नारी शक्ति का 'वंदन' नहीं, भाजपा राज में हो रहा है 'दमन' : प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी
तीनबत्ती न्यूज: 21 अप्रैल ,2026
सागर : लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संसद में मिली जीत का स्वागत करती है। मोदी सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के माध्यम से सत्ता पर एकाधिकार जमाने की जो साज़िश रची थी, विपक्ष की एकजुटता ने उसे विफल कर दिया है। संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर हुए मतदान ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
यह बात मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने मंगलवार को संभागीय मुख्यालय सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में आयोजित इस पत्रकार वार्ता का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वय भूपेंद्र सिंह मुहासा व महेश जाटव ने संयुक्त रूप से किया। पत्रकार वार्ता का संचालन प्रदेश मीडिया विभाग के डॉ संदीप सबलोक व आभार संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने व्यक्त किया।
पत्रकार वार्ता में नगर निगम पार्षद नीलोफर चमन अंसारी, रोशनी वसीम खान, ऋचा सिंह गोंड, सुलेखा राकेश राय, सीमा चौधरी, संगीता अहिरवार के साथ ही महिला कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रेखा सोनी किरण लता सोनी, पार्षद ताहिर खान की विशेष रूप से उपस्थिति रही।
प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन से संबंधित संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में कुल 528 मतों में से विधेयक के पक्ष में केवल 230 वोट पड़े, जबकि विरोध में 298 मत पड़े, जिसके फलस्वरूप यह असंवैधानिक संशोधन गिर गया है।
उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के मामले में भाजपा का "महिला विरोधी चरित्र" एक बार फिर सामने आ गया है। भाजपा सरकार की 'महिला विरोधी' नीतियों के चलते आरक्षण के नाम पर देश की आधी आबादी को 'संवैधानिक धोखे' में रखा जा रहा है। भाजपा के लिए नारी सम्मान केवल एक चुनावी इवेंट है, जबकि हकीकत में उनका हाथ हमेशा 'शोषकों' के साथ रहा है। भाजपा सरकार में महिलाओं का सम्मान केवल विज्ञापनों तक सीमित है, जबकि धरातल पर सत्ता के संरक्षण में महिलाओं की अस्मत को रौंदा जा रहा है।
रेखा चौधरी ने सीधा आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को 'परिसीमन' और 'जनगणना' की उलझनो में फंसाया है। सरकार की मंशा महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि परिसीमन के बहाने बिना जातिगत जनगणना के मनमाने तरीके से चुनावी गणित को अपने पक्ष में मोड़ना था। सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ मिलाकर संविधान के ढांचे को बदलने और सारी 'Executive Power' अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और देश की अखंडता पर हमला था। रेखा चौधरी ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में 100% एकजुट है। हमने सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का समर्थन किया था और आज भी हमारी मांग स्पष्ट है—महिलाओं को उनका हक तुरंत मिलना चाहिए।
आरक्षण: 2029 की 'तारीख' का धोखा
पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने 1989 से पंचायती राज के माध्यम से महिलाओं को शक्ति देने का काम शुरू किया था। लेकिन मोदी सरकार परिसीमन और जनगणना की शर्त लगाकर इस हक को 2029 तक टाल रही है। हमारी मांग है कि 33% आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू हो। OBC महिलाओं के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण सुनिश्चित हो। जुमलेबाजी बंद हो और संसद में महिलाओं की भागीदारी तत्काल शुरू हो।"
ये रहे शामिल
इस अवसर पर सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, कमलेश तिवारी, दीनदयाल तिवारी, चमन अंसारी, वसीम खान, आनंद हेला, हेमराज रजक कमल चौधरी हेमलता कुर्मी, ज्योति मलैया, रेखा अहिरवार, महेश अहिरवार, अजय अहिरवार, संजय सराफ आदि की उपस्थिति रही।







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