जंय श्री गणेशाय नमः

सोमवार, 16 अगस्त 2021

‘अमृत महोत्सव में आजादी के गीत’’, डॉ गौर विवि के संगीत विभाग का आयोजन


'अमृत महोत्सव में आजादी के गीत'',
डॉ गौर विवि के संगीत विभाग का आयोजन
               
सागर। संगीत विभाग डॉ. हरीसिंह गौर विष्वविद्यालय के द्वारा ''आजादी का  अमृत महोत्सव'' के अंतर्गत दिनांक 15 अगस्त 2021 को स्वर्ण जयंती सभागार में ''देषभक्ति गीत '' सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन  कुलपति प्रो.जनक दुलारी आही एवं  कुलसचिव संतोष सहगोरा ने किया। संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ललित मोहन, सहायक प्राध्यापक डॉ. अवधेष प्रताप सिंह तोमर एवं डॉ. राहुल स्वर्णकार के संयोजन में कार्यक्रम संचालित हुआ।
कार्यक्रम में सबसे पहले विभाग के छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना एवं गौर गीत प्रस्तुत किया। कौषल मैहरा, कु. तृप्ती सेन, अपूर्वा भदोरिया ,सुप्रिया सरवैया, आषीश मैहरा द्वारा प्रस्तुत किये गये। इसके बाद कु. तृप्ती सेन ''वंदे मात्रभूमि वंदे'' देषभक्ति गीत की प्रस्तुति दी। ''ऐ मेरे प्यारे वतन'' कु. सुप्रिया सरवैया द्वारा प्रस्तुत किया गया, पंकज खरारे द्वारा ''राग देष '' में वासुरी वादन प्रस्तुति किया गया। कु. अपूर्वा भदोरिया द्वारा ''अनोखा देष है मेरा'' प्रस्तुत किया गया। कु. साक्षी पटेरिया द्वारा ''सारे जहॉं से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा'' देषभक्ति गीत प्रस्तुत किया। कु. हर्शिता मिश्रा द्वारा ''ऐ मेरे प्यारे वतन के लोगो'' देषभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। श्री आलोक मिश्रा के द्वारा ''अपने वतन का सम्मान कीजिए'' देषभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। कु. स्तुति खम्परिया द्वारा राग देष  में ''सितार वादन'' प्रस्तुत किया। श्री अंषुल आठिया द्वारा ''जहॉं डाल डाल पर सोने की चिडियां करती है बसेरा'' देष भक्ती गीत प्रस्तुत किया गया। कौषल मैहरा एवं आषीश मैहरा द्वारा ''सजदा करें हिन्द का'' देषभक्ति गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद दो समूह गीतों की प्रस्तुत हुई ''ऐ वतन आबाद रहे'' और '' देष की स्वाधीनता पर ऑच तुम आने न देना''। कार्यक्रम में तबले पर संगत श्री षैलेन्द्र सिंह राजपूत (तबला संगतकार), श्री आषुतोश श्रीवास्तव ने की, हारमोनियम पर श्री अतुल पथरोल, ढोलक पर श्री संजय कोरी ओैर हेंडसोनिक पर श्री तेजस पटेल ने संगत की।
विभाग के इन्ही छात्रों द्वारा गाया गया ''राश्ट्रगान'' वीडियो रूप में भी विष्वविद्यालय द्वारा आधिकारिक राश्ट्रगान के रूप में प्रकाषित एवं प्रचारित किया गया है।  इन सभी कार्यक्रमों का संयोजन डॉ. अवधेष प्रताप सिंह तोमर एवं डॉ. राहुल स्वर्णकार ने किया। आयोजन समिति में अतिथि व्याख्याता डॉ. स्मृति त्रिपाठी एवं षैलेन्द्र सिंह राजपूत थे। मात्र तीन दिन में संपूर्ण कार्यक्रम तैयार होने पर माननीय कुलपति महोदया प्रो. जनक दुलारी आही एवं मान. कुलसचिव संतोश सहगोरा ने सभी प्रतिभागी छात्र -छात्राओं एवं उनके षिक्षकों को बधाई दी। विष्वविद्यालय की ओर से उन्हें इस राश्ट्रीय आयोजन में सहभागिता हेतु प्रमाण पत्र दिये जाने की घोशणा की गई है। अंत में विभागाध्यक्ष एवं अधिश्ठाता डॉ. ललित मोहन ने इस आयोजन को विभाग के इतिहास के सफलतम आयोजन में से  एक मानते हुए सभी का आभार माना। डॉ. ललित मोहन ने सभी प्रषासनिक अधिकारी एवं इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग का आभार माना। विभागीय सहयोग श्री अरूण  कुमार रैकवार, श्री सुरेन्द्र गर्ग एवं श्री कमलेष प्रजापति का रहा। 

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