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रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर संचालन की मंजूरी

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को अब मिलेगा सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर कर सकेंगे संचालन


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को बड़ा बदलाव देते हुए मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब ऑपरेटरों को अलग-अलग मार्ग श्रेणियों के बजाय 25 करोड़ रुपये के एकमुश्त पंजीकरण शुल्क पर सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस मिलेगा, जिससे वे भारतीय रेल नेटवर्क के सभी मार्गों पर कंटेनर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे।

यह नई व्यवस्था राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रमुख बदलाव

  • सभी मार्गों के लिए एक ही ऑल इंडिया लाइसेंस।
  • 25 करोड़ रुपये का एकसमान और अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क।
  • लाइसेंस अवधि पूरी होने के बाद 20 वर्ष के विस्तार पर कोई नवीनीकरण शुल्क नहीं।
  • मौजूदा कैटेगरी-I ऑपरेटरों को नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
  • कैटेगरी-II, III और IV ऑपरेटर नई व्यवस्था में आने पर 15 करोड़ रुपये का अंतर शुल्क जमा करेंगे।

उद्योग और एमएसएमई को होगा फायदा

रेल मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था से नियामकीय और अनुपालन लागत कम होगी। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी। विशेष रूप से एमएसएमई को कम लागत पर माल परिवहन का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।

पर्यावरण को भी लाभ

सरकार का मानना है कि अधिक कंटेनर यातायात सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे देश में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।


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देश में 985 वन स्टॉप सेंटर संचालित, 15.20 लाख महिलाओं को मिली सहायता: सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े के सवाल पर केंद्र सरकार का जवाब

देश में 985 वन स्टॉप सेंटर संचालित, 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को मिली सहायता



तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नईं दिल्ली। देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना के तहत अब तक 985 केंद्र कार्यशील हैं, जबकि कुल 1,033 केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। 1 अप्रैल 2015 से 30 जून 2026 तक इन केंद्रों के माध्यम से 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है।

यह जानकारी लोकसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े द्वारा वन स्टॉप सेंटरों के विस्तार से जुड़े प्रश्न के उत्तर में दी।

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सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल सेंट्रलाइज किचन का निरीक्षण करते हुए, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचती हुईं।

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महिला हेल्पलाइन से जुड़ रहे वन स्टॉप सेंटर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वन स्टॉप सेंटरों का संचालन राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से किया जा रहा है। बेहतर समन्वय और त्वरित सहायता के लिए अब तक 657 वन स्टॉप सेंटरों को महिला हेल्पलाइन से जोड़ा जा चुका है।

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महिला हेल्पलाइन को ईआरएसएस-112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा अन्य सेवा तंत्रों से भी एकीकृत किया गया है, जिससे संकटग्रस्त महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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शक्ति सदन योजना से मिल रही आश्रय और पुनर्वास की सुविधा

उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत पूर्व की स्वाधार गृह और उज्ज्वला गृह योजनाओं का विलय कर अब शक्ति सदन योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत महिलाओं को आश्रय, भोजन, वस्त्र, परामर्श, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

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साथ ही महिलाओं को कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, बैंक खाता खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है।

575 सखी निवास भी संचालित

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सखी निवास योजना के तहत कामकाजी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। देशभर में वर्तमान में 575 सखी निवास संचालित हैं। इनमें रहने वाली महिलाओं के बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

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सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन पर औचक निरीक्षण, 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची

सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सेंट्रलाइज किचन का किया औचक निरीक्षण, 6,540 विद्यार्थियों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी

सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल सेंट्रलाइज किचन का निरीक्षण करते हुए, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचती हुईं।


तीनबत्ती न्यूज : 6 अगस्त 2026

सागर। जिले के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार सुबह नगर निगम क्षेत्र स्थित सेंट्रलाइज किचन (केंद्रीकृत किचन) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल का सेंट्रलाइज किचन में औचक निरीक्षण: 83 स्कूलों के 6,540 बच्चों के मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश

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तिलकगंज आकांक्षा समग्र विकास समिति द्वारा संचालित इस आधुनिक सेंट्रलाइज किचन से शहर के 83 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 6,540 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाता है। यहां सुबह 5 बजे से भोजन बनना शुरू होता है और लगभग 10:30 बजे तक सभी विद्यालयों के लिए गर्म एवं ताजा भोजन भेज दिया जाता है।

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भोजन का सैंपल सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन परिसर, भोजन पकाने की व्यवस्था, बर्तनों की साफ-सफाई तथा उपयोग में लाई जा रही खाद्य सामग्री का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में भोजन निर्माण में प्रयुक्त तेल एवं मसाले एगमार्क गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन का एक नमूना (सैंपल) अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।



सुभाष नगर स्कूल पहुंचकर देखी भोजन व्यवस्था

सेंट्रलाइज किचन के निरीक्षण के बाद कलेक्टर एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला, सुभाष नगर पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उपस्थिति के अनुसार भोजन की उपलब्धता का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरित होता पाया गया। व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विवेक के.वी. भी मौजूद रहे।



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सागर में अब मॉर्निंग वॉक भी महंगी! खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹300 मासिक टहलना शुल्क

सागर में अब स्वस्थ रहना भी हुआ महंगा: खेल परिसर में वॉक करने वालों पर लगा शुल्क, लोगों में भारी असंतोष

तीनबत्ती न्यूज : 06 अगस्त, 2026

सागर। कहते हैं कि पैदल चलना या टहलना ,मॉर्निंग/इवनिंग वॉक आदि स्वस्थ रहने का सबसे आसान, सुलभ और प्राकृतिक तरीका है। लेकिन सागर शहर में अब सेहत बनाने का यह साधारण माध्यम भी आम नागरिकों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। जिला खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय, सागर द्वारा खेल परिसर (स्टेडियम) में प्रवेश और विभिन्न सुविधाओं के उपयोग के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें पहली बार केवल वॉक (टहलने) आने वाले लोगों को भी शुल्क के दायरे में शामिल किया गया है। इस आदेश की शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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खेल परिसर के गेट पर लगा पर आदेश का बोर्ड

खेल परिसर के गेट पर  लगाए सूचना बॉर्ड के अनुसार, कलेक्टर एवं खिलाड़ी प्रशिक्षक समिति, सागर के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। आदेश सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और खेल प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

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क्या हैं नई दरें और नियम?

1 अगस्त 2026 से प्रभावी आदेश के तहत इंडोर और आउटडोर खेल परिसरों के लिए निम्न शुल्क निर्धारित किए गए हैं—

  • एकमुश्त पंजीयन शुल्क: ₹500 (केवल एक बार)
  • मासिक मेंटेनेंस शुल्क: ₹300 प्रति माह
  • प्रवेश कार्ड शुल्क: ₹10

यह शुल्क एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, बास्केटबॉल सहित अन्य खेलों का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ सिंथेटिक ट्रैक और ग्राउंड में केवल मॉर्निंग या इवनिंग वॉक करने आने वाले आम नागरिकों पर भी लागू होगा।

1 से 5 तारीख के बीच जमा करना होगा शुल्क

आदेश के अनुसार प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच मेंटेनेंस शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। बिना सदस्यता कार्ड के परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही बाहरी जूतों के साथ प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। परिसर को नुकसान पहुंचाने या अनुशासनहीनता की स्थिति में सदस्यता निरस्त की जा सकती है।

2 हजार से अधिक लोगों पर पड़ेगा असर

सागर खेल परिसर में प्रतिदिन सुबह-शाम करीब दो हजार से अधिक बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और अन्य नागरिक मॉर्निंग वॉक, दौड़ और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए भी स्टेडियम आते हैं। अब तक वॉक के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था।

नई व्यवस्था के तहत ₹500 पंजीयन और ₹300 मासिक शुल्क लागू होने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य गतिविधि पर शुल्क लगाना उचित नहीं है।

राहत की मांग

शहरवासियों और विभिन्न खेल संघों ने जिला प्रशासन एवं खेल विभाग से मांग की है कि—

  • बुजुर्गों और केवल वॉक करने वाले नागरिकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा जाए या नाममात्र का शुल्क लिया जाए।
  • आर्थिक रूप से कमजोर एवं उभरते खिलाड़ियों को शुल्क में विशेष छूट दी जाए, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी खेल प्रतिभा प्रभावित न हो।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मुख्य प्रवेश द्वार पर सदस्यता कार्ड की जांच को लेकर कई बार बहस और विवाद की स्थिति भी सामने आ रही है।

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फिलहाल शुल्क वसूली पर मौखिक रोक

मामले ने तूल पकड़ने के बाद कई नागरिकों और खिलाड़ियों ने जिला खेल अधिकारी शर्मिला डाबर से संपर्क किया। जिला खेल प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष संतोष दुबे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से चर्चा की। उनके अनुसार, जिला खेल अधिकारी वर्तमान में गुना प्रवास पर हैं और उन्होंने फिलहाल शनिवार तक इस व्यवस्था पर मौखिक रूप से रोक लगाने की बात कही है।

संतोष दुबे के अनुसार, जिला खेल अधिकारी ने कहा है कि वे सोमवार को सागर लौटने के बाद खिलाड़ियों और संबंधित पक्षों से चर्चा करेंगी तथा उसके बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



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सागर: रिकॉर्ड की प्रतिलिपि समय पर नहीं देने पर सख्त हुईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, 161 लंबित आवेदनों पर जताई नाराजगी

सागर: रिकॉर्ड की प्रतिलिपि समय पर नहीं देने पर सख्त हुईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, 161 लंबित आवेदनों पर जताई नाराजगी

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिलिपि शाखा एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा करते हुए सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।


तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त ,2026

सागर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिलिपि शाखा एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा करते हुए सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों में से 161 आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं। इस पर कलेक्टर ने लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि आवेदन प्राप्त होने से लेकर प्रमाणित नकल उपलब्ध कराने तक की पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

नई SOP में तय हुई समय-सीमा

नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया की प्रत्येक कड़ी के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है—

  • लोक सेवा केंद्र से संबंधित शाखा तक आवेदन भेजने की अधिकतम अवधि 24 घंटे
  • अभिलेखागार, संबंधित शाखा अथवा न्यायालय से रिकॉर्ड प्राप्त कर नकल शाखा तक उपलब्ध कराने की अधिकतम अवधि 3 दिन
  • रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद प्रमाणित प्रतिलिपि तैयार कर पुनः लोक सेवा केंद्र को उपलब्ध कराने की अधिकतम अवधि 3 दिन

समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रधान प्रतिलिपिकार, लिपिकीय अमले, अभिलेखागार, सेवायोजन राइटर सहित सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक सेवा केंद्र प्रभारियों से कहा गया कि आवेदकों को तय समय के भीतर रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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मुख्यमंत्री से मिले विधायक प्रदीप लारिया, नरयावली के विकास कार्यों को दिलाने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री से मिले विधायक प्रदीप लारिया, नरयावली के विकास कार्यों को दिलाने की उठाई मांग



तीनबत्ती न्यूज:5 अगस्त 2026

सागर। नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा।

विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष 132/33 केवी नवीन उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, ग्राम पंचायत नरयावली को नगर पंचायत का दर्जा, निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन को शीघ्र स्वीकृति, तथा सांदीपनि विद्यालय कर्रापुर और मकरोनिया के शीघ्र संचालन की मांग रखी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 132/33 केवी उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र का प्राक्कलन तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही विद्युत मंडल की बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग से इन विकास कार्यों को शीघ्र गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नरयावली के नगरीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

मुख्य बिंदु:

  • 132/33 केवी उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग
  • नरयावली को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव
  • कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना की शीघ्र स्वीकृति पर जोर
  • कर्रापुर एवं मकरोनिया सांदीपनि विद्यालयों के संचालन का मुद्दा उठाया
  • मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
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सागर: नारीशक्ति के सम्मान से समाज की प्रगति संभव, भूपेन्द्र सिंह बोले- अब 101 बेटियों का होगा सामूहिक विवाह

समाज की प्रगति नारीशक्ति के सम्मान और सहभागिता पर निर्भर: पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह

• क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में बोले— 101 बेटियों के सामूहिक विवाह का लिया संकल्प

सागर में क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह

तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति नारीशक्ति के सम्मान, सहभागिता और सशक्त नेतृत्व पर निर्भर करती है। जिस समाज में महिलाओं को सम्मान मिलता है, वह समाज अधिक संगठित, समृद्ध और सुरक्षित बनता है।

वे बुधवार को क्षत्रिय महासभा जिला सागर की महिला विंग द्वारा आयोजित क्षत्रिय महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन महिलाओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने हाल ही में आयोजित 21 बेटियों के निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

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भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि नारी सम्मान केवल सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज के विकास की आधारशिला है। सम्मान मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, प्रतिभाओं को अवसर मिलता है और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और यदि उन्हें समान अवसर एवं सम्मान मिले तो देश की प्रगति और अधिक तेज तथा समावेशी होगी।


उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी सम्मानित मातृशक्ति होती है। संस्कृति, संस्कार और मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

सागर में क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में महिलाओं को सम्मानित करते पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह।


इतिहास में क्षत्रिय महिलाओं के योगदान का किया उल्लेख


पूर्व मंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और स्वाभिमान पर संकट आया, तब क्षत्रिय महिलाओं ने साहस, त्याग और नेतृत्व का अद्भुत परिचय दिया। उन्होंने ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड का उल्लेख करते हुए कहा कि राजपूताना का इतिहास क्षत्राणियों के साहस और बलिदान से गौरवान्वित रहा है। उन्होंने कहा कि वीर समाज का निर्माण वीर माताओं की गोद में होता है।

अब 101 बेटियों के सामूहिक विवाह का लक्ष्य

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षत्रिय महासभा ने पहली बार समाज की 21 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह कराया, जिसमें प्रत्येक बेटी को 1 लाख 1 हजार रुपये की नगद राशि सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि महिला विंग की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की सफलता का प्रमुख कारण रही।

उन्होंने घोषणा की कि अब महासभा ने 101 बेटियों के निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह का संकल्प लिया है। साथ ही समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन आयोजित करने की भी अपील की।

इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करने वालों का करें विरोध


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार शरद सिंह ने कहा कि समाज और नारीशक्ति के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रांतियां फैलाने वाले तत्वों का सभी मंचों पर सक्रिय विरोध किया जाना चाहिए।


कार्यक्रम का आभार महिला विंग की अध्यक्ष प्रीति सिंह ने व्यक्त किया, जबकि संचालन वंदना सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमिला सिंह, क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह तथा अभिषेक गौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।



इन महिलाओं का हुआ सम्मान

समारोह में सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, श्रीमती प्रीति सिंह, श्रीमती सीमा ठाकुर, श्रीमती सीता ठाकुर, श्रीमती नेहा राजपूत, श्रीमती नंदिनी हरिसिंह, श्रीमती मनीषा सिंह, श्रीमती रुचि सिंह, श्रीमती श्रद्धा सिंह, श्रीमती ज्योति चौहान, श्रीमती अंशु सिंह, श्रीमती ऋतु सिंह ठाकुर, श्रीमती सीमा चौहान, श्रीमती मंजू सिंह, श्रीमती अनीता सिंह, श्रीमती सुमन राजपूत, श्रीमती अर्चना सिंह, श्रीमती राजबाला सिंह, श्रीमती रेखा ठाकुर, श्रीमती अनुपमा राजपूत, श्रीमती साक्षी सिंह, श्रीमती रेशु सिंह, श्रीमती रीना बैस, श्रीमती वंदना सिंह, श्रीमती निरुपमा गौर एवं श्रीमती आरती सिंह सहित अनेक महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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सागर: SP अनुराग सुजानिया ने स्कूली छात्राओं से किया संवाद, हेलमेट और महिला सुरक्षा पर दिया जागरूकता संदेश : थाने का किया भ्रमण

सृजन संवाद योजना: सांदीपनी स्कूल में SP अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से किया सीधा संवाद, हेलमेट और महिला सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

सृजन संवाद योजना: सांदीपनी स्कूल में SP अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से किया सीधा संवाद

तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त, 2026

सागर। छात्राओं को कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से सागर पुलिस द्वारा संचालित 'सृजन संवाद योजना' के तहत बुधवार को सांदीपनी स्कूल में विशेष संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार दुबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं के साथ प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की।



कानून, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर खुला संवाद

संवाद के दौरान पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कानून, न्याय व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मविश्वास और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के सरल और व्यवहारिक उत्तर देते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

हेलमेट जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की सूचना पुलिस को देने का भी आग्रह किया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जा सके।




थाना गोपालगंज का कराया शैक्षणिक भ्रमण

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को थाना गोपालगंज का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, महिला सहायता कक्ष, कंट्रोल रूम, विवेचना प्रणाली और पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहती है।

वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। छात्राओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।



कार्यक्रम में थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा, महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया, उप प्राचार्य वंदना खरे, विद्यालय का स्टाफ तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं की बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।


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