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ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ: सागर में कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, वाटर कैनन का इस्तेमाल

ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ : कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल 

• कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, कई कार्यकर्ता घायल होने का कांग्रेस का दावा

तीनबत्ती न्यूज:30 सितंबर 2026

सागर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जिला ग्रामीण एवं शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला।

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दोपहर करीब 1 बजे सिविल लाइंस स्थित कैंट शॉपिंग मॉल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पैदल मार्च शुरू हुआ। जुलूस कलेक्ट्रेट कार्यालय के पूर्व स्थित चंद्रा पार्क के पास पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई तथा कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।



वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ” और “सरकार जब-जब डरती है, पुलिस को आगे करती है” जैसे नारे लगाए।



आठों विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेसजन

जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि प्रदर्शन में जिले की सभी आठों विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर किया गया है चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें।

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ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए

प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए हुए भी नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के आसपास मौजूद रहे।



ये रहे शामिल

कांग्रेस के मुताबिक, कमलेश साहू (सुरखी), विक्रम ठाकुर और समीर खान सहित कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। पैदल मार्च एवं कलेक्ट्रेट घेराव कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष स्वदेश जैन, गुड्डू भैया, जगदीश यादव, राजकुमार पचौरी, पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी, संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, रामकुमार पचौरी, अखिलेश मोनी केशरवानी, अभिषेक गौर, बब्बू यादव, नीरज शर्मा, माधवी चौधरी, राजकुमार धनोरा, पप्पू गुप्ता, कमलेश तिवारी, मनोज पवार, जितेंद्र रोहण, पी.पी. नायक, राकेश राय सहित कांग्रेस के विभिन्न मोर्चों एवं संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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इसके अलावा बी.डी. पटेल, सिंटू कटारे, रिचा सिंह, किरण सोनी, संदीप चौधरी, सागर साहू, पार्षद ताहिर खान, शिव शंकर यादव, रोशनी वसीम खान, नीलोफर चमन अंसारी, ब्लॉक अध्यक्षों में नरेन्द्र मिश्रा, प्राण सिंह कुशवाह, पप्पू यादव, गजेंद्र लोधी, राजू पटेल, शिवराज सिंह ठाकुर, जानकी कुर्मी, यासीन खान, सोम तिवारी, रवि उमाहिया, देवेंद्र कुर्मी, भूपेंद्र सिंह राजपूत, शंकर सिंह लोधी, राजकिशोर दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए। नगर कांग्रेस एवं अन्य संगठनों से निशांत रिछारिया, रईस कुरैशी, लक्ष्मी कोरी, डॉ. मनोहर आठिया, प्रमिला सिंह राजपूत, संजय मोंटी यादव, मुकुल पुरोहित, जतिन चौकसे, संतोष सराफ, आर.आर. पारासर, चन्दभान दीवान, आनंद तोमर, भावसिंग यादव, प्रशांत समैया, अशोक परिहार, वीर सिंह चढ़ार, सतीश तिवारी, मीणा पवन पटेल, रेखा सोनी, उमा चौरसिया, मीरा अहिरवार, मनीष तिवारी, मीना पटेल, निलेश अहिरवार, मयंक ठक्कर, देवेंद्र नायक, धन सिंह अहिरवार, नंदकिशोर भारती, ठाकुरदास कोरी, विजय साहू, हीरालाल चौधरी, चक्रेश सिंघई, जितेंद्र चौधरी, बृजेंद्र मिश्रा, प्रेम नारायण विश्वकर्मा, श्याम करवरिया, पीयूष अवस्थी, पाशु भाई, राजा सेन, बंटी कोरी, प्रियंका पांडे, संजना कुर्मी, लोक राम विश्वकर्मा, रघुवीर यादव, श्रीकांत सराफ, ब्रती चंद्र जैन, जितेंद्र मिश्रा, चंद्रभान सिंह ठाकुर, डॉ. हेमंत लारिया, परम लोधी और महेंद्र ठाकुर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।युवा कांग्रेस से विधानसभा अध्यक्ष अमन लोधी, प्रणव राजपूत, रोहित कुर्मी, नितिन बाजपेई, इदरीश खान, वीर सिंह लोधी, बबलू लोधी, हरीश कुमार सेन, पुरसोत्तम शिल्पी, दिनेश रावत, देव प्रशांत सिंह ठाकुर, नीरज बेगी, राकेश विश्वकर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नंदराम, गब्बर सिंह, हेम कुमारी कुर्मी, प्रेम नारायण अहिरवार, जय पाराशर, विजय पाराशर, चंदन सुहाने, मनोज राय, सुरेश रैकवार, विनोद रैकवार, संजय रोहिदास, जाहिद ठेकेदार, सीमा कमल चौधरी, अजय अहिरवार, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र हिंडोरिया, सहेंद्र सिंह, राशिद खान, मदन सेन, जयराम खटीक, प्राण सिंह लोधी, युवराज राजा, हरविंदर सिंह बुंदेला, बद्री यादव, संतोष नामदेव, विक्रम सिंह ठाकुर, फहीम कुरैशी, शादाब मंसूरी, अब्बू कुरैशी, रिशु भाटेले, दीपक मिश्रा, अनिल बाल्मीकि, शिवम स्वामी, अनिल सोनी, विक्रम बुंदेलखंडी, इसाक खान, धर्मेंद्र बघेल, महेंद्र यादव, नारायण कुर्मी, कमलेश लोधी, सुरेंद्र गुर्जर, नरेश यादव, मजीद खान, महेंद्र सगोनिया, मुबारक खान, यशपाल ठाकुर, पप्पू पाटस्कर, मोती कुशबाहा, महेंद्र बकडा, राजू ठाकुर, दिनेश पटेल, हरिद्वार पटेल, वीरेंद्र पटेल, कैलाश पटेल, नरेश अहिरवार, इसरार खान, रत्नेश पटेल, रविंद्र लोधी, बिहारी कुशवाहा, वीरसिंह दीवान, विनोद विश्वकर्मा, कुंजीलाल आदिवासी, लल्ला यादव, खाटू शुक्ला, मुकुल अग्निहोत्री, लीलाधर सूर्यवंशी और समीर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।



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चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर • लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में

चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर

• लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में 


तीनबत्ती न्यूज 30 सितम्बर, 2026

सागर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के संरक्षक एवं समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है। हाल की घटनाओं के बाद आमजन में सरकार और चुनाव प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। लोगों के बीच यह धारणा बनी है कि सरकार वोट चोरी और लूट के जरिए बनाई गई है। रघु ठाकुर बुधवार को सागर प्रवास के दौरान अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।


पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर उठाए सवाल

रघु ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां 93 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि करीब 30 लाख मतदाताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि समिति की प्रारंभिक जांच में एक लाख मामलों में से 92 हजार मतदाताओं के नाम सही पाए गए, जबकि करीब आठ हजार मामलों में नाम सही नहीं मिले। ठाकुर ने कहा कि यदि यह आंकड़ा सही है तो एसआईआर के तहत हटाए गए नामों में बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए जाने की आशंका है और इससे पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया दूषित होने का सवाल उठता है। लोसपा संरक्षक ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पश्चिम बंगाल की सरकार को भंग कर तीन माह में संबंधित मामलों का निराकरण कराया जाए और इसके बाद पुनः चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में चुनाव में पार्टी हर जिले से एक उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। इसकी तैयारी संबंधी निर्देश दिए गए है। 


चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग

चुनाव आयोग से विपक्ष द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के सवाल पर रघु ठाकुर ने कहा कि आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है।

उन्होंने कहा, "ये चुनाव ही गलत हुए हैं।" ठाकुर ने चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने और इस्तीफा देने की मांग की।


पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेजों का विरोध

रघु ठाकुर ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने के निर्णय का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन मेडिकल कॉलेजों के भवन और आधारभूत ढांचे पर सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, उन्हें निजी क्षेत्र को देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चार मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने का निर्णय बदला है, जिसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने मांग की कि पीपीपी मोड में शुरू किए गए अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी सरकार स्वयं संचालित करे। ठाकुर ने कहा कि पीपीपी मॉडल का प्रयोग सफल नहीं रहा है। उन्होंने दावा किया कि दो मेडिकल कॉलेजों के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि लोसपा पीपीपी मोड के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी और कटनी तथा भिंड में आंदोलन जारी रहेंगे।

देश की चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता

रघु ठाकुर ने देश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली के एम्स में एक बच्ची की उपचार में कथित देरी का मामला उठाते हुए कहा कि बच्ची के हृदय में छेद था और ऑपरेशन के लिए परिजनों ने राशि जमा की थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद जब बच्ची को एम्स लाया गया तो उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबे समय तक उपचार का इंतजार नहीं करना चाहिए। सरकार को अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

ध्वनि नियंत्रण के आदेशों को प्रभावी बनाने की मांग

रघु ठाकुर ने ध्वनि नियंत्रण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ध्वनि नियंत्रण कानून को लेकर आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर भोपाल सहित कई स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बज रहे हैं। उन्होंने बैतूल में तेज डीजे की आवाज से छात्रा की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तेज ध्वनि से होने वाले नुकसान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे आदेश जारी करने की अपील की, जिनका प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।

ठाकुर ने कहा कि पुरानी कहावत थी—"जिसकी लाठी उसकी भैंस", लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि "जिसकी भीड़ उसकी भैंस"। उन्होंने डॉक्टरों और पटवारियों की हड़ताल का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे आम आदमी की समस्याएं सामने आती हैं और शासन को जनता की बात सुनने की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति


रघु ठाकुर ने बताया कि लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रकाश चौबे को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में सुनील, कपिल, रफीक गणी और राजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से चर्चा भी हुई है। ठाकुर ने कहा कि शहर के सभी पार्कों की निगरानी और बेहतर रखरखाव के लिए स्थानीय निवासियों की समितियां बनाई जानी चाहिए।


ब्रिक्स मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर सवाल

रघु ठाकुर ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट नहीं ले जाया गया।उन्होंने इसे वैश्विक राजकीय परंपरा के विपरीत बताते हुए कहा कि भारत आने वाले विदेशी मेहमानों को राजघाट ले जाना लंबे समय से महत्वपूर्ण राजकीय शिष्टाचार का हिस्सा रहा है।

ठाकुर ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान 21 बार महात्मा गांधी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर भारत की गांधीवादी विरासत और राजघाट के महत्व को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत का पलटवार, बोले- भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास

चुनाव आयोग पर भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही कांग्रेस : जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत



तीनबत्ती न्यूज: 28 सितंबर 2026

सागर। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता हीरा सिंह राजपूत ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

राजपूत ने कहा कि राजनीतिक असफलता का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की किसी प्रक्रिया या निर्णय को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं।

ये रहे शामिल

पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला महामंत्री चेतराम अहिरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिराम सिंह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र पाठक मौजूद रहे। संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने किया तथा आभार जिला मीडिया सह प्रभारी आलोक केशरवानी ने व्यक्त किया।

एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक में अपनी बात रखी और आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा इस विषय पर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को आयोग के किसी निर्णय पर आपत्ति है तो वह सुप्रीम कोर्ट सहित संबंधित संवैधानिक मंचों पर अपना पक्ष रख सकती है। उनके अनुसार, जनता के बीच आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखी जानी चाहिए।

फॉर्म-6 के जरिए पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने की व्यवस्था


राजपूत ने कहा कि एसआईआर के संबंध में चर्चा करते समय मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को शामिल कराने की व्यवस्था को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का दायित्व पात्र नागरिकों का मताधिकार सुनिश्चित करना और मतदाता सूची को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखना है।


ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना


भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से अलग-अलग चुनावों के बाद ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के चुनावों के संदर्भ में भी कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपों को ठोस प्रमाणों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वर्ष 2014 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी निर्वाचन आयोग वही संवैधानिक संस्था थी। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है और जनता का निर्णय ही अंतिम होता है।


राहुल गांधी से बयानों पर माफी की मांग

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला पद है। उन्होंने कहा कि इस पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप अपनी बात रखे।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार लगाए जा रहे आरोप जनता के बीच भ्रम पैदा करते हैं। राजपूत ने राहुल गांधी और कांग्रेस से अपने बयानों पर देश से माफी मांगने की मांग की।

कांग्रेस को राजनीतिक स्थिति का आत्ममंथन करना चाहिए : राजपूत


राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक कमियों के लिए निर्वाचन आयोग या ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को जनता के बीच अपने प्रदर्शन और संगठन की स्थिति पर विचार करना चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी

राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है और उसकी आलोचना कर सकता है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय ठोस तथ्य सामने रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के पास कोई तथ्य या शिकायत है तो उसे संबंधित संवैधानिक मंच पर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं और उनकी गरिमा एवं विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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