सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला : TVS कंपनी और डीलर पर जुर्माना
तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026
सागर। ई-स्कूटी के साथ निर्धारित क्षमता से कम क्षमता वाला चार्जर दिए जाने और शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदले जाने के मामले में सागर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड और स्थानीय डीलर बड़ेकुल मोटर्स को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार मानते हुए उपभोक्ता को एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
2.19 लाख रुपये में खरीदी थी ई-स्कूटी
सागर निवासी दुर्गेश, पिता मुकेश जड़िया ने 16 जनवरी 2025 को TVS की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। वाहन की मूल कीमत 1,97,519 रुपये थी। बीमा, आरटीओ, एक्सेसरीज और अन्य खर्च जोड़ने के बाद वाहन की कुल कीमत 2,19,300 रुपये हुई थी। कंपनी की ओर से वाहन पर 5 वर्ष की वारंटी/गारंटी भी दी गई थी।
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रातभर चार्ज करने के बाद भी बैटरी नहीं हुई फुल
स्कूटर घर लाने के बाद दुर्गेश ने जब उसे रातभर चार्जिंग पर लगाया, तो बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीलर से शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि स्कूटर के लिए 950 वाट क्षमता का चार्जर होना चाहिए, जबकि ग्राहक को दिए गए पैकेट में 650 वाट का चार्जर था।
बताया गया कि चार्जर के डिब्बे पर 950 वाट अंकित था, लेकिन अंदर 650 वाट का चार्जर निकलने की बात सामने आई। डीलर की ओर से ई-मेल के माध्यम से नया चार्जर मंगाकर देने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद निर्धारित चार्जर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उपभोक्ता आयोग में पहुंचा मामला
लगातार शिकायतों और डीलर के चक्कर लगाने के बाद दुर्गेश ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड, चेन्नई और बड़ेकुल मोटर्स, भोपाल रोड, सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया।
मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा की पीठ ने की।
आयोग ने दिए ये आदेश
मामले में आयोग ने सेवा में कमी और उपभोक्ता को हुए मानसिक कष्ट को ध्यान में रखते हुए विपक्षीगणों को निर्देश दिए हैं—
- एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए।
- मानसिक कष्ट एवं सेवा में कमी के लिए 5,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।
- परिवाद व्यय के रूप में 2,000 रुपये का भुगतान किया जाए।
इस तरह आयोग के आदेश के अनुसार उपभोक्ता को निर्धारित चार्जर के साथ कुल 7,000 रुपये की राशि क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में प्राप्त होगी।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला
यह मामला इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ मिलने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण माना जा सकता है। आयोग के आदेश से यह संदेश भी जाता है कि कंपनी या डीलर द्वारा गलत उपकरण उपलब्ध कराए जाने और शिकायत के बाद उचित समाधान नहीं करने पर उपभोक्ता उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है।







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