जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला, पांच पर केस; तीन आरोपी गिरफ्तार
तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
गढ़ा सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी सहित विभिन्न मदों से नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित की थी।
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मनी रसीद और बैंक जमा राशि में मिला बड़ा अंतर
आंतरिक कमेटी ने 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि में कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की। जांच के दौरान मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा कराई गई राशि में बड़ा अंतर पाया गया।
जांच के अनुसार, इस अवधि में करीब ₹1,63,78,000 की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक षड्यंत्र के तहत राशि के गबन से जुड़ा मामला माना।
कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी
मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी के अनुसार संबंधित अवधि में कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ रहे थे।
कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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पांच आरोपियों पर मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार
गढ़ा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस अब वित्तीय अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, मनी रसीद बुक और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शासकीय राशि किस तरह बैंक खातों में जमा होने से रोकी गई।







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