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शुक्रवार, 19 मार्च 2021

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना : फर्जी हितग्राहियों के नाम पर हो रही है पर्ची जनरेट ★ मृतको के नाम पर पर्ची जनरेट , पीड़ित बेटा का कहना पिताजी के निधन हुए 21 साल हो गए ,क्या ऊपर से खाना खाने आ रहे

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना : फर्जी हितग्राहियों के नाम पर  हो रही है पर्ची  जनरेट 

★ मृतको के नाम पर  पर्ची जनरेट , पीड़ित बेटा का कहना पिताजी के निधन हुए 21 साल हो गए ,क्या ऊपर से खाना खाने आ रहे

★  जिसने कभी  इस योजना के तहत  खाना नहीं खाया उसको भी आ रहे है मोबाइल पर मैसेज

सागर । पिछले महीने की गई दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना में गड़बड़ियां सामने आने लगी है। पिछले महीने 26 फरवरी को  पं.दीनदयाल अन्तोदय रसोई योजना (द्वितीय चरण) के अंतर्गत म.प्र.में 100 स्थानों पर म.प्र.शासन के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान द्वारा भोपाल स्थित मिन्टों हाल से सिंगल क्लिक के माध्यम से रसोई केन्द्रो का वर्चुकल लोकार्पण किया था। इन सौ केन्द्रों में से सागर निगम निगम क्षेत्र में तीन खुले थे। 
इसकी आन लाईन व्यवस्था में भोजन करने वाले हितग्राही के नाम पर काउंटर से दस रुपये देने पर एक मैसेज आता है। उसके आधार पर कूपन मिलता है। इसके आधार पर उसे खाना मिलता है। गरीब  और जरूरतमंदों के लिए यह योजना लागू की गई है। बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर यह योजना चल रही है। इसमे दस रुपये में खाना मिलता है। सरकार इसको संचालित करने वाली संस्था को 5 रुपये की सब्सिडी देता है। जिसके लिए  भोपाल से आनलाईन व्यवस्था है। 
लेकिन इस योजना में खामियां नजर आने लगी है। सागर में तीन स्थानो पर संचालित कर रही स्वंयसेवी संस्था एस जी एस द्वारा बिना अनुमति के ही लोगों के मोबाईल नंबरों का अनाधिकृत उपयोग किया जा रहा है । 

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जिन लोगो ने कभी खाना यहां नही खाया उनके  मोबाइल फोन पर रोजाना मेसेज आ रहे है। ताजा मामला कलेक्ट्रेट परिसर में एक चाय वाले का है। राजेश चौरसिया को उसके नाम पर और उसके पिता स्वर्गीय राजाराम चौरसिया के नाम पर पिछले पंद्रह दिनों से मेसेज आ रहे है। उसका यही नम्बर बैंक में भी दर्ज है। इस कारण वह परेशान हो गया इसकी शिकायत नगर निगम में की। नगर निगम ने इसकी जांच शुरू कर दी है। निगम का एक अधिकारी ने चाय वाले के यहां जाकर पूरी जानकारी ली । राजेश चौरसिया के अनुसार मेरे स्वर्गीय पिता राजाराम जी के नाम से भी आ रहे है। तो क्या पिताजी ऊपर से आकर खाना खा रहे है। 
दरअसल गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने इस योजना में संबंधित हितग्राही पर को पर्ची जनरेट करने के लिए अपना मोबाईल होना जरूरी है। 
पिछले महीने 26 फरवरी से यह योजना लागू हुई थीं। रोजाना तीनो रसोई केंद्रों पर 500 व्यक्ति खाना खा रहे है।शासन वर्तमान दौर के इस डिजीटल बैंक एवं युग में साईबर फर्जीवाड़े की लगातार खबरें सामने आती हैं कि प्रकार लोगों के बैंक खाते से रूपए उड़ा लिए गए। इसके चलते युवक का घबराना जायज है। उसमे मेसेज आता है कि 10 रुपये आपके द्वारा प्राप्त हुआ। यहां सवाल उठता है कि फोन का यह डाटा उपलब्ध कहा से हो रहा है। यही इस तरह के विवाद सामने रसोई केंद्रों पर आ रहे है। 

नगर निगम सगर के  शहरी आजीविका मिशन के मैनेजर सचिन मसीह का कहना है कि इस तरह की शिकायत मिली है। इनकी जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कार्यवाई करेंगे। इसमे हितग्राही के नाम मोबाइल पर मैसेज जाता है। तभी वह खाना मिलता है। सरकार से 5 रुपये सब्सिडी मिलती है । दस रुपये में खाना मिलता है। 

 
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