SAGAR : 8000 से अधिक व्यक्तियों ने कोरोना से जीती जंग ,आत्मबल और मनोबल बनाए रखें

रविवार, 17 जनवरी 2021

कोरोना योद्धा डॉ शुभम उपाध्याय की कोरोना से हुई थी मौत....श्रद्धांजलि ★ कोरोना योद्धा के रूप में मिलने वाली मदद, 50 लाख की राशि नही मिली अभी तक ★ कोरोना वैक्सीन आ गयी, मेरा बेटा तो चला गया, आम आदमी अभी ध्यान रखे: पिता सुदामा प्रसाद उपाध्याय #CoronaWarrior

कोरोना योद्धा डॉ शुभम उपाध्याय की कोरोना से हुई थी मौत....श्रद्धांजलि
★ कोरोना योद्धा के रूप में मिलने वाली मदद,  50 लाख की राशि नही मिली अभी तक 
★ कोरोना वैक्सीन आ गयी, मेरा बेटा तो चला गया, आम आदमी अभी ध्यान रखे: पिता सुदामा प्रसाद उपाध्याय

 #CoronaWarrior

@विनोद आर्य

सागर।( तीनबत्ती न्यूज़. कॉम )।  कोरोना वैक्सीन आ गयी। शनिवार से पूरे देश
में जोर शोर से वैक्सीनेशन की शरुआत हुई।  लेकिन ऐसे हजारों लोग है जो कोरोना संक्रमण में जान गंवा बैठे। उनमें कोरोना योद्धा भी शामिल है। जिन्होंने दिन रात जान की परवाह किये बगैर कोविड संक्रमण को फैलने से रोका और इसी संक्रमण का शिकार बने। साग़र जिले के आदिवासी ब्लाक केसली के निवासी डॉ शुभम उपाध्याय की कुछ इसी तरह की मार्मिक कहानी है। शासकीय बुन्देखण्ड मेडिकल कालेज(BMC) सागर के 26 साल के युवा डाक्टर शुभम  (dr Shubham upadhyaay) उन योद्धाओं में है । जिनको इलाज के लिए शिवराज सिंह  सरकार ने एक करोड़ रुपये मंजूर कर दिए और चेन्नई ले जाने के एक दिन पहले की मौत हो गई। यह मामला काफी चर्चित  हुआ था। उस समय सीएम  @shivrajsingh chohaan ने कोविड योद्धा कल्याण योजना के तहत 50 लाख की मदद की घोषणा भी की थी। बुन्देलखण्ड अंचल के मंत्रियों गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह , गोविंद राजपूत और विधायक शेलेन्द्र जैन और प्रशासन ने भरोसा जताया था। लेकिन करीब दो महीने होने वाले है। डॉ शुभम के परिजनों को कोई मदद नही मिली है। मौत के बाद मदद कि फिलहाल बाते भर है..

ऐसी है व्यथा....
 
स्व: डॉ शुभम के परिवार उनके माता पिता और एक छोटा भाई सत्यम है। पिता सुदामा उपाध्याय स्वास्थ्य विभाग में नान मेडिकल अस्सिटेंट है और केसली क्षेत्र में ही पदस्थ है।  छोटा भाई सत्यम भोपाल के एक मेडिकल कालेज का छात्र है। शुभम की मौत के बाद उनका परिवार आज भी यादों के सहारे है। घर के दरवाजे पर शुभम की फोटो लगी है। हर दम शुभम की कमी परिवार को  अखरती है । 
शुभम की माँ अब कम ही घर से निकलती है। बेहद दुखी रहती है। 

देखे ...एबीपी न्यूज़
कोरोना योद्धा डॉ शुभम उपाध्याय के परिजनों को नही मिली मदद,सरकार के दावों की हकीकत बताती रिपोर्ट

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कोरोना वैक्सीन को लगवाए अफवाहों से बचे
पिता सुदामा प्रसाद से चर्चा की तो उनकी आंखों में आंसू ,बेटे की मौत का दर्द तो था ही वही जिस सरकारी मदद 50 लाख रुपये की घोषणा की थी । वह अभी तक नही मिली है। 
सुदामा  प्रसाद बताते है कि उनका बेटा शुभम 28 अक्टूबर को वह पॉजिटिव निकला। 10 नबम्बर को भोपाल में भर्ती कराया। 25 नबम्बर को  मौत हो गई। सरकार ने एक करोड़ रुपये इलाज के लिए मंजूर भी किये थे। लेकिन होनी को कौंन टाल सकता। 26 नबम्बर को भोपाल में ही अंतिम संस्कार हुआ। दिनरात मेडिकल कालेज में कोरोना संक्रमण के मरीजों के बीच सेवा में जुटा रहता था। बीमार होने पर  शुभम के इलाज में लापरवाही  भी हुई है। 
सुदामा प्रसाद कहते है कि अभी तक कोरोना योद्धा की 50 लाख की राशि नही मिली है । जल्दी दिलवा दे। अनुकम्पा नियुक्ति मिल जाये।

कोरोना वैक्सीन  को लेकर सुदामा प्रसाद कहते है कि मेरा बेटा तो चला गया। लोग अब  ध्यान रखे। वैक्सीनेशन जरूरी है।सभी लोग इसका ध्यान रखे। अव लोगो की जान जाने से बच जाए। 


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भाई से मिलती थी मदद: सत्यम

स्व: डॉ शुभम के छोटे भाई सत्यम को अपने भाई की कमी हर जगह अखर रही है। सत्यम कहते है कि उनको मेडिकल की पढ़ाई में अपने बड़े भाई की हमेशा मदद मिल जाती थी। कभी मोबाइल फोन पर भी पढ़ा दिया करते थे। अब ऐसा नही है। मेरा अनुरोध है कि अभी कोरोना खत्म नही हुआ है। कोरोना वैक्सीन आ गयी है। इसको लेकर अफवाह न फैलाये। सभी इसको लगवाए। लेकिन मास्क जरूर पहने।

जिस कालेज में पढ़ा ,वही पहली पोस्टिंग हुई थी शुभम की 

सागर जिले के  केसली निवासी डॉ शुभम पिता सुदामा प्रसाद उपाध्याय ने  बुन्देलखण्ड मेडिकल कालेज सागर से MBBB किया। इसी साल उनकी पढ़ाई पूरी हुई। कोरोना संक्रमण से निपटने  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM ने सविदा भर्तियां  की। जिसके तहत डॉ शुभम की पहली पोस्टिंग बतौर मेडिकल आफीसर  बुन्देलखण्ड मेडिकल कालेज  सागर  में ही ज्वाईन किया। इस दौरान खूब कोरोना पीड़ितों की जमकर सेवा की। इसके चलते वे 28 अक्टूबर को पॉजिटिव हुए। तबियत बिगड़ने पर 10  नबम्बर को चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।  

सागर के समाजसेवियों और उसके साथियों ने इलाज के लिए चंदा भी जुटाया

उसके इलाज के लिए मन्त्री गोपाल भार्गव और विधायक शेलेन्द्र जैन ने सीएम शिवराज से गुहार लगाई थी । सरकार ने 24 नवंबर को  एक करोड़ रुपये के खर्चे से चेन्नई में इलाज कराने की मंजूरी भी दे दी।  डॉ शुभम के फेफड़े बदले जाने थे।  वहां से टीम भी भोपाल आ गयी। लेकिन   दूसरे दिन 25 नबम्बर को  शाम को चिरायु हॉस्पिटल में डॉ शुभम की दुखद मौत हो गई। 

सीएम शिवराज सिंह ने 27 नबम्बर को कहा था, 50 लाख की मदद देने  एक बेठक में

🔹कोरोना योद्धा डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार को 50 लाख रूपए की सहायता

🔹सीएम श्री @ChouhanShivraj ने कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की






डॉ शुभम के  निधन पर सीएम शिवराज सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था कि ...

"मुझे और पूरे मध्यप्रदेश को उन पर गर्व है। हमारी संवेदनाएँ उनके परिजनों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें यह वज्रपात सहने की क्षमता प्रदान करें।मैं और प्रदेश सरकार, डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार के साथ खड़ी है।
डॉक्टर बनते समय उन्हें जो शपथ दिलाई जाती है, उसका एक-एक अक्षर डॉ. शुभम ने सार्थक कर दिखाया।उन्होंने देश का एक सच्चा नागरिक होने का परिचय दिया।मैं ऐसे भारत माँ के सपूत के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें।मन पीड़ा और दुःख से भरा हुआ है।
हमारे जाँबाज #CoronaWarrior डॉ. शुभम कुमार उपाध्याय, जो निःस्वार्थ भाव से दिन और रात एक कर #COVID19 पीड़ितों की सेवा करते हुए संक्रमित हुए थे, उन्होंने आज अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। समाज की सेवा का अद्भुत और अनुपम उदाहरण डॉ. शुभम ने पेश किया। "


पूर्व सीएम कमलनाथ का ट्वीट निधन पर

कोरोना की भीषण महामारी में कोरोना योद्धा की भूमिका निभाने वाले सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर शुभम उपाध्याय के निधन की खबर बेहद दुखद है।
उन्होंने कोरोना की इस भीषण महामारी में अपनी जान को जोखिम में डाल कई मरीजों की सेवा कर अपनी कर्तव्यनिष्ठता का परिचय दिया लेकिन बेहद अफसोस है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी जान बचायी नहीं जा सकी।
दुख की इस धड़ी में उनके परिवार के प्रति शोक संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ।
मै मुख्यमंत्री से मांग करता हूँ कि उनके परिजनों की अन्य कोरोना योद्धाओं की तरह ही आर्थिक मदद की जावे व शासन की तरफ़ से उनकी हरसंभव मदद की जावे।


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