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सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद

सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद: ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग का खुलासा

• 30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा, कई फर्जी कंपनियो के एटीएम, पासबुक, चेकबुक, मोबाईल एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद



तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

सागर। सायबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सागर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों और म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी फरार बताए गए हैं।

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग का नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर सागर लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी अनुराग सुजानिया ने आज मीडिया के सामने पूरा खुलासा किया।पुलिस ने इनसेनोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।




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बेरोजगार लोगों के दस्तावेज लेकर खुलवाते थे फर्जी खाते

सागर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य लोगों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार की जाती थीं और निजी बैंकों में उनके नाम से करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे।बाद में इन बैंक खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था।

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शिकायत से खुला करोड़ों के नेटवर्क का राज

13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाने में रोहित पिता रूपराज पटेल ने शिकायत की थी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई और फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट खुलवाया गया।

पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि रोहित के नाम से 'ग्लैमर इंटरप्राइजेस' नामक फर्म बनाई गई थी। फरवरी 2026 से करीब छह महीने के दौरान इस खाते में लगभग 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था।

     (नोट गिनने कि जब्त मशीन)

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के पर्यवेक्षण में मकरोनिया थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों, फर्मों, लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया।

भोपाल और मुंबई से जुड़े तार

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी धर्मेंद्र नाहर ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़ा काम अमित विश्वकर्मा से सीखा था। इसके बाद धर्मेंद्र ने सागर के स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी और स्वर्णेंद्र पांडे के साथ मिलकर फर्जी फर्में तैयार कर बैंक खाते खुलवाने का काम शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन बेटिंग का संचालन रिषभ पटेल द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने रिषभ पटेल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2,69,42,700 रुपये नकद और करीब 30 लाख रुपये का सोना बरामद हुआ।



टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रिषभ पटेल ने बताया कि वह ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खिलाता था। फर्जी फर्मों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर उसे नकद निकाला जाता था।

आरोपी ने कथित तौर पर टेलीग्राम के माध्यम से ग्राहकों का ग्रुप बना रखा था। इस नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल की लिंक और क्रेडिट कॉइन उपलब्ध कराए जाते थे।

पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल को न्यायालय से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उनसे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है।


30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस के तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण में अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता चला है। इनमें से जांच में सामने आई प्रमुख फर्में हैं—

1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस

2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस

3. सूर्या इंटरप्राइजेस

4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स

5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर

6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स

7. स्टार इंटरप्राइजेस

8. राजपूत इंटरप्राइजेस

9. अनुभव ट्रेडर्स

10. सागर ट्रेडर्स

11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस

12. सौरभ इंटरप्राइजेस

13. माखन इंटरप्राइजेस

14. अंकेश इंटरप्राइजेस

15. तनविक इंटरप्राइजेस

16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स

17. महाकाल ट्रेडर्स

18. मैक्स ट्रेडर्स

19. बालाजी ट्रेडर्स

20. जय महाकाल टूर एंड ट्रेवल्स

पुलिस के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में इन फर्मों से संबंधित बैंक खातों में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन पाया गया है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

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फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

सागर पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और बैंक खातों को खुलवाने की प्रक्रिया में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीयन या बैंक खाते खोलने में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



ये आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों की गिरफ्तारी की है—

- धर्मेंद्र पिता हरिदास नाहर, निवासी खजुराहो, छतरपुर, हाल शिवनगर, थाना बहेरिया, सागर।

- सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, सागर।

- अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी इंदौर, हाल रोहित नगर, भोपाल।

- विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी नीरजा नगर, जेके रोड, भोपाल।

- स्वर्णेंद्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी पीताम्बरा होम्स, खजूरी कला, भोपाल।

- रिषभ पटेल पिता स्वर्गीय रवि पटेल, निवासी मंडला, वर्तमान पता भोपाल।

दो आरोपी फरार

पुलिस के अनुसार सरमन उर्फ शुभम रैकवार निवासी खजुराहो, छतरपुर, वर्तमान पता भोपाल तथा ऋषि केशव सिंह निवासी सीधी, वर्तमान पता भोपाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने यह भी चेताया है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। यदि ऐसे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की रकम के लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना मकरोनिया प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी बहेरिया उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, बिलहेरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रामअवतार धाकड़, सउनि काशीराम ठाकुर, साइबर सेल सागर के प्रआर सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र ठाकुर सहित थाना मकरोनिया, साइबर सेल और थाना शाहपुरा की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कटनी में ₹2.10 लाख की साइबर ठगी

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप का कॉल सेंटर पकड़ा, कटनी में चोरी के मोबाइल से ₹2.10 लाख की साइबर ठगी


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर और कटनी में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीहोर में पुलिस ने ‘FX Trade’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। वहीं कटनी में चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये निकालने वाले झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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सीहोर में छह महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सीहोर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में पिछले करीब छह महीने से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

कॉल सेंटर में छह कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर ‘FX Trade’ ऐप के माध्यम से निवेश करवाते थे। जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश की जानकारी सामने आई है।

ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों द्वारा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक और लिंक सिम हासिल कर उनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद ATM से रकम निकाल ली जाती थी।

NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिससे नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।


पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, FX Trade आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।


कटनी में चोरी के मोबाइल से बैंक खातों पर निशाना

दूसरी कार्रवाई कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक फरियादी का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद उसके बचत खाते और KCC खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में UPI PIN सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी के अलावा जबलपुर, सिहोरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

साथ ही WhatsApp या Telegram से मिले अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज करें।


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सागर में शेयर मार्केट-गोल्ड निवेश के नाम पर 1.27 करोड़ की ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार; 20 लाख बरामद

Sagar Crime: शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश के नाम पर 1.27 करोड़ की ठगी, आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार; 20 लाख रुपए बरामद


तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर : शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 1.27 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को मोतीनगर थाना पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मोहाली (पंजाब) निवासी हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर सागर ले आई है, जहां पूछताछ के दौरान उसके कब्जे से 20 लाख रुपए नगद बरामद किए गए हैं। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

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2023 में होटल में हुई थी मुलाकात

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सागर के अहमद नगर वार्ड निवासी 27 वर्षीय ऋद्धार्थ सिंह की वर्ष 2023 में एक होटल में आरोपी हरविंदर सिंह से मुलाकात हुई थी। आरोपी ने ऋद्धार्थ को शेयर मार्केट और गोल्ड में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों में आकर ऋद्धार्थ ने शुरुआत में 6 लाख रुपए निवेश किए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग खातों और माध्यमों से करीब 52 किस्तों (ट्रांजेक्शन) में कुल 1 करोड़ 27 लाख 44 हजार 420 रुपए हड़प लिए।

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90 लाख का लिया था लोन

पीड़ित फरियादी के मुताबिक, आरोपी के झांसे में आकर अधिक रकम निवेश करने के चक्कर में उसने बैंकों से करीब 90 लाख रुपए का लोन लिया था। इसके अलावा कुछ रकम अपने रिश्तेदारों से भी उधार मांगी थी। शुरुआत में आरोपी फरियादी को लगातार निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का झूठा भरोसा देता रहा।

जब पैसे मांगे तो टालमटोल करने लगा

कुछ समय बीत जाने के बाद जब फरियादी ने अपनी मूल रकम और मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। काफी समय तक पैसे वापस न मिलने पर ऋद्धार्थ को ठगी का संदेह हुआ, जिसके बाद उसने मोतीनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

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बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन से पकड़ाया

शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल नंबर के तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन हरियाणा में मिलने पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी हरविंदर सिंह को धर दबोचा और सागर ले आई।

अन्य थानों में भी शिकायतें दर्ज

मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह के अनुसार, आरोपी के कब्जे से 20 लाख रुपए की नकदी जब्त की गई है। आरोपी के खिलाफ अन्य थानों में भी ठगी के शिकायती आवेदन दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है, तथा पुलिस ठगी की बाकी रकम की बरामदगी और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।

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सागर: स्कूल में घुसकर शिक्षकों और बच्चों से मारपीट, दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

सागर: स्कूल में घुसकर शिक्षकों और बच्चों से मारपीट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल


तीनबत्ती न्यूज: 10 जुलाई, 2026

सागर: सागर जिले के बण्डा थाना क्षेत्र में शासकीय विद्यालय में घुसकर उत्पात मचाने, शिक्षकों से अभद्रता और मारपीट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल बण्डा भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, फरियादिया श्रीमती लक्ष्मी सोनी (61 वर्ष) निवासी नया मोहल्ला, वार्ड क्रमांक-09, बण्डा ने थाना बण्डा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह ग्राम क्वायला स्थित शासकीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही थीं। इसी दौरान गांव के निवासी नीलेश उर्फ डिल्लू यादव (27 वर्ष) और उसका साथी सोनू दांगी (30 वर्ष) विद्यालय परिसर में पहुंचे और हंगामा करने लगे।

शिक्षकों द्वारा समझाइश देने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की और शिक्षक तथा विद्यालय में मौजूद बच्चों के साथ मारपीट कर भय का माहौल बना दिया।

ये लगी धाराएं

शिकायत के आधार पर थाना बण्डा में अपराध क्रमांक 471/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 296(बी), 115(2), 351(2), 3(5), 121(1), 132 एवं 221 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदीप सिंह भदौरिया एवं एसडीओपी बण्डा प्रदीप वाल्मीकि के मार्गदर्शन में थाना बण्डा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों को जेल भेजने के आदेश दिए।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र कुशवाह, उप निरीक्षक आदिल खान, प्रधान आरक्षक भोलानाथ यादव, रमेश, आरक्षक दशरथ एवं प्रहलाद की विशेष भूमिका रही।


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