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सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध • इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध

• इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और CJI जस्टिस सूर्यकांत


तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न्यायपालिका की भावना के अनुरूप अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ प्रत्येक नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व लोकतंत्र के आधार हैं। मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे मामलों का समाधान कर केस पेंडेंसी जैसी गंभीर समस्या को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' विषय पर आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

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कार्यक्रम में 'Ensuring Access Protecting Rights Building Futures' पुस्तक, निवारक एवं रणनीतिक विधिक सेवा योजनाएं, 'न्याय सबके लिए', ब्रेल लिपि में मार्गदर्शिका और 'न्याय के स्वर' का विमोचन किया गया। नालसा का थीम सॉन्ग भी प्रस्तुत किया गया। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने नालसा शिक्षा स्कीम तथा थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लॉन्च किया।

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


अंग्रेजों के बनाए कई कानून खत्म किए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव का स्वर्णिम समय चल रहा है। अंग्रेजों के दौर के अनेक गैर-जरूरी कानूनों को समाप्त कर न्याय व्यवस्था को अधिक सरल और सुलभ बनाया गया है। ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, डिजिटल डेटा संग्रह और आधुनिक न्याय प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं न्याय प्रक्रिया को आधुनिक बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की दिशा में भी काम हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं से जुड़े पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए गए हैं।

'न्याय में देरी भी अन्याय'

डॉ. यादव ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। मध्यप्रदेश में साइबर सुरक्षा, राष्ट्रीय स्वचालित प्रणाली और ई-जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पुलिस प्रणाली को वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने मालवा की न्याय परंपरा का उल्लेख करते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पहले सुशासन और न्याय की उत्कृष्ट परंपरा स्थापित की। उनके शासन में न्याय करते समय पुत्र और प्रजा में भेदभाव नहीं किया जाता था।



CJI जस्टिस सूर्यकांत बोले- संवाद से ही संभव है समाधान

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सशक्त भविष्य, गरिमा और समावेशन केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि विधिक सहायता की वास्तविक परिभाषा हैं। न्याय की पहुंच केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं हो सकती, इसके लिए संवाद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित को न्याय मिलने से पहले यह विश्वास होना जरूरी है कि उसकी समस्या को कोई सुन रहा है। मध्यस्थता की प्रक्रिया भी सामने वाले को सुनने से शुरू होती है। न्यायपालिका, विधिक सेवा संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर न्याय की पहुंच को आसान बनाना होगा।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अलग-अलग समुदायों की समस्याएं अलग होती हैं, इसलिए उनके समाधान भी उनकी परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार होने चाहिए। गरीब, आर्थिक रूप से पिछड़े और महिलाओं की सहायता करना चैरिटी नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है।

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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे न्याय

उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में ही समानता का वास्तविक भाव छिपा है। पैरा लीगल वॉलेंटियर्स समाज और विधिक व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इसकी पहुंच होना जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 39A के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने की भावना व्यक्त की गई है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्याय प्रक्रिया को बहुभाषीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को देखते हुए यहां न्याय की पहुंच को और व्यापक बनाना जरूरी है।

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मध्यस्थता से विवादों का समाधान

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने मध्यस्थता को विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया। सम्मेलन में 'विवाद से सहमति' मध्यस्थता सर्टिफिकेट कोर्स और जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया।

ब्रेल लिपि में विधिक मार्गदर्शिका के विमोचन को दृष्टिबाधित लोगों के लिए न्याय की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इंडियन साइन लैंग्वेज में नालसा थीम सॉन्ग के शुभारंभ से दिव्यांगजनों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने की पहल को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस विजय बिश्नोई, जस्टिस आलोक आराधे, जस्टिस शील नागु, जस्टिस संजीव सचदेवा, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल, न्यायाधीश आनंद पाठक सहित विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारी एवं इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंद पाठक ने आभार व्यक्त किया।


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रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया • राज्यसभा में सांसद रजनीश अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया

• राज्यसभा में सांसद रजनीश  अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। कृषि योग्य भूमि पर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के प्रभाव को लेकर राज्यसभा में भाजपा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में मंत्रालय द्वारा कोई अध्ययन नहीं कराया गया है। हालांकि, सरकार ने मिट्टी की गुणवत्ता और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक करने और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की जानकारी दी।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत अधिसूचित किए जाने से पहले उर्वरकों की जैव-प्रभावकारिता और विषाक्तता का परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षणों की समीक्षा केंद्रीय उर्वरक समिति के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जाती है।

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26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित

सरकार के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मृदा उर्वरता में सुधार के लिए संतुलित एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2014-15 से अब तक 26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 1,30,627 किसानों को प्रशिक्षण, 7.17 लाख प्रदर्शन तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों को लेकर 7,425 किसान मेले/अभियान आयोजित किए गए हैं।

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कीटनाशकों के उपयोग पर भी नियामक व्यवस्था

सरकार ने बताया कि कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 5 के तहत गठित पंजीकरण समिति कीटनाशकों की प्रभावकारिता के साथ-साथ मानव, पशु और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका पंजीकरण करती है। स्वीकृत लेबल और सूचना पत्र के अनुसार उपयोग किए जाने वाले पंजीकृत कीटनाशकों से नुकसान की संभावना नहीं होने की बात सरकार ने कही है। इनके निरंतर उपयोग के संबंध में समय-समय पर तकनीकी समीक्षा भी की जाती है।

जैविक और प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

जवाब में सरकार ने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार ने जैविक खाद, फसल अवशेष, जैव उर्वरक और अन्य जैविक इनपुट के साथ रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया है। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत जैविक उर्वरक, जैव-उर्वरक, सल्फर लेपित यूरिया, जैविक कार्बन संवर्धक और नैनो उर्वरक को अधिसूचित किया गया है।

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18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

सरकार के अनुसार, वर्ष 2015-16 से परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है और 33.63 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट (MOVCDNER) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती में लाया गया है और 2.74 लाख किसानों को लाभ मिला है।

प्राकृतिक खेती मिशन को भी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 25 नवंबर 2024 को रासायनिक मुक्त और ऑन-फार्म इनपुट के उपयोग के जरिए प्रकृति आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) को मंजूरी दी थी। जवाब के अनुसार, अब तक 23.13 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं और 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अंतर्गत कवर किया गया है।


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एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, विश्वविद्यालय ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्यवाही



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोपों से घिरे बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्री भागवत (Shree Bhagwat) को विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. भगवान वर्तमान में स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन के पद पर कार्यरत थे।

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विश्वविद्यालय द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, डॉ. भागवत की प्रारंभिक नियुक्ति 16 अप्रैल 2005 को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पद पर लेक्चरर के रूप में हुई थी। उनके द्वारा प्रस्तुत एससी प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी।

कमेटी ने बताई ये प्रारंभिक बातें

विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया है कि 30 जुलाई 2026 को गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 5 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। कमेटी के रिकॉर्ड परीक्षण में प्रथम दृष्टया पाया गया कि—

  • डॉ. भागवत की नियुक्ति अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर हुई थी।
  • रिकॉर्ड में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध स्थायी एससी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिला।
  • उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र का संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारी के रिकॉर्ड से सत्यापन नहीं हो सका।
  • संबंधित प्राधिकारियों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया डॉ. भागवत के उत्तर प्रदेश की बिंद समुदाय, जिसे वहां अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में बताया गया है, से संबंधित होने की बात सामने आई।
  • कमेटी ने प्रथम दृष्टया माना कि एससी आरक्षण के आधार पर नियुक्ति अमान्य अथवा गलत जाति दावे पर प्राप्त किए जाने की आशंका है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की थी। साथ ही, यदि सक्षम प्राधिकारी यह संतुष्ट होता है कि नियुक्ति गलत जाति दावे के आधार पर प्राप्त की गई थी तो अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिपोर्ट पर विचार करने के बाद आरोपों को गंभीर और कर्मचारी की एससी आरक्षित पद पर नियुक्ति की पात्रता से जुड़ा हुआ माना। आदेश में यह भी कहा गया कि डॉ. भगवान के डीन पद पर बने रहने से अनुशासनात्मक जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

जांच पूरी होने तक निलंबन

विश्वविद्यालय ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत डॉ. श्री भागवत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर रहेगा और वे सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते मिलेंगे। साथ ही, बिना पूर्व अनुमति विश्वविद्यालय के किसी कार्यालय या प्रशासनिक अनुभाग में प्रवेश पर भी रोक रहेगी, सिवाय अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में आवश्यकता होने पर।

अंतिम निर्णय अनुशासनात्मक जांच के बाद

विश्वविद्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक (prima facie) निष्कर्षों के आधार पर की गई है। मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) द्वारा लिया जाएगा।

प्रो. भागवत का पक्ष:

​इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए डॉ. भागवत ने कहा, "मैं लगातार विवि में हो रही गड़बड़ियों और गलतियों के खिलाफ बोलता रहा हूँ। इसीलिए बदले की भावना के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस द्वेषपूर्ण कार्रवाई में केवल 8 दिनों के भीतर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मेरा पक्ष तक नहीं सुना गया।"


अन्य नियुक्तियों की शिकायतों पर उठते सवाल

​इस निलंबन के बाद विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आमतौर पर महीनों और सालों तक फाइलों को दबाकर रखने वाला प्रशासन इस मामले में मात्र 8 दिनों के भीतर जांच से लेकर निलंबन तक की प्रक्रिया पूरी करने में 'एक्सप्रेस रफ्तार' से चला।



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सागर में भाजपा की मासिक बैठक: प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का जनअभियान

सागर में भाजपा की मासिक बैठक: तिरंगा यात्रा को जनअभियान बनाने का आह्वान, प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वर्चुअल किया संबोधित

सागर भाजपा की मासिक बैठक में  संबोधित करते जिला प्रभारी लोकेंद्र पाराशर और भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी

तीनबत्ती न्यूज: 07 अगस्त, 2026

सागर। भारतीय जनता पार्टी की मासिक बैठक संभागीय भाजपा कार्यालय सागर में आयोजित की गई। बैठक को उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक प्रगति के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना भी आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक पूरे उत्साह के साथ हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा को सफल बनाने का आह्वान किया।



बैठक को प्रदेश मंत्री एवं सागर जिला प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के अभियान केवल संगठनात्मक गतिविधियां नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, जनजागरण और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता के माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सागर भाजपा संगठन हमेशा प्रदेश में अनुकरणीय कार्य करता आया है और इस बार भी हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाकर नया उदाहरण प्रस्तुत करना है।

लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और 140 करोड़ भारतीयों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर नागरिकों को अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और युवाओं के बीच संविधान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे विषयों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि सागर जिले ने पूर्व में भी विभिन्न संगठनात्मक अभियानों में प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। यह कार्यकर्ताओं की एकजुटता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर पूरी ऊर्जा और अनुशासन के साथ कार्य किया जाएगा।

बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुधा जैन, जिला महामंत्री चैन सिंह ठाकुर, चेतराम अहिरवार, सुमित यादव सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, प्रकोष्ठ संयोजक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक का संचालन जिला मंत्री अर्जुन पटेल ने किया, जबकि आभार जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने व्यक्त किया। जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने जानकारी दी।


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बाघराज कॉलोनी में अवैध कब्जाधारियों पर होगी FIR: निगम कमिश्नर ने दिया 2 दिन का अल्टीमेटम

बाघराज आवासीय कॉलोनी में अवैध कब्जों पर सख्ती: 2 दिन में खाली करें मकान, नहीं तो होगी FIR : निगमायुक्त राजकुमार खत्री

निगमायुक्त राजकुमार खत्री बाघराज आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण करते हुए, अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई और पात्र हितग्राहियों को आवास व बिजली सुविधा संबंधी निर्देश देते हुए


तीनबत्ती न्यूज: 7 अगस्त 2026

सागर। नगर पालिक निगम सागर ने बाघराज आवासीय कॉलोनी में अवैध कब्जों और किराये पर दिए गए शासकीय आवासों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने शुक्रवार को कॉलोनी का निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा रियायती दर पर जरूरतमंदों को दिए गए आवासों का व्यावसायिक उपयोग या किराये पर देना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हितग्राहियों के आवासों पर अवैध कब्जा कर रखा है या किरायेदार के रूप में रह रहे हैं, वे दो दिन के भीतर मकान खाली कर दें। अन्यथा संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने सहित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वैध हितग्राहियों को मिलेगा पूरा सहयोग

निगमायुक्त ने कहा कि जिन पात्र हितग्राहियों के पास अभी तक स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, वे नगर निगम से एनओसी प्राप्त कर विद्युत विभाग के माध्यम से नया कनेक्शन लें। नगर निगम आवास संबंधी समस्याओं के समाधान में पूरा सहयोग करेगा, जबकि बिजली संबंधी कार्य विद्युत विभाग के माध्यम से होंगे।

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अवैध कब्जों और किरायेदारों की बनेगी सूची

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कॉलोनी में शिविर लगाकर वैध एवं अवैध रूप से रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जाए। जिन लोगों ने शासन के आवास किराये पर देकर आर्थिक लाभ कमाया है, उनके आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही यदि वर्तमान में रह रहे किरायेदार पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें शासन की आवास योजना के तहत स्वयं का आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बिजली बिल दो किस्तों में जमा करने की सुविधा

निगमायुक्त ने स्थानीय निवासियों की मांग पर लंबित बिजली बिल दो किस्तों में जमा करने की अनुमति देने के निर्देश भी दिए। बकाया राशि जमा करने के बाद हितग्राही नगर निगम से एनओसी प्राप्त कर स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जिन हितग्राहियों ने आवास की पूरी राशि जमा कर दी है, उन्हें कब्जा रसीद एवं अन्य दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं, जबकि लगातार बकाया नहीं चुकाने वालों के आवंटन निरस्त किए जाएं।

निगमायुक्त की अपील

राजकुमार खत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी बिचौलिए के संपर्क में न आएं। आवास संबंधी कार्यों के लिए नगर निगम और बिजली संबंधी मामलों में सीधे विद्युत विभाग से संपर्क करें। शासन की मंशा हर जरूरतमंद परिवार को उसका अपना घर उपलब्ध कराना है।


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सीएम मोहन यादव एक्शन मोड में, CMHO समेत तीन अधिकारी निलंबित, जन-विश्वास अभियान शुरू

एक्शन मोड में सीएम डॉ. मोहन यादव: जन-विश्वास अभियान की शुरुआत, शिकायतों पर CMHO समेत तीन अधिकारी निलंबित


• छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ, हर शुक्रवार होगा ‘नो-मीटिंग डे’, अफसर और जनप्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचकर करेंगे समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा से जन-विश्वास अभियान की शुरुआत की। शिकायतों पर सुनवाई करते हुए CMHO, तहसीलदार और पटवारी को निलंबित किया।

तीनबत्ती न्यूज: 07 अगस्त, 2026

छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा दौरे के दौरान एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ करते हुए प्रशासनिक जवाबदेही का कड़ा संदेश दिया। जन शिकायतों की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गुन्नाड़े, एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ संवाद कर क्षेत्र के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कई जन समस्याओं का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा से शुरू किया गया ‘जन-विश्वास अभियान’ प्रदेश में सुशासन और जनसंवाद का नया अध्याय साबित होगा। अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे तथा उनके सुझावों के आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाएंगी।

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एक्शन मोड में सीएम डॉ. मोहन यादव: जन-विश्वास अभियान की शुरुआत, शिकायतों पर CMHO समेत तीन अधिकारी निलंबित

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नो मेटिंग रहेगा शुक्रवार

उन्होंने घोषणा की कि अब प्रदेश में प्रत्येक शुक्रवार को ‘नो-मीटिंग डे’ रहेगा। इस दिन मंत्री, विधायक, कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारी जिला एवं तहसील स्तर पर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के चार प्रमुख स्तंभ संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय आवश्यकताओं और कार्य संस्कृति के अनुरूप विकास की नई परिकल्पनाओं पर काम कर रही है। प्राकृतिक खेती, पशुपालन, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल कर प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास को गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जन-विश्वास अभियान के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।



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डॉ. गौर विश्वविद्यालय ने अग्निवीरों को दिए रोजगारोन्मुखी कोर्स के प्रमाणपत्र, ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स भी होगा शुरू

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय ने अग्निवीरों को सौंपे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के प्रमाणपत्र, जल्द शुरू होगा ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में महार रेजीमेंट सेंटर के अग्निवीरों को रोजगारोन्मुखी प्रमाणपत्र प्रदान करते कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर।


तीनबत्ती न्यूज: 07 अगस्त, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर द्वारा महार रेजीमेंट सेंटर के अग्निवीरों को रोजगारोन्मुखी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से संचालित इन पाठ्यक्रमों में दिसंबर माह से अग्निवीरों का पंजीयन किया गया था। प्रमाणपत्र वितरण समारोह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति सभागार में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुबेदार मेजर संजय साहो (जीएसओ-1) तथा नायब सुबेदार अनिल कुमार महार रेजीमेंट सेंटर से उपस्थित रहे।



कार्यक्रम की शुरुआत नोडल अधिकारी प्रो. सुशील कुमार काशव द्वारा कुलपति का स्वागत कर की गई, जबकि कम्युनिटी कॉलेज की ओर से कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. एस.पी. उपाध्याय का स्वागत किया गया।

272 अग्निवीरों ने किए तीन रोजगारोन्मुखी कोर्स

नोडल अधिकारी प्रो. काशव ने बताया कि कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से अग्निवीरों को तीन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया गया था। दिसंबर माह से कुल 272 पंजीयन किए गए, जिनमें शामिल हैं—

  • प्रोफेशनल कम्युनिकेशन सर्टिफिकेट कोर्स
  • बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्टिफिकेट कोर्स
  • योग एवं वेलनेस सर्टिफिकेट कोर्स

सेवा के बाद रोजगार में मददगार होंगे प्रमाणपत्र : कुलपति

कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने कहा कि महार रेजीमेंट देश के लिए जांबाज और कुशल सैनिक तैयार करती है। अग्निवीर योजना के तहत सैनिक सीमित अवधि तक सेना में सेवा देते हैं, जिनमें से कुछ को स्थायी सेवा का अवसर मिलता है, जबकि अन्य निर्धारित समय के बाद सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में ये प्रमाणपत्र अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य उन्हें शैक्षणिक, व्यावसायिक और तकनीकी दक्षता के साथ उच्च शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे सेवाकाल के दौरान भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

जल्द शुरू होगा ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स

मुख्य अतिथि सुबेदार मेजर संजय साहो ने कहा कि वर्तमान समय में अग्निवीरों को ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलना बेहद आवश्यक है, जिससे वे तकनीकी दक्षता के साथ अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकें।

कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. एस.पी. उपाध्याय ने बताया कि कम्युनिटी कॉलेज लगातार अपने पाठ्यक्रमों का विस्तार कर रहा है। अग्निवीरों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष ड्रोन टेक्नोलॉजी सर्टिफिकेट कोर्स तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष संचालित कंप्यूटर और योगा कोर्स के परिणाम भी काफी सकारात्मक रहे हैं।

अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में कोर्स समन्वयक डॉ. अभिषेक बंसल एवं डॉ. अरुण साहो ने भी पाठ्यक्रमों की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर महार रेजीमेंट सेंटर के अधिकारी, कम्युनिटी कॉलेज के कार्यालय सहायक निशांक शर्मा, अनुराग बृजपुरिया, बसंत माझी, राकेश अहिरवार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।


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सागर: ढाना में 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' का शुभारंभ, 236 आवेदन मिले, 80 शिकायतों का मौके पर समाधान

 प्रशासन आपके द्वार': ढाना में जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, एसपी की उपस्थिति में आयोजित हुआ 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' : मौके पर ही 80 शिकायतों का हुआ त्वरित समाधान

• कलेक्टर सहित पूरा प्रशासनिक अमला 'बस पूलिंग' से पहुंचा ढाना; लगा विशाल जन-संवाद एवं समस्या निवारण शिविर
ढाना में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के जिला स्तरीय शिविर में मौजूद कलेक्टर, एसपी और जनप्रतिनिधि। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव संबोधित करते हुए


तीनबत्ती न्यूज:  07 अगस्त 2026
सागर
: राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित व पारदर्शी निराकरण, शासकीय योजनाओं की जमीनी समीक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था में सीधी जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026' का शुक्रवार को जनपद सागर के ग्राम ढाना में जिला स्तरीय विशाल शिविर के साथ भव्य आगाज हुआ।
सादगी से पहुंचा प्रशासन,बस से
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पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और प्रशासनिक सादगी का संदेश देते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी सहित जिले के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी व्यक्तिगत वाहनों का परित्याग कर 'बस पूलिंग' (एक ही बस में सवार होकर) के माध्यम से ढाना स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

शिविर में 236 आवेदन प्राप्त, 80 का मौके पर ही हुआ निराकरण
"प्रशासन आपके द्वार" की अवधारणा पर आयोजित इस विशाल शिविर में ग्रामीणों एवं आमजनों से कुल 236 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के स्पष्ट निर्देशों के बाद मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 80 शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान कर आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान की। शेष 156 आवेदनों को समय-सीमा में दर्ज कर संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।




यह अंत्योदय की मूल भावना: गोपाल भार्गव

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचलों के जो नागरिक जिला मुख्यालय तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं, उनके द्वार तक आज पूरा प्रशासन खुद पहुंचा है। अंत्योदय की मूल भावना के तहत हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य ध्येय है। सभी इसका लाभ उठाएं और सरकार की मंशानुरूप शिविर को सफल बनाएं।




जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए यह  विशेष अभियान (07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक) प्रारंभ हुआ है, जो प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा।






कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि अभियान का प्राथमिक उद्देश्य मौके पर आने वाले नए आवेदनों और पुरानी लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत व समयबद्ध समाधान करना है। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि निराकरण की वास्तविक समीक्षा की जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से बच्चों की शिक्षा, गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए 'रोको-टोको' की स्वस्थ परंपरा अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम आज अगर बच्चों, महिलाओं को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की नींव देंगे तो कल हम सभी का भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा।




पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया ने कहा कि अपराधों की मुख्य जड़ नशा है। प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब के कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।


 
स्टॉल, स्वास्थ्य शिविर और एक ही स्थान पर मिली विभागीय जानकारी

मंगल भवन ढाना में शासन के सभी प्रमुख विभागों (राजस्व, पंचायत, कृषि, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, विद्युत आदि) द्वारा प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। जहाँ ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और नए आवेदन सीधे स्वीकार किए गए।




कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क जांच व उपचार शिविर लगाया गया। साथ ही कृषि एवं सम्बद्ध विभागों से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे किसानों को उन्नत खेती, मृदा स्वास्थ्य और शासकीय अनुदान की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

सफल उद्यमी संवाद

उद्यमी संवाद के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां में संचालित मेसर्स उषाकिरण एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर श्री सुंदर रजक ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएमईजीपी योजना के तहत 25 लाख का ऋण लेकर सहजन (मुनगा) आधारित हर्बल उत्पादों का स्टार्टअप शुरू किया, जिसे राज्य सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत मासिक ईआईआर, पैकेजिंग ट्रेनिंग (आईआईपी मुंबई) तथा भारत मंडपम नई दिल्ली में प्रदर्शनी के माध्यम से बड़े व्यावसायिक ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।
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जिला प्रशासन की इस पारदर्शी और संवेदनशील कार्यप्रणाली से ढाना क्षेत्र के निवासियों में जहां एक ओर भारी उत्साह देखा गया वहीं दूसरी ओर मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने पर ग्रामीणों ने आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती सविता राजपूत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।

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