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सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर • सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर

• सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश




तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ सागर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए गए हैं। उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि "सड़क दुर्घटनाएं ईश्वर की मर्जी नहीं, बल्कि मानवीय और तकनीकी चूक का परिणाम हैं।" उन्होंने जिले में प्रत्येक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने, एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेनगुरिया, लोक निर्माण विभाग सहित एनएचएआई, एमपीआरडीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सागर को बनाया जाएगा सड़क सुरक्षा का मॉडल

जस्टिस सप्रे ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान होना चाहिए। उन्होंने सागर को प्रदेश और देश के लिए सड़क सुरक्षा का आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया। समीक्षा में सामने आया कि जिले के कई ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधारों से दुर्घटनाओं और जनहानि में कमी आई है। शेष ब्लैक स्पॉट्स पर भी जल्द सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।



हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर चलेगा विशेष अभियान

बैठक में हेलमेट और सीट बेल्ट के कम उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केवल चालानी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनजागरूकता अभियान चलाकर हेलमेट और सीट बेल्ट को लोगों की दैनिक आदत बनाया जाए।

गड्ढों की होगी तत्काल मरम्मत

सभी सड़क एजेंसियों को जिले की सड़कों का सर्वे कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में बनने वाली सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षित डिजाइन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नए ब्लैक स्पॉट्स न बनें।

152 दुर्घटना संभावित स्थलों पर होगा सुधार

सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा चिन्हित 152 दुर्घटना संभावित स्थलों और एनएच-44 के ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार करने के निर्देश दिए गए। यह अभियान मध्यप्रदेश के छह संवेदनशील जिलों—सागर, धार, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन—में संचालित किया जा रहा है।

'नो हेलमेट-नो अटेंडेंस' और 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' पर चर्चा

बैठक में सुझाव दिया गया कि सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनकर कार्यालय आना अनिवार्य किया जाए। बिना हेलमेट आने पर उपस्थिति दर्ज न करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा अगले दो माह में जिले के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

डेथ रिव्यू कमेटी करेगी हर हादसे की जांच

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जिले में होने वाली प्रत्येक घातक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए डेथ रिव्यू कमेटी गठित की जाएगी। यह समिति दुर्घटना के कारण, समय, स्थान, वाहन के प्रकार, हेलमेट या सीट बेल्ट के उपयोग सहित सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी।

अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर होगी एफआईआर

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर बिना अनुमति अवैध मीडियन कट बनाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ब्रेथ एनालाइजर से नियमित जांच, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में इलाज उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI प्रमाणित हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें, ओवरस्पीडिंग से बचें और सभी यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग करें।


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