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भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस ने संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बंगाली भाषा बोलने वाले एक बुजुर्ग को करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद उनके परिवार से मिला दिया। डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा के समन्वित प्रयासों से यह मानवीय कार्य संभव हो सका।

जिला अस्पताल में भटकते मिले थे बुजुर्ग

रविवार को डायल-112 को सूचना मिली कि जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से भटक रहे हैं। वह बेहद परेशान थे और ऐसी भाषा में बात कर रहे थे जिसे आसपास मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे। सूचना मिलते ही एफआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित थाना गोपालगंज ले आई।

भाषा बनी चुनौती, पुलिस ने नहीं मानी हार

थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बुजुर्ग से बातचीत कर उनकी पहचान और निवास की जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन भाषा अलग होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरक्षक दशरथ मालवीय और आनंद सिंधु उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंचे, जहां सीसीटीवी शाखा की टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी पहचान का प्रयास शुरू किया।

लगातार बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग बंगाली भाषा बोल रहे हैं। काफी प्रयास के बाद बातचीत में उनके मुंह से "शनि मंदिर" शब्द सुनाई दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी तकनीक से मिला घर का रास्ता

सीसीटीवी शाखा ने शहर के विभिन्न कैमरों के फुटेज के जरिए शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही उनके हाव-भाव बदल गए और पुलिस को सही दिशा मिल गई।

इसके बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को शनि मंदिर क्षेत्र लेकर पहुंची। वहां से उन्होंने अपने घर का रास्ता बताना शुरू किया और पुलिस उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में सफल रही।

चार घंटे से परेशान था परिवार

जांच में पता चला कि बुजुर्ग के परिजन आर्मी अस्पताल में कार्यरत हैं और आर्मी क्षेत्र में रहते हैं। परिवार पिछले करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहा था, हालांकि अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जैसे ही पुलिस बुजुर्ग को सुरक्षित घर लेकर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और भावुक होकर सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

टीमवर्क और संवेदनशीलता की मिसाल

इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने मिलकर लगातार चार घंटे तक प्रयास किए। भाषा की बाधा, पहचान का अभाव और सीमित जानकारी के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की।


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डायल-112 की तत्परता से टली संभावित अनहोनी, रात 3 बजे सुनसान सड़क पर मिली नाबालिग बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

डायल-112 की तत्परता से टली संभावित अनहोनी, रात 3 बजे सुनसान सड़क पर मिली नाबालिग बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया 



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस की सतर्कता और डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित अनहोनी टल गई। खुरई क्षेत्र में रात करीब 3 बजे सुनसान सड़क पर अकेली घूम रही 14-15 वर्षीय नाबालिग बालिका को एफआरवी टीम ने सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया। बेटी के सकुशल मिलने पर परिजनों ने सागर पुलिस, डायल-112 और एफआरवी टीम का आभार व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर जिले में बच्चों से संबंधित प्रत्येक सूचना पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 18 जुलाई की रात 3:01 बजे डायल-112 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सूचना मिली कि खुरई क्षेत्र के निर्तला पेट्रोल पंप के पास एक नाबालिग बालिका अकेली घूम रही है।

सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने एफआरवी-27 खुरई को मौके पर रवाना किया। टीम ने पहुंचकर बालिका से संवेदनशीलता के साथ बातचीत की और उसके परिजनों की जानकारी जुटाई। इसके बाद उसके पिता और भाई से संपर्क कर बालिका को सुरक्षित उसके गांव वेरखेड़ी पहुंचाकर सुपुर्द कर दिया।

पुलिस के अनुसार रात के समय सुनसान सड़क पर अकेली नाबालिग बालिका का होना किसी भी संभावित अपराध, दुर्घटना या अप्रिय घटना का कारण बन सकता था। समय पर एक जागरूक नागरिक द्वारा डायल-112 पर सूचना देना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई संभावित अनहोनी को टालने में निर्णायक साबित हुई।

इस कार्रवाई में एफआरवी-27 खुरई के आरक्षक संजय कुमार और पायलट शिव कुमार दांगी की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता सराहनीय रही। पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने भी सूचना मिलते ही प्रभावी समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित की

सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बच्चा या बच्ची असहाय, भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे तो तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। आपकी एक सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचाने और संभावित अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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