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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर जिला 0चायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत का पलटवार, बोले- भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास

चुनाव आयोग पर भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही कांग्रेस : जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत



तीनबत्ती न्यूज: 28 सितंबर 2026

सागर। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता हीरा सिंह राजपूत ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

राजपूत ने कहा कि राजनीतिक असफलता का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की किसी प्रक्रिया या निर्णय को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं।

ये रहे शामिल

पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला महामंत्री चेतराम अहिरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिराम सिंह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र पाठक मौजूद रहे। संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने किया तथा आभार जिला मीडिया सह प्रभारी आलोक केशरवानी ने व्यक्त किया।

एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक में अपनी बात रखी और आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा इस विषय पर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को आयोग के किसी निर्णय पर आपत्ति है तो वह सुप्रीम कोर्ट सहित संबंधित संवैधानिक मंचों पर अपना पक्ष रख सकती है। उनके अनुसार, जनता के बीच आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखी जानी चाहिए।

फॉर्म-6 के जरिए पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने की व्यवस्था


राजपूत ने कहा कि एसआईआर के संबंध में चर्चा करते समय मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को शामिल कराने की व्यवस्था को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का दायित्व पात्र नागरिकों का मताधिकार सुनिश्चित करना और मतदाता सूची को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखना है।


ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना


भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से अलग-अलग चुनावों के बाद ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के चुनावों के संदर्भ में भी कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपों को ठोस प्रमाणों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वर्ष 2014 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी निर्वाचन आयोग वही संवैधानिक संस्था थी। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है और जनता का निर्णय ही अंतिम होता है।


राहुल गांधी से बयानों पर माफी की मांग

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला पद है। उन्होंने कहा कि इस पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप अपनी बात रखे।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार लगाए जा रहे आरोप जनता के बीच भ्रम पैदा करते हैं। राजपूत ने राहुल गांधी और कांग्रेस से अपने बयानों पर देश से माफी मांगने की मांग की।

कांग्रेस को राजनीतिक स्थिति का आत्ममंथन करना चाहिए : राजपूत


राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक कमियों के लिए निर्वाचन आयोग या ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को जनता के बीच अपने प्रदर्शन और संगठन की स्थिति पर विचार करना चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी

राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है और उसकी आलोचना कर सकता है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय ठोस तथ्य सामने रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के पास कोई तथ्य या शिकायत है तो उसे संबंधित संवैधानिक मंच पर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं और उनकी गरिमा एवं विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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