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सागर विधानसभा विजन डॉक्यूमेंट: विधायक शैलेंद्र जैन ने अधिकारियों के साथ की बैठक

सागर विधानसभा के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर विधायक शैलेंद्र जैन ने ली अधिकारियों की बैठक

• भविष्य की विकास योजनाओं पर हुआ मंथन: कला-संस्कृति, पर्यटन और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर भी रहेगा फोकस




तीनबत्ती न्यूज:08 सितम्बर, 2026

सागर। सागर विधानसभा क्षेत्र के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए तैयार किए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट को लेकर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने एसडीएम कार्यालय में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आगामी विकास कार्ययोजना को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अधिकारियों से उनके विभागों से संबंधित सुझाव एवं प्रस्ताव लिए गए।

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विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट सागर की भविष्य की आवश्यकताओं, जनअपेक्षाओं और ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और सागर को विकास की नई दिशा मिले।

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आधुनिक विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर

विधायक जैन ने कहा कि विकास की कार्ययोजना में आधुनिक अधोसंरचना के साथ-साथ कला, संस्कृति और पर्यटन को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए। सागर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए प्राचीन संरचनाओं, ऐतिहासिक स्थलों, जल स्रोतों तथा अखाड़ों के संरक्षण एवं निर्माण से जुड़े कार्यों को भी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि सागर की प्राचीन धरोहर, जल स्रोत और सांस्कृतिक परंपराएं शहर की पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करते हुए सागर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

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मूलभूत सुविधाओं के प्रस्तावों पर भी चर्चा


बैठक में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई। विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों में से जनहित के सर्वाधिक आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम रोहित वर्मा, तहसीलदार संदीप तिवारी, राहुल गौड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नगर निगम उपायुक्त बघेल, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ यशवंत नामदेव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित • जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

• जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 21 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचकर जिला विकास समिति की बैठक में जिले के विकास और शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इसकी समुचित योजना तैयार कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ के पारंपरिक पीतल शिल्प और कारीगरों की कला को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि स्थानीय हुनर को नई पहचान मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

उद्योग और रोजगार पर फोकस

डॉ. यादव ने कहा कि जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच करीब 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे। सरकार किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दी जा रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में प्रभावी निराकरण किया जाए। नल-जल योजना, राशन वितरण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति देखने और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए।


सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सुनीं, जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

जन-विश्वास अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी सुना। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा दयाराम लोधी की मां स्व. रानीबाई की मृत्यु के बाद नॉमिनी के खाते में राशि अंतरित नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले में कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को सम्मानित किया जाएगा।

उचित मूल्य दुकानों की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम डॉ. यादव ने ली जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक : अधिकारियों को दिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश

- गौशालाओं को डीबीटी से भेजी 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने  मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत टीकमगढ़ में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में स्थानीय संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिले के पारंपरिक कौशल एवं स्थानीय उत्पादों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल, नवाचारों और जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों के सुझावों को विकास की कार्य योजना में शामिल करते हुए स्थानीय संभावनाओं को रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसरों में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन उद्योग नीतियों एवं ऋण आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सफल प्रयासों और नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिल सके। पीतल की मूर्तियों सहित स्थानीय कला एवं हुनर को प्रोत्साहित करने, उनके विक्रय के लिये बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

पशुपालन होगा आय का बेहतर साधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सहकारी क्षेत्र से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं गोपालकों को जोड़ने तथा गौशालाओं में अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी नस्ल की बछियों की उपलब्धता बढ़ने से गोपालकों को लाभ मिलेगा और कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकेगा। टीकमगढ़़ जिले में धार्मिक एवं पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कुंडेश्वर धाम के विकास एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया गया। टीकमगढ़ जिला विकास सलाहकार समिति द्वारा उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, खनिज, पर्यावरण, रोजगार एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले की दीर्घकालीन विकास कार्य योजना को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। समिति स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

जनता ने दिए अहम सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास केवल वृहद कार्यों तक सीमित नहीं है। जनभागीदारी, सामुदायिक भावना और स्थानीय ज्ञान एवं अनुभव के प्रभावी उपयोग से भी विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने, सामुदायिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी सौहार्दृ के साथ मनाने का आह्वान किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा समिति के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों में शामिल करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित समिति की बैठक जिले के विकास को स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं, संसाधनों और नवाचारों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


सरकार का फोकस गौशालाओं पर भी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण-पोषण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रतिदिन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए 620.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौशालाओं के बेहतर संचालन और गौवंश के समुचित संरक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता एवं सुशासन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन से अब तक प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, जिनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है।


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पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटन का रिकॉर्ड, 2025-26 में 2.63 लाख पर्यटक, ₹8.77 करोड़ की आय

पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटन का नया रिकॉर्ड, 2025-26 में 2.63 लाख पर्यटक पहुंचे, टिकटों से ₹8.77 करोड़ की आय


तीनबत्ती न्यूज:04जुलाई, 2026

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन और राजस्व दोनों मामलों में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान 2,63,250 देशी-विदेशी पर्यटकों ने टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया। टिकटों की बिक्री से ₹8,77,99,418 की रिकॉर्ड आय हुई, जो अब तक का सर्वाधिक राजस्व है। प्रबंधन के अनुसार इस राशि का बड़ा हिस्सा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

पिछले पांच वर्षों में लगातार बढ़ा पर्यटन और राजस्व

पन्ना टाइगर रिजर्व के आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या और आय में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में 1,73,982 पर्यटकों से ₹3.44 करोड़, 2022-23 में 2,26,322 पर्यटकों से ₹4.77 करोड़ और 2023-24 में 2,34,043 पर्यटकों से ₹5.97 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। वर्ष 2024-25 में 2,75,870 पर्यटकों से ₹6.92 करोड़ की आय हुई थी। हालांकि वर्ष 2025-26 में पर्यटकों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी कम रही, लेकिन टिकट दरों और बेहतर प्रबंधन के कारण आय बढ़कर ₹8.77 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।


1 अक्टूबर तक कोर एरिया रहेगा बंद

पीटीआर के उप संचालक वीरेंद्र पटेल ने बताया कि मानसून के मद्देनज़र 1 जुलाई से कोर एरिया को तीन माह के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। अब 1 अक्टूबर से कोर जोन में सफारी दोबारा शुरू होगी। हालांकि इस दौरान पन्ना-अकोला बफर क्षेत्र, पांडव फॉल और रनेह फॉल पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे।

100 से अधिक बाघ, बाघिन पी-151 बनी आकर्षण

पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्तमान में शावकों सहित 100 से अधिक बाघ मौजूद हैं। इस पर्यटन सत्र में बाघिन पी-151 और उसके दो शावक पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। इसके अलावा केन नदी, केन घड़ियाल सेंचुरी और समृद्ध जैव विविधता ने भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया। बढ़ते पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।


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