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सागर में भीषण सड़क हादसा: कार-बाइक की जोरदार टक्कर, 2 युवकों की मौत, युवती गंभीर घायल

सागर में भीषण सड़क हादसा: कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत, 2 युवकों की मौत, एक युवती गंभीर रूप से घायल


तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026

सागर : सागर के गढ़ाकोटा रोड पर बहेरिया थाने के ठीक सामने शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कार और बाइक की टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार उछलकर थाने की रेलिंग तोड़ते हुए परिसर के अंदर जा गिरे। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है।

गढ़ाकोटा रोड पर थाने के सामने हुई भिड़ंत

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम गढ़ाकोटा रोड पर बहेरिया थाने के सामने कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर लगते ही बाइक सवार उछलकर बहेरिया थाने की रेलिंग तोड़ते हुए परिसर के अंदर जा गिरे और कार भी अनियंत्रित होकर टकरा गई। हादसा देखते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दो युवकों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों एवं घायलों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले और घायल लोगों की पहचान प्राथमिक जांच में इस प्रकार हुई है:

  • रामचरण अहिरवार (28 वर्ष): निवासी बरायठा (मृतक)
  • सुनील अहिरवार (23 वर्ष): निवासी बराज (मृतक)
  • खुशबू अहिरवार (20 वर्ष): निवासी बमहोरी बीका (गंभीर रूप से घायल)

वहीं, कार में सवार दो युवकों को मामूली चोटें आई हैं और वे सुरक्षित हैं। कार सवारों में से एक की पहचान अमित यादव के रूप में हुई है।

युवती की होने वाली थी शादी

गंभीर रूप से घायल युवती खुशबू ने बताया कि उसकी शादी मृतक सुनील के साथ होने वाली थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिजनों के आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस का बयान

मामले की जानकारी देते हुए बहेरिया थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर ने बताया:

"कार और बाइक की टक्कर में दो लोगों की मौत हुई है। मृतक कहाँ जा रहे थे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है, मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।"

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नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज, 25 जुलाई, 2026 

सागर। नगर निगम आयुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने शनिवार को शहर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने संजय ड्राइव रोड स्थित ब्रिज के डिवाइडर के संबंध में सड़क सुरक्षा समिति से अभिमत लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एलीवेटेड कॉरिडोर पर अंतिम छोर तक सुरक्षा जालियां लगाने और शहर में विशेष स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संजय ड्राइव रोड ब्रिज की ड्राइंग और डिजाइन का अवलोकन करते हुए इंजीनियरों से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ब्रिज निर्माण के समय बनाए गए डिवाइडर और सुरक्षा दीवार की वर्तमान उपयोगिता का सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से परीक्षण कराया जाए। यदि तकनीकी रूप से संभव हो और ब्रिज की संरचना पर कोई प्रभाव न पड़े, तो डिवाइडर हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री का निरीक्षण: संजय ड्राइव ब्रिज डिवाइडर पर होगा फैसला, एलीवेटेड कॉरिडोर की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

स्वच्छता अभियान में चौराहों पर विशेष ध्यान

आयुक्त ने चैतन्य हॉस्पिटल तिराहा सहित कई प्रमुख स्थानों का निरीक्षण कर सफाई मित्रों को निर्देश दिए कि "सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ" अभियान के तहत शहर के चौराहों, तिराहों, सड़कों और नालियों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल निकासी के लिए नालों और नालियों की सफाई प्राथमिकता से की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति न बने।

महाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल होगा आकर्षक

सिटी स्टेडियम के सामने स्थापित होने वाली लगभग 20 फीट ऊंची वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रतिमा का फाउंडेशन ऐसा बनाया जाए जिससे वह दूर से ही स्पष्ट दिखाई दे। साथ ही प्रतिमा स्थल के आसपास लैंडस्केपिंग कर इसे आकर्षक स्वरूप दिया जाए।

एलीवेटेड कॉरिडोर पर बढ़ेगी सुरक्षा

निरीक्षण के दौरान एलीवेटेड कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सुरक्षा जालियों को अंतिम छोर तक लगाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके।


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एमपी ट्रांसको के आउटसोर्स कर्मचारियों ने बचाई साथी की जान, सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल पहुंचाकर कराया उपचार


एमपी ट्रांसको के आउटसोर्स कर्मचारियों ने बचाई साथी की जान, सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल पहुंचाकर कराया उपचार

तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026

सागर/टीकमगढ़। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 220 केवी सबस्टेशन, टीकमगढ़ में कार्यरत आउटसोर्स सुरक्षा सैनिक की जान साथी कर्मचारियों की तत्परता और सूझबूझ से बच गई। ड्यूटी के दौरान जहरीले सर्प के काटने के बाद सहकर्मियों ने बिना समय गंवाए उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाकर उपचार शुरू कराया, जिससे समय रहते उनकी जान बचाई जा सकी।

जानकारी के अनुसार, 220 केवी सबस्टेशन टीकमगढ़ में कार्यरत आउटसोर्स सुरक्षा सैनिक रामेश्वर यादव को ड्यूटी के दौरान जहरीले सर्प ने काट लिया। स्थिति गंभीर होने पर उनके साथ कार्यरत आउटसोर्स सुरक्षा सैनिक अरविंद चढ़ार और आउटसोर्स मेंटेनेंस कर्मचारी निवेंद्र यादव ने तत्काल उन्हें अपनी मोटरसाइकिल से जिला चिकित्सालय, टीकमगढ़ पहुंचाया।

दोनों कर्मचारियों ने अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकीय टीम से समन्वय स्थापित कर उपचार शीघ्र शुरू कराया। समय पर चिकित्सा मिलने से रामेश्वर यादव की जान बचाई जा सकी।



प्रबंध संचालक ने की सराहना

एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने अरविंद चढ़ार और निवेंद्र यादव की सराहना करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में उनकी तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों कर्मचारियों के प्रयासों को सहकर्मियों के प्रति जिम्मेदारी और सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

चिकित्सकीय टीम का भी जताया आभार

प्रबंध संचालक ने जिला चिकित्सालय, टीकमगढ़ के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सर्पदंश जैसी गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय टीम ने त्वरित उपचार देकर एक अमूल्य जीवन की रक्षा की, जो सराहनीय है।

एमपी ट्रांसको के परीक्षण संभाग टीकमगढ़ के कार्यपालन अभियंता बिजक प्रिये एवं टीम ट्रांसको ने प्रबंध संचालक की ओर से जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला और उनकी चिकित्सकीय टीम को पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

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सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य

सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य



तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026

जबलपुर/भोपाल, 25 जुलाई 2026। सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), अनुचित साधनों के प्रयोग और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में चार विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय नामित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल किए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल निर्णय लेते हुए चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णयों को लागू करने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है।

हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट के लिए किया नामित 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की पहल पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों को विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय के रूप में नामित किया गया है।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा : MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे....

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इन शहरों में होंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट

  • भोपाल: श्री प्रवीण पटेल (18वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • इंदौर: डॉ. (श्रीमती) शुभ्रा सिंह (26वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • ग्वालियर: श्री विशाल अखण्ड (8वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • जबलपुर: श्री आनंद कुमार सेहलाम (27वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)

ये न्यायालय लोक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत दर्ज मामलों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों से जुड़े अपराधों की भी सुनवाई करेंगे। इनका क्षेत्राधिकार संबंधित संभागों और निर्धारित जिलों तक रहेगा।

तीन महीने में फैसला सुनाने का प्रयास

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन माह के भीतर मामलों का विचारण पूरा कर निर्णय सुनाने का हरसंभव प्रयास किया जाए, ताकि परीक्षा संबंधी अपराधों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

सीएम बोले- युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की तुलना में प्रदेश में अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

नई व्यवस्था से प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा होने की उम्मीद है। इससे भर्ती परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।


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सागर में कांग्रेस का कैंडल मार्च: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का कैंडल मार्च

सागर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शहर कांग्रेस का कैंडल मार्च निकालते कांग्रेस कार्यकर्ता।

तीनबत्ती न्यूज:  24 जुलाई 2026

सागर: जिला शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर  आज राजीव गांधी भवन, कांग्रेस कार्यालय से तीन बत्ती होते हुए जय स्तंभ, कटरा बाजार तक कैंडल लाइट मार्च निकाला गया।शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में कैंडल लेकर सड़कों पर उतरे और नीट, सीबीएसई परीक्षा में हुई अनियमितताओं तथा छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

इस अवसर पर पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि नई दिल्ली में हुई अभूतपूर्व घटनाओं और देशव्यापी आंदोलन के क्रम में मोदी सरकार के कार्यकाल में नीट एवं सीबीएसई परीक्षा में हुई भारी अनियमितताओं तथा उसके बाद राज्य तंत्र द्वारा की गई दमनात्मक कार्रवाई से पूरा देश चिंतित है। इस बर्बर कार्रवाई ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। 

संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने कहा कि मोदी सरकार को देश के युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह विफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। पुरुषोत्तम मुन्ना चौबे ने कहा कि आज सरकार जरूरी मुद्दों से दूरी बनाए हुए है, क्योंकि वह सरकारों को लूटने, राजनीतिक दलों को तोड़ने, ईवीएम का दुरुपयोग करने, संस्थाओं का दुरुपयोग करने में लगी है। 

प्रवक्ता कमलेश तिवारी ने कहा कि ये छात्र जब विदेशों से गोल्ड मेडल जीतकर लाते हैं तो यही मंत्री उनके साथ सेल्फी लेते हैं और जब यही छात्र सरकार की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। यह कैसा न्याय है? इतनी बर्बरता तो अंग्रेजों के राज में भी नहीं थी।

ये रहे शामिल

इस अवसर पर राकेश राय, पप्पू गुप्ता, सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे डॉक्टर संदीप सबलोक, ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज रजक वीरेंद्र राजे , लीलाधर सूर्यवंशी, भैयन पटेल, जितेंद्र रोहण, राहुल चौबे दीनदयाल तिवारी,विजय साहू दिनेश पटैरिया, संजय व्यास, रोशनी वसीम खान, किरण लता सोनी, अर्चना कनौजिया डॉक्टर गीता कुशवाहा रेखा सोनी, ज्योति मलैया निलेश अहिरवार फिरदौस कुरैशी, शाहबाज कुरैशी, तज्जु ख़ान, अनिल दक्ष ,मयंक ठक्कर, गोपाल प्रजापति,प्रभात भंडारी ,सुनील ठाकुर, अजय राजपूत ओमप्रकाश पांडे युवा कांग्रेस नेता चक्रेश रोहित,भूरे खटीक, लल्ला यादव, कल्लू पटेल, कल्लू गुप्ता, संजय जैन अरविंद मछंदर,मोनू वर्मा, नरेश सनकत  , सुरेश रैकवार विनोद रैकवार मानसिंह चौधरी देवेंद्र वाल्मीकि कपिल वाल्मीकि संजय सिंघई, आनंद अहिरवार संजय पाराशर मयंक ठक्कर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।



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सागर: गौर व्याख्यान माला में बोले प्रो. डी.पी. सिंह, आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से बनेगा नया भारत

आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण विद्यार्थी ही नए भारत का निर्माण करेंगे : प्रो. डी.पी. सिंह

गौर व्याख्यान माला का शुभारंभ, एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन



तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के अभिमंच सभागार में शुक्रवार को गौर व्याख्यान माला का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण विद्यार्थी ही नए भारत का निर्माण कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य भारतीय जड़ों से जुड़े ऐसे वैश्विक नागरिक तैयार करना है, जो देश को विश्व नेतृत्व की ओर ले जाएं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने की। विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. सत्यप्रकाश उपाध्याय तथा कार्यक्रम संयोजक प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत मंचासीन रहे।

शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, अच्छे इंसान का निर्माण


'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : क्रियान्वयन के विविध आयाम – नए भारत हेतु शिक्षा का रूपांतरण' विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता से युक्त अच्छे नागरिक तैयार करना है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पांच स्तंभ, कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ग्लोबल सिटीजन की अवधारणा, "लाइट बट टाइट" शिक्षा मॉडल, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, बहुविषयक शिक्षा और पाठ्यक्रम आधारित अधिगम जैसे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।



सागर विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी यात्रा साझा की

प्रो. सिंह ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी पहली कुलपति के रूप में नियुक्ति डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में हुई थी। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, यूजीसी और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) तक की अपनी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में दुर्घटनाएं कम करने के लिए चलाए गए अपने साइकिल अभियान को भी याद किया।

विश्वविद्यालय में बनेंगे 2,000 सीटों के आधुनिक छात्रावास

कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि वैली कैंपस में छात्राओं और छात्रों के लिए 1,000-1,000 सीटों वाले अत्याधुनिक छात्रावासों का निर्माण शुरू किया जा रहा है, जो मध्य भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रावास अवसंरचना के सबसे बड़े विस्तारों में से एक होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, स्टार्टअप और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।



एनईपी के अधिकांश प्रावधान ऑनलाइन उपलब्ध

आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ एवं शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के विभिन्न आयामों पर परिसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग विश्वविद्यालय के ईएमएमआरसी यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। विश्वविद्यालय ने एनईपी पर विभिन्न भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा अनुसंधान आधारित चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू कर दिया है। साथ ही एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है और समर्थ पोर्टल पर एनईपी के अधिकांश प्रावधान ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरण आर्या ने किया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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Sagar News: स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, एलपीजी गैस किट वाली वैन समेत 3 वाहन जब्त

सागर में स्कूली वाहनों पर सख्ती: एलपीजी गैस किट वाली वैन समेत 3 वाहन जब्त, स्कूल बसों की सघन जांच



तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर, 24 जुलाई 2026। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर शुक्रवार को सागर जिले में स्कूली वाहनों और अन्य यात्री वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। गढ़पहरा, देवरी और शहरी क्षेत्र में गठित दो जांच दलों ने कुल 27 स्कूली एवं अन्य वाहनों की जांच की। कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले एक स्कूल बस, एक टाटा मैजिक और एक मारुति ओमनी वैन को जब्त किया गया, जबकि एक अन्य वाहन से एलपीजी गैस किट जब्त की गई।

जांच के दौरान देवरी में एक ओमनी वाहन (MP49BB1464) में एलपीजी गैस किट लगी मिली। हालांकि वाहन उस समय गैस किट से संचालित नहीं हो रहा था और उसका कनेक्शन अलग था। भविष्य में गैस किट का उपयोग रोकने के उद्देश्य से अधिकारियों ने मौके पर ही एलपीजी गैस किट जब्त कर ली।



इसके अलावा ओमनी वैन (MP09V7389) एलपीजी गैस किट से सवारियां ले जाते हुए पकड़ी गई। जांच में वाहन का बीमा अमान्य पाया गया और उसका पंजीयन भी छह वर्ष पहले समाप्त हो चुका था। वहीं स्कूल बस (MP11P0391) बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के पारस स्कूल के बच्चों का परिवहन करती मिली तथा टाटा मैजिक (MP15T2981) बिना बीमा और फिटनेस के संचालित पाई गई। तीनों वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से परिवहन कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश स्कूल बसें निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित होती मिलीं, जिससे लगातार चल रही चेकिंग का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। हालांकि कुछ वाहन चालकों ने जांच से बचने के लिए रास्ता बदलने का प्रयास किया, लेकिन जांच दल ने उन्हें भी रोककर जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को एलपीजी गैस किट से संचालित अथवा अनफिट वाहनों में स्कूल न भेजें। साथ ही सभी स्कूल प्रबंधन से ऐसे वाहनों का प्रवेश रोकने की भी अपील की गई।

आरटीओ ने सभी स्कूल बस संचालकों को निर्देश दिए कि वे सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्पीड गवर्नर, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, मोटरयान कर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, वैध हेवी लाइसेंसधारी चालक तथा निर्धारित वर्दी सहित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। बैठक क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर • सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर

• सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश




तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ सागर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए गए हैं। उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि "सड़क दुर्घटनाएं ईश्वर की मर्जी नहीं, बल्कि मानवीय और तकनीकी चूक का परिणाम हैं।" उन्होंने जिले में प्रत्येक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने, एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेनगुरिया, लोक निर्माण विभाग सहित एनएचएआई, एमपीआरडीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सागर को बनाया जाएगा सड़क सुरक्षा का मॉडल

जस्टिस सप्रे ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान होना चाहिए। उन्होंने सागर को प्रदेश और देश के लिए सड़क सुरक्षा का आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया। समीक्षा में सामने आया कि जिले के कई ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधारों से दुर्घटनाओं और जनहानि में कमी आई है। शेष ब्लैक स्पॉट्स पर भी जल्द सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।



हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर चलेगा विशेष अभियान

बैठक में हेलमेट और सीट बेल्ट के कम उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केवल चालानी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनजागरूकता अभियान चलाकर हेलमेट और सीट बेल्ट को लोगों की दैनिक आदत बनाया जाए।

गड्ढों की होगी तत्काल मरम्मत

सभी सड़क एजेंसियों को जिले की सड़कों का सर्वे कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में बनने वाली सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षित डिजाइन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नए ब्लैक स्पॉट्स न बनें।

152 दुर्घटना संभावित स्थलों पर होगा सुधार

सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा चिन्हित 152 दुर्घटना संभावित स्थलों और एनएच-44 के ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार करने के निर्देश दिए गए। यह अभियान मध्यप्रदेश के छह संवेदनशील जिलों—सागर, धार, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन—में संचालित किया जा रहा है।

'नो हेलमेट-नो अटेंडेंस' और 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' पर चर्चा

बैठक में सुझाव दिया गया कि सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनकर कार्यालय आना अनिवार्य किया जाए। बिना हेलमेट आने पर उपस्थिति दर्ज न करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा अगले दो माह में जिले के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

डेथ रिव्यू कमेटी करेगी हर हादसे की जांच

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जिले में होने वाली प्रत्येक घातक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए डेथ रिव्यू कमेटी गठित की जाएगी। यह समिति दुर्घटना के कारण, समय, स्थान, वाहन के प्रकार, हेलमेट या सीट बेल्ट के उपयोग सहित सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी।

अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर होगी एफआईआर

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर बिना अनुमति अवैध मीडियन कट बनाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ब्रेथ एनालाइजर से नियमित जांच, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में इलाज उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI प्रमाणित हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें, ओवरस्पीडिंग से बचें और सभी यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग करें।


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