरीज की स्थिति पर नजर

सूचना मिलते ही एएसपी भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। करीब 30 किलोमीटर के सफर के दौरान उन्होंने मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी। साथ ही FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी किया संपर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी ली। इसके बाद FRV में मौजूद पुलिसकर्मियों को चिकित्सकों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया।


समय पर उपचार से मिली मदद


FRV-29 प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली।


तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतर उदाहरण

सागर पुलिस की इस पहल ने दिखाया कि डायल-112 की FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता और लगातार मॉनिटरिंग ने तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण पेश किया।

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