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चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर • लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में

चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर

• लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में 


तीनबत्ती न्यूज 30 सितम्बर, 2026

सागर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के संरक्षक एवं समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है। हाल की घटनाओं के बाद आमजन में सरकार और चुनाव प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। लोगों के बीच यह धारणा बनी है कि सरकार वोट चोरी और लूट के जरिए बनाई गई है। रघु ठाकुर बुधवार को सागर प्रवास के दौरान अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।


पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर उठाए सवाल

रघु ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां 93 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि करीब 30 लाख मतदाताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि समिति की प्रारंभिक जांच में एक लाख मामलों में से 92 हजार मतदाताओं के नाम सही पाए गए, जबकि करीब आठ हजार मामलों में नाम सही नहीं मिले। ठाकुर ने कहा कि यदि यह आंकड़ा सही है तो एसआईआर के तहत हटाए गए नामों में बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए जाने की आशंका है और इससे पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया दूषित होने का सवाल उठता है। लोसपा संरक्षक ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पश्चिम बंगाल की सरकार को भंग कर तीन माह में संबंधित मामलों का निराकरण कराया जाए और इसके बाद पुनः चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में चुनाव में पार्टी हर जिले से एक उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। इसकी तैयारी संबंधी निर्देश दिए गए है। 


चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग

चुनाव आयोग से विपक्ष द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के सवाल पर रघु ठाकुर ने कहा कि आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है।

उन्होंने कहा, "ये चुनाव ही गलत हुए हैं।" ठाकुर ने चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने और इस्तीफा देने की मांग की।


पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेजों का विरोध

रघु ठाकुर ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने के निर्णय का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन मेडिकल कॉलेजों के भवन और आधारभूत ढांचे पर सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, उन्हें निजी क्षेत्र को देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चार मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने का निर्णय बदला है, जिसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने मांग की कि पीपीपी मोड में शुरू किए गए अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी सरकार स्वयं संचालित करे। ठाकुर ने कहा कि पीपीपी मॉडल का प्रयोग सफल नहीं रहा है। उन्होंने दावा किया कि दो मेडिकल कॉलेजों के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि लोसपा पीपीपी मोड के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी और कटनी तथा भिंड में आंदोलन जारी रहेंगे।

देश की चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता

रघु ठाकुर ने देश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली के एम्स में एक बच्ची की उपचार में कथित देरी का मामला उठाते हुए कहा कि बच्ची के हृदय में छेद था और ऑपरेशन के लिए परिजनों ने राशि जमा की थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद जब बच्ची को एम्स लाया गया तो उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबे समय तक उपचार का इंतजार नहीं करना चाहिए। सरकार को अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

ध्वनि नियंत्रण के आदेशों को प्रभावी बनाने की मांग

रघु ठाकुर ने ध्वनि नियंत्रण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ध्वनि नियंत्रण कानून को लेकर आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर भोपाल सहित कई स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बज रहे हैं। उन्होंने बैतूल में तेज डीजे की आवाज से छात्रा की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तेज ध्वनि से होने वाले नुकसान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे आदेश जारी करने की अपील की, जिनका प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।

ठाकुर ने कहा कि पुरानी कहावत थी—"जिसकी लाठी उसकी भैंस", लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि "जिसकी भीड़ उसकी भैंस"। उन्होंने डॉक्टरों और पटवारियों की हड़ताल का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे आम आदमी की समस्याएं सामने आती हैं और शासन को जनता की बात सुनने की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति


रघु ठाकुर ने बताया कि लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रकाश चौबे को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में सुनील, कपिल, रफीक गणी और राजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से चर्चा भी हुई है। ठाकुर ने कहा कि शहर के सभी पार्कों की निगरानी और बेहतर रखरखाव के लिए स्थानीय निवासियों की समितियां बनाई जानी चाहिए।


ब्रिक्स मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर सवाल

रघु ठाकुर ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट नहीं ले जाया गया।उन्होंने इसे वैश्विक राजकीय परंपरा के विपरीत बताते हुए कहा कि भारत आने वाले विदेशी मेहमानों को राजघाट ले जाना लंबे समय से महत्वपूर्ण राजकीय शिष्टाचार का हिस्सा रहा है।

ठाकुर ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान 21 बार महात्मा गांधी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर भारत की गांधीवादी विरासत और राजघाट के महत्व को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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