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सागर पुलिस लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य शस्त्र पूजन, हर्ष फायर से गूंजा परिसर : मंत्री गोविंद राजपूत सहित अधिकारियों ने किया पूजन

सागर पुलिस लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ भव्य शस्त्र पूजन, हर्ष फायर से गूंजा परिसर

• मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने किया शस्त्रागार और पुलिस वाहनों का पूजन


तीनबत्ती न्यूज: 20 अक्टूबर, 2026

सागर। विजयादशमी के अवसर पर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप 20 अक्टूबर को पुलिस लाइन सागर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



समारोह में जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम तिवारी,संभागायुक्त दिलीप कुमार, कलेक्टर प्रतिभा पाल, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, आईजी सागर जोन इरशाद वली, डीआईजी सागर रेंज शशीन्द्र चौहान, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, सीएसपी ललित कश्यप, पुलिस अधीक्षक यातायात मयंक चौहान, सुनील दीक्षित, रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी , एल्डरमैन अंकु चौरसिया, पार्षद रूपेश यादव और  अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिसकर्मी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शस्त्र पूजन

पुलिस लाइन परिसर में परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों का विधि-विधानपूर्वक पूजन किया गया। पुलिस के लिए शस्त्र केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि कानून के शासन की रक्षा, नागरिकों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प का प्रतीक हैं।इस अवसर पर पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण को भी रेखांकित किया गया।

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देवरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्थायी वारंटी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश किया

देवरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्थायी वारंटी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश किया

तीनबत्ती न्यूज:17 अक्टूबर, 2026

सागर: सागर जिले में फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार थाना देवरी में पदस्थ प्रधान आरक्षक महेन्द्र अपनी टीम के साथ कस्बे में भ्रमण पर थे। इसी दौरान सूचना मिली कि एक स्थायी वारंटी देवरी के कुसुम बिहार कॉलोनी, बायपास रोड क्षेत्र में देखा गया है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया।

पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अतुल पटेल पिता महेन्द्र पटेल, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम लिंगा पिपरिया, जिला नरसिंहपुर, हाल कुसुम बिहार कॉलोनी देवरी बताया।


जांच में पता चला कि आरोपी के विरुद्ध न्यायालय श्री दीपू शाक्य, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, देवरी द्वारा प्रकरण क्रमांक RCT/426/21 में स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। नियमानुसार उसकी गिरफ्तारी कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।तलाशी के दौरान मिली अवैध सामग्री के संबंध में पुलिस द्वारा नियमानुसार पृथक से वैधानिक कार्रवाई भी की गई है।


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सागर: शराबकांड में SP अनुराग सुजानिया का बड़ा एक्शन; बंडा थाने व गूगरा चौकी से 40 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, रक्षित केंद्र से नए स्टाफ की तैनाती

सागर:शराबकांड में SP अनुराग सुजानिया का बड़ा एक्शन; बंडा थाने व गूगरा चौकी से 40 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, रक्षित केंद्र से नए स्टाफ की तैनाती

तीनबत्ती न्यूज: 21 सितम्बर, 2026

​सागर। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में हुए जहरीली शराबकांड के बाद पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। एसपी ने बंडा थाना और गूगरा चौकी में पदस्थ एसआई, मुंशी, प्रधान आरक्षक तथा आरक्षकों समेत करीब 40 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर (रक्षित केंद्र स्थानान्तरित) कर दिया है। इनके स्थान पर पुलिस लाइन से नए पुलिसकर्मियों और हाल ही में बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर लौटे नए स्टाफ को थाना व चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

पढ़ने क्लिक करे : सागर जिले में पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल

​उल्लेखनीय है कि जहरीली शराबकांड सामने आने के बाद पुलिस विभाग में पहले ही गाज गिर चुकी है। तत्कालीन बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा और एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को पहले ही हटाया जा चुका था, जिसके बाद बंडा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सिविल लाइन टीआई आनंद सिंह को सौंपी गई थी। अब इसी कड़ी में थाने और चौकी के निचले अमले पर भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है।








लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों और उनके स्थान पर भेजे गए नए स्टाफ की पूरी सूची 

1. बंडा थाना और गूगरा/बरा चौकी से लाइन हाजिर (रक्षित केंद्र भेजे गए) पुलिसकर्मी:

 * सब इंस्पेक्टर (SI): मुन्नालाल धुर्वे, आदिल खान।

 * प्रधान आरक्षक (HC / कार्यवाहक HC): प्रदीप सिंह राजपूत, जिनेन्द्र कुमार यादव, विमला यादव, देवी सिंह, गुलाब सिंह गोंड, भोलानाथ, मुकेश कुमार (चौकी बरा बण्डा), राजमणी खटीक, रामनिवास, अनुराग चौधरी (चौकी गुगुरा बण्डा), विक्रम सिंह, कार्यवाहक एचसी अरविंद पांडे (चौकी गुगुरा बण्डा), देवेन्द्र वैद्य (चौकी बरा बण्डा), विनोद पटेल, शरद तिवारी।

 * आरक्षक (Constable): आशुतोष अहिरवार, कमलेश कुमार साहू, प्रहलाद सिंह, महेश प्रसाद अहिरवार, धनीराम, चाहत शुक्ला, मदन पटेल, सोबरन यादव, विनय कुमार तिवारी, संतबंत सिंह राजपूत, रूचि राजपूत, शारदा धुर्वे, आदित्य कुमार नायक, दशरथ अहिरवार, नीलिका खरे, नरेन्द्र अहिरवार, नीलेश सिंग, दिनेश कुर्मी, पंकज सिंह सिकरवार, छोटेलाल, मनीष कुमार अहिरवार, रामकुमार पटेल, श्रुत कुमार तिवारी।

2. रक्षित केंद्र व अन्य थानों से बंडा थाना, गूगरा चौकी एवं बरा चौकी में तैनात किया गया नया स्टाफ:

 * सब इंस्पेक्टर (SI): रामू प्रजापति, शिवम कुमार दुबे।

 * सहायक उप निरीक्षक (ASI): राजेन्द्र पांडे (चौकी प्रभारी गुगुरा बण्डा)।

 * प्रधान आरक्षक (HC / कार्यवाहक HC): पूजा अहिरवार, प्रमोद कुमार बागरी (चौकी सेसाई बहोरोल से), पवन कुमार (थाना मालथौन से), शेख आसिफ (एसडीओपी कार्या. खुरई से), दुर्भिल गौतम (थाना नरयावली से), मणीशंकर (थाना राहतगढ़ से), सुशील राय (चौकी जरूआखेड़ा से), जितेन्द्र कुमार दुबे (थाना नरयावली से), प्रकाश यादव (चौकी बरा बण्डा), दिनेश गौतम, प्रदीप कास्डे (चौकी बरा बण्डा), सोहित सिंह गोंड (चौकी गुगुरा बण्डा), नरेश कुमार जाटव, सुनील रोहित, अमित कुमार पटेल (चौकी गुगुरा बण्डा), बालकिशन सौर।

 * आरक्षक (Constable): हेमराज पटेल, सुषमा कुर्मी, प्रियंका जैन, प्रदीप बिरथरे, घनश्यामदास नायक, निकिता राजपूत, राहुल सिंह राय, योगेश राज, गीता घोष, अनिल वर्मा, अजब यादव, रक्षा बिंदुआ, यशवंत सिंह राजपूत, अनिल गौतम, अमन स्वामी (थाना मालथौन से), प्राची डांगी।

 * नवनियुक्त आरक्षक (प्रशिक्षण उपरांत प्रथम पदस्थापना): सुरेश देवदा, मो. आसिफ खान, बहादुर डाबर, लवकुश राठौर, सोनू रजक, राजकुमारी प्रजापति, अर्चना अहिरवार।

जिले के अन्य थानों / चौकियों में हुए स्थानांतरण:

 * प्रधान आरक्षक (HC): विक्रम सिंह (थाना नरयावली), अजीम खान (थाना मालथौन), कृष्णकांत (चौकी जरूआखेड़ा), आनन्द कुमार (चौकी सेसाई बहरोल), अखिलेश शुक्ला (थाना नरयावली)।

 * आरक्षक (Constable): सुस्मिता खटीक (थाना केसली), खुशबू यादव (थाना भानगढ़)।

 * नवनियुक्त आरक्षक (प्रशिक्षण उपरांत अन्य थानों में): दीपांशु (थाना केसली), चित्रांश कुमार भास्कर (थाना सुरखी), प्रवेश अहिरवार (थाना सुरखी), अनिल धाकड़ (थाना सानौधा), गौतम जाटव (थाना सानौधा), दिनेश डामर (थाना केसली), संजय श्रीवास्तव (थाना केसली), नरेन्द्र रावत (थाना बहेरिया), साजिद खान (थाना मालथौन), शशि दीक्षित (थाना रहली), आरती सिंह राजपूत (थाना सानौधा)।

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सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कटनी में ₹2.10 लाख की साइबर ठगी

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप का कॉल सेंटर पकड़ा, कटनी में चोरी के मोबाइल से ₹2.10 लाख की साइबर ठगी


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर और कटनी में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीहोर में पुलिस ने ‘FX Trade’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। वहीं कटनी में चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये निकालने वाले झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें: सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क, 5.50 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा


सीहोर में छह महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सीहोर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में पिछले करीब छह महीने से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

कॉल सेंटर में छह कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर ‘FX Trade’ ऐप के माध्यम से निवेश करवाते थे। जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश की जानकारी सामने आई है।

ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों द्वारा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक और लिंक सिम हासिल कर उनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद ATM से रकम निकाल ली जाती थी।

NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिससे नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।


पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, FX Trade आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।


कटनी में चोरी के मोबाइल से बैंक खातों पर निशाना

दूसरी कार्रवाई कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक फरियादी का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद उसके बचत खाते और KCC खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में UPI PIN सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी के अलावा जबलपुर, सिहोरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

साथ ही WhatsApp या Telegram से मिले अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज करें।


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भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस ने संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बंगाली भाषा बोलने वाले एक बुजुर्ग को करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद उनके परिवार से मिला दिया। डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा के समन्वित प्रयासों से यह मानवीय कार्य संभव हो सका।

जिला अस्पताल में भटकते मिले थे बुजुर्ग

रविवार को डायल-112 को सूचना मिली कि जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से भटक रहे हैं। वह बेहद परेशान थे और ऐसी भाषा में बात कर रहे थे जिसे आसपास मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे। सूचना मिलते ही एफआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित थाना गोपालगंज ले आई।

भाषा बनी चुनौती, पुलिस ने नहीं मानी हार

थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बुजुर्ग से बातचीत कर उनकी पहचान और निवास की जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन भाषा अलग होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरक्षक दशरथ मालवीय और आनंद सिंधु उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंचे, जहां सीसीटीवी शाखा की टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी पहचान का प्रयास शुरू किया।

लगातार बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग बंगाली भाषा बोल रहे हैं। काफी प्रयास के बाद बातचीत में उनके मुंह से "शनि मंदिर" शब्द सुनाई दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी तकनीक से मिला घर का रास्ता

सीसीटीवी शाखा ने शहर के विभिन्न कैमरों के फुटेज के जरिए शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही उनके हाव-भाव बदल गए और पुलिस को सही दिशा मिल गई।

इसके बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को शनि मंदिर क्षेत्र लेकर पहुंची। वहां से उन्होंने अपने घर का रास्ता बताना शुरू किया और पुलिस उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में सफल रही।

चार घंटे से परेशान था परिवार

जांच में पता चला कि बुजुर्ग के परिजन आर्मी अस्पताल में कार्यरत हैं और आर्मी क्षेत्र में रहते हैं। परिवार पिछले करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहा था, हालांकि अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जैसे ही पुलिस बुजुर्ग को सुरक्षित घर लेकर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और भावुक होकर सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

टीमवर्क और संवेदनशीलता की मिसाल

इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने मिलकर लगातार चार घंटे तक प्रयास किए। भाषा की बाधा, पहचान का अभाव और सीमित जानकारी के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की।


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