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टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित • जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

• जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 21 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचकर जिला विकास समिति की बैठक में जिले के विकास और शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इसकी समुचित योजना तैयार कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ के पारंपरिक पीतल शिल्प और कारीगरों की कला को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि स्थानीय हुनर को नई पहचान मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

उद्योग और रोजगार पर फोकस

डॉ. यादव ने कहा कि जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच करीब 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे। सरकार किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दी जा रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में प्रभावी निराकरण किया जाए। नल-जल योजना, राशन वितरण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति देखने और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए।


सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सुनीं, जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

जन-विश्वास अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी सुना। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा दयाराम लोधी की मां स्व. रानीबाई की मृत्यु के बाद नॉमिनी के खाते में राशि अंतरित नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले में कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को सम्मानित किया जाएगा।

उचित मूल्य दुकानों की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम डॉ. यादव ने ली जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक : अधिकारियों को दिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश

- गौशालाओं को डीबीटी से भेजी 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने  मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत टीकमगढ़ में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में स्थानीय संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिले के पारंपरिक कौशल एवं स्थानीय उत्पादों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल, नवाचारों और जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों के सुझावों को विकास की कार्य योजना में शामिल करते हुए स्थानीय संभावनाओं को रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसरों में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन उद्योग नीतियों एवं ऋण आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सफल प्रयासों और नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिल सके। पीतल की मूर्तियों सहित स्थानीय कला एवं हुनर को प्रोत्साहित करने, उनके विक्रय के लिये बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

पशुपालन होगा आय का बेहतर साधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सहकारी क्षेत्र से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं गोपालकों को जोड़ने तथा गौशालाओं में अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी नस्ल की बछियों की उपलब्धता बढ़ने से गोपालकों को लाभ मिलेगा और कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकेगा। टीकमगढ़़ जिले में धार्मिक एवं पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कुंडेश्वर धाम के विकास एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया गया। टीकमगढ़ जिला विकास सलाहकार समिति द्वारा उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, खनिज, पर्यावरण, रोजगार एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले की दीर्घकालीन विकास कार्य योजना को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। समिति स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

जनता ने दिए अहम सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास केवल वृहद कार्यों तक सीमित नहीं है। जनभागीदारी, सामुदायिक भावना और स्थानीय ज्ञान एवं अनुभव के प्रभावी उपयोग से भी विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने, सामुदायिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी सौहार्दृ के साथ मनाने का आह्वान किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा समिति के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों में शामिल करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित समिति की बैठक जिले के विकास को स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं, संसाधनों और नवाचारों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


सरकार का फोकस गौशालाओं पर भी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण-पोषण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रतिदिन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए 620.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौशालाओं के बेहतर संचालन और गौवंश के समुचित संरक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता एवं सुशासन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन से अब तक प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, जिनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है।


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जतारा में 1000 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र, 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

जतारा में 1000 एकड़ भूमि पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र, झांसी-मऊरानीपुर के 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की क्षेत्रीय औद्योगिक विकास नीति के तहत टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। जिले की जतारा और पलेरा तहसीलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


जतारा में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके विकास को लेकर एमपीआईडीसी, क्षेत्रीय कार्यालय सागर के कार्यकारी संचालक श्री प्रतुल चंद्र सिन्हा ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्युत, जल और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



झांसी और मऊरानीपुर के उद्योगपतियों से निवेश को लेकर चर्चा


टीकमगढ़ और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक ने उत्तर प्रदेश के झांसी और मऊरानीपुर में उद्योगपतियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठकों में निवेशकों को मध्यप्रदेश शासन की उद्योग अनुकूल नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सुविधाओं और सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी गई। साथ ही उद्योगपतियों से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और उनकी अपेक्षाओं को लेकर सुझाव भी लिए गए।

औद्योगिक क्षेत्र में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

बैठक में निवेशकों को जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में ईटीपी, एसटीपी, स्कूल, पार्क, बैंक, एटीएम, पुलिस थाना, फायर स्टेशन, चौड़ी सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।

इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निवेशक अनुकूल नीतियां, शीघ्र अनुमतियां, प्रतिस्पर्धी भूमि दरें और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम मध्यप्रदेश में निवेश के प्रमुख आकर्षण हैं।


रणनीतिक स्थान पर स्थित है जतारा

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह क्षेत्र जतारा तहसील के साथ-साथ पलेरा और लिधौरा तहसीलों के नजदीक है तथा टीकमगढ़ जिले के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा जतारा क्षेत्र की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र और छतरपुर जिले से भी बेहतर है। ऐसे में बुंदेलखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण जतारा में उद्योगों के लिए व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं।

35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों के दौरान निवेशकों ने जतारा के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

झांसी में आयोजित बैठक में 15 निवेशकों ने तथा मऊरानीपुर में आयोजित बैठक में 20 निवेशकों ने जतारा औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने की सहमति जताई। इस तरह दोनों बैठकों में कुल 35 निवेशकों ने जतारा में निवेश की इच्छा व्यक्त की है।

निवेशकों ने मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं और सिंगल विंडो सिस्टम से संबंधित जानकारी भी चाही। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक द्वारा निवेशकों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।



उद्योग जगत के प्रतिनिधि रहे मौजूद


झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों में विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, बुंदेलखंड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री धीरज खुल्लर, लघु उद्योग भारती जिला अध्यक्ष श्री राजीव वब्बर, आईसीएआई झांसी चेयरमैन श्री जयतमनी जैन, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री संजय पटवारी सहित विभिन्न उद्योगपति और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से टीकमगढ़ और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

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MP IPS Transfer 2026: मध्यप्रदेश में 3 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, टीकमगढ़ और श्योपुर के बदले एसपी

मध्यप्रदेश में तीन आईपीएस अधिकारियों के तबादले, टीकमगढ़ और श्योपुर को मिले नए पुलिस अधीक्षक


तीनबत्ती न्यूज:  19 जुलाई 2026

भोपाल:  मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने रविवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों को आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार आईपीएस मनोहर सिंह मंडलोई (2012 बैच) को पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ से स्थानांतरित कर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG), पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है।

वहीं आईपीएस सुधीर कुमार अग्रवाल (2016 बैच) को पुलिस अधीक्षक, श्योपुर से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ बनाया गया है।

इसके अलावा आईपीएस मोती उर रहमान (2018 बैच), जो वर्तमान में सेनानी, 9वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल (SAF), रीवा में पदस्थ थे, उन्हें पुलिस अधीक्षक, श्योपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गृह विभाग द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।


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एमपी ट्रांसको का वन-टू-वन सघन प्रशिक्षण: टीकमगढ़ में टेस्टिंग सिम्युलेटर से सबस्टेशन प्रोटेक्शन सिस्टम सीख रहे नवागत अभियंता

एमपी ट्रांसको में वन-टू-वन सघन प्रशिक्षण, टेस्टिंग सिम्युलेटर से सीख रहे हैं नवागत अभियंता



तीनबत्ती न्यूज: 18 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा नव नियुक्त सहायक अभियंताओं को ट्रांसमिशन नेटवर्क की जटिल तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से "वन-टू-वन सघन प्रशिक्षण" कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत कंपनी के अनुभवी अभियंता कार्यस्थल पर ही व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर नवागत अभियंताओं को आधुनिक विद्युत प्रणालियों की बारीकियां सिखा रहे हैं।

टीकमगढ़ स्थित टेस्टिंग डिवीजन में कार्यपालन अभियंता (टेस्टिंग) बिजक प्रिये के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता (टेस्टिंग) गणेश प्रसाद राय एवं सहायक अभियंता श्रीमती चंदा यादव नवागत अभियंताओं को सबस्टेशन प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले टेस्टिंग तथा विद्युत उपकरणों की कार्यप्रणाली का गहन प्रशिक्षण दे रहे हैं।

टेस्टिंग सिम्युलेटर से व्यवहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण सहायक अभियंता गणेश प्रसाद राय द्वारा विकसित टेस्टिंग सिम्युलेटर है। इसके माध्यम से अभियंताओं को विभिन्न प्रकार की प्रोटेक्शन रिले की सेटिंग, ऑपरेटिंग लॉजिक, ट्रिपिंग सीक्वेंस तथा विभिन्न फॉल्ट परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया जा रहा है। इससे नवागत अभियंताओं को ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों में आने वाली वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिल रहा है।



आधुनिक तकनीक और सुरक्षा पर विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान पावर ट्रांसफार्मर, करंट ट्रांसफार्मर (CT), पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (PT), सर्किट ब्रेकर, कंट्रोल एवं प्रोटेक्शन पैनलों की टेस्टिंग प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही एमपी ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अनुरूप सुरक्षा मानकों, फॉल्ट एनालिसिस, रिले कोऑर्डिनेशन तथा आधुनिक टेस्टिंग तकनीकों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

कंपनी का उद्देश्य नवागत अभियंताओं को व्यवहारिक अनुभव प्रदान कर उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है।


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